प्यासी मामी को आगे पीछे से बजाया

सेक्सी मामी की चूत गांड मारी मैंने. मैं मामा के घर गया तो मामी वहां अकेली थी. मैं मामी के पास सोया. मामी के सोने के बाद मैंने उनके जिस्म को छूने लगा.

मित्रो,
मेरा नाम यश है. मैं पुणे का रहने वाला हूँ. मेरी ऊंचाई साढ़े पाँच फीट की है.
मेरे लंड का आकार बहुत ज़्यादा तो नहीं है, पर यह किसी भी महिला को संतुष्ट करने के लिए एकदम परफेक्ट है.

यह मेरी पहली सेक्स कहानी है जिसमें मैंने सेक्सी मामी की चूत गांड मारी.

बात उस वक्त की है जब मैं स्कूल की बारहवीं कक्षा में था.
मैंने बोर्ड के एग्जाम दिए थे.

एग्जाम देने के बाद मैं फ्री हो गया था तो मैंने सोचा कि क्यों न कुछ दिन मामा के घर हो आऊं.
मेरे मामा जी इंदौर में रहते हैं.

मैंने मम्मी से कहा तो उन्होंने मामी जी को बता दिया और मैंने ट्रेन से इंदौर के लिए तत्काल में टिकट बुक करवा लिया.

उसके बाद मैं अपना सामान पैक करने लगा और दूसरे दिन तय समय पर मैं स्टेशन पहुंच गया.

ट्रेन से इंदौर पहुंच कर मैंने मामा को कॉल किया- मैं स्टेशन पर आ गया हूँ, आप कहां हैं?
मामा ने बताया- मैं तुम्हारा फोन बहुत देर से लगा रहा हूँ, पर लग ही नहीं रहा था. मुझे अचानक किसी जरूरी काम से दो दिन के लिए आउट ऑफ टाउन जाना पड़ गया है.

मैं कुछ नहीं बोला और सोचने लगा कि अब मैं किस तरह से मामा के घर जाऊं क्योंकि मामा के नए घर में जाने का यह मेरा पहला अवसर था.

मामा ने बोला- तुम परेशान मत हो, मैंने मामी को कह दिया था. वे तुम्हें पिक करने के लिए आ रही हैं.
उनकी यह बात सुनकर मुझे राहत मिली.
मैंने भी ओके कह दिया.

अब मैं आपको अपनी मामी के बारे में बता देता हूँ.
मेरी मामी का नाम कोयल है. उनका फिगर तो मुझे नहीं पता है कि अब उनका फिगर कैसा हो गया है. पर वह एक मदमस्त हसीना हैं. उनके दूध इतने बड़े और भरे हुए हैं कि दोनों हाथों में भी नहीं आएं. उनकी उम्र 28 साल थी. उनकी शादी को 4 साल हो गए थे, पर अभी उनका कोई बच्चा नहीं हुआ था.

मैं स्टेशन के बाहर ही उनका इंतजार कर रहा था.
उन्होंने मुझसे फोन पर कहा- मैं एक्टिवा पर हूँ. तुम मुझे बाहर ही फलां जगह पर मिल जाना.
यह कहते हुए मामी ने मुझे एक जगह के पास खड़े होने का कहा.

कुछ देर बाद मामी स्टेशन पर आ गईं.
उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी.
उनके ब्लाउज का गला इतना गहरा था कि उनके आधे चूचे तो बाहर से ही दिख रहे थे.

उन्होंने मुझसे कहा- तुम पीछे बैठ जाओ.

मैं पीछे बैठ गया.
मेरे पास बैग भी था, मैंने उसे अपनी पीठ पर लटका लिया.
इस कारण से मेरे और उनके बीच में ज़्यादा गैप नहीं बचा था.

मेरा लंड उनको देख कर पहले ही खड़ा हो गया था और अब वह उनकी गांड में घुसा जा रहा था.
मुझे मामी के जिस्म की गर्मी बेहद उत्तेजित करने लगी थी.
रास्ते में काफी ट्रेफिक था इसलिए मामी ने ज्यादा बात नहीं की.

कुछ देर बाद हम दोनों घर पहुंच गए.

मामी ने मुझसे कहा- तुम फ्रेश हो जाओ, मैं तुम्हारे लिए चाय बना देती हूँ.
मैंने उनसे ओके कहा और सबसे पहले बाथरूम में जाकर मुठ मारी.

फिर हाथ मुँह धोकर बाहर आ गया.

मैंने अपने कपड़े चेंज कर लिए थे और अब लोवर व टी-शर्ट पहन ली थी.
मैं हॉल में पड़े सोफ़े पर बैठ गया था.

मामी चाय लेकर आईं.
मामी ने भी अब साड़ी ब्लाउज उतार कर गाउन पहन लिया था.

अब मामी और मैं चाय पीते हुए बात करने लगे.
मामी पूछने लगीं- घर पर सब कैसे हैं. तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?

मैं उनकी बातों का जबाव भी देता जा रहा था और उनकी चूचियों को हिलता हुआ भी देख रहा था.
शायद मामी ने अपने कपड़े बदले तो उन्होंने अपनी ब्रा उतार दी थी.

कुछ देर बाद हम दोनों टीवी देखने लगे.
मामी अपनी किसी सहेली से फोन पर बात करने लगीं.

वे बात करती हुई बाल्कनी में चली गई थीं.
जब वे वापस हॉल में आईं तो फिल्मों के बारे में बात करने लगीं.

मामी को पुरानी फिल्में पसंद थीं जबकि मुझे हॉलीवुड मूवीज पसन्द थीं.
वे बोलीं- मुझे तो हॉलीवुड मूवी समझ में ही नहीं आती हैं.

मैंने कहा- मामी हॉलीवुड मूवी में ग्राफिक्स, इफेक्ट्स सब आला दर्जे के होते हैं. उन्हें समझने के लिए नीचे सब टाइटल भी आते हैं.
यह सुनकर उन्होंने कहा- तुम्हारे पास कोई अच्छी मूवी है क्या?

मैंने हां कहा और मोबाईल से टीवी को कनेक्ट करके उस पर एक हॉट सी हॉलीवुड मूवी लगा दी.
मामी और मैं उसे देखने लगे.

जैसे ही हॉट सीन आया तो मैंने उसे स्किप कर दिया.
मामी मुझे देखने लगीं कि ये मैंने क्या कर दिया.

पर जैसे कि आपको पता ही है कि हॉट मूवीज में गर्मागर्म दृश्य तो बार बार आते ही रहते हैं.

कुछ ही देर बाद पुन: एक गर्म दृश्य आया तो जैसे ही मैंने रिमोट पर हाथ लगाया कि इस बार मामी ने फट से मुझे मना कर दिया और मेरे हाथ से रिमोट ले लिया.

उसमें नायक नायिका का बेहद गर्म कर देने वाला दृश्य था.
वे दोनों होंठों से होंठों को मिला कर चूम रहे थे और नायिका के स्तन नायक की छाती से दब रहे थे.

मामी और मैं सामने चल रहा किस और सेक्स सीन को देख रहे थे.
मेरा लंड खड़ा होने लगा था; लोवर के ऊपर से ही वह अलग उठा हुआ दिख रहा था.

मामी की नज़र मेरे खड़े लौड़े पर पड़ गई थी.
थोड़ी देर बाद मामी खाना बनाने का बोल कर चली गईं.

मैंने भी मूवी बंद कर दी और मोबाइल में पॉर्न देखने लगा.

मैं पॉर्न देखने में एकदम से मस्त था, मुझे पता भी नहीं चला कि मामी पीछे से मेरे फोन में सेक्सी फिल्म देख रही थीं.

मुझे कुछ हलचल महसूस हुई तो मैंने पीछे पलट कर देखा.
मामी भी चुदासी हो गई थीं.

उन्होंने अपना गाउन ऊपर तक उठा लिया था और वे अपनी चूत में उंगली कर रही थीं.
मुझे एकदम से पीछे पलट कर देखता पाकर वे चौंक गईं और वहां से चली गईं.

खाना बन जाने के बाद मैंने और मामी ने खाना खाया.
पर हम दोनों ने आपस में कुछ बात नहीं की.

खाना खाने के बाद हम दोनों सोने चले गए थे.

मामा का घर ज़्यादा बड़ा नहीं था.
उनके घर में सिर्फ़ दो ही कमरे थे.

मेरी किस्मत इतनी अच्छी थी कि एक कमरे का पंखा भी खराब था.

इसी कारण से मामी और मैं एक ही कमरे में एक ही पलंग पर सोने लगे थे.

मैं लेट कर अपना फोन चला रहा था तो मामी ने कहा- पूरा टाइम फोन ही चलाते रहोगे या सोना भी है?
मैंने कहा- बस थोड़ी देर में रख रहा हूँ.

मामी सो गईं.
पर मेरी आंखों में नींद नहीं थी क्योंकि मुझे मामी की लेनी थी.

जैसे ही मुझे लगा की मामी गहरी नींद में सो गई हैं, मैंने अपना काम चालू कर दिया.
मैंने मामी के मम्मों को धीरे से स्पर्श किया.

उनकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो मैंने धीरे धीरे उनके एक दूध को दबाना चालू कर दिया.

कुछ देर बाद मैंने मामी के गाउन को नीचे से ऊपर उठा दिया और अपने एक हाथ को उनकी जांघ पर फेरना चालू कर दिया.

मैंने ध्यान दिया कि मामी ने पैंटी नहीं पहनी हुई थी.
तब मैंने धीरे धीरे उनकी चूत तक उंगली ले जाकर उनकी चूत को सहलाया और जब कोई खतरा महसूस नहीं हुआ तो मैंने उनकी चूत में उंगली करना चालू कर दिया.

मामी की चूत ने रस छोड़ना चालू कर दिया था जिससे मुझे समझ आ गया था कि मामी जाग गई हैं.

उनकी तरफ से कोई हलचल नहीं होने के कारण मुझे और ज्यादा हिम्मत मिल गई.

मैंने उन्हें सीधा लेटा दिया और बिंदास उनकी चूचियों को दबाने और सहलाने लगा.

फिर मुझसे भी रहा नहीं गया तो मैं उनके ऊपर चढ़ गया और मामी की चूत में लंड को रख कर धीरे धीरे अन्दर धकेलने लगा.

मामी की चूत का छिद्र ज़्यादा बड़ा नहीं था.
इस कारण मुझे थोड़ी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ रही थी.

मैंने लंड को एक ज़ोरदार धक्के से मामी की चूत में पेला, तो मामी की चीख निकल गई- आह आह मर गई!

मैं घबरा गया कि ये क्या हुआ
कहीं लंड किसी गलत जगह में तो नहीं घुस गया!

मैंने चुप्पी तोड़ी और पूछ ही लिया- क्या हुआ?

वे मुझे गाली देती हुई बोल रही थीं- चूतिए चोदना नहीं आता क्या? मादरचोद … तूने मेरी चूत की मां चोद दी हरामजादे.

जब उन्होंने ये कहा तो मैंने भी लिहाज छोड़ दिया और उनके मुँह पर अपना हाथ रख कर उनको चोदना चालू कर दिया.
मैंने भी गाली देते हुए कहा- साली रांड, लंड लेना भी नहीं सीखा क्या अभी तक … भोसड़ी वाली अपने खसम से चुदती नहीं है क्या?

मामी भी खुल गईं- अरे यार, मेरे खसम के लंड में ही तो दम नहीं है … मादरचोद पुल्ल पुल्ल करके डालते ही झड़ जाता है. मेरी चूत को अब तक लौड़े का सही से स्वाद ही नहीं मिला है.
मैंने कहा- अब तो लौड़े का इंतजाम हो गया है न मेरी छिनरो … तो ले औ मजे से गन्ना चूस कुतिया.

इसी तरह की गाली भरी चुदाई में हम दोनों ने एक दूसरे को भरपूर तृप्त किया.

तकरीबन 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य मामी की चूत में छोड़ दिया और लंड हटा कर उनकी बाजू में लेट गया.

मामी भी चुदाई के बाद पूरे जोश में आ गई थीं.
वे मुझसे चिपक गईं और मेरे लंड को सहलाने लगीं.

मैंने कहा- मुँह में लेकर प्यार करो न!
मेरी बात सुनकर मामी उठ कर लौड़े को मुँह में लेकर चूसने लगीं.

कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से कड़क हो गया था.
अब मैंने मामी को डॉगी स्टाइल में झुका कर उनकी गांड में लंड डालने लगा.

पहले तो मुझे कुछ परेशानी हुई क्योंकि मामी की गांड एकदम वर्जिन थी.
किसी ने भी आज तक उनकी गांड नहीं मारी थी.

मामी ने मुझे तेल दिया और बोलीं- इसे लगा कर गांड मारो.

मैंने तेल को अपने लंड पर मला और मामी की गांड के छेद पर भी लगाया.

उसके बाद मैंने लंड को मामी की गांड में डाला तो एक बार में चला गया.

पर लंड के घुस जाने से मामी को बहुत दर्द हो रहा था.
उनकी गांड में से खून नहीं निकल रहा था पर मैं हरामियों के जैसे उनकी गांड मार रहा था.

दस मिनट तक मामी की गांड मारने के बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मामी की चूत को चोदना चालू कर दिया.
कुछ ही देर में हम दोनों चरम आनन्द लेते हुए स्खलित हो गए.
इस प्रकार से मैंने सेक्सी मामी की चूत गांड मारी पहली ही बार में!

चुदाई के बाद मामी ने मुझसे कहा- आज तुमसे चुदकर मेरी चूत की प्यास बुझ पाई है. अब जब तक तुम यहां पर हो, तब तक रोज तुम मेरी चुदाई करोगे … ये वादा करो!
मैंने भी वादा कर दिया.

उसके बाद तो मामा के घर से जाते ही मामी नंगी हो जाती थीं और मेरे लौड़े से लिपट जाती थीं.

आपको मेरी सेक्सी मामी की चूत गांड कहानी कैसी लगी, कमेंट करके ज़रूर बताएं.