देशी सेक्स की कहानी में मैं मामा की शादी में गया तो उनकी कोई रिशेदार लड़की मेरे ऊपर मोहित हो गयी. उसने मेरे को कैसे प्रोपोज किया और सेक्स के लिए रेडी हो गई.
दोस्तो, सबको मेरा नमस्कार!
मेरा नाम रवि (बदला हुआ नाम) है।
मैं आर्मी में जॉब करता हूँ।
मेरी हाइट 174 सेमी, छाती 80-85, बॉडी पूरी तरह फिट।
मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
आज मैं आपको एक बिल्कुल सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ बीती है।
मामा जी की शादी में आई एक दूर की रिश्तेदार लड़की ने खूब सेक्स करवाया।
वो लड़की और मामा की अपनी बेटी, दोनों ने मुझे खूब चोदा और चुदवाया।
ज्यादा कुछ न बताते हुए सीधे देशी सेक्स की कहानी पर आते हैं।
देशी सेक्स की कहानी उस समय की है जब मैं फौज की ट्रेनिंग पूरी करके गाँव छुट्टी पर आया था।
मामा की शादी थी, मैं गाँव में बोर हो रहा था तो सोचा मामा की शादी में जल्दी चला जाऊँ।
मैं शादी से दो दिन पहले ही पहुँच गया।
मामा के घर एक लड़की आई हुई थी, नाम था यशिका।
बहुत खूबसूरत थी, मामा के रिश्ते में लगती थी।
पहले तो मेरे दिमाग में उसके लिए कोई गंदा ख्याल नहीं था।
रात में डांस हो रहा था।
डांस करते-करते भीड़ में एक बार उसके चूतड़ मेरे हाथ से टच हो गए।
तुरंत उसने मेरा लंड हाथ से दबा दिया!
मैं हैरान रह गया।
मैं वहाँ से हटकर मामा के घर के अंदर चारपाई पर लेट गया।
वो लड़की मेरे पीछे-पीछे आ गई।
वो मेरे पास बैठी और बोली, “आपका नाम क्या है?”
मैंने कहा, “रवि।”
वो बोली, “वाह! आप क्या करते हो?”
“फौजी हूँ।”
“वाह फौजी! तुम तो बहुत स्ट्रॉंग भी लगते हो!”
“हाँ तो?”
“फौज के बारे में कुछ बताओ ना!”
“ऐसे ऑथोरिटी नहीं होती बताने की।”
वो मुस्कुराई और बोली, “मुझे तो तुम पहली नजर में ही पसंद आ गए!”
मैंने कहा, “तो मैं क्या करूँ?”
वो बोली, “मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ!”
“ऐसे प्यार नहीं होता डियर।”
“तो फिर कैसे होता है?”
मैंने कहा, “किस कर सकता हूँ तेरे को?”
वो बोली, “जो तुम्हारा मन करे!”
“सेक्स भी कर सकता हूँ?”
“हाँ!”
फिर मैंने उसे दस मिनट तक जबरदस्त लिपलॉक किया।
तब मैंने उसे चारपाई पर लिटाया, सारे कपड़े उतार दिए।
मैंने पन्द्रह मिनट तक उसके बूब्स चूसे, उसकी चूत चाटी।
दोस्तो, मुझे चूत चाटना सबसे ज्यादा पसंद है।
वो बिलबिलाने लगी और बोली, “प्लीज अब अंदर डालो!”
मैं भी जोश में आ गया।
मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिकाया।
वो पहली बार सेक्स कर रही थी।
मैंने अपना लंड हल्का सा उसकी बुर में डाला तो वो छटपटाने लगी और बोली, “प्लीज मैं कुछ नहीं करूँगी!”
मुझे गुस्सा आ गया।
मैंने कहा, “साली आई भी तो तू ही थी, अब झेल!”
दूसरा जोरदार धक्का मारा तो मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में समा गया।
वो रोने लगी।
मैं रुक गया, उसे किस करने लगा, बूब्स चूसने लगा।
थोड़ी देर में वो फिर गरम हो गई और बोली, “डाल दे! फाड़ दे मेरी आज फौजी साहब!”
मैं भी पूरा जोश में आ गया और उसे जोर-जोर से पेलने लगा।
वो भी रंडी की तरह गांड उठा-उठाकर पूरा मजा ले रही थी।
फिर वो बोली, “मैं झड़ने वाली हूँ… प्लीज… सी… सी… तेज और तेज फौजी साहब!”
वो झड़ गई।
मैं फिर भी धक्के मारता रहा और फिर मैं भी झड़ गया।
हम दोनों निढाल होकर लेट गए।
थोड़ी देर बाद होश आया तो देखा… मामा की अपनी बेटी दरवाजे के पीछे खड़ी हमारा सारा सेक्स देख रही थी।
मेरी नजर उस पर पड़ी तो वो हमारे पास आ गई और बोली, “ये सब क्या हो रहा है भैया? अभी सबको बताती हूँ!”
मैं घबरा गया, बोला, “बहन हम मर जाएंगे!”
वो उम्र में लगभग 19 साल की थी।
वो जाने लगी तो यशिका ने आवाज दी, “आ जा रे! ये तेरी भी आग बुझा देगा!”
मैंने कहा, “बहन ये सब नहीं हो सकता!”
वो बोली, “भैया मुझे आपके साथ सेक्स करना है, वरना सबको बता दूँगी!”
मैं क्या करता … बोला, “चल, तेरी भी आग बुझाता हूँ!”
मैंने यशिका से कहा, “इसे जल्दी नंगी कर दे!”
मैं उसे किस करने लगा।
वो पूरी फील के साथ किस करने लगी और बोली, “भैया मेरे बूब्स चूसो प्लीज! और चूत भी चाटना… आज पहली बार अपने फौजी भाई से आग बुझवाऊँगी!”
मैंने उसके बूब्स चाट-चाट कर लाल कर दिए।
यशिका मेरा लौड़ा चूस रही थी।
फिर मैंने उसकी चूत चाटी।
जब मैंने उसकी बुर के छेद में लौड़ा लगाया तो वो चीख उठी, “भैया छोड़ दो! मुझसे नहीं होता!”
अब मैं कहाँ रुकने वाला था!
मैंने उसकी भी खूब चुदाई की।
वो भी उछल-उछल कर मजा लेने लगी।
जब वो झड़ने वाली थी तो मुझे कस के पकड़ लिया और बोली, “भाई रुकना मत! पूरा जोर लगा के चोद!”
वो झड़ गई।
फिर बोली, “प्लीज भाई अब साइड हो जाओ, मैं अभी और रहूँगी!”
फिर उसने हम दोनों की वीडियो बनानी शुरू कर दी।
यशिका मेरे नीचे खुश होकर लेट गई और बोली, “भाई फुल स्पीड पे चोद!”
मामा की लड़की ने खुद मेरा लौड़ा पकड़कर यशिका की चूत पर लगाया, मुझे किस किया और बोली, “भाई इसकी चूत का भोसड़ा बना दे आज!”
मैंने यशिका को घोड़ी बनाकर ताबड़तोड़ चोदा।
वो हाँफ गई और बोली, “अब मैं तुमसे ही चुदाई करवाऊँगी!”
फिर हम तीनों 10 मिनट ब्रेक लिए।
फिर मामा की लड़की बोली, “भाई एक बार और चोद दे!”
मैंने कहा, “दोनों में से कोई एक गांड मारवाने के लिए तैयार हो जाओ!”
मामा की लड़की बोली, “भैया वहाँ नहीं!”
मैंने कहा, “मुझे तो गांड ही मारनी है!”
मुश्किल से वो घोड़ी बनी।
मैंने यशिका से लौड़ा चुसवाया, ढेर सारा थूक उसके छेद में भरा और लौड़ा गांड में ठूँस दिया।
उसकी गांड फट गई, वो चिल्लाने लगी, “छोड़ दे भाई! मैं मार जाऊँगी!”
मैं नहीं रुका, धीरे-धीरे चोदता रहा।
फिर उसे मजा आने लगा।
फिर यशिका की भी गांड मारी।
फिर मैंने कहा, “अब तुम जाओ, कल देखते हैं बाकी।”
उस रात मैंने दोनों को तीन-तीन बार चोदा।
और अगले दो दिन तक लगातार चुदाई चलती रही।
दोस्तो, आज भी जब कभी मौका मिलता है, मैं मामा की लड़की की चुत चोद देता हूँ।
दोस्तो, ये कहानी 100% सच्ची है।
पहली बार लिख रहा हूँ इसलिए शायद अच्छे से न लिख पाया हो।
देशी सेक्स की कहानी कैसी लगी?
मुझे मेल में मैसेज कर देना।
धन्यवाद!
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