मॅाम गांड हॉट स्टोरी में मम्मी का चोदू यार मेरे सामने उनको चोद रहा था. अचानक अंकल ने मम्मी की गांड में अपना मोटा लंड पेल दिया. वे दर्द से चीख पड़ी.
दोस्तो, मैं सुनील सिंह आपको अपनी मम्मी की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के पिछले भाग
मम्मी को उनकी पसंद का लंड दिलवाया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि जलील अंकल मेरी मम्मी की चुत को हचक हचक कर चोद रहे थे और उनके मूसल लंड की चोटों से मेरी मम्मी तेज तेज आवाज में कराहती हुई चुत चुदाई का मजा ले रही थीं.
तेज आवाजों से पापा के जाग जाने का डर था इसलिए मैंने टीवी का वॉल्यूम बढ़ा दिया था.
अब आगे मॅाम गांड हॉट स्टोरी:
मैंने टीवी का वॉल्यूम बढ़ाया तो जलील अंकल ने फिर से मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू कर दिया.
मम्मी की चूत पूरी गीली थी, इसलिए हर धक्के में ‘फच-फच … फच-फच …’ की आवाज़ गूँज रही थी.
मम्मी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और चोदो मुझे … अहहह … उह!
करीब बीस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मम्मी चीखीं- अहहह … आउच … मैं झड़ने वाली हूँ … अहह!
जलील अंकल ने भी कहा- मैं भी झड़ने वाला हूँ.
फिर वे दोनों एक साथ झड़ गए … और पूरी तरह शांत होकर एक-दूसरे से लिपट गए.
अपनी मम्मी की घमासान चुदाई देखकर मुझसे भी नहीं रहा गया.
मैं अपनी पैंट में ही झड़ गया.
जलील अंकल प्यार से बोले- रेखा डार्लिंग, बंद कमरे में बिस्तर पर तुझे चोदने में तो अलग ही मज़ा आया.
मम्मी सांसें लेती हुई बोलीं- मुझे भी आज बहुत मज़ा आया.
फिर मम्मी ने जलील अंकल का लंड हाथ में लिया और सहलाने लगीं.
बस पांच मिनट में ही उनका लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.
मम्मी ने लंड मुँह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया.
जलील अंकल मम्मी के बाल सहलाते हुए मज़े लेने लगे- अह … अह … अह … यस … अहहह … अह … और चूस रेखा … बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … अह … अह!
पांच मिनट बाद जलील अंकल ने लंड मम्मी के मुँह से निकाला, मम्मी को पेट के बल लिटाया और उनके पहाड़ जैसे बड़े बड़े चूतड़ों को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगे.
फिर चूतड़ फैलाकर मम्मी की गांड चाटने लगे.
मम्मी तड़प उठीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और चाटो … अहहह … उह … आउच … और चाटो … अहहह … मेरी गांड खा जाओ … अहहह … उह … अहह!
पांच मिनट बाद जलील अंकल ने अपना मोटा लंड मम्मी की गांड के छेद पर रखा और ज़ोरदार धक्का मारा.
मम्मी ज़ोर से चीखीं- अहहह … आउच … जल्दी बाहर निकालो … नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी.
जलील अंकल ने तुरंत लंड बाहर निकाल लिया और गुस्से में चिल्लाए- साली छिनाल … मादरचोद, तू मुझसे प्यार ही नहीं करती, इसलिए नाटक कर रही है.
जलील अंकल की गालियां सुनकर मम्मी जोर-जोर से हंसने लगीं.
मैंने कहा- मम्मी, अंकल आपको गाली दे रहे हैं और आप हंस रही हो?
जलील अंकल मेरा गुस्सा देखकर डर गए और बोले- बेटा … मुझे माफ कर दो… गुस्से में आकर मैंने तेरी मम्मी को गाली दे दी.
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- आपको माफी मांगने की ज़रूरत नहीं … मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ … इसलिए आप मुझे जो मर्ज़ी बोल सकते हो … गालियां भी दे सकते हो!
जलील अंकल ने फिर पूछा- रेखा अगर तू मुझसे सच में प्यार करती है तो अपनी गांड क्यों नहीं चोदने देती?
मम्मी बोलीं- आपका लंड बहुत मोटा है … मुझे डर लगता है … बहुत दर्द होगा.
जलील अंकल ने समझाया- रेखा डरो मत … कुछ नहीं होगा.
मम्मी ने फिर से मना कर दिया- नहीं … ये मैं नहीं कर सकती.
मैंने बीच में कहा- मम्मी अंकल आपसे इतना प्यार करते हैं और आप इनके लिए थोड़ा-सा दर्द भी नहीं सह सकतीं?
मम्मी बोलीं- बेटा … इनका लंड बहुत बड़ा और मोटा है … बहुत दर्द होगा.
मैंने हंसकर कहा- आपकी गांड भी तो बहुत बड़ी और मोटी है.
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- हां मेरी गांड बड़ी है … लेकिन गांड का छेद तो बड़ा नहीं है ना … इतना मोटा लंड मेरी गांड में कैसे घुसेगा?
मैंने मज़ाक में कहा- जैसे थोड़ी देर पहले घुसा था वैसे ही.
मम्मी बोलीं- बेटा … उस वक़्त तो बहुत दर्द हो रहा था.
मैंने समझाया- मम्मी … थोड़ा-बहुत दर्द तो होगा … लेकिन आपको मज़ा भी आएगा.
मेरी बात सुनकर मम्मी मुस्कुराईं और जलील अंकल से बोलीं- जब मेरा बेटा ही मेरी गांड मरवाना चाहता है तो ठीक है … मार लीजिए मेरी गांड आज मैं आपको बिल्कुल नहीं रोकूँगी.
मम्मी की बात सुनते ही जलील अंकल की आंखें खुशी से चमक उठीं.
जलील अंकल मम्मी की गांड पर प्यार से किस करके बोले- रेखा तू बहुत अच्छी है.
मम्मी डरते-डरते बोलीं- आराम से डालना प्लीज़ … आपका लंड बहुत मोटा है और मेरी गांड का छेद छोटा है.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, एक बार अंकल से गांड मरवा लो … अंकल आपकी गांड का छेद भी बड़ा कर देंगे.
मम्मी शर्माती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- चुप कर बदमाश, हमेशा मेरी गांड के पीछे पड़ा रहता है.
मैं चुप हो गया.
जलील अंकल ने अपना मोटा लंड मम्मी की गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगे.
मम्मी दर्द से तड़पने लगीं- अहहह … अहहह … बहुत दर्द हो रहा है … अहहह … बहुत मोटा है आपका … मेरी गांड फट जाएगी … अहह!
मम्मी की हालत देखकर मुझसे रहा नहीं गया.
मैंने वैसलीन की ट्यूब जलील अंकल को दी और कहा- अंकल पहले अपने लंड पर इसे लगा लीजिए और मम्मी की गांड के छेद पर भी लगा दीजिए. इससे आसानी से घुसेगा और मम्मी को दर्द भी कम होगा.
जलील अंकल ने वैसलीन अपने लंड पर मली और मम्मी की गांड पर भी अच्छे से लगा दी. फिर दोबारा कोशिश की.
हालांकि लंड अभी भी बहुत मोटा था.
मम्मी फिर चीखीं- अहहह … आउच … अहहह … आउच … आराम से डालिए… दर्द हो रहा है!
मैंने फिर कहा- अंकल रुक जाओ … मम्मी की गांड में और अच्छे से वैसलीन लगा दीजिए, उसके बाद डालिए.
जलील अंकल रुक गए.
उन्होंने उंगली से मम्मी की गांड के छेद में वैसलीन भर दी और फिर लंड धीरे-धीरे अन्दर धकेलने लगे.
मम्मी अभी भी तड़प रही थीं- अह … अहहह … आउच … आराम से डालिए… दर्द हो रहा है … अहहह … आउच … अहहह … उफ्फ़ … अहह … उह!
कुछ देर बाद धीरे-धीरे आधा लंड अन्दर चला गया.
जलील अंकल ने हल्के-हल्के धक्के देने शुरू किए.
धीरे-धीरे मम्मी का दर्द कम हुआ और उन्हें गांड चुदवाने में मज़ा आने लगा.
मम्मी सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह उह!
फिर नीचे से अपनी कमर ऊपर उठा-उठाकर खुद ही लंड लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … उह … आउच … और करो … अह हह … उह … आउच … बहुत मज़ा आ रहा है … अहहह … पूरा अन्दर डाल दो … अह!
मम्मी की बात सुनकर जलील अंकल जोश में आ गए, एक ज़ोरदार झटका मारा और अपना 9 इंच लंबा, 4 इंच मोटा लंड एक ही बार में पूरा मम्मी की गांड में घुसेड़ दिया.
मम्मी की दर्द भरी कराह निकल गई.
फिर अंकल शरारत से बोले- कैसा लगा मेरी जान … तुमने मेरा पूरा लंड तेरी गांड में लिया?
मम्मी सांसें लेती हुई बोलीं- अह … आउच … बहुत अच्छा लग रहा है … अहहह … आज पहली बार किसी ने मेरी गांड मारी है … और ऐसे मारी है कि एक घंटे से मारे जा रहा है ये लंड है या घोड़ा … थकता ही नहीं.
जलील अंकल ज़ोर-ज़ोर से ठोकते हुए बोले- मेरी जान आज तेरी गांड मार-मारकर लाल कर दूँगा … अह … अह!
फिर जलील अंकल ने मम्मी की गांड ज़ोर-ज़ोर से मारनी शुरू कर दी.
मम्मी चीख-चीख कर सिसकारियां लेने लगीं- अहहह … उह … अहह … और मारो मेरी … अहहह … उह … अहह … और ज़ोर-ज़ोर से मारो मेरी गांड … अहह उफ्फ़ … बहुत मज़ा आ रहा है … अहह … और ज़ोर से… अहहह … मेरी गांड फाड़ दो … अहहह!
अचानक जलील अंकल रुक गए, अपना लंड मम्मी की गांड से बाहर निकाला और बेड से नीचे उतर गए.
मम्मी हैरान होकर बोलीं- क्या हुआ?
जलील अंकल कुछ नहीं बोले.
फिर उन्होंने जो किया, उसे देखकर मैं दंग रह गया.
उन्होंने मम्मी की टांगें पकड़ीं, मम्मी को अपनी तरफ़ खींचा और एक झटके में मम्मी को गोद में उठा लिया मम्मी का पूरा 80 किलो वज़न जैसे उनके लिए कुछ भी नहीं था.
वे अपना लंड मम्मी की गांड में सैट करने लगे.
मम्मी ने खुद हाथ से लंड पकड़ा और बोलीं- घुसा दीजिए!
जलील अंकल ने एक झटका मारा और पूरा लंड फिर से गांड में घुसा दिया.
अब वे मम्मी को गोद में उछाल-उछाल कर गांड मारने लगे.
मम्मी चीख रही थीं- उह … अहह … उह … आउच … अहहह … उह … अहह … उह … आउच … अहहह …
जलील अंकल मम्मी को ऐसे उछाल रहे थे, जैसे वे कोई 35 किलो वजन की लड़की हों, हालांकि मम्मी का वज़न पूरा 80 किलो था.
अंकल की ताकत देखकर मैं हैरान था.
अब दोनों को ज़बरदस्त मज़ा आ रहा था. दोनों के मुँह से कामुक आवाज़ें गूँज रही थीं ‘अहहह … आउच … अह … उह … अहह … उह …’
मम्मी की पहाड़ जैसी विशाल गांड में जलील अंकल का भैंसे जैसा मोटा-काला लंड ‘सटा-सट … सटा-सट’ अन्दर-बाहर हो रहा था.
ये देखकर मुझसे फिर नहीं रहा गया … और मैं दूसरी बार पुनः अपनी पैंट में ही झड़ गया.
लेकिन जलील अंकल अभी भी नहीं थके थे.
वे पूरे आधा घंटा तक मम्मी की गांड मारते रहे.
आख़िरकार जलील अंकल बोले- अह … अह … मैं झड़ने वाला हूँ… अह!
मम्मी तड़पकर बोलीं- बाहर मत निकालना … मेरी गांड में ही झड़ जाओ … अह … अह!
कुछ ही देर बाद जलील अंकल ने मम्मी की गांड में ज़ोर-ज़ोर से झड़ना शुरू कर दिया.
झड़ने के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला, मम्मी को बेड पर लिटाया और खुद मम्मी के ऊपर ढेर होकर लेट गए.
वे लंबी लंबी सांसें लेते हुए बोले- रेखा … आज तूने मुझे जन्नत दिखा दी. मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे इतनी बड़ी और सुंदर गांड मिलेगी यार … सच में मुझे तेरी गांड मारने में बहुत मज़ा आया.
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- मैंने भी कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी से गांड मरवाऊंगी … लेकिन आज आपने मेरी गांड मारकर मुझे ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि मैंने पहले ये क्यों नहीं किया.
जलील अंकल ने कहा- रेखा जिस दिन मैंने पहली बार तेरी गांड देखी थी, उसी दिन से मेरा लंड तेरी गांड मारने के लिए तड़प रहा था … लेकिन तू मान ही नहीं रही थी.
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- आपका लंड इतना बड़ा और मोटा है कि इसे अपनी चूत में लेने में ही मेरी हालत खराब हो जाती है … तो गांड में कैसे लूँगी? इसलिए डरती थी … लेकिन अब मुझे कोई डर नहीं. अब तो जब मर्जी हो आप मेरी गांड में अपना लौड़ा पेल सकते हो.
जलील अंकल ने मम्मी से प्यार भरी आवाज़ में कहा- रेखा, आज तूने मुझे अपनी गांड देकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया है … मैं तुझे दिल से धन्यवाद देता हूँ.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- धन्यवाद मुझे नहीं … मेरे बेटे को दीजिए अगर वह वैसलीन न देता तो मैं आपका लंड अपनी गांड में ले ही नहीं पाती.
दोस्तो, मेरी मम्मी की गैर मर्द के लौड़े से चुदने की इस चुदाई की कहानी में आपको कितना मजा आ रहा है प्लीज आप अपने कमेंट्स व ईमेल मुझे जरूर भेजें.
इसके आगे का भाग जल्द ही आपके लौड़े और चुत को रस धार से भिगोने में पूर्ण रूप से सफल रहेगा, ऐसा मेरा विश्वास है.
मॅाम गांड हॉट स्टोरी पर अपनी राय मुझे बताएं.
धन्यवाद.
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