मेरे सामने दीदी चुदीं जीजा से

लाइव सेक्स शो रियल स्टोरी में मैं अपने ताऊ जी के घर था. वहां दीदी और मैं एक कमरे में सोते थे. एक शाम जीजू आ गये तो वे भी हमारे साथ सोये. जीजू ने मेरे सामने दीदी को चोदा.

दोस्तो, मेरा नाम विजय है और अभी मेरी उम्र 33 वर्ष है।

मैं कई सालों से इंटरनेट पर सेक्स कहानियाँ पढ़ रहा हूँ।
कई बार मैंने सोचा कि अपने सेक्स अनुभव भी लोगों से साझा करूँ।

वैसे तो मेरे पास कई तरह के सेक्स अनुभव हैं लेकिन अपनी पहली कहानी में आपको बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी दीदी (बड़े पापा की लड़की) और जीजा की चुदाई देखी।

चलो लाइव सेक्स शो रियल स्टोरी शुरू करते हैं!

बात उस उम्र की है जब मैं नया-नया सेक्स के बारे में थोड़ा-बहुत जानने लगा था।

मेरे माता-पिता गाँव में रहते थे और मैं जयपुर में अपने बड़े पापा के पास पढ़ाई करता था।

बात मेरे बड़े पापा की लड़की की शादी के 7-8 महीने बाद की है।
दीदी दो-तीन महीने से अपनी परीक्षा और पढ़ाई के सिलसिले में घर पर ही थीं।

एक दिन किसी कारण बस जीजा जी का जयपुर आना हुआ।

हमारा घर तीन कमरों का है, जिसमें दो कमरे नीचे और एक ऊपर की मंजिल पर था।

बाकी भाई-बहन और बड़े मम्मी-पापा नीचे सो गए।
मैं सबसे छोटा था इसलिए मुझे ऊपर के कमरे में सोने के लिए बोला गया।

उस कमरे में दो बेड थे।
दरवाजे की तरफ वाले बेड पर मैं सो गया और दूसरे बेड पर जीजा जी सो गए।

मैं लाइट बंद करके सो गया।

करीब 20-25 मिनट बाद दरवाजा खुला, लाइट चालू हुई.
लेकिन मैं नींद में था तो हलचल किए बिना चुपचाप सोया रहा।

तभी चूड़ियों की आवाज से मेरी नींद खुल गई।

मैंने देखा कि जीजा जी दीदी को पकड़कर किस करने की कोशिश कर रहे हैं।

दीदी उनसे छुड़ाते हुए बोलीं- मैं बाथरूम में जाकर कपड़े चेंज कर रही हूँ, आप सो जाओ!

जीजा जी ने कहा- हमसे कैसी शर्म? कपड़े तो खुलने ही हैं, यहीं खोल दो। बाकी सुबह पहन लेना!

दीदी ने मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा- ये यहीं सो रहा है। आज कुछ नहीं कर सकते, ये जाग जाएगा!
फिर दीदी बाथरूम में चली गईं।

बाथरूम से लौटकर दीदी जीजा जी के साथ बेड पर लेट गईं।
दोनों बिल्कुल धीरे-धीरे बातें करने लगे।

मेरा उनकी तरफ देखने का मन हुआ लेकिन कमरे की बड़ी ट्यूबलाइट चालू थी, इसलिए आँख खोलते ही उन्हें पता चल जाता।
मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता था।

तभी जीजा जी बोले- मुझे तो तेरी चुदाई करनी है। ये तो ब.च्चा है, नहीं जागेगा!

दीदी एक-दो बार ना-नुकुर करने के बाद मान गईं।
जीजा जी ने एक लंबा किस कर दिया।

तभी दीदी बेड से खड़ी हुईं।

जीजा जी ने पूछा- क्या हुआ?
दीदी बोलीं- लाइट तो बंद कर दो!

जीजा जी ने मना कर दिया और कहा- तीन महीने बाद तुझे नंगी देखना है, लाइट बंद मत करो!
दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा- इसका इलाज मेरे पास है!

उन्होंने टेबल पर रखा नाइट लैंप उनके बेड की तरफ करके जला दिया और ट्यूब लाइट बंद कर दी।

यह देखकर मुझे लगा कि आज तो पूरा शो आराम से देखने को मिलेगा क्योंकि अब मैं बिल्कुल अंधेरे में था और सारी लाइट उनके बेड की तरफ थी।

लाइट बंद होते ही दीदी जैसे ही बेड पर गईं, जीजा जी उन पर भूखे शेर की तरह टूट पड़े, होंठों पर, गालों पर बेतहाशा चुंबन बरसने लगे।

आगे बढ़ने से पहले आपको दीदी के फिगर के बारे में बता दूँ।
उनकी हाइट 5 फुट 2 इंच थी और शरीर की बनावट ठीक-ठाक थी।

उस समय उनके बूब्स की साइज लगभग 32 थी।
लेकिन उनका रंग और नैन-नक्श इतने अच्छे थे कि छोटी हाइट में भी वो कमाल की लगती थीं।

अब मैं देख रहा था कि जीजा जी दीदी के ऊपर लेटे हैं।
दोनों एक-दूसरे से लिप-किस कर रहे हैं, एक-दूसरे की जीभ मुँह में डाल रखी है।

जीजा जी का एक हाथ दीदी की टी-शर्ट में जा चुका था और वो उनके बूब्स को मसल रहा था।

करीब 5-7 मिनट तक चुम्मा-चाटी चलने के बाद जीजा जी खड़े हुए।
पहले उन्होंने अपनी टी-शर्ट और लोअर निकाली, फिर दीदी की टी-शर्ट और लोअर भी उतार दी।

अब दोनों मेरे सामने सिर्फ़ अंडरवियर और पैंटी में थे।
दीदी को मैंने कभी टी-शर्ट के नीचे ब्रा पहने नहीं देखा था, उस दिन भी नहीं पहनी थी।

जीजा जी बैठे-बैठे एक हाथ से एक बूब दबा रहे थे और दूसरा निप्पल मुँह में लेकर चूस रहे थे।

दीदी गर्म होने लगी थीं, वो उनके बालों में हाथ फेर रही थीं और मीठी-मीठी सिसकारियाँ भर रही थीं।
बीच-बीच में बोल रही थीं- आई लव यू मेरी जान… आई लव यू सुभाष!

जीजा जी ने दोनों निप्पल्स को बारी-बारी से खूब चूसा और दाँतों से बूब्स को बार-बार काट भी रहे थे।

फिर जीजा जी खड़े होकर अपनी अंडरवियर उतार दी।
मुझे उनका लंड साफ़ दिखाई दे रहा था।

वो लेट गए और दीदी को अपने ऊपर गिरा लिया और फिर से किस करना शुरू किया।
जीजू दोनों हाथ दीदी के चूतड़ों पर फेरने लगे।

पीछे से ही उन्होंने दीदी की चूत में उँगली डाल दी।
दीदी बार-बार अपने कूल्हे ऊपर-नीचे करने लगीं।

फिर जीजा जी ने दीदी की पैंटी भी नीचे सरका दी।
दीदी ने एक पैर ऊपर उठाकर पैंटी निकाल कर फेंक दी।

दोस्तो, उस टाइम मेरा जोश भी चरम पर था.
लेकिन मुझे पता था कि थोड़ी-सी हलचल हुई तो पूरा प्रोग्राम बंद हो जाएगा।
इसलिए मैं खुद को काबू में रखकर चुपचाप लेटा रहा।

जीजा जी ने दीदी के चूतड़ मसलते हुए एक ज़ोर का चाँटा मारा।

दीदी घबरा कर बैठ गईं और मेरी तरफ देखकर बोलीं- पागल हो गए हो क्या! अगर ये जाग गया तो आज सूखा ही सोना पड़ेगा!

लेकिन जीजा जी पूरे जोश में थे।
उनका लंड सलामी दे रहा था।
उन्होंने कहा- कुछ नहीं होगा। अब ज़्यादा इंतज़ार मत करवा, पहले ही तीन महीने कर चुका हूँ। अब मेरा लंड चूस दे!

एक-दो बार मना करने के बाद दीदी तैयार हो गईं और लंड चूसने लगीं।
इस दौरान जीजा जी भी दीदी की चूत में ज़ोर-ज़ोर से उँगली कर रहे थे।

अब जीजा जी का लंड थूक से पूरा गीला हो चुका था।
दीदी उनकी सवारी करने के लिए ऊपर आ गईं।

दीदी बोलीं- अब डाल दो अपना हथियार मेरी चूत में!
जीजा जी ने कहा- मेरी संगीता जान, अब तू ऊपर है और हथियार भी तेरा ही है, जैसी मर्ज़ी वैसा डाल ले!

दीदी भी अब रुकना नहीं चाहती थीं।
उन्होंने तुरंत लंड हाथ में पकड़ा, चूत की दरार पर दो-तीन बार रगड़ा और फिर धीरे-धीरे उसके ऊपर बैठने लगीं।
तभी जीजा जी ने कूल्हे उठाकर एक ज़ोर का झटका दिया और पूरा लंड एक बार में अंदर घुस गया।

दीदी थोड़ा चीखीं।
जीजा जी बोले- पहली बार थोड़े ले रही है!

दीदी ने जवाब दिया- तीन महीने बाद ले रही हूँ, थोड़ा दर्द तो होगा ना! आराम से चोदो, मैं भाग थोड़े जा रही हूँ!

अब दीदी सवारी करने लगीं।
वे हल्की-हल्की मुँह से उह… आह… की आवाज़ें निकल रही थीं।

धीरे-धीरे दीदी की स्पीड तेज़ होती गई।
जीजा जी उनके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से मसल रहे थे।

दीदी की आवाज़ तेज़ होने लगी।
“आई लव यू मेरी जान” कहते-कहते “आई लव यू मेरे लंड” निकलने लगा।

जीजा जी ने इस पोज़ में दीदी को कसकर पकड़ लिया।
दीदी पूरे जोश में चुदने लगीं और फिर झड़ गईं, बिल्कुल ढीली पड़ गईं।

जीजा जी बोले- फटाफट नीचे लेट, अब मेरा नंबर है!

दीदी बेड पर सीधी लेट गईं।
जीजा जी ऊपर आए और लंड फिर अंदर ठूँस दिया।

फुल स्पीड में चुदाई शुरू हो गई।
दोनों पसीना-पसीना हो रहे थे।

अब उन्हें मेरे जागने का कोई डर नहीं था। मैं लाइव सेक्स शो रियल में देख रहा था.

जीजा जी ने दीदी की एक टाँग अपने कंधे पर रख ली और फुल स्पीड में चोद रहे थे।
कमरे में दो आवाज़ें गूँज रही थीं — एक लंड और चूत के मिलन की फच्च-फच्च और दूसरी दीदी की कामुक सिसकारियाँ।

उह्ह्ह… आह्ह… आईईईई… की आवाज़ से पूरा कमरा भर गया था।

दीदी का एक बार हो चुका था, फिर भी उनकी प्यासी चूत से पानी खूब बह रहा था।

तभी जीजा जी ने स्पीड और बढ़ा दी।
दीदी की सिसकारियाँ फिर तेज़ हो गईं।

जीजा जी ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारते हुए आखिरी 5-7 झटके लगाए और पूरी पिचकारी चूत के अंदर ही छोड़ दी।
साथ ही दीदी भी दूसरी बार झड़ गईं।

माल निकलने के बाद भी जीजा जी ने 2-3 झटके और मारे और फिर दोनों एक-दूसरे को कसकर लिपटकर लेट गए।

कुछ देर बाद दीदी बोलीं- साइड हो जाओ।
जीजा जी साइड हुए।

दीदी बेड से उतरीं और कुछ ढूँढने लगीं।

जीजा जी ने पूछा- क्या ढूँढ रही हो?
दीदी बोलीं- कपड़ा… सफाई के लिए!

जीजा जी ने कहा- कुछ नहीं मिले तो मेरे पैंट में रुमाल है, वो ले लो!
दीदी बोलीं- लैंप का मुँह दरवाज़े की तरफ कर दो, मैं निकाल लूँगी!

जैसे ही जीजा जी ने लैंप घुमाया, दीदी मेरे बेड के बिल्कुल पास आ चुकी थीं।
लैंप की पूरी रोशनी उनके नंगे शरीर पर पड़ रही थी।
मेरी आँखों के ठीक सामने अभी-अभी चली हुई चूत थी, जिसमें से दीदी और जीजा जी दोनों का कामरस बह रहा था और जाँघों तक पहुँच गया था।

दीदी ने रुमाल निकाला और वहीं खड़ी-खड़ी अपनी चूत पोंछने लगीं।
फिर रुमाल जीजा जी के बेड की तरफ फेंककर बोलीं- अब तुम अपना लंड साफ कर लो, मैं चूत धोकर आती हूँ!

और दीदी नंगी ही बाहर निकल गईं।
ऊपर छत के कमरे का बाथरूम तो कमरे से निकलते ही था।

दो मिनट बाद दीदी लौटीं।
दरवाज़े के पीछे से तौलिया उतारकर मेरे बेड के बराबर में खड़ी हो गईं और खुद को पोंछने लगीं।

एक बार फिर उनकी क्लीन शेव चूत मेरी आँखों के सामने थी।
मैं बस देखता रह गया।

इतने में जीजा जी भी बाथरूम जाने के लिए खड़े हुए।
जाते-जाते दीदी को किस करके बोले- अगला राउंड भी एक कर ले मेरी जान!

दीदी ने हँसते हुए बात काटी- कहा ना अब कुछ नहीं होगा! चुपचाप जाकर सो जाओ!

जीजा जी बाथरूम चले गए।

दीदी अभी तक नंगी ही थीं।
उन्होंने शीशे में खुद को देखा, 2 मिनट तक अपने बूब्स और चूत को सहलाती रहीं।

मैं चुपचाप सब देखता रहा।
अब उन्हें मेरे होने-न-होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था।

फिर जीजा जी आ गए और दोनों नंगे ही बेड पर लेट गए।

उनका दूसरा राउंड अगली कहानी में बताऊँगा।
कोशिश करूँगा कि धीरे-धीरे अपने सारे सेक्स के किस्से आपसे शेयर करता रहूँ।

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