मैं चचेरे भाई की बीवी बन गया- 1

मेरी गांड फक स्टोरी में मुझे सेक्स वीडियो देखते समय गांड में कुलबुली होती थी. एक बार मैंने गे सेक्स वीडियो देखा। मैं अपनी गांड सहलाने लगा, गांड में मोमबत्ती डालकर मुठ मारी, बड़ा मजा आया।

दोस्तो, बिना किसी भूमिका के सदा की तरह मेरी गे सेक्स कहानी में आपका स्वागत है.

राहुल को सेक्स वीडियो देखते समय गांड में कुलबुली होती थी.
एक बार उसने गे सेक्स वीडियो देखा तो वह अपनी गांड सहलाने लगा.

कुछ देर बाद जब उसकी उत्तेजना बढ़ी तो वह अपनी गांड में मोमबत्ती डालकर मुठ मारने लगा.
इससे उसे बड़ा मज़ा आया.

उसके बाद उसने गे सेक्स वीडियो की तरह एक आस प्लग मँगवा लिया और उसे अपनी गांड में डालकर चलता, तो उसे काफी मज़ा आता, फिर वह अपनी मुठ मार लेता.

उसके चचेरे भाई को ये बात पता चली, तो आगे क्या हुआ, वह सब आपको इस गे सेक्स कहानी में लिख रहा हूँ.

राहुल की मेरी गांड फक स्टोरी आप उसी की ज़ुबानी सुनें.

मेरा नाम राहुल है.
परिवार में माता-पिता और मुझसे 5 साल बड़ा भाई है.

हमारा दो बेडरूम का फ्लैट है.
मैं और भाई एक कमरे में रहते थे.

मैं एम बी ए कर रहा था, तब तक बड़े भाई की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी.
उसे दूसरे शहर में नौकरी मिली.

मैं अब कमरे में अकेला सोने लगा था.
मैं कंप्यूटर में सेक्स वीडियो देखता, अनजाने में अपनी गांड सहलाता.

लड़कियों की गांड मारने वाले वीडियो मुझे खास पसंद आते थे.

एक बार मैंने एक गे सेक्स वीडियो देखा.
उसमें एक लड़का दूसरे लड़के से अपना लंड चुसवा रहा था, फिर उसकी गांड मारने लगा था.

मुझे बड़ी सनसनी हुई और मैं कल्पना करने लगा कि मैं किसी का लंड चूस रहा हूँ और उसके लौड़े से अपनी गांड मरवा रहा हूँ.

यह सब सोच कर मेरा लंड खड़ा हो गया और उस दिन मैं मुठ मारकर सो गया.

अब मैं ऐसे वीडियो रोजाना देखने लगा था.
इंटरनेट से ही मुझे पता चला कि जो गांड मारता है, वह टॉप कहलाता है और जो गांड मरवाता है … उसे बॉटम कहते हैं.

कुछ समय बाद पिताजी की बदली हो गई, तो मां उनके साथ चली गईं और मैं फ्लैट में अकेला रह गया था.

मां ने हम दोनों भाइयों को खाना बनाना सिखाया था तो कोई समस्या नहीं आई.
मैं अपना खाना खुद बनाने लगा.

हमारे कॉलेज में अनेक हैंडसम लड़के थे.

मैं किसी लड़के को अपना टॉप बनाने के लिए पटाने की सोचने लगा जो मुझे प्यार करे, मुझे चूमे, मेरे चूचे दबाए, लंड चुसवाए, फिर मेरी गांड मारे.
पर बदनामी और बीमारी के डर से मैंने किसी लड़के को नहीं पटाया.

मैं दो मोटी मोमबत्तियां ले आया.

एक मोमबत्ती को लंड समझ कर चूसने लगा और दूसरी मोमबत्ती गांड में डालने की कोशिश की.
पर वह सही से अन्दर गई ही नहीं.

मैंने फिर से वीडियो देखा.
मैंने देखा कि गांड मारने वाला अपने लंड पर तेल लगा रहा है.

मैंने मोमबत्ती में तेल लगाया और गांड में डालने लगा.
पहले थोड़ा दर्द हुआ, फिर मोमबत्ती गांड में घुसाने में सफल हुआ.

मैं मोमबत्ती अन्दर-बाहर करने लगा, अपने पुरुष चूचे दबाने लगा और कल्पना करने लगा कि कोई टॉप मेरी गांड मार रहा है.

मेरा लंड खड़ा होकर झटके लेने लगा.
मैंने मुठ मारी तो लंड से ढेर सा वीर्य निकला.
उस दिन इतना सारा वीर्य पहली बार निकला था.

मैं मोमबत्ती गांड में डालकर चलने लगा तो मुझे अपनी गांड में रगड़ होने लगी और मुझे बेहद मजा आने लगा.

मोमबत्ती से गांड में घर्षण होने से बड़ा मज़ा आता, पर मोमबत्ती से यह समस्या आने लगी थी कि वह कुछ ही देर में स्वतः ही गांड से बाहर निकल कर गिर जाती थी.

मैंने इंटरनेट पर सेक्स टॉय खोजा.
मुझे आस प्लग के बारे में पता चला.

आस प्लग अपने आप बाहर नहीं निकलता.
मैंने ऑनलाइन आस प्लग खरीदा.

मैं शाम को कॉलेज से वापस आकर फ्रेश होकर आस प्लग लगाकर पूरे फ्लैट में चलता.
आस प्लग के गांड में घर्षण से लंड खड़ा हो जाता.
जब मैं पूरा जोश में आ जाता, तो आस प्लग गांड से निकाल लेता.

फिर मैं गे सेक्स वीडियो लगाकर नंगा लेट जाता.
अपने चूचे दबाता, मोमबत्ती को लंड मानकर चूसता.

दूसरी मोमबत्ती तेल लगाकर एक हाथ से गांड में अन्दर-बाहर करता और कल्पना करता जैसे कोई मेरी गांड मार रहा हो.

साथ ही मैं दूसरे हाथ से लंड को सहलाता.
थोड़ी देर में जब मैं झड़ जाता तो मुझे बड़ा सुकून मिलता.
फिर खाना बनाकर खाता और पढ़ने बैठ जाता.

मुझे कॉलेज की परीक्षा में अच्छे नंबर मिल रहे थे.
जिंदगी मस्त चल रही थी.

एक दिन पिताजी ने मुझे फ़ोन पर बताया कि मेरे चचेरे भाई वसंत को हमारे शहर में कॉलेज में एमबीए में एडमिशन मिला है. वह मेरे साथ फ्लैट में रहेगा.
वसंत मुझसे एक साल छोटा है.

वसंत से मेरे दोस्ताना संबंध हैं.
पर मुझे खुशी नहीं हुई क्योंकि मैं अकेले में अपनी सेक्स लाइफ़ का मज़ा ले रहा था.
पर पापा ने कहा था तो मजबूरी थी.

मैंने सोचा कि वसंत दूसरे बेडरूम में रहेगा, तो उसे कुछ पता नहीं चलेगा.

वसंत के आने के बाद भी मैं चुपके से गांड में आस प्लग लगा लेता था, फ्रेंची पजामा पहन लेता.
जब पूरा जोश आ जाता, मैं पढ़ाई का बहाना कर अपने बेडरूम में जाता.

दरवाज़ा बंद कर चिटकनी लगाकर गांड से आस प्लग निकाल कर गांड में मोमबत्ती डालकर सेक्स वीडियो देखते हुए मुठ मार लेता.

फिर शांत होकर पढ़ाई करता और बाद में खाना बनाकर वसंत के साथ खाना खाता, थोड़ी बातें करता.
फिर हम दोनों अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो जाते.

वसंत मुझसे सेक्स और लड़कियों की बातें करने लगा था तो मैं भी उससे खुल गया.

मैंने उसे बताया मैं मुठ मारकर अपने आप को शांत करता हूँ. मैं लड़कियों के चक्कर में नहीं पड़ता.
वह चुप हो गया.

वसंत को आए हुए 6 महीने हो गए.

एक दिन वसंत ने बताया कि उसको कॉलेज की एक लड़की से प्यार हो गया है.
मैं कुछ नहीं बोला.

उसने आगे बताया कि मैंने तय किया है कि पढ़ाई ख़त्म कर नौकरी मिलने के बाद मैं उस लड़की से शादी कर लूँगा.

मैं अब भी कुछ नहीं बोला.

करीब तीन महीने बाद वसंत ने बताया कि उस लड़की ने उसे धोखा दिया है.

मैंने उससे विस्तार से बताने के लिए कहा.
तो उसने बताया- वह लड़की मेरे साथ घूमी, हम दोनों ने चूमा-चाटी की. मैंने उसे कई उपहार भी दिए.

फिर एक दिन उस लड़की ने बताया कि उसकी शादी तय हो गई है.

अब वसंत बहुत उदास हो गया था.
वह कह रहा था कि मैं शादी नहीं करूँगा, लड़कियों से मेरा भरोसा उठ गया है.

मैंने उसे पढ़ाई में ध्यान देने को कहा.

मैं शाम को मोमबत्ती डालकर मुठ मारते समय अपने बेडरूम का दरवाज़ा बंद कर चिटकनी लगा लेता था.
एक शाम मैंने दरवाज़ा बंद किया, पर चिटकनी नहीं लगाई.
मुठ मारने के बाद जब मैं शांत हुआ तो मैंने देखा कि दरवाज़ा थोड़ा खुला है.

मैंने सोचा कि शायद हवा से खुल गया है.

दूसरी शाम जब मैं और वसंत चाय पी रहे थे.

वसंत- राहुल, मैंने कल तुम्हें गांड में मोमबत्ती डालकर अपने चूचे दबाते हुए मुठ मारते देखा था! तुम्हारी टेबल पर आस प्लग रखा था.
मैं सकपका गया कि साला यह तो लफड़ा हो गया.

तभी वह आगे बोला- जब मैं यहां हूँ तो तुम्हें मोमबत्ती डालने की ज़रूरत नहीं. मैं तुम्हें अपनी गर्लफ़्रेंड समझकर प्यार करूँगा और तुम्हें असली लंड का मज़ा दूँगा!

एक पल रुकने के बाद वह पुनः बोला- क्या तुम राज़ी हो?

मैंने कुछ देर सोचा.
मैं कोई टॉप ढूँढने में हिचक रहा था. अब भरोसे का टॉप मिल गया है. मैं मन ही मन खुश होने लगा.

मैं- मैं तैयार हूँ. पर ये बात तुम किसी को नहीं बताओगे!
वसंत- मैं वादा करता हूँ. पर तुम मुझे अपने अनुभव के बारे में बताना चाहो तो प्लीज जरूर बताओ.

मैंने उसे बताया कि जब मैं अपने चूचे दबाता हूँ, गांड में मोमबत्ती डालता हूँ तो मुझे लगता है कि मैं एक लड़की हूँ.

वह बोला- हां मैं तुम्हें लड़की समझ कर ही प्यार करूंगा … क्योंकि तुम लड़की की तरह धोखेबाज नहीं हो.

यही सब बात करते हुए हम दोनों बेडरूम में आ गए.
वसंत मेरे होंठ, गाल, आंखें चूमने लगा.

कुछ देर बाद उसने मेरा कुर्ता उतार कर मुझे कमर तक नंगा कर दिया. वह मेरे पुरुष चूचे दबाने-चूसने लगा.

मुझे लग रहा था जैसे मैं कोई लड़की हूँ और मेरा प्रेमी मुझे प्यार कर रहा है.
मैं मदभरी सिसकारियां लेने लगा.

वसंत ने जल्द ही मेरे बाक़ी के कपड़े भी उतार दिए और वह खुद भी नंगा हो गया.
मैंने देखा- वसंत का खड़ा लंड मेरे लंड के समान ही साढ़े चार इंच लंबा था बस उसका मेरे लंड से थोड़ा मोटा था.

उसके तने हुए लौड़े को देख कर मेरा भी लंड खड़ा हो गया.

मैं और वसंत एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे.
हमारे लंड आपस में टकरा कर तलवारबाज़ी कर रहे थे.

वसंत मेरे कूल्हे सहलाने लगा.
फिर उसने मुझे पलंग पर पेट के बल लिटा दिया और मेरी गर्दन, पीठ चूमते नीचे आ गया.
इधर आकर वह मेरे सुडौल कूल्हों को चूमने-दबाने लगा.

फिर उसने मेरी जांघों को चूमा.
मेरी गांड कुलबुला रही थी.

वसंत ने लुढ़का कर मुझे चित लिटाकर कहा- हम दोनों मिशनरी पोज़ीशन में शुरू करते हैं. इससे हम एक-दूसरे को देख पाएंगे और बात भी कर सकेंगे!

मैं उसकी सब बात में राजी था और जल्द से जल्द उसके लौड़े को अपनी गांड में लेना चाह रहा था.

वसंत तेल ले आया और अपने लंड पर लगाने लगा.
मैंने भी अपनी उंगली में तेल लगाकर गांड के छेद को चिकना कर लिया.

मैंने अपनी कमर के नीचे तकिया लगाया और अपने पैर छाती की तरफ़ कर लिए.
वह मुझे पोज बनाते हुए देखने लगा तो मैंने अपनी गांड ढीली छोड़ दी.

ये सब मैंने सेक्स वीडियो में देखा और नेट पर पढ़ा था कि गांड मरवाने के समय ऐसा करना चाहिए.

वसंत ने अपने लंड को मेरी गांड के छेद में लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर तक पेल दिया.
मुझे दर्द हुआ, तो मैं ‘आआह’ कर उठा.

लंड तो लंड होता है पर चूंकि मुझे अपनी गांड में मोटी मोमबत्ती लेने की आदत थी तो ज़्यादा दर्द नहीं हुआ.

आस प्लग और मोमबत्ती के कारण मेरी गांड थोड़ी ढीली भी हो गई थी.

वसंत- राहुल, आज मैंने तुम्हारी गांड की मर्द के लौड़े से सील तोड़कर तुम्हें लड़की से औरत बना दिया!
मैं मुस्कुरा दिया.

वसंत मेरी गांड मारने लगा.
मुझे दर्द कम और मज़ा ज़्यादा आ रहा था.

उसकी कमर की स्पीड बढ़ने लगी और वह बड़ी तेजी से मेरी गांड मारने लगा.
कुछ मिनट बाद वसंत ने मेरी गांड वीर्य से भर दी.

मुझे मज़ा आना शुरू ही हुआ था कि वसंत झड़ गया … यह मेरे लिए कुछ बुरा सा अनुभव था.

मैं जल्दी से बाथरूम गया.
गांड में भरे वीर्य ने एनिमा के समान काम किया था. मैं कमोड पर बैठकर हल्का हुआ.

वसंत भी मेरे पीछे पीछे बाथरूम मे आ गया था.
वह अपना लंड साबुन से धोते हुए बोला- गांड मारने के बाद लंड साबुन से जरूर धोना चाहिए. मैंने पढ़ा है … यदि लंड नहीं धोया तो गांड के कीटाणुओं से लंड में इन्फ़ेक्शन हो सकता है!

मैं उसकी बात को बड़ी गौर से सुनता रहा.

दोस्तो, मेरी इस मेरी गांड फक स्टोरी में आपको कितना मजा आया प्लीज इसको लेकर अपने कमेंट्स नीचे दी गई ईमेल आईडी पर जरूर भेजें.

प्लीज मेल भेजते समय कहानी का शीर्षक अवश्य लिखें क्योंकि लेखक ने कई सारी कहानियां लिखी हैं.
शीर्षक लिखने से संदर्भ का पता चल जाता है और जबाव देने में सहूलियत रहती है.
धन्यवाद.
आपका रतन दत्त
[email protected]

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