Xxx ब्रदर सेक्स कहानी में मैं 18 साल की जवान हुई. मेरे जन्मदिन पर बर्थडे केक काटते समय बिजली चली गयी. मैं घबराकर गिरने लगी तो मेरे हाथ में किसी का लंड आ गया.
यह कहानी सुनें.
हैलो डियर, मेरा नाम श्वेता है और मैंने खुद को इतना मेंटेन किया है कि मस्त माल लगती हूँ.
मेरा फिगर 34-28-36 का है और रंग गोरा है, इसलिए मैं मस्त पंजाबन लड़की दिखती हूँ.
मेरे दो भाई हैं.
एक मुझसे बड़ा, उसका नाम रोहित है और सबसे बड़ा भाई रोहन है.
मम्मी-पापा के साथ हम पांच लोग साथ रहते हैं.
घर में सबसे छोटी मैं ही हूँ.
यह Xxx ब्रदर सेक्स कहानी मेरी जवानी की शुरुआत की है.
कल मेरा बर्थडे था, इसलिए मुझे पता था कि आज रात मेरा बर्थडे केक कटेगा.
पार्टी अगले दिन होगी.
मैं अपनी नाइट ड्रेस में ही थी कि मम्मी आईं और मुझे नीचे ले गईं.
मैं नीचे पहुंची, तो देखा सब लोग इंतजार कर रहे थे.
मेरे दोनों भाई, पापा और मेरा प्यारा केक.
जैसे ही मैंने चाकू उठाने के लिए हाथ बढ़ाया, अचानक लाइट चली गई.
उसी समय कोई चूहा मेरे पैरों के नजदीक से गुजरा, जिससे मैं एकदम से घबरा गई.
मैंने उसी घबराहट में कुछ पकड़ने के लिए कोशिश की.
ओह … मैंने कुछ पकड़ तो लिया था … पर उसकी गर्माहट के महसूस होते ही मैंने उसे तुरंत छोड़ दिया.
घर में इन्वर्टर है, मगर वह लाइट जाने के कुछ सेकंड बाद उठता है, इसलिए जल्दी ही लाइट आ गई.
मैंने दोनों तरफ देखा, मेरे दोनों भाई खड़े थे. उन दोनों में से किसी ने कुछ भी रिएक्ट नहीं किया.
अब मैं सोचने लगी कि मैंने पकड़ा किसका था?
दोनों के चेहरे देखे, दोनों स्माइल कर रहे थे. अब मुझे कुछ संकोच भी लग रहा था.
फिर भी मैंने सामने रखा चाकू उठाया और केक कट किया.
पापा-मम्मी को केक खिलाया, भाइयों ने मुझे खिलाया और मैं जल्दी से अपने रूम में भाग आई.
मेरा पूरा ध्यान इसी पर था कि मैंने क्या पकड़ा था.
अगर मैंने किसी का लंड पकड़ा था तो किसका?
लंड पकड़ने का सोचते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए, अन्दर हल्की-हल्की गुदगुदी सी भी होने लगी.
मैं अपने रूम में बिस्तर पर लेट गई और लंड को लेकर ही सोचती रही.
मुझे देर रात तक नींद नहीं आई.
मॉर्निंग में 4 बजे नींद आई और मैं देरी से सो कर उठी.
उस वक्त 12 बज गए थे.
मैं नीचे आई तो देखा रोहित अकेला बैठा है. मैं उसे देख कर पुनः थोड़ी शर्मा गई.
मैंने सोचा कि कहीं मैंने इसका तो नहीं टच किया?
उस वक्त मैं नाइट सूट में थी और बिना ब्रा के थी.
भाई के लंड को याद करते ही मेरे निप्पल कड़क होने लगे.
और आपको तो मालूम ही है कि लड़की के दूध जब उत्तेजना में कसावट लेते हैं, तो उसके निप्पल कड़क होकर कपड़ों के ऊपर से दाने जैसे दिखने लगते हैं.
यह बात याद करते ही मैंने अपने सीने को टटोला तो निप्पल कड़क होकर टॉप में से नुमाया होने लगे थे.
एक बार मैं पुनः शर्मा गई और वापस ऊपर अपने कमरे में आ गई.
उधर मैंने नाइट सूट का टॉप उतारा और एक मस्त रेशमी लाल रंग की छोटी सी ब्रा पहन ली.
उसके ऊपर हल्की-सी टी-शर्ट डाल ली.
नीचे का लोअर हटा कर हाफ कैप्री पहन ली.
अब मैंने मिरर में से देखा तो मेरी इस टी-शर्ट के अन्दर से लेस वाली ब्रा साफ दिख रही थी और चूंकि वह काफी चोटी सी ब्रा थी तो उसमें से मेरे बूब्स बाहर आने को बेकरार दिखाई दे रहे थे.
फिर मैं नीचे आई तो रोहित ने मुझे देखा.
वह तो मुझे देखता रह गया.
मैंने पूछा- क्या देख रहे हो भाई?
वह बोला- अरे कुछ नहीं … बस तुमने आज कुछ अलग स्टाइल से ड्रेसिंग की है न!
मैंने कहा- यस … क्यों, सही नहीं लगी?
रोहित ने कहा- अरे बहुत ज्यादा अच्छी है तुम बहुत सुंदर और बड़ी लग रही हो … बस ये पहनकर कभी बाहर मत जाना, मम्मी-पापा कुछ बोलेंगे तो शायद तुम्हें अच्छा नहीं लगेगा!
मैंने मन में सोचा कि हां, तुम आंखों से मुझे नंगी करके चोद दो, उससे कुछ नहीं होगा. वह सब चल जाएगा.
चूंकि कल मैंने पहली बार किसी का लंड टच किया था, तो बस मुझसे रहा नहीं जा रहा था.
मेरा मन कर रहा था कि भाई का लंड बाहर निकालूँ और चूस लूँ.
रोहित ने पूछा- क्या सोच रही हो?
मैंने कहा- कुछ नहीं … मम्मी कहां हैं?
वह बोला- पापा-मम्मी मार्केट गए हैं, वे लोग आज शाम को तुम्हारी पार्टी की तैयारी करने गए हैं.
मैंने कहा- अच्छा आप मुझे क्या गिफ्ट देने वाले हो भाई?
रोहित ने कहा- तुम बताओ, जो बोलो!
मैंने देखा कि उसकी नजर मेरे बूब्स से हट ही नहीं रही थी.
फिर मैं बोली- चलो, मैं अपने रूम में जाती हूँ!
मैं रूम में आ गई.
मैं Xxx ब्रदर सेक्स के लिए तड़प रही थी.
चुदाई की तमन्ना मन में लिए पहले मैंने अपनी ड्रेस उतारी, बाथरूम में जाकर चूत के सारे बाल साफ किए. फिर टॉवल लपेटकर दरवाजे के पास आकर गिरने का बहाना किया.
मैंने कराहने वाली आवाज दी- आह रोहित भाई … प्लीज आओ ना मैं गिर गई!
रोहित भाई दौड़ कर आया और बोला- अरे कैसे गिर गई? और तुम टॉवल में क्यों हो?
मैंने कहा- उठाओ ना … बहुत दर्द हो रहा है!
जैसे ही रोहित ने मुझे हाथ लगाया – उफ्फ् … बता नहीं सकती उसके मर्दाना हाथों में कितनी सख्ती थी.
रोहित ने मेरी जांघों को टच किया, कमर पर एक हाथ रखा और मुझे उठाकर बेड की तरफ ले गया.
मैंने ऊपर से टॉवल पकड़ रखी थी, पर जैसे ही बेड पर रखा, मैंने टॉवल को छोड़ दिया.
बस फिर क्या … मेरे नग्न बूब्स ऐसे दिखे कि रोहित देखता रह गया.
वह रुक गया.
वह बहुत हल्की सी आवाज में बोला- क्या कर रही हो?
वह गर्म सांसें लेने लगा.
मेरे बड़े-बड़े बूब्स उसके सामने नंगे थे.
मैंने कहा- तुम समझ गए भाई, मैं क्या चाहती हूँ. मेरा यही बर्थडे गिफ्ट होगा … प्लीज!
रोहित की आवाज नहीं निकल रही थी.
वह बोला- तुम काफी छोटी हो!
मैंने अपनी जांघों से टॉवल हटा दिया और चुत दिखाती हुई बोली- अब बताओ!
रोहित ने धीरे से मेरी चिकनी व नंगी चूत की तरफ देखा और बोला- तुम बहुत ही खूबसूरत हो … ऐसा लगता है जैसे किसी डॉल में रस भर कर रख दिया हो!
मैंने उठते हुए कहा- तो पी लो ना रस … किसी को पता भी नहीं चलेगा … प्लीज!
रोहित ने मुझे वापस बेड पर लिटा दिया और बोला- कहां से शुरू करूँ, समझ नहीं आ रहा!
मैंने कहा- कभी तो किया होगा ना?
रोहित ने कहा- हां, गर्लफ्रेंड की ली है काफी बार … पर इतनी सुंदर और भारी-भरकम लड़की कभी नहीं देखी. तुम तो एकदम साउथ मूवी की हिरोइन लग रही हो!
मैंने स्माइल की और बोली- भाई, मैं दे तो रही हूँ … तो मक्खन क्यों मार रहे हो?
रोहित ने कहा- नहीं, सच में सोचा नहीं था जिसे बड़ा होते देखा, आज न्यूड भी देखूँगा!
मैंने बोला- भाई, मैं कभी-कभी हिंदी स्टोरीज़ पढ़ती हूँ … प्लीज़ हिंदी में बात कर सकते हो?
रोहित बोला- क्या बोलूँ, बताओ!
मैंने कहा- न्यूड नहीं … नंगी बोलो न प्लीज़ … सेक्सी फीलिंग आ जाएगी!
ये बोलते हुए मैंने भाई का लंड टच कर दिया.
वह पूरा हिल गया और बोला- तू भी रोहित बोल!
उसने मेरी पीठ से गांड पकड़ कर मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और बोला- क्या मस्त माल है तू श्वेता!
अब मेरे अन्दर से आवाज नहीं आ रही थी.
भले ही पैंट के ऊपर से ही सही, पर उसका लंड मेरी चूत को टच कर रहा था.
रोहित ने मेरी गांड ऐसे पकड़ी जैसे आज फाड़ने वाला हो … बहुत मजा आ रहा था.
मैंने बोला- रोहित भाई, अपनी पैंट तो उतारो!
रोहित ने कहा- तू उतार दे!
मैंने बोला- रोहित, तुम तो आप से तू पर आ गए!
रोहित बोला- तू भी तू बोल … रोहित नाम सुनने में बहुत मजा आ रहा है!
‘तेरी कमर क्या है … और ये बूब्स!’
यह सब बोलते हुए रोहित ने मुझे नीचे लिटा दिया और मेरे बूब्स चूसने लगा.
जैसे ही रोहित ने मेरे बूब्स मुँह में लिए … वाह लगा कि अब चूत में कुछ भी घुस जाए, बस घुस जाए जल्दी से … यह सोचते ही मेरी पूरी बॉडी में गुदगुदी होने लगी.
मैंने रोहित को साइड किया, उसकी पैंट उतारी और देखा तो सामने 7.5 इंच का लंड था.
मैं उसके लौड़े को देखती रह गई.
मैं लंड पकड़ती हुई बोली- भाई, क्या खिलाते हो इसे? बहुत मस्त बना रखा है!
रोहित बोला- जो तू खिलाती है अपने बूब्स और गांड को … मेरा लंड उससे ज्यादा मस्त है. आज तुझे छोड़ूँगा नहीं … तेरा सारा जूस पी लूँगा!
मैंने कहा- आज मैं तेरे लंड के मजे लेने वाली हूँ!
यह बोलते ही रोहित का लंड मैंने अपने मुँह में ले लिया.
मुह मुह मुह… आआआह.
रोहित ने मेरा सिर पकड़ा और पूरा लंड मुँह में ठूँस दिया.
पहले तो मैंने सिर हटाया, फिर खुद ही लंड के मजे लेने लगी.
फिर रोहित उठा और पूरा नंगा हो गया.
मैंने कहा- मस्त लग रहे हो!
रोहित बोला- तुझसे ज्यादा नहीं!
उसने मेरी कमर पकड़ कर मुझे फिर से अपनी गोद में बिठा लिया.
मेरी चूत रोहित के लंड से टच हुई … और मेरे बड़े-बड़े बूब्स … उसके सीने से रगड़ खाने लगे.
वाह क्या नजारा था और क्या अहसास था.
रोहित ने बिना कुछ बोले मेरी गांड पर एक थप्पड़ मारा और मेरे होंठ अपने मुँह में ले लिए.
थोड़ी देर तक वह मुझे किस करता रहा.
नीचे उसका लंड और मेरी चूत मिलने को तरस रहे थे … पर मजा बहुत आ रहा था.
अब मैंने उससे कहा- प्लीज अब अन्दर भी डाल दो ना!
रोहित ने मुझे लिटाया और मेरी चूत पर थूक लगाने लगा.
मैंने बोला- अरे भाई, अच्छा नहीं लगा क्या?
रोहित बोला- गीली कर रहा हूँ … कहीं फट न जाए!
मैंने रोहित से कहा- आई लव यू भाई … फाड़ दो आज … मेरा ये दिन याद रहना चाहिए मुझे!
रोहित ने मेरे बूब्स दबाए और अपना लंड हल्के से अन्दर कर दिया.
लंड थोड़ा सा ही गया था कि मेरा पूरा नशा उतर गया.
तेज दर्द की वजह से मैंने बोला- रोहित भाई … रुको दर्द ज्यादा हो रहा है … थोड़ी देर बाद ट्राई करेंगे!
रोहित ने मेरे बूब्स छोड़ दिए, मेरा मुँह पकड़ लिया और एक जोरदार झटके में पूरा लंड अन्दर ठूँस दिया.
मुझे कुछ समझ नहीं आया … बस लगा किसी ने चाकू घोंप दिया हो.
सच में बहुत दर्द हुआ.
रोहित काफी देर तक अन्दर-बाहर करता रहा.
मैं थोड़ा परेशान हुई, पर रोहित ने मुझे ऐसे पकड़ रखा था जैसे मैं उसके सामने कुछ भी नहीं हूँ.
साले ने मुझे हिलने तक नहीं दिया.
थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा.
मैंने रोहित को इशारा किया और मुँह से हटाने को बोला.
रोहित ने मुँह हटाया और सॉरी बोला … पर मेरी चूत में लंड को अन्दर-बाहर करना बंद नहीं किया.
मैंने बोला- भाई, तुमने तो आज सच में चूत फाड़ दी लेकिन अब मजा आ रहा है … अच्छे से डालो, अन्दर तक पेल कर चोदो अपनी बहन को … आह मेरी चुत फाड़ डालो!
रोहित ने मेरी गांड पीछे से पकड़ी और मुझे फिर अपनी गोद में बिठा लिया.
इस बार उसका लंड मेरी चूत के अन्दर था. मुझे बहुत मजा आया.
रोहित ने मेरी गांड पर एक और थप्पड़ मारा और बोला- कैसा लग रहा है?
मैंने कहा- वाह … पहली बार इतना अच्छा बर्थडे जा रहा है!
वह बोला- हां बर्थडे पर तेरी पसंद का गिफ्ट तेरी चुत में अन्दर तक जा रहा है न!
मैं हंस दी और रोहित को किस करने लगी.
रोहित पीछे से मेरी गांड दबा रहा था और थप्पड़ मार रहा था.
तभी दरवाजे पर किसी ने खटखटाया … ऑप्स ये तो मेरे बड़े भाई रोहन थे.
दरवाजे में कुंडी नहीं लगी थी तो बड़े भाई रोहन अन्दर आ गए और हम दोनों उनके सामने एकदम नंगे चुदाई की पोजीशन में थे.
भाई Xxx ब्रदर सेक्स का कारनामा देख कर हतप्रभ रह गए.
उनके मुँह से अचानक से निकल गया- पकड़ा तो तूने मेरा था और शुरुआत इसके से कर दी!
अब आगे क्या हुआ, आपको अगली सेक्स कहानी में पता चलेगा.
क्या अब मैं दोनों से चुदने वाली हूँ या हम तीनों मिल कर कुछ और भी धमाल करने वाले थे?
इस Xxx ब्रदर सेक्स कहानी पर आप अपने कमेंट्स जरूर भेजें.
[email protected]