मैंने अपनी देसी मॉम को पटाकर चोदा

Xxx बेटा माँ सेक्स कहानी में मेरा मम्मी बहुत चालू थी. पापा के लंड से उनको मजा नहीं आता था तो वे दादा जी से चूत गांड मरवाती थी. एक दिन उन्होंने मेरा लंड देख लिया.

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है. मैं बिहार से हूँ.
मैं 19 साल का हूँ.
मेरा कद 5 फीट 9 इंच है. मेरी बॉडी मस्क्युलर है.
मेरा लंड 8 इंच का है.

मेरी फैमिली में मैं, मॉम और दादा … बस तीन लोग ही रहते हैं.

मेरी माँ की उम्र 38 साल की है. वे 5 फीट 5 इंच की हैं.
वे देखने में एकदम किसी पोर्न स्टार से कम नहीं हैं.

ये तब की Xxx बेटा माँ सेक्स कहानी है जब मैं स्कूल में 12वीं में पढ़ता था.

तब मुझे और मेरी मॉम को पता चला कि मेरे दादा का किसी औरत से अफेयर है.

इसी बात को लेकर हमारे घर में झगड़े होने लगे और इसी वजह से मेरी मॉम और दादा के बीच की दूरियां बढ़ गईं.

दरअसल मेरे डैड और मॉम के बीच सेक्स संबंध नहीं थे क्योंकि डैड का लंड कमजोर था.
इसी लिए मॉम दादा जी से चुदवाने लगी थीं.

दादा जी ठरकी किस्म के इंसान थे तो उन्हें नई नई चुत चोदने की चुल्ल थी.
वे अपनी दौलत को रंडियों की चुदाई में उड़ाने लगे थे.

जब से मॉम और दादा जी के बीच झगड़ा हुआ, तभी से मॉम नहीं चुदी थीं.

मैं आप सबको बता दूँ कि मेरी मॉम गांव की होने के बावजूद काफी खुली हुई हैं.
वे मेरे सामने भी सेक्स की बातें एकदम बिंदास कर लेती थीं.

दिखने में भी मां एकदम देसी माल लगती हैं. उनका जिस्म एकदम कसा हुआ है.

अब मैं बड़ा हो गया हूँ और NEET की तैयारी कर रहा हूँ.
अपनी अच्छी पढ़ाई के लिए मैं दिल्ली आ गया.

यहां मुझे रहते हुए 3 महीने बीत गए थे.
मेरा इधर मन नहीं लग रहा था क्योंकि मैं यहां नया था.

मैं बचपन से बहुत शर्मीला हूँ … किसी से ज्यादा बात नहीं करता हूँ.
इसलिए आज तक मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी.

हालांकि मेरे मन में कामुकता कूट कूट कर भरी हुई है और मां की खुली बातों व उनके मादक जिस्म को देख देख कर मेरे मन में उत्तेजना भर जाती थी तो मैं अपनी मॉम को देखकर लंड हिला लेता था.

यहां दिल्ली में हॉस्टल बहुत महंगे हैं और खाना भी.
मैं एक छोटे से कमरे में रहता हूँ … एक छोटा सा बाथरूम और छोटा सा किचन.

एक दिन मैंने अपनी मॉम को बताया कि मेरी तबीयत बहुत खराब हो रही है.
हम दोनों में बात होने लगी.

मेरी मॉम ने मुझे बताया कि तेरे दादा भी आजकल जब भी मैं अकेली होती हूँ तो वे मेरे ऊपर हाथ उठा देते हैं.

यह सुनकर मुझे काफी बुरा लगा और इसी लिए मैंने मॉम से बोल दिया- आप दिल्ली आ जाओ, मैं पापा को मना लूँगा कि मॉम रहेंगी तो मेरे सारे काम हो जाएंगे और मेरे पैसे भी बच जाएंगे.
वे चुप रहीं.

मैंने मॉम से यह भी कहा- यहां आपको दादा कुछ कर भी नहीं पाएंगे!
मॉम मेरी बात मान गईं.

लेकिन कहीं न कहीं मेरे मन में मॉम को बस चोदने का विचार आ रहा था और मैं उन्हें इसी लिए दिल्ली अपने पास बुला रहा था.

फिर एक हफ्ते बाद मॉम अपने सारे ज़रूरी सामान लेकर दिल्ली आ गईं.

मेरा रूम बहुत छोटा है … उसमें एक छोटा सा बेड है, जिस पर एडजस्ट होकर 2 लोग बड़ी मुश्किल से सो पाएंगे.

कमरे में एक छोटी सी स्टडी टेबल और एक अल्मारी भी है.

जब मॉम आईं तो उन्होंने छोटा कमरा देख कर कहा- यह बहुत छोटा है, एक नया रूम देख लेते हैं!
लेकिन मैंने उन्हें बताया कि मॉम यहां कमरे का किराया बहुत महंगा है इसलिए यही सही है.

हम दोनों ने इसी कमरे में किसी तरह से एडजस्ट होकर रहना तय कर लिया.

मॉम हमेशा से ही मेरे सामने कपड़े चेंज कर लेती हैं क्योंकि वे मुझे अभी भी ब/च्चा समझती हैं.

पहली रात को हम दोनों जब सोने के लिए बेड पर लेटने लगे तो बेड छोटा महसूस हुआ.
मॉम से चिपक कर लेटने से मेरा लंड खड़ा हो गया था.

मेरी मॉम रात को नाइटी पहन कर सोती हैं और दिल्ली में बहुत गर्मी होती है, तो मैं तो बस अंडरवियर पहनकर सोता हूँ.

पहली रात तो मुझे नींद ही नहीं आ रही थी. मैं रात को 3 बजे सो पाया.

फिर अगले दिन मैं देर से उठा तो मेरी मॉम खाना बना रही थीं.
उन्होंने मुझसे कहा- जाओ, फ्रेश होकर नहा लो!

मैं फ्रेश होने गया और मॉम को सोच कर एक बार मुठ मार ली.

फिर मैं जब नहाने गया तो मॉम ने बोला- दरवाज़ा बंद मत करना, आज मैं नहलाऊंगी तुझे अच्छे से … कितना काला हो गया है!
मैंने भी ‘हां’ बोल दिया.

मैं भी अंडरवियर में नहा रहा था.
मेरी मॉम ने मुझे नहलाना शुरू किया.

मैं बैठ गया था क्योंकि मेरा 8 इंच का लौड़ा खड़ा हो गया था.

जब मेरी मॉम ने अच्छे से साफ करके मेरी बॉडी साफ कर दी तो बोलीं- अब खड़ा हो जा, पेट भी साफ कर दूँ!

मैंने मना कर दिया क्योंकि मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था.

वे गुस्सा हो गईं, बोलीं- अपनी मॉम से इतना मत शर्मा … खड़ा हो न!
मैंने बोला- नहीं रहने दो ना!

वे बोलीं- खड़ा होता है या नहीं?

मैं खड़ा हो गया.
मेरा 8 इंच का लौड़ा खड़ा था जो अंडरवियर के ऊपर से साफ-साफ दिख रहा था.

जब मेरी मॉम ने मेरा लंड देखा तो वे शॉक हो गईं और उन्होंने मुँह हैरान होते हुए बोल दिया- ऊउ … इतना बड़ा …

उनके मुँह से इतना बड़ा … सुनकर मुझे शर्म आने लगी.
वे हंस कर बोलीं- कोई बात नहीं, मैं मां हूँ तेरी!

लेकिन मैं उन्हें देख रहा था … पूरे समय उनकी नज़र मेरे लौड़े पर ही जमी थी.
मैं भी समझ गया कि वे काफी समय से चुदी नहीं हैं और मेरा इतना बड़ा लौड़ा देखकर इनकी चूत में खुजली जागने लगी है.

अब मैंने भी सोच लिया कि जितना जल्दी हो सकेगा मैं मॉम को चोद दूँगा.

अब ऐसे ही दिन बीतने लगे.
हम दोनों रोज़ साथ नहाने लगे.
मैं उनकी ब्रा-पैंटी में रोज़ मुठ मारकर अपना माल वहीं छोड़ देता था लेकिन वे कुछ बोलती नहीं थीं.
वे रोजाना अपनी ब्रा पैंटी वहीं छोड़ देती थीं.

अब मैं भी समझ गया कि इनको यह अच्छा लगता है.
एक तरह से मुझे मॉम की तरफ से हरी झंडी मिल चुकी थी; उन्हें चोदने की पहल करने भर की देरी थी.

एक दिन मैं मेडिकल शॉप से सेक्स वाली गोली लेकर आया और मॉम को कोल्डड्रिंक में मिलाकर दे दी.

मैंने दवा का डोज कुछ ज़्यादा ही दे दिया था ताकि वे सेक्स से खुद पर कंट्रोल न कर पाएं.

रात हुई तो हम दोनों सोने आ गए.
मुझे मॉम की चुदाई की उत्तेजना से नींद नहीं आ रही थी.

कुछ टाइम बीता, मेरा लंड खड़ा हो गया था और मेरी रंडी मॉम की बड़ी सी गांड की दरार में घुसने लगा था.
मेरी रंडी मॉम सोने का नाटक कर रही थीं.

मैंने भी सोने का नाटक करते हुए अपना एक हाथ उनकी चूची पर रख दिया.
उनकी चूची का गर्म अहसास मुझे एकदम जन्नत जैसा लगा.

कुछ देर बाद मैं अपना अंडरवियर नीचे करके अपने लंड को उनकी नाइटी के ऊपर रगड़ने लगा.
कुछ देर बाद मैं अपना हाथ उनकी चूत पर ले जाकर रगड़ने लगा.

मॉम की चुत पूरी गीली हो गई थी तो मैं समझ गया कि मेरी रंडी मॉम सोने का नाटक कर रही हैं.

इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई.
मैंने धीरे से उनकी नाइटी ऊपर उठाई और देखा कि आज उन्होंने पैंटी नहीं पहनी है.

मैं 100% कन्फर्म हो गया कि आज वे अपने बेटे के आठ इंच के लंड से चुदवाने के मूड में हैं.

मैं अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा और उनकी चूत में उंगली करने लगा.
तभी मेरी रंडी मॉम ने कहा- सीधा गांड में डालेगा? पहले चूत में तो डाल!

मैं जरा भी शॉक नहीं हुआ और बोला- आज आप जहां-जहां बोलेंगी, वहां-वहां डालूँगा!

उन्होंने बोला- मेरा शेर बेटा … आज अपनी मॉम की तमन्ना पूरी करेगा … आ, आज जितना चोदना है, चोद ले अपनी मॉम को!

मैं भी इसी पल का कब से इंतज़ार कर रहा था.
मैं जल्दी से पोजीशन में आया और उनकी चूत चाटने लगा.
एकदम साफ चूत और टाइट भी हो गई थी.

फिर मैंने अपनी मॉम से पूछा- आप कब से नहीं चुदी मॉम?
तो उन्होंने बोला- पूरे 4 महीने हो गए, बस उंगली से काम चला रही हूँ.
तो मैंने बोला- आज मेरा लौड़ा आपकी चुत की ख्वाहिश पूरी करेगा!

वे भी टांगें फैला कर अपनी चुत चुसवाने लगीं और अपने दूध मसलती हुई आह आह करने लगीं.

कुछ देर बाद मैं उनकी चूचियों पर आ गया और एक को मसलते हुए दूसरी को चूसने चाटने लगा.
मैं किसी छोटे ब/च्चे की तरह उनके दूध को चूसने लगा था और वे भी मुझे अपने मम्मों पर दबा दबा कर दूध चुसवा रही थीं.

अब वे तेज स्वर में कामुक सिसकारियां लेने लगी थीं.
मैंने उनकी चूची चूसते हुए अपनी 2 उंगलियां उनकी रसीली चूत में डाल दीं.
वे आह आह करने लगीं और गांड उठाती हुई चुत को फिंगर फक का मजा देने लगीं.
कुछ मिनट बाद उनका पानी निकल गया.

फिर मैंने अपना लौड़ा निकाला और उनके मुँह पर रखकर बोला- अच्छे से मुँह में ले कर इसे चूस दो ना मॉम!
वे लंड सहलाती हुई बोलीं- बेटा, तेरा लौड़ा तो तेरे बाप से दुगुना बड़ा है … अब तक तूने इससे कितनी लड़कियों की चूत फाड़ी हैं?

मैंने कहा- एक भी नहीं … आपकी पहली चुत होगी, जो मेरे लौड़े को चुत का स्वाद चखाएगी! वैसे आप तो दादा जी से चुदवाती थीं न!
वे हंस दीं और गाली देती हुई बोलीं- तेरा दादा पूरा ठरकी है मादरचोद … तेरे पापा से कुछ बनता नहीं था तो तेरे दादा ने मेरे साथ मजा किया. लेकिन बाद में जब वह दूसरी औरतों के साथ सेक्स करने लगा तो उससे मेरी लड़ाई होने लगी थी.

मैंने उनके दूध मसलते हुए कहा- चलो अब मैं हूँ न … मैं आपको खुश रखूँगा.
वे हंसने लगीं और बोलीं- लगता है ये मेरे नसीब में ही लिखा था कि मेरे बेटे का लंड पहली बार अपनी मां की चूत में जाए!

मैंने भी कहा- मॉम ये तो कब से आपको चोदना चाहता था … बस कभी मौका नहीं मिला तो हाथ से ही झाड़ कर इसे शांत कर देता था.

वे यह सुनकर शॉक हो गईं और बोलीं- अरे तभी ट्राई क्यों नहीं कर लिया … अपनी मॉम को चोदने में इतनी देर क्यों कर दी!
मैंने कहा- हां देर तो हो गई मॉम, लेकिन अब पूरा मजा लूँगा और दूंगा.

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
वे मेरा लौड़ा चूसने लगीं, मैं उनकी चूत चाटने लगा.

दस मिनट बाद मैं झड़ गया.
फिर उन्होंने बोला- इतना ही दम था क्या तेरे लौड़े में मादरचोद?

मैंने भी गाली देते हुए कहा- साली रंडी, मैं बताता हूँ कितना दम है … फाड़ देगा तेरी चुत को!
वे हंसने लगीं.

मैंने उन्हें बेड पर अपने नीचे दबाया और उनकी चूत में अपना लौड़ा एकदम से पेल दिया.

वे अचानक से लंड घुसवाने से एकदम से तड़फ उठीं और बहुत ज़ोर से कराहने लगीं- आह मार दिया … निकाल मादरचोद मारेगा क्या मुझे? आह साले मादरचोद … जल्दी से बाहर निकाल अपना लौड़ा!
मैंने घबरा कर लंड को बाहर निकाल दिया.

उन्होंने बोला- कमीने, मैं इतने समय से नहीं चुदी, मेरी चूत टाइट हो गई है. थोड़ा आराम से कर … मुझे तेरा लंड झेलने में टाइम लगेगा. तेरा लौड़ा तेरे बाप से दुगुना बड़ा है और दादा का भी तेरे जितना बड़ा नहीं है!

फिर मैं धीरे-धीरे उनके बदन को सहलाते हुए उनकी चूत पर अपना लौड़ा रगड़ने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने सुपारा गीली चुत में फंसा कर अन्दर पेला और धीरे से आधा लंड अन्दर डाल दिया.

मेरी रंडी मॉम ने बोला- आह ऐसे ही धीरे धीरे पेलता जा … कुछ दिन बाद पूरा लेने की आदत हो जाएगी. अभी बस इतने में ही चोद ले और खुश रह!

मैंने ओके कहा और मॉम के दूध मसलते हुए उन्हें अपने आधे लौड़े से ही चोदने लगा.
वे चुदाई से मस्त होने लगीं और करीब बीस मिनट की चुदाई में मैं झड़ गया मॉम भी दो बार रस छोड़ चुकी थीं.

उस रात हम दोनों ने 3 बार चुदाई की और सो गए.

दो दिन बाद मैंने उनकी बड़ी गांड भी मारी.
मॉम की गांड पहले से ही खुली थी, शायद दादा जी मेरी मॉम की गांड भी मार चुके थे.

फिर मैंने सोचा कि मैं मॉम को यदि दिल्ली में रखना चाहूँ तो मुझे अपना नीट का पेपर 2-3 बार ड्रॉप लेते हुए पूरा करना होगा.

बस मैं इसी योजना पर लग गया और तय कर लिया कि अब मॉम को मैं 3-4 साल दबाकर चोदूँगा.
उसके बाद तो मॉम मेरे लौड़े की गुलाम बन जाएंगी तो उन्हें पूरी जिंदगी मतलब जब तक चुत में आग रहेगी, तब तक हचक कर चोदता रहूँगा.

उस दिन से मॉम मेरी रंडी बन गईं.
मैं उन्हें रोजाना चोद देता था.

उनकी चूत और गांड को मैंने चोद चोद कर अपने लौड़े की गुफा बना दिया.

मैंने जीवन में कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं बनाई क्योंकि मेरी मॉम किसी पॉर्न फिल्मों की एक्ट्रेस से कम नहीं है.
वे खुल कर चुत गांड चुदवाने का मजा देती हैं और मस्त लंड चूसती हैं.

ये मेरी और मेरी रंडी मॉम की रियल सेक्स स्टोरी है.
Xxx बेटा माँ सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
थैंक्यू.
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