मौसेरी बहन रांड बनकर मेरे लौड़े से चुदी

पोर्न सिस्टर फक स्टोरी में मेरीमौसी की जवान बेटी हमारे घर रहने आई तो वह मेरे साथ सोती थी. एक रात मेरा हाथ उसकी छाती पर चला गया. मजा आ गया. उसके बाद वो कैसे चुदी?

हाय मेरा नाम बंटी है, उम्र 26 साल है.
मैं दुर्ग (छत्तीसगढ़) का रहने वाला हूँ.

ये पोर्न सिस्टर फक स्टोरी मेरी मौसी की बेटी की चुदाई की है, यानि मेरी मौसेरी बहन अंजलि (उम्र 24 साल) और मेरे बीच हुई उस मजेदार चुदाई के बारे में आप सबको पढ़ने को मिलेगा.

अंजलि दिखने में थोड़ी सांवली है, लेकिन चेहरे मोहरे से वह एकदम सेक्सी माल है.
उसकी फिगर भी एकदम मस्त है.
उसके बूब्स 32 इंच के, कमर 28 की और गांड 34 की है.
सच में तबाही माल है वह …

यह बात उस गर्मी की है जब वह हमारे घर आई हुई थी.
हम दोनों रात रात भर जागते थे और खूब मस्ती करते थे.

वह हमारे घर हर बार छुट्टियों में आ जाया करती थी इसलिए मेरी उससे खूब पटती थी.
अब हम दोनों जवान हो चुके थे.

हम रात को एक साथ सोते थे.
घर में और भी भाई-बहन थे, पर मेरी और अंजलि की सबसे अच्छी जमती थी.
इसलिए हम दोनों हमेशा एक ही बिस्तर पर साथ-साथ ही सोते थे.

उस रात भी हम दोनों साथ में सोए थे.
अचानक मेरा हाथ उसके बूब्स पर चला गया.
मेरा मन बदल गया और लंड खड़ा हो गया.
हालांकि उस रात मैंने अपने लौड़े पर किसी तरह कंट्रोल कर लिया.

अगले दिन मैंने हिम्मत करके फिर उसके बूब्स पर हाथ रखा.
उसने कुछ नहीं कहा तो मैं जोर-जोर से दबाने लगा.

मुझे बहुत मजा आने लगा था, पर वह शायद गहरी नींद में थी तो ज्यादा मज़ा नहीं आया.

ऐसे ही करते-करते एक हफ्ता बीत गया.
मेरे दिमाग में बस चुदाई की इच्छा सवार हो गई थी.

मैं तो पहले से ही सेक्स स्टोरीज़ पढ़ता रहता था, अब तो और भी आग लग गई थी.

फिर आख़िरकार वह दिन आ ही गया जिस दिन मैंने प्लान बना लिया था कि आज अंजलि को चोद ही दूंगा.

रात को सबको सुला कर मैं धीरे से अंजलि के पास पहुँचा.
हम सब भाई-बहन एक ही कमरे में ज़मीन पर लाइन से बिस्तर लगाकर सोते थे.
मैं सबसे लास्ट में और मेरे बगल में अंजलि सोती थी.

जब सब गहरी नींद में सो गए, तो मैंने इधर-उधर देखा कि कोई जाग तो नहीं रहा है.
फिर मैंने धीरे से अंजलि के बूब्स पर हाथ रखा और जोर-जोर से दबाने लगा.

कुछ मिनट तक कुछ नहीं हुआ.
फिर हल्की हलचल हुई, तो मैंने डर के मारे हाथ हटा लिया.
हलचल शांत हुई तो फिर से हाथ रखा और ज़ोर-ज़ोर से दूध मसलने लगा.

फिर से हलचल हुई.
इस बार मैं झट से हाथ हटाने ही वाला था कि अचानक अंजलि ने खुद मेरा हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पर जोर से दबा दिया.
उसकी आंखें अभी भी बंद थीं.

मैं तुरंत समझ गया कि इसे भी मज़ा आने लगा है.

बस फिर क्या था … मैं दोनों हाथों से उसके बूब्स को पागलों की तरह मसलता रहा, दबाता रहा.
दबाते-दबाते ही मैं कब सो गया, कुछ पता ही नहीं चला.

अगले दिन सुबह उठा तो मैं समझ गया था कि अब मुझे पूरी आज़ादी मिल चुकी है.
आज से इसे छोड़ना नहीं है, बल्कि चुदाई का खुलकर मज़ा लेना है.
वह भी मुझे देख कर मुस्कुरा कर इशारे दे रही थी.

पूरे दिन मैं बस रात का इंतज़ार करने लगा.
जैसे ही रात हुई, मैं अपनी जगह पर और अंजलि अपनी जगह पर लेट गई.

सबके सोते ही मैं चोरों की तरह उसके पास सरका और धीरे से उसके बूब्स पर हाथ रख दिया.

इस बार मैं शुरू से ही ज़ोर-ज़ोर से दूध दबाने लगा.
अंजलि भी पूरा साथ देने लगी और हल्के स्वर में सिसकारियां लेने लगी.
मेरी हिम्मत बढ़ गई.

मैंने उसके गालों पर किस करना शुरू किया, फिर होंठों पर होंठ लगा कर ज़ोर-ज़ोर से चूमने लगा.
मैं उसके बूब्स मसलते हुए गहरी किस करने लगा, जुबान को मुँह में देकर रस चूसने व चुसवाने लगा.
वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

धीरे से मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया.
उसकी चूत तो पहले से ही गीली और गर्मागर्म भभक रही थी.

आजू बाजू इतने लोग लेटे हुए थे इसलिए ज्यादा कुछ कर नहीं पा रहा था लेकिन फिर भी मैं कोशिश करके उसकी चूत में उंगली डाल-डाल कर उसे चोद रहा था.

फिर मैंने उसके कान में फुसफुसाया- मैं तुझे चोदना चाहता हूँ!
वह तुरंत बोली- हां बेबी फक मी. इतने दिन से सिर्फ गर्म करके छोड़ दे रहा है!

मेरा लंड तो खुशी से झूम उठा लेकिन जगह ऐसी थी कि कुछ बन ही नहीं पा रहा था.

उसने कहा- कुछ उपाय करो ना!
मैंने कहा- उपाय कर दूँगा, पहले मेरा लौड़ा चूसो!

वह तुरंत नीचे सरकी, उसने मेरी पैंट खोलकर अपना मुँह में पूरा लंड भर लिया और चूसने लगी.
वाह … क्या मज़ा आ रहा था.

तभी किसी के उठने की आहट आई, मैंने फटाक से उसे दबाते हुए इशारा किया कि अलग हो जा!
हम दोनों अलग हो गए.

अगले दिन पूरे परिवार में प्लान बना कि शहर में घूमने जाएंगे.
सुबह से शाम तक का प्लान था.

मैंने अंजलि को इशारा किया- तुम मना कर दो और कोई बहाना बना दो.

उसने तुरंत बहाना बना दिया- मुझे ठीक नहीं लग रहा, मैं नहीं जाऊंगी.
मेरी मम्मी ने पूछा तो शायद उसने एम सी का बहाना बना दिया.

मम्मी ने ओके कह दिया.

मम्मी बोलीं- अब इसके साथ किसी एक को तो रुकना पड़ेगा ना?
पापा बोले- मैं रुक जाता हूँ.

मैंने तुरंत मना कर दिया- नहीं पापा, आप जाओ, आपको तो हर वक्त काम करते रहते है … कभी घूमने ही नहीं जा पाते हैं. मैं तो वैसे भी घूमता रहता हूँ, आप सब जाओ … मैं इसे देख लूँगा.

बस सब मान गए.
सब तैयार होकर निकल गए.

अब घर पर सिर्फ़ मैं और अंजलि ही रह गए थे.

जैसे ही घर का दरवाज़ा बंद हुआ, उसके 10 मिनट बाद मैंने अंजलि को रूम में बुला लिया.

वह आई तो मैंने पूछा- कैसा लगा रात को, मज़ा आया?
अंजलि- हां भाई, बड़ा मज़ा आया था.

मैं- आओ बेड पर आ जाओ आज और मज़े दूँगा.
अंजलि कामुक भाव से बोली- हां अभी आती हूँ … अब तुम पूरे मज़े ले लेना.

वह मेरे पास आ गई.
मैं- तू डॉगी बन जा.

अंजलि- तुझे मेरी लेनी है ना?
मैं- हां रे, मैं तो ऑल टाइम रेडी हूँ.

‘तो पहले अपनी कुतिया को गर्म तो कर लौड़े!’
वह खुल कर बोली, तो मूड बन गया.

फिर जैसे ही वह पास आई, मैंने उसे सीने से लगा लिया, ज़ोर से हग किया और पागलों की तरह किस करने लगा.

फिर फटाफट उसके सारे कपड़े उतार दिए.
अब वह मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी.
उसकी चिकनी सेक्सी चूत देखकर मुँह में पानी आ गया.

उसके बूब्स एकदम टाइट, उभरे हुए, कमाल के लग रहे थे.
कुछ मिनट तो मैं बस देखता ही रह गया.

फिर अंजलि बोली- देख-देख कर पगला गया क्या भोसड़ी के!

उसके मुँह से गाली सुनकर मज़ा दोगुना हो गया, मुझे सेक्स के टाइम गालियां बहुत पसंद हैं.
मैंने तुरंत जवाब दिया- हां लौड़ी, तेरी चिकनी सेक्सी चूत पहली बार देख रहा हूँ ना, तो मेरे मुँह से लार ही निकल गई!

अंजलि- चल, अपने कपड़े निकाल और अपना लौड़ा दिखा … रात में तो देखा नहीं, सिर्फ़ चूसा था, मज़ा बहुत आया … अब दिन में अच्छे से देख लूँ तेरे लौड़े को!

मैंने फटाफट से सारे कपड़े उतार दिए. मेरा लंड फनफना रहा था.
फनफनाता लंड देखकर अंजलि से रहा नहीं गया, वह तुरंत आगे आई और मुँह में पूरा लंड लेकर चूसने लगी.

मैं- आह अच्छे से चूस मादरचोद … बहुत दिनों बाद कोई मेरे लंड को चूस रही है!
अंजलि- लौड़े के बाल, मुझे बोल देता तो रोज़ चूसती तेरे लंड को … मस्त मोटा है और खूब लंबा है … ऐसे लंड चूसने में ही मज़ा आता है!

मैं- तू तो लंडी चूसने में एक्सपर्ट है रे अंजलि साली कितने लौड़े चूस चुकी है अब तक?
अंजलि- बहुत सारे लंड चूसे हैं और बहुत सारे लंड से चुद भी चुकी हूँ रे भड़वे.

मैं- आज मैं चोदूंगा तेरी सेक्सी चिकनी चूत, मेरी चुदक्कड़ अंजलि आजा मेरी रांड!
अंजलि मेरे लंड को अपने मुँह से निकालती हुई बोली- तो चोद ले ना भोंसड़ी के … रात को तो पेल नहीं पाया था मादरचोद … गाँड फट्टू लौड़े … चल आज दिन में चोद ले अपनी बहन की चुत!

मैं- तू तो बड़ी प्यासी लग रही है?
अंजलि- हां यार भाई … बहुत दिनों से चुदाई नहीं हुई ना!

मैं- आ जा मेरी अंजलि रानी, आज तेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही मानूँगा!
अंजलि- बना दे मेरे राजा, जल्दी से चोद!

मैंने फट से उसे बेड पर लिटाया, उसके ऊपर चढ़ गया और चूत में उंगली डाल दी.
वह कराही और मैं पागलों की तरह किस करने लगा.

वह तड़प उठी और गालियां बकने लगी- बहन के लौड़े चोदेगा भी या बस किस करता रहेगा? यहां मेरी चूत में आग लगी है … उंगली नहीं करनी, लंड डालना है कमीने!
मैं- चोद रहा हूँ ना मेरी रंडी अंजलि.

फिर मैंने अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत पर सैट किया और ज़ोर से एक झटके में पेल दिया.

मेरा आधा ही अन्दर गया था कि वह चिल्ला उठी- मादरचोद बंटी तेरी मां का भोसड़ा … बहन के लौड़े कभी लड़की नहीं चोदी क्या … जो इतना ज़ोर ज़ोर से पेल रहा है? आराम से डाल ना तेरी बहन की चूत फट जाएगी!
मैं- मादरचोद रंडी छिनाल … कितनी बार चुद चुकी है … फिर भी चूत इतनी टाइट है तेरी .. आह बहन की लौड़ी!

फिर मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा, पूरा लंड अन्दर चला गया.
उसके मुँह से ‘आआहह … आआहह …’ की आवाज़ें आने लगीं.
वह दर्द से कराहने लगी, पर मैं स्पीड बढ़ाता ही जा रहा था.

अंजलि- चोद ज़ोर से चोद मेरे लौड़ासुर मादरचोद … आज अपनी बहन की चूत फाड़ दे … चोद चोद कर चूत का भोसड़ा बना दे … अपनी बहन को चोद कर बहनचोद बन जा!
मैं- अंजलि, तेरी चूत में चोदने में बहुत मज़ा आ रहा है रे … भोसड़ी वाली टाइट चूत है तेरी!

लंड स्पीड से चूत फाड़ते हुए आवाज कर रहा था, जिससे पूरा रूम ‘फच-फच-फच’ की आवाज़ों से गूँज रहा था.

अंजलि- भोसड़ी के तू मेरी चूत चोद कर बड़ा खुश हो रहा है? मेरी मां चोद कर देख .. तेरे लंड को जन्नत मिल जाएगी!
मैं- तेरी मां को भी चोद दूँगा, तू जुगाड़ लगा.

अंजलि- मेरी मां को चोदेगा भड़वे? अपनी मां को चोद ले, वह भी तो बड़ी वाली चुदक्कड़ रांड है … आह सच में तेरी मां मेरे बाप से चुदवाती है!
मैं- तेरी मां की चूत में मेरा लौड़ा … आह तू तो और बड़ी वाली रंडी है!

अंजलि- अरे मादरचोद, धीरे चोद न … दर्द कर रहा है … आआअहह … ओह्ह … फक मी हार्ड बंटी … तेरी मां की चूत!

अब अंजलि को दर्द के साथ-साथ मज़ा भी आने लगा था- आह हां चोद साले आह आआहह … ओह … उउउम्म्म … मेरे बंटी चोद और ज़ोर से चोद मेरे लौड़ासुर फाड़ दे मेरी चूत … बना दे भोसड़ा मेरी चूत का!

फिर अंजलि झड़ गई.

मैं- बड़ी जल्दी झड़ गई बेटीचोद!

अंजलि हांफती हुई बोली- आह दमदार चुदाई में झड़ी हूँ बे … तेरी बहन की चूत मारूं कुत्ते … आह साले फाड़ दी मेरी चुत!
मैं- मेरी बहन तू है, तेरी चूत अभी भी चोद ही रहा हूँ मादरचोद!

अंजलि- आज बहनचोद बन कर अपनी मां भी चोद देना आह चोद रे भड़वे लौड़े के बाल!

मैंने स्पीड और बढ़ा दी.

मैं- मैं झड़ने वाला हूँ, लंड कहां झाड़ूँ?
अंजलि- भोसड़ी के चूत में मत झाड़ देना अपना माल … वरना समझ नहीं आएगा पापा बनेगा या मामा बनेगा!

मैं- तेरे मुँह में झाड़ूँगा!
अंजलि- हां आ … दे मुँह में अपना रस! पिला दे अपनी रंडी बहन को अपना वीर्य आह!

मैंने चुत से लंड निकाला और उसके मुँह में पेल-पेल कर मुख चोदने लगा.
जल्द ही लौड़े का पूरा माल मैंने उसके मुँह में झाड़ दिया इससे उसका मुँह ऊपर तक भर गया.

मैं- पी ले मेरी कुतिया आह!
अंजलि- टेस्टी माल है तेरा आह!

मैं- तेरा भाई … अरे नहीं, तेरा पति का है और तेरी सेक्सी चूत से मिल कर आया है, इसलिए और भी स्वादिष्ट हो गया .. पूरा पी जाना मेरी रांड!
अंजलि- पी लिया बे भोसड़ी के … चल अब आराम करने दे!

मैं- ठीक है.

फिर हम दोनों सो गए.

तो कैसी लगी पोर्न सिस्टर फक स्टोरी? ज़रूर बताना!

अगली कहानी भी तैयार है, जल्दी ही अपलोड करूँगा. तब तक के लिए नमस्ते.
बाय बाय
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