इंडियन देसी सिस्टर चुदाई कहानी मेरी चचेरे भाई के साथ चूत चुदाई की सच्ची घटना है. मैं बॉयफ्रेंड से बात करती पकड़ी गयी तो मेरे चचेरे भाई ने मेरी बात मेरे यार से करवाई लेकिन बदले में …
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दोस्तो, मेरा नाम गुल जहां है. मैं लखनऊ में रहती हूँ।
देखने में मैं कोई हीरोइन जैसी नहीं हूँ लेकिन एवरेज हूँ कि गाँड और छाती देखने के बाद किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।
मेरी फैमिली जॉइंट फैमिली है जिसमें काफी लोग रहते हैं।
मैं अपनी और अपने चचेरे भाई शाहरुख की कहानी बताने जा रही हूँ जो पूरी तरह सच्ची है।
हम दोनों की ऐसी कोई मंशा नहीं थी, फिर भी संजोग ऐसे बने कि हम दोनों खुल गए।
मैं अन्तर्वासना की कहानियां नियमित पढ़ती हूँ।
मैंने अन्तर्वासना पर काफी कहानियाँ पढ़ी हैं जिनमें भाई बहन को चोदता है।
भाई-बहन के बीच सेक्स होना सामाजिक नजर से पाप है।
पहले-पहल मुझे लगा था कि ये नहीं होता होगा- इसमें मुझे संदेह था।
लेकिन जब मेरा अपने चचेरे भाई के साथ सेक्स हुआ तब मुझे यकीन हो गया कि लंड-चूत के बीच कोई रिश्ता नहीं होता।
मैं अपने चचेरे भाई के लंड से चुद गई थी और अन्तर्वासना पर भाई-बहन की चुदाई की कहानियाँ पढ़कर मैंने भी सोचा कि क्यों न मैं भी आपके साथ मेरी ये सच्ची इंडियन देसी सिस्टर चुदाई कहानी शेयर करूँ।
ये मेरी पहली इंडियन देसी सिस्टर चुदाई कहानी है, इसलिए कोई गलती हो तो माफ कीजिएगा।
बात 2015 की है जब मैं पूरी तरह जवानी में कदम रख रही थी।
मेरा वजन काफी बढ़ा हुआ था और छाती काफी बड़ी थी 36″ की और मेरी गाँड करीब 40″ की थी।
मैंने नया-नया बॉयफ्रेंड बनाया था लेकिन बात करते वक्त मम्मी ने मोबाइल पकड़ लिया।
काफी मार पड़ी.
लेकिन मेरे अंकल के लड़के, जिसका नाम शाहरुख है, ने मुझे चुपके से कहा- मैं मोबाइल ला दूँगा; परेशान न हो।
उसने मोबाइल लाकर दिया और बात भी करवाता रहा।
एक दिन उसने मुझे एक मेमोरी कार्ड दी।
जब मैंने डाला तो देखा कि बहुत सारी ब्लू फिल्में थीं!
मैंने देखीं- मुझे बड़ा मजा आया।
मैं उससे रोज मँगवाने लगी और देखने लगी।
एक दिन छत पर लेटी हुई मैं फिल्म देख रही थी कि वो आकर मेरी चारपाई के पास बैठ गया और मेरी सलवार के अंदर हाथ डाल दिया।
उसके बाद उसने अंदर उँगली करनी शुरू कर दी।
मुझे भी काफी मजा आने लगा।
मैंने मजा लेना शुरू कर दिया, मेरी सिसकारियाँ निकलने लगीं।
मैंने उसका हाथ पकड़ लिया लेकिन मजा बहुत आया।
उसके बाद ये काम रोज का हो गया।
एक दिन मेरी शादी देखने के लिए मेरा फोटो मँगवाया गया तो पापा ने शाहरुख को भेजा- जाओ, फोटो निकलवा लाओ!
वो मुझे लेकर गया।
फोटो निकलवाने के बाद वो मुझे जंगल के रास्ते पर ले गया।
वहाँ जाकर उसने मुझे एक जगह लिटा दिया।
फिर उसने मुझे पूरी तरह नंगी किया और मेरी चुदाई शुरू कर दी।
उसका लंड मैंने पहली बार देखा था।
वो मुझे चोदे जा रहा था, मैं आह-आह कर रही थी।
मैं और तेज… और तेज चिल्ला रही थी।
इतना मजा मुझे कभी नहीं आया था।
वो मेरी पहली चुदाई थी!
मैंने पूछा- मजा आया?
भाई ने कहा- हाँ बहुत! तुम पूरी ताकत से कर रहे थे- पर मुझे खुल कर मजा लेना है! चुदाई करते हुए तुम मेरा लंड चूसो, बदन को काटो, ऐसा वाला… पूरा नंगा होकर बिस्तर पर लेट कर चोदना है! ऐसे थोड़ी-सी जगह में कुछ नहीं होता. काँटे भी लग रहे थे!
मैंने कहा- कोई जुगाड़ लगाइए न भाई- घर पर चुदाई का मजा लेते हैं!
वो बोला- क्या लगाऊँ यार… मम्मी-पापा हमेशा घर पर ही रहते हैं!
घर का कोई जुगाड़ बन ही नहीं पा रहा था तो हम दोनों का ऐसे ही रात में उँगली वाला खेल चलता रहा।
रोज शाम को लेटने के बहाने भाई मेरे को उँगली से चोदता रहा।
कभी वह्मेरी गाँड में उँगली डाल देता, कभी चार उँगलियाँ डाल के नीचे चोदता, कभी दूध दबा के मजा ले लेता।
कभी खड़े-खड़े ही मसल देता दूध को!
एक दिन मैंने भाई से कहा- आप लंड खोल लिया करो, मैं चूस लिया करूँगी, तुमको भी तो मजा आया करे!
भाई को बात जम गई, वो बोले- ठीक है!
एक दिन घर में मेहमान आए थे।
मैंने मम्मी से कहा- मुझे खाना नीचे लाने में दिक्कत हो रही है!
मम्मी ने कह दिया- भाई को बुला लो!
मैंने भैया को आवाज दी।
वो आए और चेन खोल दी।
मैंने जी भर के लंड को चूसा।
नीचे खाना देकर हम दोनों लॉबी में चले गए।
ब.च्चे भी आ गए।
ब.च्चों ने मेरा फोन ले लिया और लॉबी में ही गेम खेलने लगे।
मैं भाई को इशारे करने लगी.
वो मुस्कुरा रहा था।
उसने मुँह से काटने का इशारा किया तो मैंने लंड की तरफ इशारा कर दिया।
फिर उसने लंड काट-काट कर खाने का इशारा कर दिया।
अब मैं अपनी मैक्सी उठा कर अपनी चिकनी टाँगें दिखा कर सिड्यूस करने लगी।
मैंने मैक्सी की चेन भी थोड़ी खोल दी और अपना क्लीवेज दिखाने लगी।
फिर मैंने भाई को जल्दी से किचन में बुलाया और लेट गई।
मैंने अपनी निक्कर और चड्डी सरका कर लंड चूत में डलवा लिया और धीरे-धीरे धक्का लेने लगी।
हर धक्के पर मैं उह… उह… कर रही थी।
भाई बोले- कोई आएगा तो नहीं?
मैं बोली- अभी उनकी बात मत करो. लो दूध चूसो!
मैंने अपनी एक चूची निकाल कर उनके मुँह में दे दी।
भाई चूची और निप्पल काटते हुए मेरी चूत चोदने लगा।
अब मैं उसके होंठ चूसने लगी.
वो मेरे जिस्म को सहलाने लगा, मेरी चूचियाँ दबाने लगा।
मैं बैठ गई, उसको लिटा दिया और उसके लंड को पकड़ कर चूसने लगी।
उसके शरीर में सिहरन होने लगी।
मैं बहुत ज्यादा कामुक हो गई थी।
फिर मैं पुनः लेट गई और चुदने को तैयार हो गई.
मैंने पैर फैला दिए और उसको देखने लगी।
उसने अपना लंड मेरी चूत पर लगाया और जोर से घुसा दिया!
वो अब मुझे चोदने लगा।
मैं खुद गाँड को गोल-गोल घुमाती- कभी धक्के देती।
भाई का पूरा लंड बहन की चूत में अंदर जा रहा था।
मेरी चूत बार-बार पानी छोड़ रही थी।
उसका लौड़ा अंदर-बाहर हो रहा था।
मेरे होंठ सूख रहे थे।
वो जोर-जोर से धक्के दे रहा था- चूचियाँ मसल रहा था।
फिर कभी उल्टे होकर- धोड़ी बनकर- खड़े होकर… कभी वो नीचे- कभी मैं नीचे… ऐसा ही चलता रहा।
काफी देर तक चुदाई करने के बाद हम दोनों ही झड़ गए।
मुझे बड़ा मजा आया।
उसके बाद मेरी कभी चुदाई नहीं हो पाई।
फिर मेरी शादी हो गई।
उसके साथ जितना मजा आया, शादी के बाद मेरे शौहर से भी नहीं आया।
शादी के बाद उसने मुझे बात भी करनी बंद कर दी।
आज मैंने अपने दिल की बात आप लोगों से कह दी।
आप लोग बताइए मैं क्या करूँ?
मेरे पति दुबई में हैं और मैं फिर भाई का लंड लेना चाहती हूँ.
लेकिन वो बात नहीं कर रहा।
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