फ्री हॉट सेक्स स्टोरी में हमारे घर नए किरायेदार आये तो भाभी की जवानी देख मेरी नीयत बिगड़ गई. मैंने उनपर डोरे डालने शुरू कर दिए. वे भी जल्दी ही सेट हो गयी.
नमस्कार साथियो, ये सेक्स कहानी ठीक 6 महीने पहले की है, जब मैंने अपनी किरायेदार चांदनी भाभी को चोदने का सटीक तरीका खोज निकाला और मौका मिलते ही उनकी चुत पर चौका मार दिया.
दरअसल फ्री हॉट सेक्स स्टोरी उस वक्त की है जब चांदनी भाभी हमारे घर किराए पर रहने आई थीं.
उनके साथ भैया और उनकी 7 साल की बेटी अंशिका भी आए.
भाभी दिखने में बेहद खूबसूरत हैं.
उनका फिगर भले ही सुपर सेक्सी न हो लेकिन उनका छोटा कद और गठीला बदन कमाल का है.
मैं एक 7 इंच लंबा, 3.5 इंच मोटे लंड वाला मर्द हूँ तो खुद को कैसे रोक पाता?
बस भाभी की मादक जवानी देख कर मेरी नीयत डबडबा गई.
मैं हमेशा भाभी के साथ फ्लर्ट करने की कोशिश करता रहाता, उन्हें रिझाने की कोशिश करता.
वे मुझे देखकर हर बार मुस्कुरा भी देतीं, जिससे मेरा डर निकल गया.
फिर तो ऐसा हुआ कि मैंने एक बार उनके दूध देख कर उनसे कह दिया- भाभी, ताजा दूध पीने का जी कर रहा है.
उस पर उनका जबाव था कि शादी करवा लो, तो रोज ताजा दूध पीने को मिल जाया करेगा.
उन्होंने जब ऐसा कहा तो मैंने उनसे बिंदास कह दिया- शादी तो जब होगी, तब होगी. अभी तो आप मेरी बात को समझो न!
वे हंस दीं और बोलीं- मेरे दूध पर तो तेरे भैया का हक है!
मैंने आगे बढ़ कर उनके दूध सहला दिए और कह दिया कि एकाध बार मुझे भी हक जमा लेने दो न!
मेरे हाथ से अपने मम्मों को सहलवाने से भाभी एकदम से दूर हो गईं और बोलीं- ऐसे खुले में पियोगे क्या, बिल्कुल बेशर्म हो!
यह कह कर वे अपनी गांड मटकाती हुई कमरे में चली गईं.
मैंने उनके पीछे पीछे उनके कमरे में चला गया और उधर मैंने उनके दूध पकड़ कर मसल दिए.
वे आह आह करने लगीं.
उस दिन तो किसी वजह से ज्यादा कुछ नहीं हो सका.
पर उसके बाद मैं उनके कमरे में जाकर कई बार उनके बूब्स दबा देता या पप्पी ले लेता.
वे भी हल्के से स्माइल करके मुझे और आगे बढ़ने के लिए उकसा देतीं.
लेकिन कुछ न कुछ ऐसा हो जाता कि मैं भाभी के साथ आगे नहीं बढ़ पाता और वे मेरी बेबसी के मजे लेती हुई हंसने लगतीं.
एक बार भैया कुछ काम से बाहर गए थे.
यह बात भाभी ने मुझसे कह दी कि आज रात तेरे भैया किसी काम बाहर जा रहे हैं.
मैं समझ गया कि भाभी को मेरे लौड़े से चुदने का मन बन गया है.
मेरा खुद मूड बन गया था कि आज भाभी को नंगी करके चोदना ही है.
मैंने उसी वक्त कमरे में जाकर उन्हें दबोच लिया तो वे बोलीं- ऐसे में मजा नहीं आएगा यार … ऐसा करो कि आज रात को तुम मेरे पास सो जाना और तभी हम लोग मस्ती कर लेंगे!
मैंने कहा- इसके लिए आप एक काम करो कि मेरी मम्मी से कह दो कि रात को आपको अकेले सोने में डर लगता है तो मुझे आपके पास सोने के लिए भेज दो.
वे बोलीं- हां यह ठीक रहेगा.
इसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया.
कुछ देर बाद भाभी ने मेरी मम्मी के पास जाकर उनसे कहा कि मुझे उनके पास रात को रुकने भेज दें, क्योंकि गुड़िया छोटी है और उसको अकेले सोने में डर लगता है.
मम्मी ने हामी भर दी.
फिर जब रात को मैं भाभी के कमरे में सोने गया तो भाभी किचन में गईं और उधर से एक ग्लास दूध गर्म करके ले आईं.
मैंने दूध के गिलास में मुँह लगा कर एक सिप लिया तो मुझे पहले तो टेस्ट थोड़ा अजीब लगा, पर उसी वक्त भाभी अंगड़ाई लेती हुई मुझे रिझाने लगीं तो मैंने दूध के स्वाद को अनदेखा करके एक ही सांस में पूरा पी लिया.
मैं भाभी के साथ हंसी मजाक करने लगा.
उस वक्त उनकी बेटी गुड़िया उधर ही थी तो वह भी हम दोनों के साथ बातों में लग गई.
उसकी भोली बातों से भाभी और मैं मजा लेने लगे.
कुछ देर बाद भाभी ने गुड़िया को सोने के लिए कहा.
वह अपने बिस्तर पर लेट गई.
उसके सोते ही मैंने भाभी के बदन पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.
भाभी ने भी मेरा लंड पकड़ा और उसके साथ खेलने लगीं.
मैंने कहा- इसे मुँह में ले लो न!
वे बोलीं- हां क्यों नहीं … मुँह में तो जरूर लूँगी … तुम भी मेरी चूसोगे क्या?
मैंने कहा- हां झांटें साफ कर ली होंगी तो चूसने में ज्यादा मजा आएगा … वरना मैं खुद झांटों को साफ करके चूस लूँगा!
भाभी बोलीं- इतने दिन बाद तो आज तुमसे चुदवाने का मौका मिला है … मैंने तुम्हारे लिए अपनी चुत को एकदम चिकनी चमेली बनाया है!
मैंने कहा- वाह तब तो चुत चाटने में मजा आ जाएगा! चलो अब जल्दी से नंगी हो जाओ भाभी और चुत दिखाओ!
वे हंस कर बोलीं- अपना मूसल भी तो दिखाओ न!
मैंने अपने कपड़े उतार दिए और भाभी के सामने लौड़े को सहलाने लगा.
भाभी लंड देख कर बौरा गईं और बोलीं- हाय रे, इतना मोटा हथियार … मेरी तो फट ही न जाए!
मैंने कहा- जब गुड़िया को इसी छेद से निकाला था तब नहीं फटी थी क्या?
वे बोलीं- आजकल कहां चुत से बच्चा पैदा करवाया जाता है … डॉक्टर तो पेट चीर कर ऑपरेशन से बच्चा पैदा करवा देते हैं.
मैंने कहा- अरे वाह … इसका मतलब आपकी चुत तो अभी मस्त कसी हुई होगी!
वे बोलीं- पेल कर बताना कि तुम्हारे भैया ने कितनी ढीली की है और उसको कितना ढीला तुम करोगे!
हम दोनों इसी तरह की रसभरी बातें कर रहे थे और एक दूसरे के अंगों से खेल रहे थे.
कुछ ही देर बाद मैंने भाभी को पूरी नंगी कर दिया और उनकी चिकनी चुत देख कर पगला गया.
एकदम जामुनी रंग की फूली हुई चिकनी चुत देख कर मेरी लार टपकने लगी.
देखते ही देखते हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
भाभी अपनी चूत मेरे मुँह पर दबा-दबा कर सिसकारियां ले रही थीं‘आह्ह … आह्ह … और जोर से करो ना जानू … आज पी जाओ मुझे …!’
ऐसा कहती हुई भाभी अपनी गांड उठाती हुई मेरे मुँह में ही झड़ गईं और उनकी चुत से निकला सारा रस मैंने पी लिया.
अब भाभी मेरे लौड़े को बड़े स्वाद और अनुभव से चूस रही थीं.
मुझे उनकी चुसाई से जन्नत का सुख मिल रहा था.
कुछ देर बाद भाभी बोलीं- अब चोद दो यार … मुझसे रहा नहीं जाता.
मैंने कहा- कुतिया बना कर चोदूँगा!
वे हंस कर बोलीं- जैसे मर्जी वैसे पेल दो यार … बस मेरी आग बुझा दो!
मैंने उनको घोड़ी बनाया और उनकी चुत को अपनी उंगली से रसीली करने लगा.
फिर मैंने उन्हें घोड़ी बनाए हुए ही उनकी चूत में अपना लंड सैट किया और कमर पकड़ कर एक ही झटके में अन्दर पेल दिया.
लौड़े की लंबाई और मोटाई से भाभी की दर्द भरी आवाज निकलने को हुई, मैं पहले से ही तैयार था.
मैंने झट से उनके मुँह को अपने हाथ से बंद किया और दूसरे हाथ से उनके एक दूध के निप्पल को मींजने लगा.
कुछ देर में भाभी को दर्द से निजात मिल गई और वे अपनी गांड हिलाने लगीं.
मैंने मुँह से हाथ हटाया और लौड़े को पेलना चालू कर दिया.
अब तो भाभी मस्ती से अपनी गांड हिला-हिलाकर पूरा लंड अन्दर ले रही थीं और चुदने के मजे ले रही थीं.
उस रात भाभी ने कामवासना में डूबकर अनुभवी रंडी की तरह अपनी फुद्दी खूब रगड़वा कर चुदवाई.
पहला राउंड खत्म होने पर भाभी बहुत खुश थीं.
मैंने पूछा- इतनी खुश क्यों हो?
वे बोलीं- यार, तेरे भैया ज्यादातर बाहर रहते हैं … उन्हें मुझे चोदने का टाइम कम ही मिलता है. फिर उनका तुमसे छोटा भी है. वे जल्दी झड़ भी जाते हैं!
भाभी ने एक साथ मेरे लंड की इतनी तारीफ की तो मैंने कहा- तो चलो इसी खुशी में पार्टी हो जाए!
वे बोलीं- हां हो जाए.
मैंने कहा- मैं अभी आता हूँ.
वे बोलीं- इतनी रात को किधर जा रहे हो?
मैंने कहा- अभी साढ़े नौ ही तो बजे हैं भाभी दस बजे से पहले आ जाऊंगा!
मैंने कपड़े पहन कर बाजार चला गया और भाभी को पूरी तरह से मस्त करके चोदने के लिए और खुश करने के लिए मैं बाजार से सिगरेट और व्हिस्की ले आया.
वापस आया तो देखा कि भाभी ने हॉट ब्रा पैंटी पहनी हुई थी और वे पानी गिलास व नमकीन की प्लेट सजाए हुए मेरे आने का इंतजार कर रही थीं.
हम दोनों ने दारू पीना शुरू की और सिगरेट के मजे लेते हुए मोबाइल पर एक सनी लियोनी की ब्लू फिल्म देखनी शुरू कर दी.
कुछ ही देर में मस्ती चढ़नी शुरू हो गई. कमरे का माहौल एकदम रोमांटिक हो गया.
मैंने भाभी के होंठ चूमते हुए उनके उरोज पकड़े, एक-एक करके चूसने लगा.
वे प्यार से सिसक रही थीं और बोले जा रही थीं- आह अब देर क्यों कर रहे हो मेरे सनम … अब चोदो ना … जल्दी से चोद दो मुझे!
मैंने उनका पूरा स्वाद लेने का प्लान बनाया था.
मैंने शराब उनकी पूरी बॉडी पर उड़ेल दी और उनके बदन से चाट-चाट कर रसपान करने लगा.
धीरे-धीरे उनकी चूत के दाने को मुँह में लेकर चूसने लगा, जीभ पूरी चूत में घुसा दी.
फिर बेहतरीन रोमांस के साथ चुदाई का दूसरा राउंड शुरू हुआ.
आधा घंटा तक हचक कर चुदाई के बाद हम दोनों ने तीसरे राउंड की तैयारी शुरू कर दी.
दारू के दो दो पैग और सिगरेट के साथ हमारा खेल फिर से शुरू हो गया.
उस रात हम दोनों ने तीन बार जोरदार चोदम-पट्टी की और अलग-अलग आसनों में पूरी रात चुदाई का मजा लिया.
सुबह आठ बजे जब भाभी ने मुझे जगाया और बोलीं- तुम्हारी मम्मी पूछने आई थीं कि तुम किधर हो, क्या अभी तक उठे नहीं हो!
मैंने पूछा- फिर आपने क्या कह दिया?
वे हंस कर बोलीं- मैंने कह दिया कि भईया तो सुबह सुबह ही घूमने चले गए थे.
मैंने खुश होकर भाभी को अपनी बांहों में खींच लिया.
गुड़िया स्कूल चली गई थी तो मैंने भाभी को बाथरूम में ले जाकर नंगी किया और उन्हें चोदना चालू कर दिया.
भाभी भी मस्ती से मेरे लौड़े से चुत का भोसड़ा बनवाती रहीं.
फिर मैं अपने घर चला गया.
उस दिन से आज तक मैं रोजाना भाभी को किसी न किसी बहाने छूता रहता हूँ.
वे भी गर्म होकर मुझसे चुदवाने को बेताब रहती हैं.
अब तो जब भी मौका मिलता है, भाभी खुद मुझे अपने कमरे में बुला लेती हैं और चुदाई का नया राउंड शुरू हो जाता है.
फिर एक दिन ऐसा हुआ कि मैंने भाभी से कहा- किसी दूसरी चुत का जुगाड़ करो न भाभी … मुझे एक साथ दो चुत चोदने का मन कर रहा है!
पहले तो भाभी ने मना किया पर आखिर में वे मान गईं.
फिर भाभी ने अपने गांव से अपनी बहन की लड़की को बुलाया.
उसकी उम्र सिर्फ 21 साल की थी.
वह मुझसे एक साल छोटी जरूर थी लेकिन बहन की लौड़ी ने पहले से ही दो लंड चख रखे थे.
उसे पटाने में मुझे ज़रा भी मेहनत नहीं करनी पड़ी.
मैंने उससे बस दो-चार मीठी बातें की और वह एक दिन सुबह ग्यारह बजे ही मेरे लंड के नीचे लेट गई.
उस वक्त न तो भैया थे और न ही भाभी की बेटी थी.
भैया ऑफिस गए थे और गुड़िया स्कूल में थी.
भाभी की कोई चिंता मुझे थी ही नहीं और शायद वह नमकीन लौंडिया भी अपनी मौसी के साथ सेक्स का लेस्बियन खेल खेल चुकी थी … तो उसे भी अपनी मौसी की परवाह नहीं थी.
मैंने उसे नंगी करके पेलना चालू कर दिया. उस वक्त भाभी बाथरूम में नहा रही थीं. उन्होंने चुदाई की आवाजें सुनीं तो वे नंगी ही बाहर आ गईं और हंसने लगीं.
उस लड़की के साथ चुदाई का कुछ अलग ही मज़ा आ रहा था.
मैंने भाभी को भी पकड़ कर खींच लिया और उन्हें जोर जोर से किस करने लगा.
पहले तो वे मना करने लगीं, फिर खुद ही मेरा साथ देने लगीं.
हम तीनों ने मिल कर चुदाई का खूब मजा लिया.
यह मेरा पहला थ्रीसम सेक्स था.
मैंने अब तक थ्रीसम सेक्स के बारे में तो किस्से ही सुने थे, पर अनुभव उससे कहीं ज़्यादा कमाल का था.
भाभी की बहन की लड़की लंड चूसने में साली एकदम रंडी थी.
वह सनी लियोने से भी कई कदम आगे थी.
अब तो वह मेरे लौड़े से चुदवा कर और भी सेक्सी हो गई है.
कुछ दिन रुक कर वह वापस चली गई.
फिर वह अपनी मम्मी से अपनी मौसी के पास रह कर पढ़ने की बात कह कर यहीं रहने आ गई है.
यह उसकी मौसी और उसकी खुद की सोची समझी चाल थी.
जब वह आ गई तो उस दिन भैया और गुड़िया के जाते ही मैं उसे पेलने लगा.
पिछली बार जब मैं उसे पेल रहा था, उसकी अदाएं देखकर लग रहा था जैसे ये काली बिल्ली मुझे ही खा जाएगी.
इस बार मैंने उसके साथ पूरा वाइल्ड सेक्स किया.
मैंने इस बार उसकी चूत और गांड दोनों की रफ तरीके से चुदाई करके खुजली मिटा दी.
अब तो वह मुझे खुद ही कॉल करके कमरे में बुला लेती है और मैं भाभी के साथ-साथ उसे भी रोज चोदता रहता हूँ.
ऐसी और मज़ेदार कहानियां पढ़ने के लिए मुझे मेल करें और बताएं कि फ्री हॉट सेक्स स्टोरी कैसी लगी.
[email protected]