चाची चुदाई कहानी में मेरी जवान चाची हमारे घर रहने आई तो वे मेरे साथ ही सोती थी. वे ब्रा पेटीकोट में सोई पहली रात. उन्हें देख मुझे मुठ मारनी पड़ी. अगली रात क्या हुआ?
मेरा नाम ईशान है.
हम लोग लखनऊ में रहते हैं.
चाची चुदाई कहानी मेरी सगी चाची की है.
मेरी चाची का नाम पूनम है.
वे बिहार से आई हुई हैं.
चाची का 32-30-34 का फिगर एकदम मस्त है.
वे ऐसी लगती हैं मानो कोई पोर्नस्टार अपनी गांड मटका रही हो!
चाची यहां पर रहने अकेली ही आई हैं.
हम तीन लोग रहते हैं. मेरी मां, पापा और मैं.
हमारा यहां एक दो कमरे वाला फ्लैट है.
चाचा बाहर काम करते हैं.
तो जब चाची के आने का समाचार मिला तो मैं चाची को रेलवे स्टेशन से लेने गया था.
जब मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया.
वे लाल साड़ी में कमाल की रांड लग रही थीं.
चाची ने काफी गहरे गले वाला एकदम टाइट ब्लाउज़ पहना हुआ था.
उनकी चूचियां उनके ब्लाउज से बाहर आने के लिए बेताब दिख रही थीं.
रेलवे स्टेशन पर सारे मर्दों की वासना भरी नजरें उनकी फूली हुई चूचियों और ठुमकती हुई गांड पर ही टिकी थी.
मैं चाची को लेकर घर आ गया.
घर आने के बाद हमारी उनसे गाँव-घर की बातें होने लगी थीं.
रात को हम सबने खाना किया.
अब बारी थी सोने की.
हमारे पास दो ही कमरे थे तो मम्मी ने कहा- तुम और चाची एक साथ सो जाओ!
मुझे तो पता ही था कि ऐसा ही होगा.
फिर चाची और मैं बाहर वाले रूम में आ गए.
चाची बोलीं- ईशान, मुझे ना … पेटीकोट और ब्रा में सोने की आदत है. मैं अपनी साड़ी उतार दूँ क्या … तुम्हें कोई दिक्कत नहीं है ना?
यह सुनकर मैं तो अन्दर ही अन्दर बहुत खुश था.
मैंने बोला- ठीक है चाची, आपको जो अच्छा लगे!
चाची ने अपनी साड़ी और ब्लाउज़ उतार दिया.
उन्होंने गुलाबी रंग का पेटीकोट-ब्रा पहन रखा था.
चाची को ऐसे देख कर मैं तो पागल हो रहा था.
मेरा लंड एकदम टाइट हो गया.
मैंने कैसे वह रात गुज़ारी.
अगले दिन सुबह मैं उठते ही जिम चला गया.
जब मैं आया तो सीधा अपने रूम में जा गया.
मैंने देखा कि गेट आधा खुला है.
जब मैंने झांक कर देखा तो चाची ने सिर्फ एक तौलिया लपेट रखा था.
वे अभी नहाकर बाहर आई थीं.
चाची की तौलिया बदन से चिपकी हुई थी और वह भी भीग गई थी.
उनकी चूचियां साफ़-साफ़ दिखाई दे रही थी.
चाची की बड़ी-बड़ी रसभरी चूचियां देख कर मेरे लंड से रहा नहीं गया.
मैंने झट से अपना फोन निकाला और रिकॉर्डिंग चालू कर दी.
चाची की पेटीकोट पहनने से लेकर ब्रा पहनने तक की सारी वीडियो बना ली.
बाद में मैं कमरे में आ गया और बाथरूम में जाकर मुठ मारनी शुरू कर दी.
जब लौड़े ने उल्टी कर दी, तब जाकर चैन मिला.
शाम को हम तीन लोग … चाची, मैं और मम्मी बाज़ार गए.
उधर काफी देर तक घूमते रहे.
चाची मेरे साथ चिपक कर घूम रही थीं.
फिर हम तीन वापस आ गए.
रात को सोते समय चाची ने कल के जैसे अपनी साड़ी उतार दी और आज वे एक कदम और आगे बढ़ गईं.
उन्होंने अपनी ब्रा का हुक भी खोल दिया और ब्रा को एक तरफ हटा कर अपनी नंगी चूचियों को खुजलाती हुई मेरे साथ बातचीत करने लगीं.
चाची बात करती हुई मेरे नज़दीक आ रही थीं.
उन्होंने यकायक मेरी जाँघ पर अपना हाथ रख दिया और फेरने लगीं.
मेरे लौड़े में वैसे ही आग लगी हुई और उनके हाथ रखते ही लंड ने हाय तौबा मचानी शुरू कर दी.
चाची को भी शायद मेरे कड़क लौड़े का अहसास हो गया था.
रात बहुत हो चुकी थी.
मम्मी का रूम और मेरा कमरा आपस में लगा हुआ था.
तभी अचानक से मम्मी पापा वाले रूम में ऐसी आवाज़ आने लगी, जैसे वहां चुदाई चल रही हो.
मम्मी पापा की चुदाई की आवाजें मैंने कई मर्तबा सुनी थी और उनकी चुदाई भी देखी थी, वह सेक्स कहानी फिर कभी लिखूँगा.
उस दिन चूंकि चाची अपनी नंगी चूचियों से मेरी आंखों की मां चोद रही थीं और बाजू वाले कमरे में पिता जी मेरी मां चोद रहे थे.
चाची को आवाजें सुनाई देने लगी थीं.
तो चाची बोलीं- ईशान लगता है, आज भैया भाभी को चोद रहे हैं!
मैंने उनके मुँह से ‘चोद रहे हैं.’ सुना तो समझ गया कि चाची की चुत में चुनचुनी हो रही है.
मैं भी बिंदास बोला- तो इसमें क्या बड़ी बात है? ये तो रोज़ की ही बात है. आपको चाचा नहीं चोदते हैं क्या?
चाची यह सुनकर उदास हो गईं.
वे बोलीं- नहीं यार, तेरे चाचा के लौड़े में दम ही नहीं है. वे मेरी चुत में लंड घुसेड़ते ही एक दो मिनट में झड़ जाते हैं.
अब बातें खुल्लम खुल्ला होने लगी थीं.
तो मेरे लौड़े ने फिर से मुझे चेताया कि चाची को चोद दे.
मैंने चुदास भरी नजरों से चाची की चूचियों को देखा और बोला- अरे आप परेशान न हो चाची … आप कहें तो मैं आपको अभी चोदे देता हूँ … चोद दूँ क्या?
वे मेरी टांगों के जोड़ पर अपने हाथ को फेरती हुई बोलीं- हां बेटा, मेरी चूत की गर्मी को शांत कर दो! तेरे सामने मैं कबसे आधी नंगी पड़ी हूँ. कल भी तुझे मैंने अपने दूध चुत दिखाई थी लेकिन तूने सिर्फ मुठ मारी और मुझे प्यासा ही छोड़ दिया था.
उनका यह कहना था तो बस फिर क्या … मैं उन पर टूट पड़ा.
मैंने चाची के पेटीकोट का नाड़ा खींचा और उसको उतार दिया.
आधी लटकी ब्रा को भी उतार दिया.
जब उन्होंने मेरा लंड देखा तो वे लौड़े को सहलाती हुई बोलीं- वाह बेटा, तेरा लंड तो काफी लंबा और मोटा है!
मैंने चाची की चूत देखी तो वह भी एकदम गुलाबी थी.
ऐसे लग रही थी मानो चाचा ने चुत को ज्यादा चोदा ही नहीं हो!
मैंने उनके ऊपर आ कर कहा- चाची, लंड मुँह में ले लो!
पहले तो वे मना करने लगीं, फिर राज़ी हो गईं.
वे लौड़े चूसने में पुरानी पीएचडी लग रही थीं.
उन्होंने जिस तरह से मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर एकदम लॉलीपॉप की तरह चूसना आरंभ किया तो मैं समझ गया कि चाची पक्की छिनरो हैं.
वे मेरे टट्टों को तो किसी रंडी की तरह चाट रही थीं.
फिर मैंने 69 का पोज बनाया और चाची की चूत चाटने लगा.
वे ऐसे कराहने लगीं जैसे पहली बार किसी ने उनकी चूत चाटी हो.
उधर बाजू वाले कमरे में मम्मी-पापा की घमासान चुदाई चल रही थी और यहां हमारी संस्कारी रंडी चाची की मस्त वाली चुदाई चल रही थी.
जब मैं चाची के मम्मों को मसलने लगा तो वे पागलों की तरह आवाज निकालने लगीं.
फिर मैंने सीधे होकर चाची की चूत में अपने पैर का अँगूठा डाल दिया और दाने को मसलने लगा.
उन्होंने तड़फ कर कहा- आह बस कर मेरे लाल … अब अपनी चाची को चोद दे!
मैंने ओके कहा और पोजीशन बना कर उनकी चूत के करीब मुँह ले जाकर थूका और अपने लौड़े के टोपे से चूत पर थूक को रगड़ दिया.
वे गांड उठा कर लंड को अन्दर लेने की चेष्टा करने लगीं तो मैंने फक्क से पेल दिया.
वे आह आह करने लगीं … मगर मैं उनकी आह ऊंह को नजरअंदाज करते हुए लौड़े को अन्दर-बाहर करने लगा.
धीरे-धीरे करके मैंने पूरा लंड चुत में डाल दिया.
चाची ‘आआ … मर गई आह … उह … ओह … ओह …’ करने लगीं.
मैंने चाची की चुदाई करते हुए कहा- पूनम, आज तेरी चूत फाड़ दूँगा!
वे भी बोलीं- हां फाड़ दे लौड़े … आह मस्त चोद रहा है तू!
हम दोनों की इसी तरह से लगातार चुदाई चल रही थी.
कुछ देर बाद मैंने कहा- मेरी पुन्नो … मुझे अब तेरी गांड मारनी है!
पूनम चाची मना करने लगीं.
कुछ देर बाद जब मैंने चुत से लंड निकाल कर जिद की, तब वे जाकर मानीं.
अब मैंने चाची की गांड को तेल से चुपड़ा और गांड में लौड़े को ठेल दिया.
वे दर्द से चिल्ला रही थीं- ऊ मां मर गई … छोड़ दो बेटा … मेरी गांड फट गई आज मार ही डालेगा क्या? साले मैं तेरी चाची हूँ बहन के लौड़े आह!
मैं बिना कुछ सुने लगातार अपनी पूनम रंडी को चोद रहा था.
फिर मैंने कहा- मेरा माल आने वाला है … रस पिएगी!
वे बोलीं- ईशान मेरी चूचियों पर माल गिरा दो!
मैंने चाची की चूचियों पर माल गिरा दिया.
अब हम दोनों थक कर लेट गए.
लेकिन मम्मी-पापा वाले रूम में अभी भी चुदाई चल रही थी.
वहां से मम्मी की आवाज आ रही थी- आह … आह … उह … ओह … माई गॉड आई मर गई रे … आराम से करो ना … मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ?
पूनम चाची ने कहा- बेटा ईशान, तेरे पापा तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं … वे तो लगातार भाभी को चोदे जा रहे हैं!
मैंने कहा- हां, पापा बहुत मेहनती हैं.
चाची बोलीं- क्या उन्हें पता नहीं है कि बगल वाले कमरे में हम दोनों भी हैं!
मैंने कहा- ये कोई नई बात नहीं है. दोनों रोज़ अपने रूम में चुदाई करते हैं.
चाची बोलीं- तो तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होती?
मैंने बोला- मैंने आपको बताया नहीं था कि मुझे तो मम्मी पापा की चुदाई की आवाजें सुनने में खूब मज़ा आता है. मैं तो छुप कर देखता भी रहता हूँ! मम्मी मस्त टांगें उठा उठा कर चुदवाती हैं!
चाची हंस कर बोलीं- तुम तो साले एक नंबर के मादरचोद हो!
वे मेरे लौड़े को सहला भी रही थीं तो मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था.
मैंने कहा- पूनम रंडी, चलो अबकी बार घोड़ी बन जाओ, फिर से चुदाई करते हैं!
वे घोड़ी बन गईं.
मैंने लंड पर थूका और पूनम रंडी की चुदाई चालू कर दी.
चाची ‘आह … उह … ओह … ओह … माई मर गई!’ कहती हुई धीमी आवाज में कराहने लगीं.
मैंने धक्का पेल चुदाई चालू कर दी.
कभी गांड में लंड पेल देता तो कभी चूत.
चाची की चुदाई करते-करते मैं कभी उनके बूब्स दबाने लगता तो कभी उनका मुँह अपनी तरफ करके चूमने लगता.
बाद में मैं उन्हें चित लिटा कर उनके बूब्स की चुदाई करने लगा.
फिर पूनम चाची को अपने लौड़े के ऊपर चढ़वा कर उनकी चुदाई चालू कर दी.
उधर मम्मी-पापा वाले रूम में भी लगातार आवाज़ आ रही थी.
पूरे फ्लैट में चुदाई की ही आवाज़ आ रही थी.
पूनम चाची बोलीं- मेरे ईशाना बेटा मुझे पेशाब आ रही है!
मैं रुक गया.
जब चाची पेशाब करने चली गईं, तो मुझसे रहा न गया और मैं भी उठ कर बाहर आ गया.
मैंने मम्मी वाले रूम की खिड़की से झांक कर देखा तो मम्मी कुतिया बनी हुई चुदाई करवा रही थीं.
तभी मेरी रंडी पूनम आ गईं.
वे बोलीं- चलो न ईशाना, हम भी अपने रूम में चल कर चुदाई फिर से चालू करते हैं!
फिर हम दोनों अपने रूम में आ गए.
चाची ने मेरा लंड मुँह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया.
जल्दी ही लंड टाइट हो गया.
हम दोनों ने फिर से चुदाई चालू कर दी.
इस बार मैं जोर-जोर से चुदाई करने लगा.
चुदाई के बीच में ही मैं चाची की गांड में थप्पड़ भी मारता जा रहा था.
इतनी देर में चाची कई बार झड़ गईं.
मैंने भी तेज़ी से चुदाई चालू कर दी.
चाची भी तेज़ तेज़ आवाज़ निकालने लगीं.
मैं भी झड़ने ही वाला था.
इस बार मैंने अपना माल चाची की गुलाबी चूत में डाल दिया और उनके ऊपर लेट गया.
बाद में जब मैंने बाहर देखा तो पाया कि मम्मी सिर्फ चड्डी और ब्रा में खड़ी थीं और हम दोनों को ही देख रही थीं.
उसके बाद क्या हुआ, वह सेक्स कहानी अगले भाग में बताऊंगा.
तब तक अपने लंड से चुत चुदाई का मज़ा लीजिए और मुझे कमेंट्स करके बताएं कि आपको चाची चुदाई कहानी में कितना मजा आया.
धन्यवाद.
आपका ईशान
[email protected]