आंटी Xxx कहानी में मेरे घर के सामने टीचर आंटी रहती हैं. मैं उनसे पढ़ाई के बहाने मिलने जाता हूँ क्योंकि वे बहुत सेक्सी माल हैं. एक दिन मैंने जानबूझकर उनको अपना लंड दिखाया.
मेरा नाम शिवम् है. मैं सूरत में रहता हूँ. मैं 20 साल का हूँ.
यह मेरी पहली आंटी Xxx कहानी है.
हमारे घर के सामने जो आंटी रहती हैं, वे टीचर हैं.
उनके पति का टूर का बिज़नेस है तो वह हमेशा बाहर रहते हैं.
आंटी का नाम रेशमा है और वे 40 साल की हैं.
उनका कोई बच्चा नहीं है. उनका फिगर 34-32-36 का है.
वे मुझे बहुत सेक्सी माल लगती थीं तो मैं उन्हें ताड़ता रहता था.
मैं उन्हें देख कर यह बात जान चुका था कि वे घर पर कभी ब्रा नहीं पहनती थीं क्योंकि उनके दोनों निप्पल्स कपड़ों के ऊपर से साफ अकड़े हुए दिखते रहते थे.
मुझे वे बहुत कामुक औरत लगती थीं तो मैं उन्हें पटाने के चक्कर में उनसे बात करने की कोशिश करता रहता था.
वे भी मस्त स्वभाव की हैं तो हमेशा मुझसे मज़ाक करती रहती हैं.
आंटी से बात करने का मैंने एक जरिया यह खोजा था कि मैं उनसे पढ़ाई को लेकर चर्चा करता था और वे चूंकि एक टीचर हैं तो मुझे मेरे सवालों का जबाव दे देती थीं.
एक दिन जब रेशमा आंटी अपने कपड़े सुखाने अपनी छत पर गईं.
तो उसी वक्त मैंने सोच लिया था कि आज इन्हें अपना सामान दिखा देता हूँ, हो सकता है आंटी की भूखी चुत को जवान लंड पसंद आ जाए और मेरा काम बन जाए.
मेरे कमरे की खिड़की कुछ इस तरह से खुलती है कि आंटी को छत से मेरी खिड़की के अन्दर का नजारा उस वक्त साफ दिख जाता है, जब कमरे में उजाला हो.
उस वक्त दिन था तो उजाला भरपूर था.
मैं अपने कमरे की खिड़की खोलकर लंड हिलाने लगा और उनको चुपके से ऐसे देखता रहा मानो मुझे पता ही न हो कि आंटी छत पर हैं.
जब उनकी नज़र मुझ पर पड़ी तो वे भी मुझे देखने लगीं.
जैसे ही मैंने उनको देखा, वे मेरी ओर देख कर स्माइल करने लगीं और थोड़ी देर बाद चली गईं.
मैं उस वक्त अपने मोटे लंड को हाथ में लिए हुए था और मुठ मार रहा था.
उनकी स्माइल देख कर मैंने मन में सोचा कि आंटी ने मेरा लंड देख कर स्माइल की है तो मामला फिट नजर आ रहा है.
वैसे भी मुझे आंटी हंसी तो फँसी वाला फार्मूला फिट होता दिखाई दे रहा था.
बस फिर क्या था दोस्तो, मैं और ज्यादा गर्म हो गया और झड़े हुए लौड़े को फिर से सहलाने लगा.
दो दिन बाद मैं उनके घर गया.
उस वक्त वे अपने घर में हमेशा की तरह अकेली थीं.
वे टीचर हैं तो मैंने उसी से संबंधित काम मन में सोच रखा था.
मैं अपनी पढ़ाई के कुछ डाउट सॉल्व करवाने गया.
तब मैंने टी-शर्ट और लोअर पहना था और अंडरवियर नहीं पहना था.
आंटी ने मुझे बिठाया और पूछा तो मैंने उन्हें बताया- कुछ डाउट क्लियर करवाने थे आंटी.
वे मुस्कुरा दीं और मेरी बुक लेकर देखने लगीं.
जब वे मुझे समझा रही थीं, तब मेरी नजरें उनके मम्मों पर ही टिकी हुई थीं और उनके निप्पलों को देखकर मेरा लंड कड़ा होने लगा था.
फिर मैंने उनके सामने लंड खुजाया तो वे भी मेरे लंड का उभार देखने लगीं.
मैं उन्हें देख कर बेशर्मी से लौड़े को सहलाने लगा.
आंटी ने पूछा- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आंटी, वह क्या है कि मेरे सैक्स के ऊपर बहुत बाल हैं तो मुझे खुजली हो रही है!
आंटी समझ गईं कि मैं क्या कहना चाहता हूँ.
तब भी उन्होंने बन कर पूछा कि सेक्स के ऊपर बाल … इसका क्या मतलब हुआ?
मैंने अपने लंड को पकड़ कर उन्हें दिखाते हुए कहा- अरे सेक्स मतलब … इधर बाल हैं न!
तब आंटी ने कहा- दिखाओ मुझे … जरा मैं भी तो देखूँ कि तुम्हारी समस्या क्या है!
मैंने कहा- आंटी, मुझे शर्म आ रही है.
तब आंटी ने कहा- उस दिन तो बड़ा लंड हिला रहे थे, तब शर्म नहीं आई?
आंटी के मुँह से लंड सुनकर मैं समझ गया आंटी चूत दे देंगी.
मैंने लोअर उतार दिया.
मेरा खड़ा लंड देख आंटी चौंक गईं और बोलीं- इतना बड़ा … तुम्हारे अंकल का तो 4 इंच है!
मैं मस्त हो गया और बोला- हां आंटी मेरे पास इसे लंबा होने से रोकने का कोई ऑप्शन ही नहीं था. यह अपने आप इतना बड़ा हो गया है!
आंटी बोलीं- अरे तो इसे रोकना क्यों है … बड़ा होना तो अच्छी बात है न … चलो मैं समझाती हूँ.
फिर आंटी मेरे लंड को पकड़ कर मुझे बाथरूम में ले गईं और बोलीं- पहले मैं तुम्हारे लंड के बाल काटूँगी.
मैंने कहा- आंटी मुझे शर्म आ रही है.
वे बोलीं- कैसी शर्म आ रही है?
मैं बोला- मैं नंगा हूँ और आप मेरे लंड को पकड़ कर साफ करने की कह रही हैं.
वे हंस दीं और बोलीं- अच्छा तो तू चाहता है कि मैं भी नंगी हो जाऊं!
मैं चुप रहा.
आंटी समझ रही थीं तो मैं क्यों कुछ कहता!
बस फिर वे मेरे सामने नंगी हो गईं.
मैंने भी अपनी टी-शर्ट उतार दी.
आंटी मेरे सामने एक स्टूल पर बैठ गईं और मैं खड़ा होकर उनके मुँह के सामने अपने लंड को लहराता रहा.
वे मेरे लौड़े को पानी से गीला करके उस पर साबुन लगा कर मेरे लंड के बाल पकड़ पकड़ कर रेजर से साफ करने लगीं.
जब लंड झाँट रहित हो गया तो उसे अच्छे से धोकर आंटी ने मेरे लंड के सुपारे को जीभ से टच किया.
मैं सिहर गया और आंटी के सर के बाल पकड़ कर उन्हें इशारा करने लगा.
आंटी ने मेरा पूरा लंड मुँह में भर लिया और वे उसे गले के अंतिम छोर तक लेने लगीं.
ये मेरा पहली बार था.
मैं ‘आ आ’ करने लगा और तभी मेरा माल निकल गया.
आंटी ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा पूरा माल मुँह में ही ले लिया और मुझे दिखाती हुई पी गईं.
मैं उन्हें वासना से देखने लगा.
वे वापस मेरे लौड़े को चूसने लगीं और जल्द ही मेरे जवान लंड को कड़क कर दिया.
फिर आंटी खड़ी हुईं और उन्होंने मुझे घुटने के बल बैठाकर अपनी चूत को मेरे मुँह के पास ले आईं.
वे चुत चाटने को बोलने लगीं.
मैंने पॉर्न वीडियोज़ में देखा था तो मैं आंटी की चूत में चाटने लगा और उसमें दो उंगलियां घुसेड़ने लगा, चुत का दाना मसलने लगा.
आंटी ‘आ आह’ करती रहीं और मेरा सिर अपनी चूत में दबाने लगीं.
कुछ मिनट चाटने के बाद आंटी ने पानी छोड़ दिया.
मैं भी सब पानी पी गया.
मेरा लंड एकदम कड़ा हो गया था तो मैंने कहा- अब इसका इलाज करो.
तब आंटी कमरे में आने को बोलीं और मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे लंड पर बैठने लगीं.
वे अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत में सैट करने लगीं और मैं उनके दूध पकड़ कर मसलने लगा.
जल्दी ही लंड चुत में चला गया और आंटी गांड उछालती हुई चुत चुदवाने लगीं.
पूरे कमरे में आंटी की मादक आवाज़ें गूँज रही थीं.
फिर मैंने आंटी को डॉगी स्टाइल में चोदा और आंटी की चूत में ही माल निकाल दिया.
उसके बाद हम दोनों ने साथ में शॉवर लिया और नंगे ही बाहर आ गए.
आंटी मेरे साथ चुदवा कर बेहद खुश थीं.
मैं उन्हें देखने लगा तो वे बोलीं चाय पियोगे या कॉफी?
मैं बोला- जो आप पसंद करो!
आंटी कॉफी की कह कर नंगी ही कॉफ़ी बनाने चली गईं.
फिर कॉफ़ी पीकर मैंने कपड़े पहने और अपने घर आ गया.
फिर नेक्स्ट डे मैं बाहर जा रहा था, तभी आंटी अपने स्कूल जा रही थीं.
उन्होंने मुझे देखकर स्माइल की.
आज आंटी के चेहरे पर कुछ अलग ही खुशी थी.
फिर शाम को जब मैं फ्री था, तब मैं आंटी के घर गया.
आंटी ने पिंक टी-शर्ट और लेगिंग्स पहनी थी.
दरवाजा बंद करके उन्होंने मुझे चूमना शुरू कर दिया.
आंटी ने मुझे सोफे पर धक्का देकर मेरे ऊपर आकर चूमने लगीं.
दस मिनट चूमने के बाद मैंने आंटी की टी-शर्ट उतार दी और उनके बूब्स चूसने लगा और काटने लगा.
आंटी आह आह करने लगीं.
मैं आंटी के बूब्स चूसता गया और एक हाथ उनकी लेगिंग्स के अन्दर पैंटी के ऊपर से ही चूत पर घुमाने लगा.
थोड़ी देर में आंटी की पैंटी गीली हो गई.
मैंने उनकी लेगिंग्स और पैंटी एक साथ खींचकर निकाल दी और चूत चाटने लगा.
आंटी आह आह करने लगीं.
मैं उंगलियां उनकी चूत में घुसाने लगा.
आंटी ने कहा कि मुझको भी लंड चूसना है!
हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए.
थोड़ी देर में आंटी की चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैं एक उंगली आंटी की गांड में घुसाने लगा.
तब आंटी ने कहा- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आंटी, मैं आज आपकी गांड मारूंगा!
आंटी ने कहा- नहीं, मैंने कभी गांड में नहीं लिया, मुझे बहुत दर्द होगा!
मैंने कहा- नहीं होगा, मैं तेल लगा कर चोदूंगा.
वे बोलीं- दर्द हुआ तो नहीं करना … प्लीज.
फिर मैंने ओके कहा और आंटी को डॉगी बनाकर चूत चोदने लगा.
आंटी आह आह की आवाजें निकाल रही थीं.
मुझे भी घोड़ी बना कर चुदाई करने में अपने लंड में थोड़ा दर्द हो रहा था, तो मेरे मुँह से भी आह निकलने लगी.
थोड़ी देर में मेरा निकलने वाला था, तब मैंने आंटी की पोजीशन चेंज करने को कहा.
फिर आंटी को लिटाकर कमर के नीचे तकिया रखकर चूत में लंड सैट कर धक्का लगाने लगा और साथ में किस भी करने लगा.
थोड़ी देर में आंटी और मैं एक साथ झड़ गए.
जब मैंने लंड निकाला, तब मेरा और आंटी का माल निकल रहा था.
आंटी ने चूत से माल हाथ में लेकर चाटने लगीं और हमने किस किया.
मुझे दोनों के माल का स्वाद आ रहा था.
थोड़ी देर में मेरा लंड फिर कड़ा हो गया.
तब मैं आंटी के कमरे से जैतून तेल की बोतल लेकर आया.
आंटी समझ गईं और ना ना करने लगीं, लेकिन मैंने आंटी की एक नहीं सुनी और तेल थोड़ा अपने लंड पर और थोड़ा आंटी की गांड में लगाया.
मैंने आंटी को कहा कि मैं आराम से चोदूंगा मुझे भी आपकी वर्जिन गांड की परवाह है.
फिर मैंने आंटी की गांड में तेल लगा कर पहले उंगली अन्दर-बाहर की.
आंटी आह आह करने लगीं.
फिर मैंने लंड गांड में सैट कर एक जोर का झटका मारा.
आधा लंड उनकी गांड में था.
आंटी जोर से चीखीं.
मैंने हाथ आंटी के मुँह पर लगा दिया, जिससे आवाज बाहर न जाए.
मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा, फिर धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा.
कुछ पल बाद मैंने एक और जोर का झटका मारा तो मेरा पूरा लंड अन्दर चला गया.
आंटी दर्द से रोने लगीं थीं.
मैं उन्हें चोदने लगा.
कुछ देर बाद आंटी को भी गांड मराने में मजा आने लगा और वे जोर जोर से चोदने को बोलने लगी थीं.
मैं उनकी चुत को मसलने लगा तो वे और ज्यादा मस्त हो गईं.
आंटी उस समय एक बार झड़ गईं थीं, तो उनकी चुत रस से भरी थी.
कुछ देर बाद आंटी बोलीं- मैं दूसरी बार झड़ने वाली हूँ.
उसी वक्त मैंने भी अपना माल आंटी की गांड में निकाल दिया और उनके ऊपर ही सो गया.
लगभग एक घंटे बाद जब आंटी हिलीं, तब मैं भी जागा.
आंटी मुझे प्यार से देख रही थीं.
मैं उनके गाल पर किस करने लगा.
अब मैंने लंड उनकी गांड से निकाल कर साफ किया और कपड़े पहनने लगा.
Xxx आंटी मेरी चुदाई से बहुत खुश थीं.
मैं उनके बूब्स दबाकर ‘बाय आंटी’ बोलकर घर आ गया.
उसके बाद मैंने आंटी को उनके घर में कई जगह चोदा.
आज भी मैं आंटी को चोदता हूं.
अब आंटी की चूत और गांड ढीली हो गई हैं.
आपको मेरी आंटी Xxx कहानी कैसी लगी?
मुझे मेल करके जरूर बताना दोस्तो.
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, कोई गलती हो तो माफ करना.
तो मिलते हैं अगली कहानी पर.
बाय दोस्तो.
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