वाइफ पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी में एक बार मैं, मेरी बीवी और छोटी बहन ट्रेन से जा रहे थे. मैंने उन दोनों की बातें सुनी. वे चुदाई की बातें कर रही थी. मेरी बहन 5 लंड ले चुकी थी.
दोस्तो, ये सच्ची घटना ठीक एक साल पुरानी है.
उस वक्त हम लोग मध्यप्रदेश से बिहार जा रहे थे क्योंकि उधर मेरे चाचा के लड़के की शादी थी.
मैं, मेरी बीवी और मेरी छोटी बहन तीनों साथ थे.
मेरी बहन बीएससी फाइनल ईयर में थी और पढ़ाई की वजह से हमारे साथ ही रहती है.
हम तीनों एमपी में ही साथ रहते थे.
वाइफ पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी तब की है जब मेरी शादी को उस वक्त डेढ़ साल ही हुआ था.
हमारी ट्रेन शाम 7 बजे की थी.
घर से जल्दी निकल कर हम लोग 6 बजे ही स्टेशन पहुंचने के लिए रेडी हो गए थे.
उन दोनों के सामने आते ही मेरी नजरें भौचक्की रह गईं.
मेरी बीवी और बहन के पहनावे को देख कर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया.
मेरी बीवी ने बिना आस्तीन वाला गहरे गले वाला ब्लाउज पहना था, जो पीछे सिर्फ एक पतले धागे से बंधा था.
आगे से उसके भारी-भारी बूब्स लगभग पूरी तरह बाहर झांक रहे थे, पीछे से उसकी पूरी नंगी पीठ दिख रही थी.
उसने ब्लैक कलर की नेट वाली साड़ी पहनी थी, जिससे पूरा बदन आर-पार दिख रहा था.
साड़ी उसने नाभि से भी नीचे बांधी थी, जिससे उसकी चिकनी कमर और गहरी नाभि साफ-साफ नजर आ रही थी.
नेट की साड़ी होने की वजह से उसने न ब्रा पहनी थी, न पैंटी.
साली एकदम सेक्सी रंडी लग रही थी.
मैंने सोचा कि चलो ठीक है, कौन सा कोई इसे पकड़ कर चोदने लगेगा.
मेरी बहन भी भाभी से कम नहीं थी.
उसने सफेद कलर की क्रॉप टॉप पहनी थी जो इतनी छोटी थी कि पेट के ऊपर बंधी हुई थी.
उसने भी अपने टॉप के ऊपर के दो बटन खोल रखे थे, जिससे उसकी गहरी क्लीवेज और बूब्स का उभार साफ दिख रहा था.
नीचे टाइट छोटी जींस की निक्कर पहनी थी, जिससे उसके गोरे-गोरे लंबे पैर पूरी तरह नंगे थे.
वह भी ब्रा-पैंटी कुछ नहीं पहनी थी … क्योंकि मर्दों को लड़कियों के कपड़ों से ही साफ समझ में आ जाता है कि इसने नीचे कुछ पहना भी है अथवा नहीं!
मेरी बहन अपनी भाभी से भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.
उसकी मटकती गांड देखकर मेरा लंड पत्थर जैसा हो गया.
मैं मन ही मन बहुत खुश था कि आज पता चल जाएगा कि किसको लोग ज्यादा वासना से देखते हैं.
यदि लोगों की नजरें मेरी बहन की जवानी पर गई तो मैं समझ जाऊंगा कि मेरी छोटी बहन कितनी बड़ी चुदक्कड़ रंडी है.
हम तीनों स्टेशन आ गए और वेटिंग रूम में बैठकर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे.
तभी मेरी बहन ने मुस्कुराते हुए भाभी से फुसफुसा कर कहा- भाभी … आज तो तुम बिल्कुल रंडी लग रही हो. लगता है ट्रेन में सारे मर्द तुम्हें पकड़ कर चोद डालेंगे!
यह कहते हुए उसने अपनी भाभी के बूब्स पर जोर से चुटकी काट दी.
भाभी के मुँह से निकला- आआह्ह्ह … साली … तंग मत कर न!
वह हंस दी.
फिर उसकी भाभी ने हंसते हुए जवाब दिया- तू भी कम रंडी नहीं लग रही साली … आधे कपड़े पहन कर घूम रही है कुतिया … जरा बता तो कि अब तक कितनों से चुदवा चुकी है?
मेरी बहन ने बेशर्मी से हंसकर कहा- ज्यादा नहीं … सिर्फ पाँच मर्दों से. ज्यादातर चोदने वालों में एक अंकल और एक कॉलेज का लड़का है … उन दोनों ने मुझे बहुत बार चोदा है. अब तो उनसे चुद चुद कर मैं बोर हो गई हूँ … आज ट्रेन में कोई नया लंड मिल जाए तो मजा आ जाए!
ये सुनकर भाभी ने उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया.
बहन चिल्लाई- औऊच्ह्ह … क्या कर रही हो यार!
मैं चुपचाप सब सुन रहा था.
मेरी बहन की सच्चाई सामने आ गई थी.
मैंने मन ही मन सोचा- साली रंडी … आज ट्रेन में तेरी चूत और गांड दोनों को मैं अपने 7 इंच वाले मोटे लंड से फाड़ दूँगा!
मुझे जो हमेशा से चाहिए था, वह आज मिलने वाला था.
फिर कुछ देर बाद ट्रेन आ गई.
हम लोग ट्रेन में अपनी अपनी सीटों पर जाकर बैठ गए.
थोड़ी देर बाद एक काले रंग का हट्टा-कट्टा आदमी आया और मेरे सामने वाली सीट पर बैठ गया.
उस वक्त पता नहीं क्या कारण था कि हमारी बोगी में सिर्फ हम चार ही लोग थे.
मेरी बीवी उसी आदमी के ठीक सामने बैठी थी, मैं और मेरी बहन एक ही सीट पर.
वह आदमी पजामा पहने हुआ था, जिसमें से उसका मोटा-लंबा लंड साफ उभरा हुआ दिख रहा था.
मेरी बीवी और बहन की नजर उस पर पड़ी तो वे दोनों मुस्कुराने लगीं.
मुझे तुरंत समझ आ गया कि आज ये दोनों इसी सांड जैसे आदमी से चुदेंगी!
वह आदमी भी दोनों को घूर-घूरकर देख रहा था.
मेरी बीवी तो जानबूझ कर पल्लू सरका-सरका कर अपने भारी भरकम मम्मे दिखा रही थी.
बहन ने भी अपना तीसरा बटन भी खोल दिया.
मैं मन ही मन बोला- चुदने का मन है तो चुद जा साली रांड … पर मुझे भी तो तेरी सवारी का मौका मिलना चाहिए!
कुछ पल बाद ट्रेन चल पड़ी.
कोई और नहीं चढ़ा.
बोगी पूरी खाली … सिर्फ हम चार लोग.
अब वह आदमी थोड़ा सरक कर मेरी बीवी के बिल्कुल पास बैठ गया और जब हम में से किसी ने उससे कुछ नहीं कहा तो वह मेरी बीवी के दूध देखने लगा.
मेरी बीवी ने उसे दूध देखते हुए देखा तो मुस्कुरा दी.
उसी के साथ मेरी बीवी ने अपनी छाती अश्लीलता से हिला कर उसे उत्तेजित कर दिया.
वह खुद को रोक ही न सका और उसका एक हाथ सीधा मेरी बीवी के बूब्स पर घूमने लगा.
मेरी बीवी उसके हाथ की हरकतों से आह आह करने लगी.
मैंने सोचा- चलो, चुदने दो साली को!
मैं उठकर खिड़की वाली सीट पर जाकर लेट गया और मैंने अपना मुँह उनकी तरफ कर लिया.
मैं सोने का नाटक करने लगा.
दस मिनट बाद दोनों ने मेरी तरफ देखा.
मेरी बीवी मेरी बहन से फुसफुसा कर बोली- पहले मैं चुदवा लेती हूँ … फिर तू इसके नीचे लेट जाना. अभी तो पूरी रात बाकी है.
मेरी बहन बोली- ओके भाभी!
‘अगर भैया जाग गए तो तू उनसे चुदवा लेना. मैंने देखा था वेटिंग रूम में तुझे घूर-घूरकर वे अपना लंड मसल रहे थे. वैसे भी तेरा भाई का लंड बहुत बड़ा है… तुझे खूब मजा देगा!’
बहन हंसकर बोली- तू क्यों दूसरे से चुदवा रही है?
‘मैं तो रोज ही अपने पति से ही चुदवाती हूँ … आज किसी और से मजा ले लूँ!’
फिर बहन भी भाभी की तरफ मुँह करके लेट गई.
बीवी उठकर उस आदमी की बगल में जा बैठी.
दस मिनट बाद मैंने आंखें खोलीं… और जो देखा, मेरा लंड फट पड़ा.
मेरी बीवी पूरी नंगी होकर उस काले आदमी का मोटा-काला लंड मुँह में लेकर चूस रही थी.
मेरी बहन जींस में उंगली डाले हुए थी, टी-शर्ट के सारे बटन खोलकर लेटी थी.
उसके गोरे बूब्स और गुलाबी निप्पल पूरी तरह बाहर थे.
मैं अभी भी सोने का नाटक कर रहा था, पर अन्दर से कामुकता चरम पर थी.
अचानक मैं उठ बैठा.
वे तीनों डर गए.
बीवी अभी भी उस काले सांड का लंड चूस रही थी.
तभी मेरी बहन फट से उठ कर मेरे पास आकर बैठ गई.
उसका बदन पसीने से तरबतर था. पसीने की बूंदें उसके होंठों से टपककर गहरी नाभि में गिर रही थीं.
उसे अधनंगी देखते ही मेरा 7 इंच का लंड टावर की तरह खड़ा हो गया.
बहन ने मेरी तरफ देखकर शरारती मुस्कान दी और बोली- अरे बहनचोद भैया … मेरे दूध क्या देख रहा हैं? अपनी बीवी को देखिए न, वह रंडी कितना बड़ा लंड पूरा मुँह में ले रही है!
मैं अपनी बहन के दूध मसलते हुए बोला- चुदने दे साली को!
यह सुनकर मेरी बहन फिर से हंसकर बोली- पागल हो गए हो क्या भाई? अपनी बहन के दूध दबा रहे हो … चलो, आज आपसे भी रंडी बनकर चुदवा लेती हूँ … वैसे भी अब मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा है.
मैंने उसे घूरा, तो वह अंगड़ाई लेने लगी.
मैं अपनी रंडी बहन को झट से अपनी बांहों में खींच लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उससे चिपक गया.
‘चल साली रंडी … दूसरे लड़कों से चुदवाती फिरती है … आज अपने भाई से चुद ले!’
वह भी मेरे साथ चिपक गई और मुझे चूमती हुई बोली- हां, भाभी कह रही थी कि आपका लंड उन्हें बहुत देर तक चोदता है. तभी से मुझे आपके लौड़े से चुदवाने का मन कर रहा था.
मैंने कहा- लेकिन मेरी बीवी तो दूसरे मर्द के लौड़े से चुद रही है!
वह हंस कर बोली- हां भैया, वह बदल बदल कर लौड़े से चुदने का सुख ले रही है न!
मैंने अपनी बहन के दूध मसल कर कहा- हां और तू भी तो दूसरे लंड की फिराक में मेरे लौड़े से चुदने मचल रही थी न!
मेरी बहन ने मेरे लौड़े को मसला और बोली- आप भी तो बहनचोद बनने की जुगत में थे … मैं आपकी कामुक निगाहों को खूब समझती हूँ!
इसी तरह की बातें होती रहीं और मैं अपनी बहन की मदमस्त जवानी से खेलता गया.
कुछ देर बाद मैंने अपनी बहन को किस करते-करते ही उसे गोदी में उठाया और बीवी के सामने वाली सीट पर ले गया.
मैं चाहता था कि अपनी रंडी बहन को अपनी बीवी के सामने ही चोदूँ जो अभी-अभी एक अजनबी से गांड मरवा चुकी थी.
मैंने बहन को सीट पर लिटाया और उसकी टी-शर्ट के सारे बटन खोल दिए.
उसका ऊपर का पूरा बदन नंगा हो गया, क्योंकि साली ने ब्रा नहीं पहनी थी.
अपनी बहन के गोरे-गोरे बूब्स देखकर मेरी जीभ से लार टपकने लगी.
मैं झपट्टा मारकर अपनी बहन की रसीली चूचियां चूसने लगा.
बहन जोर-जोर से चिल्लाने लगी- चूस बहनचोद … और जोर से चूस … आ आह्ह्ह … खा ले मेरी जान!
मैं अपनी बहन की आधी चूची मुँह में ठूँसकर चूस रहा था.
करीब दस मिनट तक मैं उसके दूध दूध खूब चूसे.
उधर वह काला अजनबी मेरी बीवी की चूत और गांड दोनों मारकर झड़ चुका था.
उसने कपड़े पहने, बैग उठाया और अगले स्टेशन पर उतर गया.
वह रात का वक्त था, कोई और नहीं चढ़ा.
अब बोगी में सिर्फ हम तीन लोग थे.
ट्रेन फिर चल पड़ी.
मैं अपनी बहन के बूब्स चूसता ही रहा.
थोड़ी देर बाद मेरी रंडी बहन ने मेरी पैंट उतार दी.
वह मेरा 7 इंच का मोटा लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी.
फिर उसने झुककर मेरे लौड़े के सुपारे को अपने मुँह में ले लिया.
पहले तो उसने सिर्फ सुपारा चूसा, फिर पूरा लंड गले तक घुसा लिया.
जोर-जोर से मुँह आगे-पीछे करने लगी.
मुझे जन्नत का सा सुख मिल रहा था.
बाजू में नंगी बीवी सब देख रही थी, शायद उसका भी मन अभी भरा नहीं था.
अब मैंने बहन का सिर पकड़कर मुँह में जोर-जोर से ठोकना शुरू कर दिया.
एक मिनट तक लंड उसके गले में अटकाए रखा.
उसका दम घुट रहा था, पर तब भी बहन ने मुँह से लंड नहीं हटाया.
दस मिनट तक मैंने उसकी मुँह-चुदाई की और आखिर में पूरा माल उसके गले में उड़ेल दिया.
उस रंडी ने एक बूंद नहीं गिरने दी, सब पी गई.
फिर मैंने उसकी जींस की निक्कर उतार दी.
अब साली पूरी नंगी थी.
मैंने चूत पर मुँह रखकर चूसना शुरू किया.
बहन तड़पने लगी- भैया, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा … जल्दी से चोद दो अपनी बहन को … प्लीज!
मैंने लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक ही झटके में पूरा पेल दिया.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में मानो गायब हो गया था.
मैंने पूछा- साली … सच सच बताना कि अब तक कितनों से चुदवा चुकी है?
बहन हांफती हुई बोली- पाँच लोगों से … हफ्ते में चार दिन चुदाई के लिए फिक्स कर रखे थे मैंने … आह मजा आ गया भैया … जोर जोर से पेलो न!
मैंने गुस्से में और जोर से ठोकते हुए कहा- बहन की लौड़ी मुझे क्यों नहीं पता चला?
वह हंसकर बोली- भाभी सब जानती है … वह भी मेरे साथ उसी बाजू वाले अंकल से चुदवाती थी … जब आप घर पर नहीं होते थे!
मैंने कहा- अब किसी को बाहर जाने की जरूरत नहीं … मैं दोनों को एक साथ चोदूँगा. अभी तो सिर्फ तुझे चोद रहा हूँ … बहुत दिन से तेरी चूत मारने का मन था साली, पर बाद में तुम दोनों को जंगली तरीके से पेलूँगा.
मेरी बीवी हंस कर बोली- जंगली तरीका क्या होता है मेरी जान?
मैंने कहा- एक देसी दवा खाकर एक एक घंटा तक पेलूँगा तो जंगली तरीका समझ आ जाएगा.
वह बोली- तो अब तक क्यों नहीं चोदा?
फिर मैंने जोश में और तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए.
मेरी बहन चीख रही थी- चोद बहनचोद … और जोर से चोद अपनी बहन के छेद को … आह और जोर से … आआह्ह्ह!
मैं आधा घंटा तक अपनी बहन की चूत पेलता रहा.
फिर मेरी नजर उसकी टाइट गांड पर पड़ी.
मैंने पूछा- साली … गांड मरवाई है कभी?
वह बोली- नहीं … गांड कभी नहीं मरवाई!
मैंने- आज पहली बार तेरा भाई तेरी गांड मारेगा!
वह डर गई और बोली- फाड़ न देना!
मैंने उसे डॉगी पोजीशन में किया.
पहले एक उंगली गांड में डालने की कोशिश की, पर काफी टाइट थी, तो उंगली अन्दर नहीं जा रही थी.
तभी मेरी बीवी सीट से उठी, उसने बैग से तेल की बोतल निकाली और बहन की गांड पर औंधी कर दी.
तेल की धार से बहन की गांड भर गई.
मेरी बीवी ने खूब अच्छे से बहन की गांड के छेद को मला और वापस चित लेट गई.
मैंने फिर से बहन की गांड में उंगली डाली तो इस बार बड़ी आसानी से उंगली गांड में घुसती चली गई.
मैं एक उंगली से आराम आराम से उसकी गांड को चोदने लगा था.
उसकी गांड भी बेखौफ खुलने लगी थी.
मैंने सोचा कि अब दो उंगलियां डालूँ.
थोड़ी देर तक मैं दो उंगलियों से गांड चौड़ी करता रहा.
अब उसका छेद अच्छे से फैल चुका था.
मैंने अपना 7 इंच का मोटा लंड उसकी गांड पर सैट किया और धीरे-धीरे अन्दर ठूँसने लगा.
बहन दर्द से चीख पड़ी- अव्व्वा … आआ ह्ह्ह … भैया आपने गांड के छेद को फाड़ दिया … आह मेरी कुंवारी गांड फट गई … अह्ह्ह … बहनचोद ने गांड मार दी!
वह थोड़ी देर बाद रोने लगी, पर मैं नहीं रुका.
मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया.
फिर जब वह सहन करने लगी तो मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए.
हर ठोकर के साथ उसके बूब्स लहरा रहे थे.
पंद्रह मिनट तक गांड मारने के बाद मैंने उसकी गांड में ही सारा माल झाड़ दिया.
फिर मैं उठकर बाथरूम गया, गांड साफ की, कपड़े पहने और सीट पर बैठ गया.
तभी मेरी बीवी भी उठ गई.
बीवी ने मुस्कुरा कर पूछा- कैसा लगा बहन को चोदने में?
मैंने कहा- अभी पूरी रात बाकी है … दोनों को दिल से चोदूँगा!
बहन कराहती हुई बोली- नहीं … मुझे नहीं चुदवाना … आप बहुत गंदी चुदाई करते हैं भैया!
फिर वह मेरी बीवी से बोली- भाभी … आप कैसे सह लेती हो भैया के लौड़े को?
बीवी हंसकर बोली- वैसे ही, जैसे तू अभी सह रही थी रंडी!
बहन शर्माती हुई बोली- एक बार आगे वाले छेद में और चुदवाने देना भाभी!
मैंने कहा- आगे पीछे दोनों छेद में!
बहन बोली- नहीं … सिर्फ चुत में … नो गांड!
मैंने बैग से दारू का हाफ निकाला और हम तीनों उसी बोतल से बारी बारी से घूंट लगाने लगे.
फिर हम लोग खाना खाने लगे.
बहन मेरे बाजू में बैठकर खा रही थी.
मेरी नजर बार-बार उसकी चूचियों पर जा रही थी क्योंकि टी-शर्ट के बटन अभी भी खुले थे.
उसके गोरे बूब्स और गुलाबी निप्पल साफ दिख रहे थे.
तभी पोर्न वाइफ बोली- खाना खा लो ठीक से … बाद में फिर से अपनी रंडी बहन को चोद लेना!
मेरी पोर्न सिस्टर हंसने लगी.
हम तीनों ने खाना खत्म किया.
बीवी सामने वाली सीट पर सो गई.
मैंने बहन से बोला- बहन … क्या मैं तेरे साथ सो जाऊं?
वह बोली- नहीं!
मैंने कहा- प्लीज!
मैं बार-बार उसकी चूचियां और गहरी नाभि को घूर रहा था.
फिर वह बोली- अभी तो इतना चोदा… और कितना चोदोगे? घर पर चोद लेना न! वैसे भी अब मैं आपके साथ ही चुदने वाली हूँ!
उसकी बात सुनकर मैं मान गया और हम दोनों अपनी-अपनी सीट पर सोने चले गए.
थोड़ी देर बाद भी मुझे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि मुझे फिर से बहन की चूत चोदनी थी.
करीब 11 बजे मैं अपनी सीट से उतरा और बहन के बाजू में बैठ गया.
वह भी नहीं सोई थी, करवटें ले रही थी.
मैंने उसे उठाया.
वह बोली- भैया … क्या अभी सोए नहीं?
मैंने कहा- नींद नहीं आ रही है!
वह बोली- मुझे भी नहीं आ रही है.
वह उठकर बैठ गई.
हम दोनों बातें करने लगे.
इतने में ही मैंने उसकी चिकनी कमर पर हाथ रख दिया.
वह कुछ नहीं बोली.
मैं धीरे-धीरे उसका पेट मसलने लगा.
वह भी सिसकारियां लेने लगी.
मैंने उंगली से उसकी गहरी नाभि के चारों तरफ घुमाई, फिर नाभि में उंगली घुसा दी.
दूसरा हाथ उसके कंधे पर रख दिया.
वह चुप रही.
मुझे समझ आ गया कि साली रांड बहन फिर से चुदना चाहती है.
मैंने उसकी चूचियां मसलनी शुरू की. वह भी अब पूरा साथ देने लगी.
मैंने उसे फिर से पूरी नंगी कर दिया और चादर ओढ़ ली.
मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसे किस करने लगा.
थोड़ी देर बाद उसने खुद ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सैट कर दिया.
मैंने जोरदार धक्का मारा तो वह चीखी- अव्व्व्व … धीरे पेलो न!
बहन की आवाज सुनकर बीवी उठ गई, उसने चुदाई होती देखी तो वह सो गई.
चालीस मिनट तक मैंने बहन की चूत को खूब चोदा और आखिर में उसकी चूत में ही अपना सारा माल झाड़ दिया.
फिर थोड़ी देर में हम सो गए.
इसी तरह हम दोनों ने उस रात चलती ट्रेन में दो बार और ज़बरदस्त चुदाई की.
मैं आशा करता हूँ आपको ये सच्ची वाइफ पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी अच्छी लगी होगी.
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