गर्लफ्रेंड की चूत तो नहीं मिली पर … -1

मेरी नंगी गांड मारने की कहानी में पढ़ें कि मैंने एक गर्लफ्रेंड पटायी और मैं सेक्स करने उसके घर गया. हम दोनों नंगे थे कि तभी उसके मामी पापा आ गए और …

दोस्तो … आपने मेरी पिछली सेक्स कहानी
नौकरानी ने लंड चूस कर मजा दिया
में पढ़ा था कि हमारी मेड मंजू ने मेरे लंड को चूस कर रस पी लिया था और उसे ये सब अच्छा भी लगा था.

अब आगे पढ़ें मेरी गर्लफ्रेंड के घर मेरी नंगी गांड मारने की कहानी:

मैंने एक गर्ल पटाई. उसके घर में अपने पेरेंटस का उस पर बहुत कंट्रोल था. उसका नाम अंजना सिंह था.

मेरी गर्लफ्रेंड अंजना की मॉम गर्ल्स स्कूल में टीचर थीं … और उसके डैड मोहित सिंह बाय्स स्कूल में थे. लेकिन अंजना सिंह का मन को-एड में था, तो वो कभी उनके स्कूल में नहीं पढ़ी.

अंजना से मैंने बहुत बार कहा- तू मेरे रूम पर चल.

मुझे मंजू से डरने वाली कोई बात नहीं थी. मंजू ने खुद ही मुझे कई बार कहा था कि कोई पट जाए … तो घर ले आना. लेकिन उसकी एक हिदायत भी थी केवल जीएफ ही लाना … कोई रंडी नहीं.

अंजना का तो पता नहीं था, लेकिन मेरा बहुत मन था उसको चोदने का. मेरी जिम बॉडी और क्लीन शेव्ड बॉडी और फेस पर वो बहुत आकर्षित थी. अंजना की स्लिम बॉडी थी. उसके 32 सी के बूब्स थे.

मैंने कई बार अंजना के मम्मों को टच किया था. वो मुझे बहुत प्यार करती थी … लेकिन चुदाई का मजा नहीं करना चाहती थी.

एक बार तो मैं अंजना सिंह के मुँह में धोखे से लंड भी डाल चुका हूँ. उस दिन वो मुझसे बहुत नाराज़ हुई थी.

अंजना के मॉम डैड दोनों टीचर थे, इसलिए वो घर में पूरा अनुशासन रखते थे.

एक बार अंजना 4-5 दिन तक कॉलेज नहीं आई, मैंने फोन भी किया और व्हाट्सैप मैसेज भी किए, लेकिन उसका कोई रिप्लाइ नहीं आया. फिर शनिवार को 2:00 बजे उसका फोन आया.

अंजना- हैलो दीपक, आज मेरे मॉम डैड दोनों 2-3 दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं. तुम आज 9:00 बजे घर के पास आ जाना. हमारे घर के सामने पार्क में बैठ जाना और वॉच करना. जैसे ही वो निकलें, तुम घर आ जाना.

मैं- लेकिन यार घर पर तेरा भाई भी तो है?
अंजना- तुम उसकी टेंशन मत लो, उसको में 8 बजे ही दूध में स्लीपिंग पिल्स का हैवी डोज दे दूंगी.
मैं- ओके मेरी जान … लगता है आज बहुत मूड में हो.
अंजना- ओके बाय मेरी जान … आज आ जाना.

उसकी बात सुनते ही मेरा दिल खुशी से झूम उठा. मैंने बॉडी से सारे हेयर रिमूव किए. अब मेरे बॉडी पर एक भी बाल नहीं था. आज मुझे पूरे दिन फ्रूट जूस और मिल्क ही लेना था. ऐसा करने से लंड का जूस बहुत स्वादिष्ट हो जाता है. ऐसा मंजू ने मुझे बताया था.

उसी दिन रात में मैं अंजना के घर के सामने पार्क पर लगी बेंच पर बैठ गया. मैंने मॉम डैड को बोल दिया था कि मैं कल शाम तक आऊंगा.

मेरी मॉम मुझसे ज्यादा सवाल नहीं करती थीं.

करीब 9:05 बजे पर अंजना की मॉम पूजा सिंह और डैड मोहित सिंह … दोनों हाथ में बैग लिए बाहर निकले. एक टैक्सी आई हुई थी, वे दोनों उसमें बैठ गए और मैंने उन्हें जाते हुए देखा.

करीब 5 मिनट के बाद मैंने अंजना के गेट पर दो बार दस्तक दी, तो वो खुद ब खुद खुल गया.

अन्दर अंजना को देख कर मानो मैं तो बौरा गया था. उसने वाइट जींस और वाइट टॉप पहना हुआ था. उसकी ये जींस लोवेस्ट थी, तो उसकी ब्लैक पैंटी दिख रही थी. कंधे पर ब्लैक ब्रा के स्ट्रिप भी दिख रहे थे.

वो मुझे बेडरूम में ले गयी और हम किस करने लगे. मैं अंजना के मम्मों को टॉप के ऊपर से ही मसल रहा था.

वो बोली- इतनी जल्दी क्यों है डियर … अपने पास फुल नाइट पड़ी है.

मैं हंस दिया.

अंजना- डियर एक बार तुमने कहा था कि तुमको लंड और गांड के छेद को चूसना पसंद है.
मैं- ओह यसस्स …
अंजना- कूल डियर कूल.

फिर वो मुझे बेडरूम में एक आराम कुर्सी के पास ले गयी. ये कुर्सी बहुत बड़ी थी. अंजना मुझे नग्न करने लगी. फिर जब मैं अंजना को नंगी करने लगा, तो अंजना ने मुझे रोक दिया.

मैं- ये क्या हो रहा है डियर … क्यों रोक रही हो?
अंजना- आज तुम्हें ऐसे नज़ारे दिखाऊंगी कि तुमने कभी सोचा भी नहीं होगा.
मैं- वाओ.

फिर अंजना मेरे लंड को लंड चूसने लगी और मेरा लंड की जोर-जोर से मुठ मारने लगी. दो मिनट बाद ही मेरा लंड पूरी लम्बाई में तन गया.

अंजना- वाउ, तुम्हारा तो बहुत बड़ा है, पॉर्न स्टार के जैसा लंड है.
मैं- आज तुम भी मेरे साथ पॉर्न स्टार बन जाना.

वो हंस दी.

अब अंजना ने बेड के नीचे से एक बैग निकाला और उसमें से एक रस्सी निकाली और मेरे दोनों हाथ कुर्सी के हत्थों से बांध दिए. उसने मेरे टांगों को भी बांध दिया. वो खुद पास ही टेबल पर से ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी उठा लाई और वो उसने मेरे चूतड़ों के नीचे रख दी. अब मेरे लंड के साथ-साथ मेरी गांड का छेद भी दिखाई देने लगा था. फिर उसने एक रबर बैंड मेरे लंड में पहनाते हुए उसे आखिर तक कर दिया.

मैं जानता था कि इस तरह से लंड जल्दी डिस्चार्ज होने से रुक जाता है.

अब अंजना सिंह मेरे लंड को लंड चूसने लगी.

फिर अंजना ने बैग से दो क्लिप्स निकाल लीं और मेरे दोनों निप्पलों पर लगा दीं. इससे मुझे हल्का दर्द होने लगा था. मगर मैं चुप रहा क्योंकि एक तो मुझे इस सब में मजा आ रहा था और फिलहाल मैं पूरी तरह से अंजना के कंट्रोल में था.

हमारा मज़ा अभी स्टार्ट हुआ ही था कि तभी बेडरूम का गेट खुला. मेरी नज़र बेडरूम गेट पर पड़ी थी. मैं हैरान रह गया … वहां अंजना के मॉम डैड, पूजा सिंह और मोहित सिंह दोनों खड़े थे. मेरा लंड अंजना के मुँह में था.

पूजा आंटी- रंडी, तू अब इतनी बड़ी हो गयी कि अपने लिए खुद ही लंड की तलाश करेगी?
अंजना घबरा गई थी. उसने रोते हुए कहा- मम्मी, प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.

मगर तभी एक जोरदार झापड़ अंजना के गाल पर पड़ा और वो बेड पर जा गिरी.

पूजा आंटी- साली कुतिया आज तो तेरी खैर नहीं है.
मोहित सिंह मुझसे मुखातिब हुए- मादरचोद तू कौन है … जो मेरी बेटी से अपना लंड चुसवा रहा है?
मैं- म..म.मैं सर मैं दीपक … आपकी बेटी का ब्वॉयफ्रेंड हूँ.

मोहित अंकल मेरे पास आए और एक जोरदार चांटा मेरे गाल पर रसीद कर दिया.

मोहित अंकल- साले अभी पुलिस को बुलाता हूँ और तेरे ऊपर रेप का केस बनवाता हूँ.
मैं- लेकिन सर आपकी बेटी भी इस सबके लिए राजी थी!

पूजा आंटी ने अंजना के बाल पकड़ कर उसे घसीटते हुए बोलीं- बोल रंडी … ये तेरे साथ जबरदस्ती करने आया था!
अंजना घबरा गई थी, उसने कह दिया- मॉम, मेरी कोई ग़लती नहीं है … ये मेरे साथ जबरदस्ती कर रहा था … मैं पुलिस को बोल दूंगी.

उसकी ये बात सुनकर मेरी तो हालत खराब हो गई थी. मैं कुछ समझ ही नहीं पा रहा था कि अब क्या करूं … फंस गया था.

मैं लगभग रोते हुए विनती करने लगा- सॉरी अंकल … मुझे माफ़ कर दो प्लीज़.
पूजा आंटी- अंजना, तू अपने बेडरूम में जा … इस लड़के को हम देख लेंगे.

अब मुझे और भी डर लगने लगा था. मेरा खड़ा लंड अब लुल्ली में बदल चुका था.

अंजना बिना कुछ बोले कमरे से निकल गई. आंटी उसके पीछे चली गईं.

कोई पांच मिनट तक कमरे में सन्नाटा छाया रहा. मैं कुर्सी पर अब भी बंधा हुआ था.

मोहित अंकल- दीपक, तुम्हें हम माफ़ कर सकते हैं … लेकिन तुम्हें पूजा को खुश करना होगा. उसको जवान लौंडे पसंद हैं.

मेरी सांस हलक में अटक गई. मैं समझ ही नहीं पा रहा था कि ये क्या सीन हुआ.

तभी कमरे में आंटी भी आ गई थीं. वो अंकल की बात पर मुस्कुरा रही थीं. मैं समझ गया कि क्या खेल होने वाला है.

मैंने एक पल भी नहीं लगाया और कह दिया- हां हां अंकल, क्यों नहीं … मैं राजी हूँ.
मुझे लगा था कि अंकल आंटी की चुत चुदवाना चाहते होंगे.

पूजा आंटी की उम्र तो आपको समझ आ गई होगी … लेकिन मैं खुद बता देता हूँ कि पूजा आंटी कोई 40-41 साल की मजबूत कद काठी की महिला थीं. उनकी बॉडी मांसल थी मगर उनको मोटी नहीं कहा जा सकता था. आंटी का पेट एकदम सपाट था. उनके 38 इंच की के साइज़ चूचे थे.

मैं अंकल और आंटी की तरफ देख रहा था. मेरे लंड में कुछ कुछ होने लगा था. उन दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा और मुस्कुरा दिए. फिर पूजा आंटी ने अपना टॉप उतारा और जींस उतारने लगीं. जींस टॉप के नीचे आंटी ने रेड कलर की पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी. वो मुझे अपनी जीएफ अंजना से भी ज्यादा सुन्दर लग रही थीं.

तभी मोहित अंकल ने अल्मारी से एक हैंडीकैम निकाला और मेरा वीडियो बनाने लगे.

मैं- अंकल प्लीज़ वीडियो मत बनाओ.
मोहित अंकल- चुप कर मादरचोद … जो हो रहा है, होने दे … नहीं तो तुझे पुलिस को देकर तेरी सारी गर्मी निकलवा दूंगा … पूजा डार्लिंग जरा कॉल तो करना पुलिस को!
मैं- ओके ओके … प्लीज़ अंकल पुलिस की बात मत करो … आप जो बोलोगे, मैं वो करूंगा.

अंकल ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया और पूजा आंटी ने मेरे पास आकर मेरे अंडकोषों को पकड़ कर ज़ोर से खींचा.

उनकी इस हरकत का मुझे अंदेशा ही नहीं था. मैं ज़ोर से चिल्ला उठा.

पूजा आंटी- डार्लिंग पहले इसका मुँह बंद करो.

मोहित अंकल ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए. बेशक अंकल की बॉडी एक मर्द की बॉडी थी. उनकी छाती मर्दाना बालों से भरी हुई. उनका लंड भी अभी आधा तना हुआ था. अंकल एक हाथ से अपने लंड को हिलाने लगे. करीब 2-3 मिनट बाद उनका लंड पूरा खड़ा हो गया था. वो करीब 7 इंच कर लंड होगा.

अंकल मेरे पास आए और पूजा आंटी को देख कर एक इशारा किया. पूजा आंटी ने मेरे दोनों अंडकोषों को ज़ोर से खींचा और एक जोरदार चपत मेरे अंडकोषों पर मार दी.

अहह … जैसे ही मेरे मुँह से दर्द भरी आवाज़ निकली … और मेरा मुँह खुल गया. तभी मोहित अंकल ने अपना लंड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया. मेरी चीख अब गोंन्न-गोंणन्न् की आवाज़ में तब्दील हो गयी थी.

मोहित अंकल ने करीब 5-6 इंच अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल दिया था. किसी का लंड चूसने का ये मेरा पहला तजुर्बा था. अंकल का लंड मुँह में लेते ही मुझे लगा जैसे कोई एक नमकीन मूसल मेरे मुँह में डालकर मेरा मुँह बंद कर दिया गया हो.

अंकल का लंड गले तक घुसा था, जिससे मेरी आंखों से पानी आ गया था.

अब नीचे पूजा आंटी मेरे लंड को हिला रही थीं.

मोहित अंकल- दीपक बेटा, चुपचाप मेरे लंड को चूसते रहो और ज्यादा आवाज़ मत करो … वरना मुझे तुम जैसे लौंडों को कंट्रोल करने के और भी कई तरीके आते हैं.

अब मुझे अपने लंड पर तेल की चिकनाहट महसूस हो रहा थी, लेकिन जिस टाइप से मोहित अंकल अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल कर मुझसे लंड चुसवा रहे थे … उस वजह से उनकी पूरी बॉडी मेरे सामने थी और मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था कि नीचे पूजा आंटी मेरे लंड के साथ क्या कर रही हैं.

इस वक्त लंड चूसना मुझे ज़रा भी अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि मोहित अंकल अपना लौड़ा मेरे गले में फंसा रहे थे और उनके लंड का टेस्ट भी मुझे अजीब लग रहा था.

मैं कोई गे नहीं था … लेकिन इस परिस्थिति में मैं कर ही क्या सकता था. हालांकि पूजा आंटी की मसाज से मेरा लौड़ा एक बार फिर से हार्ड हो गया था.

पूजा आंटी- डार्लिंग, अब तुम हट जाओ और इसका मुँह बंद करो. अब इसका लंड फुल हार्ड हो चुका है.
मोहित अंकल मेरे मुँह के पास से हटे और मेरी आंखों में आंखें डाल कर देखते हुए बोले- बेटा, तुझे मजा आएगा … बस तुम सहयोग करना.

अचानक से उन्होंने मेरे मुँह को अपने हाथों से दबाते हुए खोला और उन्होंने मेरे मुँह में कपड़ा घुसेड़ दिया. वैसे तो मेरा मुँह पूरा बंद हो गया था … लेकिन फिलहाल ये स्थिति मोहित अंकल के लंड से काफी ठीक थी.

अब मैंने पूजा आंटी को देखा, तो वो मुझे अलग ही रूप में दिखीं. पूजा आंटी ने अपनी चुत के पास एक ब्लैक कलर कर डिल्डो पहन रखा था, उसका साइज़ 7-8 इंच का होगा. उस डिल्डो की लम्बाई मोटाई और लुक बिल्कुल मोहित अंकल के लंड जैसा था.

पूजा आंटी ने अभी भी अपनी ब्रा-पैंटी पहने हुई थीं. मैं उनकी कमर पर बंधा डिल्डो देख कर समझ गया था कि अब मेरी नंगी गांड मारने का समय हो गया है.

एक बार तो मंजू की उंगलियां मुझे याद आ गईं कि आज गांड मरवाने की मुराद पूरी हो जाएगी. मेरी गांड वैसे भी अब तक काफी खुल चुकी थी. मगर तब भी उंगलियों की अपेक्षा डिल्डो मोटा था.

मैं सोचने लगा कि मैं तो यहां चुत चोदने आया था … लेकिन अब लग रहा था कि मेरी नंगी गांड मारी जाएगी. अजीब गांडुओं सी स्थिति बन गई थी.

तभी पूजा आंटी की आवाज आई- देखो दीपक, अगर तुम सपोर्ट करोगे, तो तुमको कम दर्द होगा और अगर तुम सपोर्ट नहीं करोगे, तो तुम्हें ज्यादा तकलीफ़ होगी.

ये कह कर आंटी कुर्सी के पास आईं और अपने डिल्डो पर केवाई जैली लगाने लगीं. फिर उन्होंने मेरे लंड को नीचे से ऊपर करके उस पर जैली लगाई.

मुझे मालूम था कि इस जैली को लगाने से गांड सुन्न हो जाती थी और दर्द नहीं होता था.

फिर नकली लंड को सहलाते हुए आंटी धीरे से बोलीं- मादरचोद तेरा लौड़ा बहुत बड़ा है, आज तक मैंने किसी का भी इतना बड़ा लौड़ा नहीं पकड़ा है. तुम भाग्यशाली हो.

ये कहते हुए पूजा आंटी ने अपना डिल्डो मेरी गांड के छेद के ऊपर टिकाया और मेरी आंखों से आंखों को मिलाते हुए एक स्माइल दी.

फिर धीरे से बोलीं- अपने चूतड़ों को ढीला रखना और गांड भी ढीली छोड़ दे … राजा.

मैंने गांड को ढीला किया, तो आंटी ने एक शॉट दे मारा.

मुझे बहुत दर्द हुआ, मंजू की उंगलियां तो मेरी गांड में मज़ा देती थीं … लेकिन ये डिल्डो तो ऐसा लग रहा थी कि मेरी गांड में कोई मोटा डंडा घुसेड़ दिया गया हो. मेरी फुल बॉडी दर्द से तड़प उठी और दर्द से मेरे मुँह से गोंह-गोंह की आवाज़ आने लगी.

पूजा आंटी- अभी तो 3 इंच ही गया है … चुप कर मादरचोद और एंजाय कर … अभी तो पूरी रात पड़ी है.

ये कहते हुए पूजा आंटी ने मेरे गांड के छेद पर प्रेशर बढ़ाया और धीरे धीरे करके पूरा डिल्डो मेरी नंगी गांड में घुसेड़ दिया. मेरी आंखें दर्द से उबल आई थीं मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी गांड में कोई गरम सरिया पेल दिया गया हो.

आंटी धीरे धीरे मेरी गांड मारने लगीं.

उधर मोहित अंकल हैंडीकैम से मेरी वीडियो बना रहे थे. मेरा लंड जो पहले खड़ा था, अब वो दर्द के कारण फिर से ढीला हो गया था. अब पूजा आंटी ने मेरे लंड को छोड़ दिया और शॉट मारने लगीं.

पूजा आंटी मेरी गांड के छेद की चुदाई काफी देर तक करती रहीं. बीच-बीच में वो मेरी गांड और अपने डिल्डो पर जैली लगाती जा रही थीं. मेरी गांड का छेद पूरा चिकना हो चुका था.

अब डिल्डो बिना दर्द दिए आराम से अन्दर बाहर हो रहा था. अब तो फ़च फ़च की आवाज़ भी आने लगी थी. मगर मुझे अभी भी हल्का हल्का दर्द हो रहा था … लेकिन मुझे पता चल चुका था कि आज पूरी रात मेरी गांड चुदाई होगी, तो अब ये ही सोच रहा था कि न जाने क्या होगा.

पूजा आंटी की फुल बॉडी पर पसीना आ गया था. अचानक पूजा आंटी ने शॉट मारने की स्पीड बढ़ा दी और वो फुल स्पीड से मेरी गांड के छेद चोदने लगीं. फिर दो मिनट के बाद वो हट गईं और बेड पर लेट गईं.

मैं ऐसे ही बंधा बैठा था. करीब दस मिनट आराम करने के बाद वो उठीं और बोलीं.

पूजा आंटी- अब तुम्हारा टर्न है डार्लिंग.

ये कहते हुए आंटी ने अंकल के हाथ से हैंडीकैम लेते हुए एक कंडोम मोहित अंकल को दे दिया.

मोहित अंकल ने मेरी नंगी गांड के छेद के पास आकर अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया और मेरी गांड के छेद के ऊपर अपना लंड रखकर धीरे-धीरे अपना लौड़ा डाल दिया.

वो मेरी गांड मारते हुए बोले- मादरचोद, मेरी बेटी को भी ऐसे ही चोदना चाहता था ना … तुझे चोदने का इतना शौक़ है, तो चुदवाने का भी मज़ा ले बहनचोद.

मोहित अंकल के लंड से मुझे इतना दर्द नहीं हुआ, जितना डिल्डो से हुआ था.

ये अजीब सी हालत थी कि मैं किसी लौंडिया की चुत चोदने आया था और उसके मम्मी पापा मेरी गांड मार रहे थे.

हालांकि मुझे अब नंगी गांड मरवाने में मजा आने लगा था … मगर तब भी मैं अंकल आंटी के सामने अपने मजे को शो करना नहीं चाहता था.
न जाने साले रात भर तक गांड मारने के लिए कोई दवा वगैरह न खा लें.

मोहित अंकल ने मुझे बीस मिनट तक चोदा और मेरे अन्दर ही झड़ गए.

अंकल आंटी ने मेरी नंगी गांड मारने की कहानी पूरी की और मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा.

साथियो, उनकी इस मुस्कान का क्या अर्थ था … वो अगली बार लिखूंगा. आप मेल लिखना न भूलें.
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मेरी नंगी गांड मारने की कहानी का अगला भाग: गर्लफ्रेंड की चूत तो नहीं मिली पर … -2