वर्जिन बॉय फर्स्ट सेक्स कहानी में कोरोना लॉकडाउन में मैं किराये के कमरे में एक अन्य किराएदार लड़के के साथ फंस गयी. मनोरंजन के नाम पर मैंने दो लड़कों के साथ चुदाई का मजा लिया.
यह कहानी सुनें.
दोस्तो, आज मैं अपनी इस सेक्स कहानी में अपनी चुदाई की गर्म कथा सुना रही हूँ.
यह एक अकेली लड़की की दास्तान है कि उसे अकेले रह कर क्या-क्या करना पड़ सकता है.
मैं आपको अपने बीते कोरोना काल की बहुत ही मजेदार घटना बताने जा रही हूँ.
यह वर्जिन बॉय फर्स्ट सेक्स कहानी कोरोना के पहले हमले वाले समय की है, उस वक्त मैं आम भारतवासी के जैसे इंदौर में फंस चुकी थी.
मुझे घर जाने का समय ही नहीं मिला और मैं एक अकेली लड़की थी, कुछ नहीं कर सकती थी.
मैं जिस घर में रहती थी, उसके बाजू वाले कमरे में एक लड़का किराए पर रहता था.
वह बहुत अच्छा, हैंडसम और नेचर से भी बहुत अच्छा था.
वह उम्र में मुझसे छोटा था.
वह मेरे मामा के गांव का था, जहां मैंने अपना बचपन बिताया था.
उसका नाम कपिल था.
वह मुझे दीदी कहता था.
हम दोनों कोरोना में फंस गए थे, घर जा नहीं पाए थे.
वह उम्र में 19 साल का जरूर था लेकिन शरीर से मस्त जवान और हट्टा-कट्टा सांड जैसा था.
इसके बाद भी मैं कहूँगी कि उसका शरीर जरूर मर्दाना हो गया था लेकिन उसका दिमाग उम्र के हिसाब से ही था.
मैं उससे 3 साल बड़ी थी.
पहले मैं उसे मैथ पढ़ाया करती थी.
उन दिनों मेरा राशन खत्म हो चुका था लेकिन उसके पास काफी दिनों तक चल सकने वाला राशन रखा था.
इसी वजह से उसने मेरी मदद की.
अब मैं उसके यहां जाती, खाना बनाती, खुद खाती और उसे भी खिलाती.
सच में वह बहुत अच्छा लड़का था.
दो दिन बाद मकान मालिक का लड़का, जो पुणे में जॉब करता था, वह घर वापस आ गया.
उसे क्वारंटाइन होना था. घर में जगह नहीं थी. अंकल ने दुर्भाग्य से मेरे ही कमरे को खाली करने को कहा.
हालांकि वे बहुत अच्छे आदमी थे, लेकिन समस्या ऐसी थी कि मैं उन्हें मना ही नहीं कर सकी.
अब मेरा जरूरी सामान बस बाजू वाले कमरे में रख दिया गया.
मतलब अब हम दोनों साथ में रहने वाले थे और मेन बात ये कि एक ही गद्दा, एक ही ओढ़ने वाली चादर … अब कुछ नहीं, बस किसी तरह से एडजस्ट करना था.
मेरी रात को शॉर्ट्स पहनकर सोने की आदत थी लेकिन आज मैं झिझक रही थी.
मगर किस्मत जो लिखा रहता है, वही होता है.
शाम को खाना खाया और हम लोग लेट गए.
पहले तो वह बोला- मैं अलग सो जाता हूँ.
मैंने कहा- कोई बात नहीं.
फिर हम दोनों एक ही गद्दे पर लेट गए.
वह हाफ चड्डी में था और मैं शॉर्ट्स में.
पहले तो हम दोनों चिपक कर लेटे रहे.
पहली बार मेरे साथ में एक लड़का लेटा था, तो मुझे अलग ही अहसास हो रहा था.
फिर कुछ देर बाद मेरी नींद लग गई.
करीब 2 बजे मेरी नींद खुली तो देखा कि उसने मेरे पैरों पर अपना पैर रखा हुआ था.
उसका मुँह मेरे मम्मों पर बिल्कुल टिका हुआ था और उसका लंड मेरे शरीर से टच होता हुआ एकदम कड़क हो रखा था.
उस समय मुझे अजीब फीलिंग आ रही थी.
मैं भी जवान लड़की थी तो उसके कड़क लौड़े के स्पर्श से भभक उठी थी.
ऊपर से गर्मी भी थी तो उसी वजह से मैंने अपनी टी-शर्ट निकाल दी और फिर सो गई.
करीब 4 बजे मैं सहमी-सहमी सांसें लेने लगी.
दरअसल मेरी नींद खुली, तो देखा कि मेरे दोनों दूध ब्रा से बाहर निकल आए थे और एक दूध उसके मुँह में था.
अब मैं उसका नाम लेती हुई ‘कपिल-कपिल’ बोली.
तो वह जागने का नाटक करता हुआ मुझसे कहने लगा- दीदी सॉरी दीदी … मैंने गलती कर दी.
वह यह सब कहने लगा, तो मुझे मजा आने लगा.
तभी मेरी नजर नीचे गई तो मेरी पैंटी और शॉर्ट्स भी गीले हो गए थे.
उसके लंड ने पानी छोड़ दिया था, जिससे मैं गीली हो गई थी.
दरअसल, मैं भी यही चाहती थी … लेकिन मैं चुप रही.
कपिल बोला- दीदी माफ कर दो.
मैं कुछ नहीं बोली और उससे तनिक दूर को खिसक गई.
इसी खिसका-खिसकी में कपिल का लंड, जो मैंने देखा भी नहीं था, मेरी चुत से टच हो गया.
मैं हंस दी.
मेरी हंसी देख कर कपिल बोला- दीदी हम दोनों इतना सब कर चुके हैं तो अब …
वह इतना कह कर चुप हो गया.
मैं दुखी स्वर में उससे बोली- कपिल, तुम मुझे बदनाम मत कर देना!
वह बोला- दीदी कुछ नहीं होगा … प्लीज माफ कर दो.
यह कह कर वह फिर से मेरे एक दूध को अपने मुँह में दबा कर चूसने लगा.
मैं बोली- कपिल बस करो यार!
वह बोला- बस थोड़ा और दीदी … मैंने आज तक नहीं किया प्लीज!
यह जान कर कि यह सील पैक लंड वाला लौंडा है, तो मैंने भी उसको अपनी मूक सहमति दे दी.
वह मेरे ऊपर चढ़ गया और दूध चूसने लगा.
मैं भी गर्मा गई तो उसका साथ देने लगी और हम दोनों किस करने लगे.
करीब दस मिनट बाद मैंने उसे लिटा दिया.
फिर उसके बदन को चूमते-चूमते मैं उसके लंड पर आ पहुंची, क्योंकि उसके लंड से मैं खुश थी.
उम्र से कहीं ज्यादा बड़ा लौड़ा था … शायद पैतृक रहा होगा.
एकदम कड़क, मोटा और मूसल जैसा लंड देख कर मेरी चुत में चींटियां रेंगने लगी थीं.
मैं बोली- कपिल इतना बड़ा कैसे हो गया है?
वह बोला- दीदी पता नहीं.
उसके लंड से जल्दी ही पानी आने लगा.
तो मैंने दिमाग लगाकर कपिल के लंड को चूसना शुरू कर दिया.
करीब दस मिनट चूसने के बाद कपिल मेरे मुँह में ही झड़ गया.
मैं अब बहुत खुश थी क्योंकि अब दूसरी बार में उसके लौड़े को फिर से खड़ा होने में दस मिनट से बीस मिनट लगेंगे.
फिर जब चुदाई होगी तो शायद उसको झड़ने में भी टाइम लगेगा.
मैंने कपिल की थकान दूर करने के लिए उसे चाय दी.
उसके बाद हम दोनों पूरे नंगे होकर वापस चूमा चाटी करने लगे.
उसका लंड चूस कर खड़ा किया और मैंने कपिल से चुदाई करने को कहा.
लेकिन वह चुदाई कैसे की जाती है, इस बात से वाकिफ नहीं था.
मैंने चित लेटकर चुत खोल कर उसे बताया कि इसमें लंड डालो.
उसने सुपारा चुत की फांकों के बीच रगड़ा और दम लगाते हुए एक ही बार में अपना पूरा लंड अन्दर घुसेड़ दिया.
उसका मोटा लंड किसी गर्म सलाख की तरह मेरी चुत को फाड़ता हुआ अन्दर पेवस्त हो गया था तो मेरी चुत की धज्जियां उड़ गई थीं और मेरी चीख निकल गई थी.
अनाड़ी लंड से चूत चुदाई से हुए दर्द के मारे मेरी हालत खराब हो गई थी.
मैं अपनी आंखों से पानी बहाती हुई कराहती हुई बोली- आह मम्मी मर गई. रुक रुक जा यार रुक आह!
वह रुक गया.
मैं बोली- कपिल पागल हो क्या … आराम से डालो … झटके में नहीं!
वह स्लो स्लो डालने लगा.
मैं बोली- आह रुको, कपिल बहुत मोटा लवड़ा है … प्लीज थूक लगाओ.
उसने अपने लंड में थूक लगाकर फिर से पेला.
अब कुछ ठीक लगा.
उसने पहले आराम-आराम से पेला और बाद में जोर-जोर से मेरी चुदाई करने लगा.
उस वर्जिन बॉय का फर्स्ट सेक्स था तो अभी कम ज्ञान था.
करीब 5 मिनट उसने दम से चुदाई करना शुरू कर दी.
कुछ देर बाद वह बोला- दीदी घोड़ी बनो न!
मैंने कहा- तुझे तो सब मालूम है!
वह हंस कर बोला- देखा तो है लेकिन किया पहली बार है!
मैं हंस कर बोली- साले तूने उसमें भी घोड़ी बनाना ही सीखा?
वह बोला- हां दीदी वीडियो में घोड़ी वाली चुदाई देखी है न!
मैं भी जल्दी से घोड़ी बन गई.
वह पीछे से मेरी चुत पेलने लगा.
मैं आह-आह करती रह गई.
फिर वह बोला- अब दीदी लौड़े के ऊपर आ जाओ.
मैंने सोचा कि साले ने चुदाई की फिल्म देख देख कर गजब का ज्ञान हासिल किया है!
वह मुझे अपने लंड के ऊपर लेकर चुत में लंड नहीं पेल पा रहा था.
मैंने पकड़ कर लंड डाला और अब मैंने अपनी स्किल दिखाई.
करीब 5 मिनट बाद मैं बोली- बस अब बस!
उसने मेरे गाल पर एक थपकी मार दी और बोला- अभी और कूदो न!
मैं बोली- अबे साले तू मेरे ऊपर चढ़ कर चोद न!
फिर मैं उसके लंड से उठ कर उसके बाजू में लेट गई.
अब उसने साइड से पेलना चालू किया.
हम दोनों की चुदाई करीब 5 मिनट और चली.
फिर जैसे ही वह झड़ने वाला हुआ, मैंने उठकर उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी.
वह साला मेरे बाल पकड़ कर मुँह में झटके देने लगा.
उसका मूसल मेरे गले के अंतिम छोर तक जा रहा था. मेरी आंखों से आंसू आने लगे.
करीब बीस झटकों के बाद उसका पानी आया.
मैं सब पी गई.
अब हम दोनों नंगे ही सो गए.
सुबह करीब 9 बजे नींद खुली.
दोनों लेटे रहे.
करीब 10 बजे फिर से मौसम बन गया और 20 मिनट की फिर चुदाई हुई.
उसके बाद हमने उठकर चाय पी, नहाये, खाना खाया.
अब मैंने अपने दोस्त से बात करके टैबलेट, कंडोम और क्रीम की जुगाड़ लगाई.
फिर हम दोनों का दिन में और रात में डेली का प्रोग्राम होने लगा.
अब हम दोनों का रिश्ता बदल गया.
वह मुझे जान और बाबू कहने लगा और मैं भी उसे जान, बाबू कहने लगी.
दोस्तो, इस सबके करीब 5 दिन बाद कपिल को बहुत बुखार चढ़ गया था.
मैं उसको दवाई लेने बाजू वाले के रूम में गई.
जल्दी-जल्दी में बस मैक्सी पहन कर गई थी.
बाजू वाला जग गया और उसने गेट खोला.
वह बिना कपड़ों के एकदम नंगा था.
उसने सीधा मुझे पकड़ा और एक हाथ मेरे मुँह पर और एक हाथ से मेरे हाथ पकड़ कर खींच लिया.
फिर मेरी मैक्सी ऊपर करके पीछे से लंड मेरी चूत में डाल दिया.
मुझे पता ही नहीं चला कि आते ही कब उसका लंड मेरी चुत की दरार में घुस गया.
मैं उससे चुद रही थी और आह-आह कर रही थी.
मेरी आवाज तेज हुई तो उसके हाथ का ढक्कन मेरे मुँह में लग गया.
करीब दस मिनट तक उसने सांस नहीं ली.
कुछ देर बाद वह मुझे सीधी करके किस करने लगा.
फिर वह मुझसे बोला- जबरदस्ती के लिए सॉरी, लेकिन बाबू, मैं खुद को रोक ही नहीं सका.
मैंने कहा- मुझे उसे गोली दे आने दो … मैं फिर आ जाऊंगी … प्लीज.
वह बोला- अच्छा ठीक है.
वह मेरे साथ आकर गेट पर खड़ा हो गया.
मैं उसको गोली खिला कर सुला आई.
अब वह खुद ही अन्दर आया और मुझे उठाकर अपने कमरे में ले गया.
उसने मेरे पूरे कपड़े निकाल दिए और मुझे चाटने लगा.
फिर उसने मुझसे अपना लंड चुसवाया.
लंड कड़क होते ही मुझे दीवार से चिपका कर वह मेरी चुदाई करने लगा.
करीब दस मिनट बाद वह मुझे अपनी गोद में उठाकर चोदने लगा.
उस दिन उसने काफी देर तक मेरी चुदाई की, फिर झड़ गया.
मैं कमरे में आकर नंगी ही सो गई.
अब मैं कपिल और उस लड़के दोनों को एक साथ एडजस्ट करने लगी.
कपिल से चुदाई करवा कर उसे सुलाकर मैं उस लड़के के पास आ जाती.
जिस दिन उसके पास नहीं जाती, वह आकर मुझे उठा ले जाता.
दिन में नहाती तो बाथरूम में घुस आता.
वह लड़का कपिल को अपना लैपटॉप दे देता, वीडियो गेम दे देता.
फिर कपिल उसमें बिजी हो जाता और उस टाइम बाथरूम में वह मुझे बांहों में भरके खूब चोदता.
दोस्तो, उसने मुझे प्रेग्नेंट न होने की दवाई दे दी थी.
फिर मैं उन दोनों के साथ बिना कंडोम सेक्स करने लगी.
इस सब के करीब 20 दिन बाद उस लड़के के दिमाग में एक आइडिया आया और हम तीनों एक साथ सेक्स करने लगे.
वे दोनों साथ मिलकर मेरे साथ मजे लेने लगे.
हम लोग थ्रीसम करते, लेकिन ज्यादातर मेरा मजा वह लड़का लेता क्योंकि कपिल चुदाई में अनाड़ी सा था, जिस वजह से उसकी ज्यादा नहीं चल पाती.
उन दोनों ने मेरा अच्छा साथ दिया. मेरा भी यह कोरोना-काल दो दो लंड की संगत में मस्त कटा.
इसके आगे का पार्ट आपको जल्दी ही लिख कर भेजूँगी दोस्तो.
वर्जिन बॉय फर्स्ट सेक्स कहानी पर आप मुझे अपने मेल व कमेंट्स जरूर भेजें.
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