सेक्स लवर गर्ल कहानी में मैं अपनी क्लास की एक लड़की को दिल से चाहता था, उसके साथ सेक्स की भावना नहीं थी. एक दिन मैंने उसे गार्डन में पेशाब करती देखा.
मेरा नाम सागर राव कृदुत्त है.
मैं रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य में रहता हूँ.
मेरे घर में पांच सदस्य हैं.
मैं, मेरी दो बहनें, माता और पिता.
मेरी माता सरकारी नर्स हैं.
पिताजी किसान हैं.
हमारे घर में पैसे की कोई कमी नहीं है.
आज मैं अपने स्कूल की एक लड़की की सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
ये सेक्स लवर गर्ल कहानी जो मैं बताने जा रहा हूँ, वह पूरी तरह सच्ची है.
जब मैं 19 साल का था, तब मैं एक लड़की को बहुत पसंद करता था.
उसका नाम हिमानी नायक था.
हम दोनों एक ही स्कूल में थे और एक ही ट्यूशन जाते थे.
वह थोड़ी काली थी, पर प्यार तो शक्ल देखकर नहीं होता ना … वह तो दिल से हो गया था.
लेकिन मैं उसे बोलने में डरता था, यही सोचकर कि कहीं मुझसे दूर न हो जाए.
जब हम दोनों एक साथ ट्यूशन जाते, तो मैं उसको छू भी देता था, उसके गाल, बाल को.
धीरे-धीरे मैंने मोबाइल में XXX फिल्में देखना शुरू किया और लंड को हिलाने भी लगा.
लेकिन मैं उससे सच्चा प्यार करता था इसलिए उसके साथ ये सब नहीं सोचता था.
एक दिन ट्यूशन की तरफ से हम सब स्टूडेंट्स और टीचर गार्डन घूमने गए.
गार्डन ट्यूशन से ज्यादा दूर नहीं था, बस 300 मीटर.
अंधेरा काफी हो गया था और गार्डन भी बड़ा था.
मुझे सुसु लगी, तो मैं थोड़ी अंधेरी जगह ढूँढने लगा.
क्योंकि उस गार्डन में बाथरूम नहीं था.
जब मैं मूतने गया तो वहां पहले से हिमानी थी.
वह जींस उतार चुकी थी और लाल रंग की चड्डी उतार रही थी.
उसने मुझे नहीं देखा.
ये सब देखकर मेरा मूतने का मन से ज्यादा उसे देखने का मन करने लगा.
उसकी झांटों के बड़े बड़े बाल थे.
वह तेज धार में मूत रही थी.
मैं काफी देर कंट्रोल करके उसे देखता रहा क्योंकि मजा आ रहा था.
जब मैंने अपना 5 इंच का लंड निकाल कर मूतने की कोशिश की तो वह अन्दर ही तन गया था.
उसके मूतने के बाद मैं मूतने लगा तने हुए लंड को बाहर निकाल कर.
तभी उसने मुझे देख लिया.
मैं उससे सच्चा प्यार करता था इसलिए सोचा कि लंड को वापस पैंट के अन्दर डाल दूँ.
लेकिन अगर ऐसा करता, तो पैंट में ही मूत देता.
वह मेरे तने हुए लंड को देखकर हैरान हुई लेकिन शर्माई नहीं.
लग रहा था कि इसने भी मोबाइल में XXX फिल्में देखी हुई थीं इसलिए उसे लंड देखने में शर्म नहीं आई.
अंधेरे की वजह से हिमानी खुद मेरे पास आई.
मेरा मूत अन्दर ही रुक गया था.मैं नहीं सोचता था कि उसके साथ ये सब होगा क्योंकि मैं तो प्यार करता था.
लेकिन वह खुद आई और लंड को छूने लगी.
मैंने मना भी किया पर उसे आज अंधेरे में डर नहीं लग रहा था.
वह लंड की चमड़ी को आगे-पीछे करने लगी.
अब मुझे प्यार की उम्मीद नहीं थी.
वह खुद ही जमीन पर घुटनों के बल बैठ गई और लंड को मुँह में लेने लगी.
मैंने कहा- ऐसा मत करो!
पर वह सेक्स लवर गर्ल नहीं मानी.
उसने अपने मुँह में लंड को भर लिया और अन्दर-बाहर करने लगी.
थोड़ी देर बाद मेरा स्पर्म बाहर आने वाला था.
मैं उससे प्यार करता था, इसलिए स्पर्म उसके मुँह के अन्दर नहीं डाला, वहीं मिट्टी में गिरा दिया.
फिर हम घर आ गए.
इस घटना के बाद मेरा डर काफी कम हो गया.
अब मैं एक अच्छे मौके की तलाश कर रहा था.
आठ दिन बाद मौका आया.
उसके घर के सारे सदस्य पिकनिक पर गए थे.
वह ट्यूशन में एग्जाम का बहाना देकर पिकनिक नहीं गई.
लगता था उसको खुद चुदवाने का मन था मेरे से इसलिए उसने खुद मुझे कॉल करके बुलाया.
वह बोली- घर में कोई नहीं है, सब पिकनिक गए हैं!
मैंने कहा- सीधे सीधे बोल न कि मैं तुझे चोदने आ जाऊं!
वह हंस दी.
जब मैं उसके घर गया तो हैरान हो गया.
उसका इतना बड़ा घर, इतना अच्छा बेड, टीवी, वाशिंग मशीन, टाइल्स, वेल डेकोरेटेड … बिल्कुल वीआईपी टाइप.
यहां जॉइंट फैमिली रहती थी.
उसके घर के लोग बिल्डर थे.
एसी में रहने के बाद भी वह काली थी.
मुझे लगता था कि इसे गोद तो नहीं लिया गया है?
उसने मुझे खाना खिलाया पनीर की सब्जी के साथ.
फिर मैंने वहीं उसे किस करना शुरू कर दिया.
करीब 2 मिनट तक किस किया.
लाइट जलने की वजह से वह शर्म कर रही थी.
उस दिन गार्डन में अंधेरे की वजह से तो चूस रही थी, पर आज …
मैंने वहीं उसकी जींस उतार दी और शर्ट भी.
वह केवल ब्रा और पैंटी में रह गई.
मैंने उसकी ब्रा खोली तो उसने दोनों हाथों अपने से निप्पल ढक लिए.
पता नहीं गार्डन में भूत सवार था क्या … वहां तो शर्म नहीं आई थी.
लेकिन आज बड़ी शर्म आ रही है.
अब उतारने को केवल पैंटी बची थी.
मैंने वह भी उतार दी.
उसकी चूत में बाल नहीं थे. शायद आज ही शेव किए होंगे.
एक हाथ से चूत और एक हाथ से निप्पल ढक रही थी, लेकिन एक निप्पल नहीं ढक पाई.
जिसकी वजह से मैं उसके उस निप्पल को चूसने लगा.
करीब दो मिनट तक मैं उसके निप्पल को चूसता रहा.
फिर उसकी गांड को फैलाकर नाक से सूँघने लगा.
बीच-बीच में वह पाद रही थी तो उसकी पाद में से हींग की खुशबू आ रही थी.
उससे मेरा मजा डबल हो गया.
मैंने एक उंगली उसके मुँह में डाली, फिर उसके थूक से गीली करके उंगली को उसकी गांड में डालने की कोशिश की.
उसकी गांड टाइट होने की वजह से गांड में उंगली अन्दर जा ही नहीं रही थी.
फिर मैंने उंगली उसकी चूत में डाल दी और उंगली से ही बुर चोदने लगा.
वह गर्म हो गई और गांड मटकाती हुई डाइनिंग टेबल की तरफ चली गई.
मैं उसके पीछे पीछे गया और उसे उसी टेबल पर लिटाकर उसकी चूत को चाटने लगा.
मैं उसकी चुत को मस्ती से तब तक चाटता रहा जब तक उसकी चुत से पानी न आ गया.
कुछ ही देर में वह झड़ गई.
मैंने सारा रस चाट लिया.
उसकी चूत का पानी चाट लेने के बाद अब मैंने उसे अपना लंड चुसवाना शुरू किया.
वह मेरे लंड को मस्ती से चुसकने लगी.
मैं भी उसका सिर पकड़ कर ऊपर-नीचे करते हुए उसके मुँह को चोदने लगा.
मैं मन बना चुका था कि जब तक मेरा पानी नहीं निकलेगा, मैं इसके मुँह को चोदता रहूँगा.
वह भी समझ गई थी इसलिए वह मेरे टट्टे सहलाती हुई लौड़े को कुल्फी समझ कर चूस रही थी.
जब मैं गर्म हो गया तो आह आह की आवाज निकालते हुए मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह में डाल दिया.
वह मजबूरी में मेरा सारा माल गटक गई.
उसके बाद हम दोनों बाथरूम में एक साथ नहाए, हम दोनों ने एक-दूसरे को मसल मसल कर प्यार से नहलाया.
फिर वह बोली- अब चलो खाना खाते हैं.
हम दोनों ने सिर्फ तौलिया लपेटा और बाहर आकर भोजन किया.
मैं उसके साथ बहुत देर तक बातें करता रहा.
वह बार बार कपड़े पहनने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैंने उसे कपड़े नहीं पहनने दिए.
खाने के बाद मैं उसके निप्पलों को धीरे-धीरे चूस रहा था.
वह भी मेरे सिर को पकड़ कर मजे से दूध चुसवा रही थी.
वह बोली- तेरी हिमानी के निप्पल टाइट हैं राजा, चूसते रहो … बड़ा मजा आ रहा है!
मैंने खुल कर उसके मम्मे चूसे.
उसके बाद हिमानी ने खुद मुझे अलग किया क्योंकि मैं बीच-बीच में उसके निप्पल को काट ले रहा था.
अब हिमानी लेट गई और अपने हाथ से अपनी चूत मसलने लगी.
थोड़ी देर बाद मैंने अपना तना हुआ लंड पर थूक लगाकर अन्दर डालने की कोशिश की.
लेकिन उसकी चुत बहुत टाइट होने की वजह से हम दोनों को काफी दर्द होने लगा.
मैं रुक गया.
क्योंकि उसकी चूत से खून आने लगा था.
मैं कुछ डर भी गया था कि आगे बढ़ा जाए या खेल को यहीं समाप्त कर दिया जाए.
फिर थोड़ी देर बाद वह खुद ही लंड अन्दर डालने की बात करने लगी.
मैं डरा हुआ और मायूस था कि अगर इसे कुछ हो गया तो इसके घर वाले मुझे कभी माफ नहीं करेंगे.
मैं बहुत डर रहा था.
हिमानी खुद मेरा लंड पकड़ कर डालने लगी.
धीरे-धीरे डालने के बाद लंड थोड़ा अन्दर गया.
वह छटपटाने लगी थी तो मैंने और अन्दर नहीं डाला.
जितना लंड अन्दर गया था, बस उतने को ही धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा.
आठ दस बार आगे-पीछे करने के बाद कुछ चिकनाई सी आती महसूस हुई तो मैं समझ गया कि इसकी चुत भी लंड को अन्दर लेना चाह रही है.
मैंने उसके मुँह पर मुँह लगाया और जोर से लंड को चुत के अन्दर घुसेड़ दिया.
वह इतनी जोर से छटपटाई और चिल्लाने को हुई कि क्या ही बताऊं.
उसने किसी तरह से मेरे मुँह से अपना मुँह अलग कर लिया और जोर से चीख उठी.
उसकी आवाज पूरे घर में गूंज गई.
मुझे लगा कि कहीं आवाज बाहर न चली जाए.
इसकी चीख सुनकर कोई बाहर का व्यक्ति घर में अन्दर आ गया तो लेने के देने पड़ जाएंगे.
इसलिए मैंने जल्दी से उसके मुँह को अपने हाथ से दबा दिया ताकि आवाज बाहर न निकल पाए.
वह मेरे हाथ को काटने लगी.
उसे दर्द अच्छा-खासा हुआ था.
मैं लंड को अन्दर ही फँसा कर रुक गया और उसे किस करने लगा.
फिर धीरे-धीरे मैं अन्दर-बाहर करने लगा.
हिमानी को भी अब अच्छा लगने लगा.
वह अच्छा फील कर रही थी.
मैंने स्पीड धीरे-धीरे बढ़ानी शुरू की.
वह सीत्कार करने लगी ‘आ ऊह … आह ऊह … सागर … आई लव यू … प्लीज फक मी.’ कहने लगी.
मैं भी बोला- लव यू टू जान … यू आर सो ब्रेव गाल हिमानी!
कुछ देर तक हम दोनों चुदाई का मजा लेते रहे.
वह एक बार झड़ चुकी थी तो चुत में फिसलन हो गई थी.
अब मेरा माल आने वाला था.
मैंने उससे पूछा- हिमानी, स्पर्म चूत में डाल दूँ क्या?
वह मना करने लगी.
मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसके मम्मों के पास गिरा दिया.
इसके पहले मैंने माल से उसके मुँह को भर दिया था तो उसे बहुत खराब लगा था.
इसलिए इस बार मैंने उसके सीने पर रस झाड़ दिया था.
अब हम दोनों नंगे ही पूरे रूम में घूम रहे थे.
उसका घर काफी बड़ा था.
वह मुझे हर एक रूम दिखा रही थी.
वह आगे आगे चल रही थी तो मैं पीछे से उसके कूल्हे पर चमाट जड़ देता.
वह कराह कर बोलती- आह प्लीज मत करो न!
कुछ देर बाद मैंने पीछे से उसके बाल पकड़ कर वहीं किस करना शुरू कर दिया.
हम दोनों की हाइट सेम होने की वजह से लंड चूत से टकरा रहा था.
मैंने उसे खड़े-खड़े ही चोदना शुरू कर दिया और जैसे ही झड़ने को हुआ तो वीर्य को उसकी चूत के बाहर गिरा दिया.
उस दिन उसकी चूत को चार राउंड चोदने के बाद भी मेरा मन नहीं भरा था.
मैं और एक बार उसे चोदना चाह रहा था.
वह अगले राउंड के लिए मना कर रही थी लेकिन मैं नहीं मान रहा था.
वह बोली- क्या सब कुछ आज ही कर लोगे?
मुझे लगा कि इसे चोदने का दुबारा मौका पता नहीं कब मिलेगा, जो करना है आज ही कर लिया जाए.
कुछ देर के लिए हम दोनों की मस्ती थम गई.
हालांकि मैं बीच-बीच में मौका तलाश करता रहा कि किसी तरह से उसकी चूत चोदने का मौका मिल जाए.
फिर जब हम लोग किचन में गए तो वह पानी पीने लगी.
मैं भी उधर ही एक स्टूल पर बैठकर लंड हिलाने लगा.
वह मुझे देखने लगी तो आंखों ही आंखों से वासना जाग गई और मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया.
वह हंस दी तो मैंने सोच लिया कि इस लास्ट राउंड में आज इसकी चुत को अच्छे से बजाऊंगा.
यही सोचकर उसके पास जाकर उसे भी गर्म करने लगा.
वह खुद भी खड़ा लंड देख कर मूड में आ गई थी तो जल्द ही गर्म हो गई.
लंड खड़ा होने के बाद मैंने उसे इशारा किया तो वह चूसने लगी.
मैंने अच्छे से लंड चुसवाया.
उसके बाद उसे किचन की स्लैब पर बिठा कर मैंने उसकी टांगें फैलाईं और चूत चाटने लगा.
वह मेरे सर को अपनी चुत में दबाने लगी.
कुछ देर चुत चाटने के बाद मैंने लंड चूत में डाल दिया.
अब उसे भी मजा आने लगा जबकि अभी तक वह मना कर रही थी.
मैंने कहा- लंड का चस्का ऐसा ही होता है बेबी … एक बार चुत में घुस जाता है न तो बार बार चुदने का मूड करता है.
हिमानी चुदवाती हुई बोली- आह साले चुप हो जा … बस यूँ ही तेज तेज अन्दर डालते रहो!
कुछ देर बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में पीछे से ठोकना शुरू कर दिया.
हिमानी ‘आह … आह …’ करती हुई धीरे-धीरे मस्ती से चिल्लाती हुई चुत चुदवा रही थी.
मैंने उसके साथ कुछ और आसनों में सेक्स किया.
आखिरी में मैंने उसे अपने लौड़े पर बिठा कर चोदना चालू किया तो वह अपने दोनों हाथ अपने सर के पीछे रख कर मस्ती से गांड हिलाती हुई लौड़े से चुद रही थी.
उस वक्त उसके दोनों तने हुए दूध एकदम मस्ती से थिरक रहे थे और मैं उसे देख देख कर मस्ती से चोद रहा था.
अब मेरे लौड़े से माल आने वाला था तो वह लौड़े से ऊपर उठ गई और मैंने उसकी टांगों के बीच में ही रस झाड़ दिया.
वह थक कर मेरे सीने पर ही गिर गई.
कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए और मस्ती करते हुए कपड़े पहनने लगे.
फिर मैं अपने घर वापस आ गया.
मैंने उसे कई बार चोदा, उसकी गांड भी ढीली करके चोदी, वह सेक्स कहानी मैं बाद में सुनाऊंगा.
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