टीचर स्टूडेंट सेक्स कहानी में मेरी नीयत अपनी टीचर पर बिगड़ गयी. उसने भी मेरी वासना को जान लिया. उसने मुझे अपने घर बुलाया और सीधा बेडरूम में ले गयी.
कहानी के पहले भाग
टीचर की चूत चुदाई की तमन्ना
में आपने पढ़ा कि 12वीं की परीक्षा के बाद मैंने एक कंप्यूटर कोर्स ज्वाइन कर लिया. वहां की टीचर तमन्ना पर मेरा दिल आ गया. मैडम को भी मेरी नजर पता चल गयी. वे खुद भी प्यासी थी तो एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया.
अब आगे टीचर स्टूडेंट सेक्स कहानी:
मैं सुबह जल्दी उठकर नहा-धोकर मैडम के बताए पते पर पहुँच गया।
मैंने डोरबेल बजाई।
तमन्ना मैम पिंक कलर की नाइटी पहने मुस्कुरा कर दरवाजा खोलती नजर आई।
उनकी नाइटी के दो बटन ऊपर से खुले थे।
ब्रा न पहने होने के कारण दोनों चूचियाँ लगभग साफ दिखाई दे रही थी।
एकदम कड़क, चूचियों पर काले रंग के उभार साफ दिखाई दे रहे थे।
उन्होंने नीचे पेटीकोट भी नहीं पहना हुआ था।
मैम ने अपना हाथ मेरी कमर पर रखा, मुझे अंदर बुलाया, जिससे उनका बदन मेरे हाथ में आ गया।
उनका खुला हुआ सीना मेरी दिल की धड़कन बढ़ा रहा था।
मेरा दिल बहुत जोर-जोर से धड़क रहा था।
मैडम मुस्कुरा कर बोली, “अब ऐसे ही मुझे खड़ा देखते रहोगे अनुराग … या मुझे अपनी बाहों में उठाकर बिस्तर पर भी ले जाओगे?”
उनकी बात ने मुझे जोश से भर दिया और मैंने मैडम को वहीं दरवाजे पर ही उठा लिया और कस के तकड़े हुए अपने होंठ मैडम के पंखुड़ियों जैसे लबों से सटा दिए और उन्हें चूसने लगा।
मेरे मुँह में मैडम के मुँह का जूस आ रहा था, जिसका स्वाद और गंध बहुत ही नशीले थे।
मैडम की टाँगें हवा में लटकी हुई थी जिन्हें संभालने के लिए उन्होंने मेरी कमर से दोनों पैरों को जोर से लिपेट लिया और बाँह मेरी गर्दन में माला की तरह डाल दी।
मैंने मैडम को अपनी पूरी ताकत से अपनी बाहुपाश में बाँधा हुआ था।
मर्दाना ताकत से एक तगड़े मर्द के आलिंगन में बंधी होने से मैडम को आलौकिक सुख मिल रहा था।
मेरा लंड तन कर मैडम के पेट में घुसा जा रहा था।
मैडम की दोनों चूचियाँ तनकर मेरे सीने में गड़ रही थी।
मैडम ने भी दोनों हाथों से मुझे कस कर पकड़ रखा था और मुझे अपने मादक होंठों का रसपान करा रही थी।
काफी देर तक एक-दूसरे के होंठों का रस चूसने के बाद मैडम ने मेरे कान में कहा, “साले, अपने लंड के तो दर्शन करा मुझे!”
मैडम बोली, “अपनी आँखें हरी कर लूँ साले! बहुत दिनों से लंड ही नहीं देखा है!”
टीचर स्टूडेंट सेक्स शुरू हो चुका था और मुझे भी जोश आ रहा था।
मैंने कहा, “मैम, अपने आप ही देख लो! आज से ये तुम्हारा ही तो है!”
मेरा लंड भी मेरी पैंट से आजाद होने के लिए फुदक रहा है।
मैडम ने लपककर मेरी पैंट की बेल्ट खोलकर मेरी पैंट नीचे गिरा दी।
उसके बाद मैडम ने मेरी टी-शर्ट भी उतार डाली।
मेरी नंगी बाँहों को चूमते हुए मैडम ने बनियान उतार कर कहीं दूर फेंक दी।
फिर वे मेरे पेट की चुम्मियाँ लेने लगी।
मेरे निप्पल्स पर अपनी जीभ फिराई और नाभि चाटते हुए उन्होंने मेरा बॉक्सर शॉर्ट्स भी नीचे खिसका दिया।
अब मैं एकदम से मादरजात नंगा खड़ा था।
जिंदगी में पहली बार किसी औरत के सामने एकदम नंगा।
मेरा लंड नाग की भाँति फुदक रहा था।
मैडम ने जैसे ही अपने मुलायम हाथों से मेरा लंड पकड़ा, “अह! हाय! यह! उह!”
एक अजीब-सी सुलगनाहट शरीर में दौड़ पड़ी।
मैडम ने मेरे तने हुए लंड की उभरी-उभरी नसें दबाई और मेरे अंडे सहलाने लगी।
लौड़े की सुपारी को कई दफा चूमा, चाटा।
वे मेरे लंड की खाल को आगे-पीछे करके चाटने लगी, अपनी नाक सटा-सटा कर लंड की विशेष गंध का आनंद लेने लगी।
मैडम मेरे लंड को देख-देखकर ऐसे मुस्कुरा रही थी, जैसे किसी बच्चे को उसका मनपसंद खिलौना मिलने पर खुश हो जाता है।
और फिर वे मुँह में लेकर मेरे लंड को चूसने लगी।
तमन्ना बोली, “सुन ले अनुराग! मुझे तमन्ना बोल! कुतिया बोल, साले! रंडी बोल! आज मैं तेरी मैम नहीं हूँ! साले, कुतिया, आज मैं तेरी कुतिया हूँ, तेरी रंडी हूँ! तूने देखा है ना कुतिया को कुतिया कैसे चोदते हैं, ऐसे ही चोदना है तुझे मुझे!”
मैं बोला, “जैसा तू कहेगी तमन्ना!”
तमन्ना मैम बोली, “अनुराग, इतनी प्यासी तो मैं अपनी सुहागरात को भी नहीं थी यार! तूने ये क्या जादू कर दिया है अनुराग!”
वासना की बलशाली तरंगें मेरे शरीर में दौड़ने लगी थी।
चूत में सुलसुलाहट होने लगी और चूचक में तेजी से बढ़ती हुई अकड़न का अनुभव मुझे होने लगा था।
तमन्ना मैम बोली, “अनुराग, मुझे उठा, मेरे बेडरूम में जा पहुँचा और मुझे बिस्तर पर पटक दे!”
मैम चुदास की अग्नि में सुलगती हुई मुझ पर चिल्लाई, “चोद दे मादरचोद, आज अपनी मैम को! दिखा दे आज मुझे अपनी लंड की ताकत! मुझे भी आज देखनी है तेरे लंड की ताकत को! साले, बहुत दिनों से मुझे ताड़ रहा था। ले, कुतिया, कर ले अब अपनी तसल्ली! आज देखती हूँ साले, तेरे लौड़े में कितनी जान है! चोद हरामी, आज मुझे! फाड़ दे मेरी चूत! बहुत दिनों से प्यासी है! साले, आज तुझे खुली छूट है। जितनी तेरे लंड में ताकत है, उतना चोद मुझे आज!”
दोस्तो, मैं तो मैडम के इस रूप को देखकर आश्चर्यचकित रह गया।
जो मैडम एकदम सीधी-सादी भोली-सी लगती थी, वो आज मेनका का रूप धारण कर कामवासना में लीन नजर आ रही थी।
उनका मादक हुस्न उनकी प्यास की गवाही दे रहा था।
जब औरत प्यासी होती है और उसे कोई अच्छा लगने लगे, तो वो कुछ भी करने को लालायित रहती है।
और वो औरत, जिसका पति उसकी यौवन का रसपान कर उसे मझधार में छोड़कर चला जाए, तो उस औरत की कामवासना आप समझ सकते हैं।
एक बात और दोस्तो, शादी-शुदा औरत आपकी गुरु भी होती है। वो आपको काम कला की सारी बारिकियों से रूबरू कराती है। छोटी से छोटी बात भी कि कब, कहाँ, कैसे, क्या-क्या करना है? और जवानी के मजे कैसे लूटने हैं?
तमन्ना मैम ने मेरे कान में कहा, “अनुराग फक मी सो हार्ड अनु, ऐज यू कैन डू!”
मैंने मैडम को बिस्तर पर पटक दिया।
उनके जिस्म पर पिंक कलर की पैंटी को मैंने खींच कर फाड़ डाला।
मेरे सामने मेरी तमन्ना मैम आनंदमयी एकदम नंगी दिखाई दे रही थी।
दूधिया बदन, गोरी-गोरी मोटी-मोटी चूचियाँ और उनके काले घुँघराले बालों के बीच गुलाबी मुलायम चूत मेरे सामने थी।
आज तक मैंने किसी लड़की या औरत को इस रूप में नहीं देखा था।
मैंने मैडम को नीचे से उनके पैरों की ओर चूमना और चाटना शुरू कर दिया।
होंठों से होंठ फिर गाल, सब पर अपनी जीभ से मजा देने लगा।
दोनों चूचियों को हाथ से बार-बार दबाकर मुँह में भर लिया।
अपनी जीभ से उनके गोल-गोल निप्पल्स को घुमा-घुमा कर चाटने और चूसने लगा।
मैडम को बहुत मजा आ रहा था।
तमन्ना बोली, “आह! उह! ह! ऐसे ही अनुराग! आह! ओउह! उह! ईज्ज! पियो अनुराग इन निप्पल्स को ऐसे ही!”
साले, कब से तरस रहे थे कि कोई आकर इनको पिए।
मुझे भी जोश आ गया।
मैंने दबाकर मैडम की चूचियों को मादन किया।
मैडम भी अपनी जीभ निकालकर मेरे साथ ही अपने निप्पल्स को मुँह में लेने का प्रयास कर रही थी।
उनकी चूचियाँ फूलकर बड़ी हो गई थी।
मैं नीचे उनकी नाभि पर आ गया और उनकी नाभि को चूसने और चाटने लगा।
मैडम एक मछली की तरह तड़प रही थी।
उनके मुँह से, “आह! ओउह! उह! ईस्स! आह! ओउह! उह! ईज्ज!” की आवाजें मेरी मन-मस्तिष्क को बहुत आनंद दे रही थी।
मेरा लंड बढ़कर 6 इंच का हो चुका था।
मैडम का हाथ मेरे लंड पर पहुँच गया था।
मैं थोड़ा-सा नीचे की तरफ आया ताकि मैडम की गुलाबी चूत मेरे सामने आ सके और मैं मैडम की गुलाबी चूत का रसपान कर सकूँ।
मैंने अपनी जीभ मैडम की चिकनी गुलाबी चूत पर रख दी और मैडम की चूत के रस का रसपान करने लगा।
मैडम के मुँह से, “आह्ह्ह! उह्ह्ह! ईश्स ! उह्ह्ह!” की आवाजें मेरे मन-मस्तिष्क को बड़ा आनंद दे रही थी।
मैंने अपनी जीभ से मैडम की चूत को चोदना शुरू कर दिया।
2-3 मिनट की चुसाई में ही मैडम की चूत ने रस धारा छोड़ दी।
मैडम ने अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़ लिया और अपनी चूत के मुँह पर लगा दिया।
मैडम की चूत से एक जोरदार नमकीन जूस की धार ने मेरे सारे मुँह को भिगो दिया।
मैं फिर भी अपनी जीभ मैडम की चूत में ले जाकर उसे चूसता रहा।
दोस्तो, बहुत ही मजा आ रहा था।
जिंदगी का पहला अनुभव, वो भी इतना हसीन।
मैं अपनी किस्मत पर हँस रहा था।
जिस चीज को पाने के लिए लोग तरसते हैं, वही मुझे बिना माँगे मिल रही थी।
मैंने अपनी दो अंगुली मैडम की चूत में डाल दी और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
मैडम इतनी उत्तेजित थी कि बार-बार अपनी चूत को ऊपर-नीचे कर रही थी और साथ ही साथ बड़बड़ा रही थी, “अनुराग! लव मी! फक मी सो हार्ड अनु! लव मी!”
तमन्ना मैम साथ ही साथ मुझे बता रही थी, “अनु, ऐसे करो! अनु, वैसे करो!”
मैम बोली, “अनुराग, अब 69 पोजीशन में आओ!”
मैं बोला, “ये 69 क्या होता है मैम?”
मैम बोली, “अरे बुद्धू, ये 69 भी नहीं पता! अपनी टाँगें मेरे मुँह की ओर करो और अपना सिर मेरी चूत की ओर, जिससे मैं तुम्हारे लंड को चूसूँ और तुम मेरी चूत को! आओ, करो! बहुत मजा आएगा!”
मैं तुरंत 69 पोजीशन में आ गया।
मैडम ने मेरे गुलाबी लंड को अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसना चालू कर दिया।
वे साथ ही साथ बोले जा रही थी, “आह! क्या मस्त लंड है अनुराग तेरा तो! साला, इतने दिनों से लंड के लिए तड़प रही थी! मेरा पति कुतिया, हरामजादा मुझे ऐसे ही छोड़कर चला गया! पर यार! आज तेरे इस लंड को मैं खा जाऊँगी! साले! मेरी चूत तरस रही है लंड लेने के लिए!”
मेरे लिए ये बहुत ही नया अनुभव था।
मैंने मैम की चूत में जीभ डालकर चूसना चालू कर दिया।
मैम की सिसकियाँ मेरे खून का प्रेशर बढ़ा रही थी।
तमन्ना फिर से मेरे लंड को इतने प्यार से चूस रही थी और मैं उनकी प्यारी मुनिया को।
वो लगातार मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर आइसक्रीम की तरह चूस रही थी।
मझे लग रहा था कि मेरा लंड उबल रहा है; किसी भी वक्त फट सकता है।
मैंने मैम से कहा, “मैम! मैम! मैं आने वाला हूँ!”
तमन्ना बोली, “मादरचोद, तुझसे बोल रही हूँ ना, मुझे तमन्ना बोल! कुतिया बोल, रंडी बोल साले! आज मैं तेरी रंडी हूँ! मैम-मैम बोलकर सारे मूड की माँ मत चोद!”
मैं बोला, “तमन्ना! मैं आने वाला हूँ!”
तमन्ना बोली, “तो आजा कुतिया, निकाल दे मेरे मुँह में ही! बहुत दिन हो गए! साली मलाई नहीं मिली!”
मैं हाँफता हुआ तमन्ना के मुँह में ही झड़ गया।
तमन्ना मैम ने मेरे लंड की सारी मलाई अपने मुँह में लेकर एक ही झटके में अपने गले के नीचे उतार ली।
तमन्ना बोली, “आह! क्या मस्त मलाई है साले अनु तेरी! आज इस लंड को तो मैं नहीं छोड़ने वाली हूँ! आह! उह!”
मैम मेरी वीर्य की आखिरी बूँद तक चाट गई।
दोस्तो, आपको क्या बताऊँ! मेरे आनंद की पराकाष्ठा! ऐसा लग रहा था, जैसे जिंदगी का असली आनंद आज मुझे मिल रहा था।
मैं हाँफता हुआ वहीं तमन्ना के बिस्तर पर लेट गया।
तमन्ना मेरे मुँह पर बैठ गई और अपनी चूत का मुँह मेरे मुँह के ऊपर रख दिया।
वह बोली, “साले, चोद अपनी जीभ से! मेरी चूत में आग लगी है! कुतिया, आज खा जा इस चूत को! साले ने बहुत दिनों से परेशान कर रखा है!”
मैंने भी लपलप अपनी जीभ मैम की चूत में डाल दी और लपलप अपनी जीभ से मैम को चोदने लगा।
क्या मस्त नजारा था दोस्तो!
मैम ने मेरे दोनों हाथों को पकड़ कर अपनी तनी हुई चूचियों पर रख दिए और कहा, “पकड़ साले इन्हें! मसल! भींच जोर-जोर से! चोद साले! चोद कुतिया, चोद मुझे!”
वैसे दोस्तो, जब कोई शादी-शुदा महिला चुदासी होती है, तो वो कुछ भी करने को तैयार रहती है। कुछ भी मतलब कुछ भी!
तमन्ना मस्ती में डूब रही थी और बड़बड़ाती जा रही थी।
एक बार फिर उसकी चूत ने मेरे मुँह पर शहद का फव्वारा छोड़ दिया था।
अब तक 2 बार उसकी चूत शहद छोड़ चुकी थी।
तमन्ना निढाल होकर मेरे ऊपर ही लेट गई।
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