टीचर ने दी पहली चुदाई की क्लास- 3

हॉट मैडम फक स्टोरी में मैडम ने मुझे अपने घर बुलाया. वे अकेली थी. उन्होंने मेरा लंड चूसा, फिर 69 में अपनी चूत चटवाई. उसके बाद की पूरी चुदाई का मजा लिया हम दोनों ने.

कहानी के दूसरे भाग
टीचर के साथ 69 ओरल सेक्स
में आपने पढ़ा कि मैडम ने मुझे अपने घर बुलाया और बिना समय गँवाए वे मेरे साथ सेक्स का मजा लेने लगी. हमने 69 पोजीशन में एक दूसरे को पूरा मजा देकर स्खलित कर दिया.

अब आगे हॉट मैडम फक स्टोरी:

मेरे कान में उसने धीरे से कहा, “अनु! फक मी हार्ड! ऐसी चुदाई कर मेरी जो मैं आज का दिन हमेशा याद रखूँ! चोदो मुझे! अनु, चोदो!”

मेरे दिमाग में भी एक शैतानी आइडिया आया।
मैंने तमन्ना से कहा, “मैम, मैंने एक बार एक पॉर्न फिल्म देखी थी, जिसमें नायक नायिका को बिस्तर से बाँध कर चुदाई करता है। अगर बुरा न मानो, तो आपको बिस्तर से बाँध कर चुदाई का मजा दूँ!”

मैम की आँखें एकदम चमक गई।

तमन्ना बोली, “अरे वाह! अनु, क्या आइडिया है! बेहतरीन! आज तुझे खुली छूट है। जैसे तेरा मन करे, वैसे मुझे चोद! बस मुझे मजा आना चाहिए! 1 महीना हो गया उस कुतिया सुनील को गए हुए, बचपन वाला मेरी चूत को प्यासी ही छोड़ गया! उस साले ने ये भी नहीं सोचा कि उसके जाने के बाद मेरी इस चूत का क्या होगा! मेरी चूत 1 महीने से प्यासी है! आज तू जो भी कर सकता है, कर! बस मेरी चूत को मजा आना चाहिए!”

तमन्ना बोली, “रुक, मैं अभी देखती हूँ बाँधने के लिए क्या है!”

मैम उठी और नंगी ही चलकर दूसरे कमरे में चली गई।
मैं मैम को पीछे से निहार रहा था।
मैम की मस्त गांड चलते हुए बड़ी प्यारी लग रही थी।

दोस्तो, किसी नंगी औरत को, जिसके चूतड़ भरे हुए हों, पीछे से देखने पर बड़ी मादक दिखाई देती है। मन करता है, साली को पकड़ कर इसकी गांड मार लो।

मैम अपने साथ एक साड़ी का टुकड़ा लाई और मुझसे बोली, “ले कुत्ते, कर अपनी इच्छा पूरी! ले, बाँध इससे मेरे दोनों हाथ और दोनों पैर!”

तमन्ना बोली, “एक बात और सुन पिल्ले! मेरे साथ आज कोई रहम मत करियो! चोद मुझे साले! और मुझे तमन्ना या मैम मत बोल … कुतिया बोल! आज मैं तेरी रंडी हूँ! साले, रंडी बोल, कुतिया बोल, जो भी तू बोल सकता है, बोल बिंदास!”

मैं बोला, “पर मैम!”
तमन्ना बोली, “ये पर-पर क्या लगा रखा है! भोसड़ी के, एक बात समझ नहीं आती तुझे! कह रही हूँ ना!”

मैं भी अब पूरे जोश में आकर बोला, “चल कुतिया, तैयार हो जा!”

मैंने तमन्ना के एक-एक करके दोनों हाथ और दोनों पैरों को बिस्तर पर बाँध दिया।
तमन्ना नंगी बिस्तर पर बंधी बड़ी प्यारी लग रही थी, उसके दोनों चूचे कस कर टाइट हो गए थे।

पेट के ऊपर नाभि बहुत ही सुंदर दिख रही थी और कुतिया की गीली चूत मुझे आमंत्रण दे रही थी.

वो बोली, “आ अनु, चोद! साले, इससे पहले किसी लड़की या औरत को ऐसे देखा है?”
मैं बोला, “नहीं!”

तमन्ना हँसी, “तो साले, ले, जीवन के इस असम प्रेम का आनंद! स्त्री-पुरुष के प्रेम की कुंजी यही है, जिसे तू निहार रहा है!”

जीवन में अपनी सील तोड़ने के लिए मेरा लंड भी हवा में टनटनाया हुआ एक बार फिर से खड़ा हो गया।

मैं बोला, “कुतिया, बता, कहाँ से शुरू करूँ! आज तू भी याद रखेगी इस दिन को! जब तक तू थक नहीं जाती है, तुझे बस चोदता हूँ, रहूँगा!”

तमन्ना बोली, “भोसड़ी के, मुझे थकाएगा तू! मैम हँसी! कुतिया, ना जाने कितने राजा-महाराजा और ये सारी दुनिया इस छेद में घुस कर खो गई! और कुत्ते, तू मुझे थकाएगा! साले, आज अगर तूने मुझे खुश कर दिया, तो मैं जीवन भर तेरे इस लंड की दीवानी रहूँगी और जहाँ भी, जैसे भी तू मुझे चोदने के लिए कहेगा, मैं तेरे पास चली आऊँगी!”

तमन्ना बोली, “साले, मेरे एक-एक अंग को अपनी जीभ से चूम! चाट अपनी जीभ से! पहले चूस! मेरी चूत को बहुत मजा आ रहा है तेरी चुसाई से!”

आगे की हॉट मैडम फक स्टोरी तमन्ना मैम की जुबानी:

जैसे-जैसे मैं अनुराग को बता रही थी, वैसे ही वो हरामी कर रहा था।
उसने मेरे पैर से लेकर मेरे अंग-अंग को अपनी लपलपाती जीभ से पागल कर दिया था।
उसकी जीभ ने मुझे असम आनंद की गहराइयों में पहुँचा दिया था।

वो मेरी नाभि, मेरी गर्दन, मेरे चूचों को अपनी जीभ से चोदे जा रहा था।
ऐसा नहीं लग रहा था कि वो पहली बार किसी स्त्री के साथ प्रेमालाप कर रहा हो।
वो एक मर्द की तरह मुझे काम सुख दे रहा था।

उसने एक बार फिर से अपने होंठ मेरी ललसाती चूत पर लगा दिए और सुड़-सुड़ करके कुतिया की तरह मेरी चूत में भरे रस को पीने लगा।
जैसे-जैसे वो मेरी चूत में जीभ डालकर मेरा चूत रस पी रहा था, मेरी गोल मचलने लगी थी।
मैं मजे से काँप रही थी।

अचानक से उसने मेरी भगनासा (क्लिटोरिस … दोस्तो, यह वो जगह होती है, जो औरत/लड़की को सबसे अधिक कामोत्तेजित करती है) को अनुराग ने अपने दाँत से काट लिया।
मेरी जोर से चीख निकल गई।

लेकिन मुझे असम आनंद की प्राप्ति हो रही थी।
ऐसा लग रहा था, जैसे आज मैं अपनी सुहागरात मना रही हूँ।

उसकी जीभ मेरी चूत की दीवारों में सनसनी मचा रही थी।
मेरी सहनशक्ति अब जवाब दे रही थी।
अचानक से मैं चरम सीमा के पार एक तूफान की तरह झड़ी।

जोर-जोर की चिल्लाहटें, सीत्कारियाँ, सिसकियाँ, आहें और ना जाने क्या-क्या आवाजें मेरे मुँह से निकल रही थी।

मुझे महसूस हो रहा था कि मेरी चूत से बहुत अधिक मात्रा में जूस फव्वारे के रूप में निकल रहा था, जिसे वो कुत्ता अनुराग कुतिया की भाँति सुड़-सुड़ करके पी रहा था।
उसकी जीभ की टुकर-टुकर ने मेरे तन-बदन में आग लगा रखी थी।

दोनों टाँगें और हाथ बंधे होने के कारण मैं एक मछली की तरह तड़प रही थी और अनुराग मेरी कामाग्नि को भड़काए जा रहा था।

अगले ही पल अनुराग उठा और अपना खीरे जैसा लंड मेरे मुँह में दे दिया और अपने लंड से मेरा मुँह मैथुन करने लगा।

अनुराग का लोहे जैसा लंड ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने मेरे मुँह में कोई सॉलिड आइटम दे दिया और वो मेरे गले तक घर्षण कर रहा था।

एक बार तो साले ने गले के नीचे तक अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया।
मेरे मुँह से “घुं-घुं” की आवाज निकलने लगी।
ऐसा लगने लगा, जैसे मेरा दम घुट रहा है।

मैंने अपने हल्के दाँत अनुराग के लंड पर लगाए तो उसे कुछ होश आया और उसने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला।
तब जाकर मुझे होश आया।

मैं उस हरामजादे पर बरस पड़ी, “हरामी सूअर, आज दम निकालेगा मेरा कमीने! भोसड़ी के मेरे हाथ और पैर खोल! मैंने ऐसे थोड़े ही बोला था!”

अनुराग करता हुआ मिमियाने लगा।
उसकी शक्ल देखने लायक थी।
मुझे उसकी शक्ल देखकर हँसी आ गई।

मैंने उसे प्यार से समझाया, “अनु, प्यार से!”
मैं बोली, “अब आओ, मेरी चूत की प्यास बुझा दो! कब से प्यासी है! अनुराग, चोदो मुझे!”

मैंने अनुराग से कहा, “एक तकिया मेरे चूतड़ के नीचे लगा! और मेरे राजा, खोल दे मेरी चूत का दरवाजा!”

तकिया लगने से मेरे चूतड़ ऊपर उठ गए।
मेरी क्लीन शेव चूत बिल्कुल उसके लंड के सामने थी।
अभी भी चूत के चारों ओर चूत रस फैला हुआ था।

अब तक मैं लगभग तीन बार झड़ चुकी थी।

अनुराग का लंड पहली बार किसी औरत का मादन करने के लिए तैयार था।
अगले ही क्षण उसने अपना फौलादी लंड मेरी चूत के छेद पर सेट किया और एक जोरदार धक्के से मेरी चूत की गहराई में उतार दिया।

एक मस्ती भरी चीख मेरे मुँह से निकली, “आ आ आ उह उग्गह! इ! उह! आह!”
मैंने अपनी चूत को कस लिया ताकि लंड फँसा हुआ महसूस कर सकूँ।

मैंने अनुराग से कहा, “अनुराग, अपने दोनों हाथों से मेरे चूचों को जोर से मसलो और जोरदार धक्के मारते रहो!”

उसे भी जोश आ गया।
उसने मेरी दोनों चूचियों का जोरदार तरीके से मर्दन चालू कर दिया और अपने लंड के जोरदार झटकों से मुझे सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।

हर धक्के के साथ मैं चिल्ला रही थी, “फक मी अनु! चोद ऐसे ही और जोर से! भोसड़ी के, कितने दिन बाद ऐसा आनंद मिला है, जिसके लिए मैं तड़प रही थी! चोद भोसड़ा के! और जोर-जोर से! आह! आह! आह! उह! आज इस हरामजादी चूत का फाड़ दे! आह! आह्ह!”

दोस्तो, जब लंड चूत में जाता है, तो फच-फच की मस्तानी ध्वनि होती है। इस मधुर संगीत जैसा कोई संगीत नहीं है।
कितना सुकून देती है यह ध्वनि!
आपने महसूस किया होगा।
अगर नहीं किया है, तो महसूस कीजिएगा।
यह चुदाई की फच-फच की ध्वनि मस्ती के खुमार को और बढ़ाती है।

अनुराग का लंड पूरा सख्त होकर गर्म लोहे की रॉड जैसा हो चुका था।
उसके हर धक्के से मुझे असीम आनंद की प्राप्ति हो रही थी।
मेरी मस्ती सातवें आसमान पर जा पहुँची थी।

मैं और अनुराग दोनों ही लगभग पसीने से लथपथ।
मेरे पूरे शरीर से पसीना ऐसा चू रहा था, मानो किसी ने पानी डाल दिया हो।
कमरे का ए.सी. भी ऐसा लग रहा था, जैसे काम ही नहीं कर रहा हो।

अब मैं स्खलन के बहुत करीब थी।
और शायद अनुराग भी बहुत तेजी से चरम सीमा की ओर अग्रसर था।

अनुराग ने अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ लिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
एक करंट-सा उसके शरीर में दौड़ा और वह भरभराता हुआ मेरी की चूत में ही झड़ गया।

मैंने उसे अपने दोनों हाथों से भींच लिया था।

मैं बोली, “मेरी चूत में गर्म पानी का झरना-सा फूटता हुआ-सा महसूस हुआ अनुराग!
साथ ही मेरी चूत ने भी एक बार फिर से रस की धारा छोड़ दी थी।
वो साला भी मुझे गाली बक रहा था और शॉट पर शॉट लगाए जा रहा था और अपने लंड का लावा मेरी चूत में उड़ेल रहा था।

ना जाने उस एक चुदाई में मैंने कितनी बार चरमसुख का आनंद प्राप्त किया।
मैं बार बार स्खलित होती रही.

हम दोनों पूरा शरीर पसीने से लथपथ हो गया था।
ऐसा नशा मैंने अपनी जीवन में पहले कभी महसूस नहीं किया था।
दोस्तो, क्या अद्भुत आनंद था!

अनुराग के लंड का लावा खत्म होने पर वो कुत्ता मेरे ऊपर ही निढाल होकर गिर गया।
उसका बदन अब ढीला पड़ चुका था।
यही हाल मेरा भी था।

मैंने हौले से उसे अपने ऊपर से खिसका कर अपनी बगल में कर लिया।

हम दोनों ही अपनी फूली हुई साँसों को सही करने में लग गए।
थोड़ी देर में मैंने अपना चेहरा अनुराग की ओर करके उसके माथे पर एक प्यारा-सा चुम्मा दे दिया और उसके कान में फुसफुसाई, “अनुराग, आज तूने मुझे जिंदगी का वो मजा दिया है, जिसके लिए मैं तरस रही थी!”

मैंने फिर से एक बार अनुराग के होंठों को चूम लिया, “बहुत मस्त चुदाई की अनुराग तूने मेरी!”

दोस्तो, जीवन का यह हॉट मैडम फक अनुभव बहुत ही प्यारा था।

उस दिन मैंने और तमन्ना मैम ने लगभग 4 घंटे तक जीवन का भरपूर आनंद लिया था।
वो मेरे जीवन का सबसे स्वर्णिम दिन और सेक्स की पहली पाठशाला थी, जो मेरे मन-मस्तिष्क में आज भी है।

उसके बाद तो मैंने और तमन्ना मैम ने 2 साल तक एक-दूसरे को भरपूर आनंद दिया।
और अब तक मैं ना जाने कितनी ही प्यारी-प्यारी चूतों को आनंद दे चुका हूँ।
पर जो आनंद उस दिन मुझे तमन्ना मैम के साथ आया, वो आनंद मेरे जीवन के सबसे सुखद पलों में से एक था।

प्यारे दोस्तो, जीवन की दुश्वारियाँ कभी कम नहीं होंगी इसलिए जीवन के हर पल का आनंद उठाओ जिस तरीके से आप जीवन का आनंद ले सकते हो।

दोस्तो, मेरी ये हॉट मैडम फक स्टोरी आपको कैसी लगी, अपना फीडबैक अवश्य दीजिएगा।
मुझे मेरी मेल आईडी पर।
सादर नमस्कार! इसी भावना के साथ आप हँसते, मुस्कुराते रहें और जीवन के हसीन पलों का आनंद उठाते रहें।
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