गर्म साली की चुदाई कहानी में मेरी छोटी साली बहुत गर्म थी. मैं उसे चोदना चाहता था. उसकी हरकतें भी चुदवाने वाली थी. एक दिन ससुराल में हम दोनों अकेले थे.
दोस्तो, मेरा नाम भावेश है. मेरी हाइट 5.5 इंच है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ.
मेरी शादी को तीन साल हो गए हैं.
मैंने अपनी साली को पटाकर ससुराल में ही उसको कैसे बेरहमी से चोदा, यह गर्म साली की चुदाई कहानी उसी घटना को लेकर लिखी है.
मैं जब भी अपने ससुराल जाता हूँ तो मेरी छोटी वाली साली को देखकर मुझे उसको वहीं पर चोदने का मन हो जाता है.
पर क्या करूँ … मैं मजबूर था.
कभी ऐसा मौका आया ही नहीं कि उसके साथ सेक्स का सुख लिया जा सके.
मैं आपको बता दूँ कि मेरी तीन सालियां हैं.
एक की शादी हो चुकी है, दो अभी बाकी हैं.
मेरी छोटी वाली साली काफी सेक्सी दिखती है.
उसका नाम प्रिया है. वह इतनी हॉट माल लगती है कि मुझे उसको हर हाल में चोदने का मन था.
प्रिया का फिगर 30-28-34 था और जब वह सलवार-कमीज़ पहनती थी … आह साली क्या सेक्सी माल दिखती थी.
ऐसा लगता था कि उसको उसी वक्त वहीं लेटा कर चोद डालूँ.
आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका मुझे इंतज़ार था.
हुआ यूं कि मेरी लगातार कोशिशों से इतना हो गया था कि मेरी साली प्रिया मुझसे काफी खुल कर मजाक करने लगी थी.
जब भी मैं ससुराल जाता तो मेरी साली मेरे साथ मजाक के साथ साथ कुछ कुछ अजीब सी हरकतें भी करने लगी थी.
उसकी उन हरकतों को देख कर मुझे लगने लगा था कि इसकी टांगों के बीच में खुजली होने लगी है.
शायद उसको भी मेरे साथ सेक्स करना था, पर वह बता नहीं पा रही थी.
एक बार मैं अपनी ससुराल में गया.
उस दिन ससुराल वाले घर में मेरी साली प्रिया अकेली थी.
मेरी सास काम पर चली गई थीं, वे जॉब करती हैं.
मेरा साला छोटा है, उस वक्त वह स्कूल चला गया था.
जब हम दोनों वहां पहुंचे तो मेरी बीवी को उसकी सहेली का फोन आ गया था और उसे अपनी सहेली को लेकर कहीं बाहर जाना था.
उन दोनों का शाम तक वापस आने का प्रोग्राम था.
यह सब देख कर मैंने प्लान बना लिया कि आज तो मैं प्रिया को चोद कर ही रहूँगा.
कुछ देर बाद मेरी बीवी अपनी सहेली के साथ चली गई.
अब घर में मैं और मेरी साली प्रिया ही रह गए थे.
वह कुर्सी पर बैठ कर टीवी देख रही थी. मैं बेड पर लेट कर मोबाइल देख रहा था.
वह बार-बार उठ कर मुझे छूने के बहाने कुछ लेने को आती थी.
कभी उसके हाथ, कभी उसके बूब्स मेरे जिस्म से टच हो रहे थे.
उसके दूध तो मुझसे ऐसे टच हुए कि बस लंड में आग ही लग गई.
हुआ यूं कि वह मेरे पास आई और मेरे बाजू में पड़े रिमोट को उठाने के लिए मुझे पर झुक कर उसे उठाने लगी.
इससे उसके दूध मेरे सीने से दब गए.
जिस वक्त उसके दूध मेरे सीने से लगे, मेरा लंड उसी पल वहीं खड़ा हो गया.
मैंने उससे मज़ाक किया- यार तेरे छूने से मेरा खड़ा हो गया … मुझे पता ही नहीं था कि तेरे इनमें इतना पावर है कि मुझे करंट लग गया है.
यह मैंने उसके मम्मों की तरफ इशारा करते हुए कहा था, तो वह शर्मा गई.
उसी वक्त मैंने उससे कह दिया- प्रिया यदि तू राजी है तो मैं तुझको चोदना चाहता हूँ.
वह कुछ नहीं बोली, बस शर्मा कर किचन में चली गई.
मैं समझ गया कि मामला सैट हो गया है.
अब मैं उसे चोदने के लिए खुद को रेडी करने लगा और उसी की तरफ से शुरू होने वाली किसी हरकत का इंतजार करने लगा.
जब वह किचन से वापस आई तो मैंने उसे बेड पर आने का इशारा किया.
वह शर्मा कर बेड पर मेरे पैरों के पास बैठ गई.
मैंने उसको पूछा- हां जी मैडम … क्या जवाब है आपका?
वह बोली- दीदी आ जाएंगी!
मैं समझ गया कि उसका इरादा साफ़ था.
मैंने उससे कहा- वह शाम को आने वाली है … तुम उसका टेंशन मत लो, वह मैं देख लूँगा!
तो वह मुस्कुरा दी यानी वह राज़ी हो गई थी.
बस फिर क्या था, मेरा अजगर तो फन फैलाकर खड़ा हो गया.
वह मेरे फूलते लौड़े के पहाड़ को देख कर गर्म हो गई और बेड से उठ कर कमरे के बाहर चली गई.
उसने आजू-बाजू देखा और कमरे में वापस आ गई.
अन्दर आकर उसने कमरे का दरवाज़ा बन्द कर दिया और मेरे पास आ गई.
वह बोली- जीजू, मेरा पहली बार है!
मैं बोला- तो पहले गांड मारनी पड़ेगी तुम्हारी … जाओ किचन में जाकर थोड़ा तेल ले कर आ जाओ!
वह हंसने लगी और बोली- तेल तो मैं ले आती हूँ लेकिन पीछे के लिए नहीं … शायद आगे में जरूरत पड़ जाए.
मैं हंस दिया.
वह तेल लाई और मैं तेल की कटोरी रख कर उसको अपने पास खींच कर किस करने लगा.
वह भी मेरा साथ देने लगी.
कुछ ही देर में हम दोनों में वासना भड़कने लगी और मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए.
वह मेरे सामने अब सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी … आह क्या मस्त माल लग रही थी.
उसे टू पीस में देख कर मैंने भी जल्दी जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए.
अब मैं उसको अपने बाजू में खींच कर उसके साथ प्यार करने लगा.
मैंने उसकी ब्रा पैंटी भी उतार दी और उसके दूध मसलने लगा व चाटने लगा.
फिर मैंने उसकी चूत में उंगली की तो हाय क्या चिकनी चूत थी.
मैंने चुत देखी तो एकदम गुलाबी चुत थी.
ऐसी चुत तो उसकी दीदी की भी नहीं थी.
मैं झट से उसकी टांगों के बीच में आया और उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी.
वह मेरी जीभ की गर्मी अपनी गर्म चुत पर पाते ही एकदम से काँप उठी और उसने मेरे बाल पकड़ लिए.
यह उसका पहली बार था, इसलिए वह मुझे सहन नहीं कर पा रही थी.
मैं साली की चुत चाटता गया और वह कुछ ही देर में झड़ गई.
अब मैंने उसको उल्टा किया और उसकी गांड में जीभ डालकर चाटने लगा.
अह … क्या मज़ा आ रहा था मुझे … मत ही पूछो.
मैं उसको सीधा करके बेड पर बैठाया और अपना लंड उसके हाथ में दिया.
वह मेरा लंड देखकर डर गई.
मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था.
मैंने उससे कहा- कुछ नहीं होगा!
यह कह कर मैंने अपना मूसल लंड उसके मुँह में डाल दिया.
वह लंड चूसने लगी.
उसने थोड़ी देर तक लौड़े को चूसा, फिर वह मुझे लालसा भरी नजरों से देखने लगी.
मैंने घड़ी देखी तो 10 बज रहे थे.
मेरे पास बहुत समय था.
अब मैंने लंड की तेल से मालिश की और उसकी चुत को तेल से तर कर दिया.
फिर मैंने उसको बेड पर चित लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया.
मैंने अपने पैरों की मदद से उसके दोनों पैर फैला दिए और उसकी चूत पर अपना लंड सैट कर दिया.
फिर मैंने सुपारे को चुत की फांक में रगड़ कर एक धक्का दिया तो लंड फिसल गया.
मैंने फिर से हाथ से लंड को पकड़ कर चुत में सैट कर दिया और शॉट मार दिया.
इस बार मैंने सही निशाना लगाया था और पूरी ताकत से पेला था, तो मेरा लंड का टोपा चूत में चला गया था.
वह सुपारा खाते ही चिल्ला उठी- ऊई जीजू निकालो … बहुत दर्द हो रहा है!
मैंने उसे किस किया और एक धक्का और दे दिया.
वह रोने लगी.
मैं रुक गया और उसे चूमते हुए उससे बोला कि कुछ नहीं होगा, बस थोड़ा सा दर्द और होगा!
मैं ऐसे ही लेटे रहा.
थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो मैंने एक ज़ोरदार धक्का फिर से लगा दिया.
इस बार लंड ने गुर्राते हुई चुत फाड़ दी.
उधर मेरी साली की तो जैसे जान ही निकल गई.
मैं थोड़ी देर रुका रहा और उसके बाद उसको धीरे धीरे चोदने लगा.
कुछ देर बाद उसका दर्द थोड़ा कम हुआ और वह कराहती हुई लंड का सुख लेने लगी.
अब मैं कहां रुकने वाला था.
कसी हुई चुत फाड़ दी थी मैंने … बस अब मैं उसको गपागप चोदने लगा.
उसको भी मज़ा आने लगा. वह भी मेरा साथ देने लगी.
कुछ देर बाद मैंने उसको डॉगी स्टाइल में चोदना चालू किया तो वह बहुत मज़ा लेने लगी.
कुतिया जैसे चुदने में वह झड़ गई.
उसके बाद मैंने उसे अपने लौड़े पर कुदवाया.
उस पोजीशन में मैंने उसके दूध भी खूब मसले व चूसे.
वह भी लंड की सवारी करके बड़ी मस्त हो गई थी.
उस दिन वह मेरे साथ पहली बार की चुदाई में दो चार बार झड़ चुकी थी.
अब मेरा भी निकलने वाला था.
मैंने उससे पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ!
वह बोली- मेरे जीजू के लंड का रस मैं अपनी चूत में लेना चाहती हूँ!
मैं उसकी बात सुनकर एकदम से कामुक हो गया और मेरी स्पीड बढ़ गई.
कुछ ही पलों में मैं उसकी चुत में ही झड़ गया.
मेरे लंड का सारा माल मेरी साली की चूत में चला गया था.
वह मेरे सीने पर लेट कर मुझे चूमती हुई बोली- थका दिया आपने जीजू!
मैंने उसके चूतड़ सहलाते हुए कहा- तेरी चुत एकदम टाइट है प्रिया. सच में मजा आ गया बस अब तू ऐसे ही देती रहना … समझी न!
वह बोली- हां समझ गई कि अब मैं आपको अपनी बुर का मजा देती रहूँ!
मैं हंस दिया और उसको चूमने लगा.
उस दिन मैंने उसे दो बार चोदा और हर बार अलग अलग आसनों में प्रिया को चोदा.
मैं दो बार चोदने के बाद उसे अपने नीचे लेकर उसके ऊपर लेट गया.
कुछ देर बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर एक-दूसरे को साफ़ किया.
फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और अपनी जगह पर आकर बैठ गए.
थोड़ी देर में मेरी सास व उसका छोटा लड़का यानि मेरा साला घर आ गया.
हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे.
अब वह खुल कर मुझसे चुदवाने लगी है.
उस दिन वापस जाते समय मैंने उससे कहा था कि अगली बार आऊंगा तो जमकर चोदूँगा और पहले तेरी गांड मारूँगा.
वह हंस कर बोली- जानू, अब तो ये साली तुम्हारी घरवाली हो गई है. ये सारा जिस्म तेरा है … चाहे तुम गांड मारो या चूत … वैसे मुझे और मेरी गांड को इंतज़ार रहेगा तेरे लंड का … तुम बस जल्दी से आ जाना जानू!
उसके बाद हम सभी ने दोपहर का खाना खाया.
शाम को हम दोनों मियां बीवी अपने घर वापस आ गए.
मैं आपके लिए दूसरी सेक्स कहानी लेकर आऊंगा, यह भी मेरी साली की ही है लेकिन इस बार उसकी चुदाई मेरे घर में हुई थी और मेरे ही बेड पर.
दरअसल उस दिन मेरी बीवी नहीं थी, तो मैंने पूरी रात उसकी चुदाई की थी और गांड भी मारी थी.
बाद में उसकी चुदाई को एक बार मेरी बीवी ने देख लिया था तो वह भी हम दोनों के साथ में आ गई थी.
फिर हम तीनों ने थ्रीसम चुदाई का मजा लिया था.
तो दोस्तो, ऐसी थी मेरी साली की पहली चुदाई की सेक्स कहानी. यह मेरी रियल स्टोरी है.
गर्म साली की चुदाई कहानी आपको अच्छी लगी हो तो मुझे मेल जरूर करें.
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