ऑफिस गर्ल सेक्सी कहानी में मेरे दफ्तर की एक शादीशुदा लड़की मुझे घूरती थी. उस लड़की ने मुझे पटा कर सेक्स की बातें शुरू कर दी. फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया.
दोस्तो, मैं आपको एक सच्ची, गर्मागर्म सेक्स कहानी सुनाने आया हूँ.
मेरी जॉब दिल्ली में थी. मेरे ऑफिस में तीन लड़कियां काम करती थीं.
उनमें से एक का नाम पूजा था. यह उसका काल्पनिक नाम है.
पूजा एकदम गोरी-चिट्टी, भरे-पूरे बदन वाली शादीशुदा भाभी थी.
शुरू शुरू में मेरे मन में उसके लिए कोई गलत भावना नहीं थी.
पर मैंने नोटिस किया कि वह मुझे चोरी-छिपे घूरा करती थी.
जब भी मेरी उससे नजरें मिलती थीं तो मैं उसे नजरअंदाज कर देता था.
यूं ही समय बीतता गया.
एक महीने बाद एक दिन मैं ऑफिस जल्दी पहुंच गया.
उस दिन मुझे तेज सरदर्द हो रहा था उस वजह से मैं अपने सिर को मेज़ पर टिकाकर बैठा था.
कुछ मिनट बाद मीठी सी आवाज़ आई- हाय …
मैंने सिर उठाया तो सामने पूजा भाभी खड़ी थी.
वह पीले रंग के सूट में कयामत ढा रही थी.
मैंने हाय कहा तो वह फौरन से बोली- क्या हुआ? ऐसे क्यों बैठे हो?
मैं- कुछ नहीं … बस सर में दर्द हो रहा है.
पूजा- लाओ … सर दबा दूँ?
मैं- नहीं.
पर अचानक उसने मेरा माथा दबाना शुरू कर दिया.
उसके छूते ही शरीर में करंट सा दौड़ गया.
मैं चौंक कर बोला- अरे आप रहने दीजिए … कोई देख लेगा तो गलत समझेगा!
पूजा भाभी शरारती भाव से मुस्कुरा दी- क्या गलत समझेगा?
मैं मुस्कुराकर निगाहें झुकाकर चुप हो गया.
पूजा भाभी मुझे छेड़ती हुई बोली- बताओ ना!
मैं शर्म से चुप रहा.
पूजा ने फिर से आंख मारते हुए कहा- कहीं लोग हमें कपल तो नहीं समझ लेंगे?
ये सुनते ही मेरी आंखें चौड़ी हो गईं.
मैं मुस्कुरा दिया.
तो वह भी मुस्कुरा दी.
उसने मेरे गाल पर प्यार से हाथ फेरते हुए गाल पर चिकोटी भरी और अपनी सीट पर चली गई.
बस उसी पल से मेरे मन के विचार बदल गए.
अब मेरी नजरें बदल गई थीं.
सबकी नज़रें बचाकर हम दोनों एक-दूसरे को देखते और मुस्कुरा देते.
फिर धीरे धीरे हम दोनों में बातें बढ़ने लगीं.
आपस में एक दूसरे के नंबर एक्सचेंज हुए.
चैटिंग शुरू हुई और देखते-देखते बात सेक्स चैट व न्यूड वीडियो कॉल्स तक पहुंच गई.
आग दोनों तरफ लग चुकी थी … बस मिलन बाकी था.
एक दिन सुबह उसका कॉल आया- सुनो … आज मेरी पूरी फैमिली किसी की रिटायरमेंट पार्टी में जा रही है. वे सब कल दोपहर तक लौटेंगे. तुम शाम को घर आ जाना!
मैंने तुरंत कहा- ठीक है जान … पता भेज देना!
दोस्तो, जो बात हम लोग काफी समय से पाना चाहते हैं, उसके मिलने की खुशी का कोई जवाब नहीं होता.
मुझे अब सिर्फ शाम का इंतज़ार था ताकि मेरी ऑफिस गर्ल सेक्सी कहानी बन सके.
शाम को तीन बजे मैंने शेविंग की, झांटें साफ कीं, नहाया, अच्छा इत्र लगाया और छह बजे फुल तैयार होकर अपनी जान-ए-मन के घर के लिए निकल पड़ा.
घर से निकलते ही पूजा का कॉल आ गया- कहां हो?
मैं- तेरे दिल में!
वह हंस पड़ी और इठला कर बोली- बताओ न डार्लिंग!
मैंने कहा- रास्ते में हूँ मेरी जान!
पूजा- ओके … ध्यान से आना!
मैं- ओके जान!
रास्ते में मैंने एक पैकेट कंडोम खरीदा और पूजा के घर पहुंच गया.
कंपाउंड गेट खुला था.
अन्दर जाकर मेन गेट पर लगी कॉल बेल बजाई.
जैसे ही मैंने कॉलबेल बजाई, तत्काल धीरे से दरवाज़ा खुला और सामने पूजा खड़ी थी.
वह पिंक नाइटी में किसी हूर से कम नहीं लग रही थी.
हमारी नज़रें मिलीं … मेरी नज़रें खुद-ब-खुद उसके मोटे-मोटे स्तनों पर अटक गईं.
वह शर्माती हुई मुस्कुराई और उसने मुझे अन्दर खींचकर दरवाज़ा लॉक कर दिया.
‘उधर से ही खा लोगे क्या?’
मैंने उसे पीछे से पकड़ कर उसी दरवाज़े से सटा दिया और उसकी चिकनी कमर से पेट तक हाथ फेरते हुए कसकर चिपक गया.
मैंने कहा- जिधर से कहोगी जान उधर से खा लूँगा!
वह हंस दी और बोली- सारा बदन जल रहा है, कहीं से भी शुरू हो जाओ मेरी जान!
अब मैं उसके गाल चूमते हुए गर्दन पर चुंबनों की बौछार करने लगा.
पूजा भाभी के मुँह से सिसकारियां फूटने लगीं- आआह … इस्स्स … आह … सीई … आह!
अब मेरे हाथ उसके बूब्स सहला रहे थे.
बीच-बीच में मैं निप्पल को जोर से मसल देता तो वह और ज़ोर से सिसक उठती- आह … इस्स्स … आह … सीई … आह … उउ … आह … और जोर से मसलो न!
मैंने उसके एक दूध के निप्पल को अपनी दो उंगलियों के दरमियान दबा कर मींजना चालू कर दिया तो वह गर्म होने लगी.
पूजा भाभी अपने होंठ काटती हुई बोली- इन्हें सिर्फ मसलोगे ही या चूसोगे भी!
मैंने झट से उसके एक दूध के निप्पल को अपने होंठों में दबा कर खींचा, तो भाभी ने मीठी सिसकारी भरी और मेरे मुँह में अपना पूरा दूध घुसेड़ने की कोशिश करने लगी.
मैं बड़ी मुश्किल से उसका आधा दूध अपने मुँह में ले पाया.
मैंने उसके दूध को मुँह से भर कर खींचते हुए चूसना चालू किया तो भाभी की मादक आहें निकलने लगीं- आह खा जाओ मेरे सनम आह बड़ा मस्त चूसते हो यार … आह दूसरे में भी रस है मेरी जान!
मैं भाभी के दूसरे दूध को उसी तरह मुँह में भर कर लीलने और चूसने लगा.
काफी देर तक भाभी के दोनों दूध चूसने और रगड़ने के बाद वह बोली- अब आगे बढ़ने का भी इरादा है या दूध पीकर ही खेल खत्म कर लोगे क्या?
मेरा लंड पैंट में पूरी तरह तन चुका था.
मैं उसे पूजा की गांड पर लगाकर ऊपर से ही रगड़ने लगा.
अब मैंने उसका चेहरा पकड़ा और उसके रसीले होंठ अपने होंठों में भरकर चूसने लगा.
वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
अचानक उसने मुझे दूर किया, मेरा हाथ पकड़ा और बेडरूम में ले गई- जान … तुम बैठो, मैं कोल्ड ड्रिंक लाती हूँ!
यह कहकर वह अन्दर चली गई.
थोड़ी देर में वह एक गिलास में कोल्ड ड्रिंक लेकर आई.
मैंने पहले उसे पिलाई, फिर खुद पी.
मेरा ये अंदाज़ उसे इतना पसंद आया कि वह प्यार भरी नज़रों से मुझे देखने लगी.
अब हम दोनों कोल्ड ड्रिंक को मुँह में भरते और पहले एक दूसरे को पिलाते और बाकी की खुद पीते.
इससे हम दोनों की वासना बढ़ने लगी.
कोल्ड ड्रिंक खत्म हो जाने के बाद मैंने दोनों बांहें फैलाकर उसे अपने सीने से लगा लिया.
फिर हाथ उसकी पीठ पर फिराते हुए मस्त गोल-मटोल चूतड़ों तक ले गया और उन्हें उठा-उठाकर मसलने लगा.
पूजा मदहोशी में उछलने लगी- आआह … इस्स्स … आह … सीई … आह!
होंठों पर लंबा किस करते हुए मैंने उसकी नाइटी उतार फेंकी.
अब वह सिर्फ ब्रा-पैंटी में थी.
उसने भी मेरी शर्ट-बनियान उतार दी.
मैंने उसकी चूचियों को ऊपर से दबाना शुरू किया.
तो उसके मुँह से फिर वही मादक सिसकारियां निकलने लगीं- आह … इस्स्स … आह … सीई … आह … आह … उम्म्म!
फिर मैंने उसे दीवार से सटाकर लाल ब्रा खोल दी.
उसके गोरे-गोरे स्तन आज़ाद होकर उछल पड़े.
एक को मुँह में लेकर चूसने लगा, दूसरा हाथ से मसलने लगा.
पूजा की उत्तेजना आसमान छूने लगी और वह मस्त होने लगी- आह आह चूस लो आह और ज़ोर से … आह … इस्स्स … आह … आआह … उ … म्म्म … आह!
मैंने मुँह से ही उसकी पैंटी पकड़ी और खींचकर उतार दी.
उसकी चूत एकदम साफ-सुथरी और गीली थी.
नीचे बैठकर उसकी एक टांग कंधे पर रखी तो चूत की फांकें पूरी खुल गईं.
गीली व नमकीन चूत पर किस किया तो पूजा का मस्त जिस्म सहम गया, मानो उसे करंट लग गया हो.
उंगलियों से चूत का मुँह खोला और जीभ से चाटने लगा.
पहले से ही उत्तेजित पूजा की चूत ने फटाक से पानी छोड़ना शुरू कर दिया.
वह तड़पकर सिसकने लगी- आह … इस्स्स … आह … सीई … आह … और … और … आह … इस्स्स … आह … आआह … उ … म्म्म … आह!
वह झड़ गई और झड़ते ही वह थोड़ी ठंडी पड़कर लस्त हो गई.
अब मैं उठा और उसे नीचे बिठाया, पैंट खोलने को कहा.
उसने पैंट के साथ निकर भी उतार दी.
मेरा फनफनाता लंड उसके सामने आ गया.
मैंने उसका सिर पकड़ कर लंड की तरफ ले गया, पर वह मुँह में नहीं लेना चाहती थी- मुझसे नहीं होगा!
मैंने समझाया, पर वह सिर्फ किस करने को राज़ी हुई.
मैंने ज़बरदस्ती नहीं की.
उसने अपने हाथों में लंड लेकर चूमना चालू किया.
उसने टोपा छोड़कर पूरे लौड़े को प्यार से किस किया.
उसके होंठों के स्पर्श से मेरे मुँह से ‘आआह … ’ निकल गया.
फिर मैंने उसे उठाकर बेड पर लिटाया, दोनों टांगें चौड़ी खोलीं और उसके ऊपर लेट गया.
होंठ चूसने लगा और अपना कड़क लंड उसके हाथ में थमा दिया.
वह मेरे लंड को अपनी चूत की फांकों पर रगड़ने लगी और फिर से सिसकारियां लेने लगी- आह … इस्स्स … म्म्म … आआह … बहुत मोटा है तुम्हारा!
मैं उसके चूचे चूसने लगा और एक हल्का झटका मारा तो टोपा चूत में घुस गया.
घर्षण से पूजा के मुँह से ‘आह … सीई … ’ निकला.
उसने सेफ्टी के लिए कंडोम लगाने को कहा.
मैंने उठकर लौड़े पर कंडोम चढ़ाया.
फिर वापस चूत पर लंड सैट करके एक ज़ोरदार झटका मारा तो पूरा लंड अन्दर चला गया.
पूजा को थोड़ा दर्द हुआ- ऊउउ … ईईई … मर गई … आह … सी … आह … हम्म्म … आह!
फिर मैंने चूत में ज़ोर-ज़ोर के धक्के मारने शुरू कर दिए.
पूजा ने भी गांड उठाकर नीचे से पूरा साथ दिया.
दोस्तो, जब साथी नीचे से गांड उठाकर साथ देता है तो झटकों का वेग और मज़ा दोगुणा हो जाता है.
अब मैं उसके दोनों दूध बारी बारी से चूसता हुआ उसे चोद रहा था.
वह भी मस्ती से चुत की ओवर हालिंग करवा रही थी.
हम दोनों एक दूसरे को चूमते चूसते हुए सेक्स करते रहे.
तभी भाभी बोली- जान मैं झड़ने वाली हूँ. मैंने उसे याद दिलाया कि हां कंडोम लगा है मेरी जान, मैं भी बस आने वाला हूँ.
कंडोम की याद आते ही वह मानो एकदम से जंगली हो गई और नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर लंड अन्दर तक लेने की कोशिश करने लगी.
मैंने भी रफ्तार बढ़ा दी.
कुछ 12-15 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में हम दोनों साथ-साथ झड़े और मैं पूजा के ऊपर ढेर हो गया.
हमने एक-दूसरे को किस किया और अलग हुए.
वह ऑफिस गर्ल मेरे साथ सेक्स करके बहुत खुश थी.
अब मैंने उससे पूछा- मैं तुमको इतना पसंद क्यों आया?
उसने कहा- मुझे अपने पति से सेक्स का सुख नहीं मिलता है. वह मुझसे अलग रहता है तो मैं क्या करूँ. मेरी भी कुछ इच्छाएं हैं और फिर तुम मुझे पसंद भी आ गए हो!
यह कहते हुए भाभी वापस मेरे साथ चुंबन का मजा लेने लगी.
हम दोनों एक बार पुनः सेक्स की तैयारी करने लगे.
उस दिन मैंने पूजा भाभी को तीन बार चोदा और अपने घर आ गया.
ये हमारे लिए एक तृप्त करने वाला, यादगार सेक्स अनुभव था.
आपको यह ऑफिस गर्ल सेक्सी कहानी कैसी लगी, प्लीज बताएं.
धन्यवाद.
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