मम्मी विधर्मी के लंड से चुदकर संतुष्ट हुईं- 4

मॅाम पुसी फिंगर स्टोरी में मेरी मम्मी ने रात में 4 बार चूत और 2 बार गांड मरवाई तो वे सुबह चल नहीं पा रही थी. मैंने उनकी मालिश की तो उनकी चूत की भी मसाज़ की.

कहानी के पिछले भाग
मम्मी ने मेरे सामने अंकल से गांड मरवा ली
में आपने पढ़ा कि मम्मी और जलील अंकल की चुदाई खत्म हुई तो अंकल मम्मी थैंक्स कहने लगे कि तुमने मस्त चुदाई का मजा दिया है रेखा रानी … सच में तुम्हारी गांड मारने में मजा आ गया. यह सुनकर मम्मी ने मुसकुराते हुए कहा कि इसके लिए आप मेरे बेटे को थैंक्स दो.

अब आगे मॅाम पुसी फिंगर स्टोरी:

जलील अंकल मेरी तरफ़ मुड़े और बोले- बेटा, जब मैं तेरी मम्मी की गांड मार रहा था तो तुझे कैसा लग रहा था?
मैंने हंसकर कहा- अंकल मुझे लगा जैसे मम्मी किसी पोर्न फिल्म की हिरोइन हैं और आप हीरो … और यहां ब्लू फिल्म की शूटिंग चल रही हो. अंकल, आपका बड़ा-मोटा काला लंड मेरी मम्मी की बड़ी गांड के लिए बिल्कुल परफ़ेक्ट है.

मम्मी शर्माती हुई बोलीं- धत् बदमाश … कैसे बोल देता है ये सब!
जलील अंकल गर्व से बोले- सुनील, तूने आज मुझ जैसे एक विधर्मी को अपने कमरे में बुलाकर अपनी मम्मी की गांड मरवा कर मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है … मैं ये एहसान कभी नहीं भूलूँगा.

मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी को आपका कट लगा लंड बहुत पसंद आया है … इसलिए मैंने अपनी मम्मी की खुशी के लिए आपको यहां बुलाया.
मम्मी मेरी बात सुनकर मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा मैं आज तुझसे बहुत-बहुत खुश हूँ… अगर तू न होता तो मुझे ये खुशी कभी नहीं मिलती.

मैंने कहा- मम्मी आप किस्मत वाली हो जो आपको इतना ताकतवर मर्द मिल गया. मैंने देखा था कि अंकल कैसे आपके भारी जिस्म को अपनी गोद में उठा कर आपकी ले रहे थे.
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- बेटा … इसलिए तो मैं इनकी दीवानी हूँ.

मैंने आगे कहा- मम्मी आज आपकी मोटी-गोरी गांड में जलील अंकल का काला-मोटा लंड देखकर बहुत अच्छा लगा … इनका लंड साइज़ आपकी मोटी गांड के लिए बिल्कुल सही है … बिल्कुल फिट बैठता है.
मम्मी फिर बोलीं- धत् बदमाश.

मैंने हैरानी से कहा- मम्मी, सच कह रहा हूँ कि आज मैं अंकल की ताकत देखकर बड़ा हैरान हुआ था. आपका वज़न 80 किलो है, लेकिन अंकल आपको गोद में उठाकर ऐसे चोद रहे थे जैसे आप कोई कमसिन लड़की हों और वे आपको उछाल-उछाल कर खेल खेला रहे हों.

जलील अंकल गर्व से बोले- बेटा तेरी मम्मी 80 नहीं … 90 किलो की भी होती तो मैं इन्हें ऐसे ही गोद में उठाकर चोदता!

मैंने कहा- अंकल, मेरी मम्मी सच में खुशनसीब हैं कि उन्हें इतना ताकतवर लंड मिला … मेरी मम्मी की बड़ी-मोटी गांड मारने के लिए तो इतना ही बड़ा-मोटा लंड चाहिए!
मम्मी हंसती हुई बोलीं- तू तो बहुत बिगड़ गया है … अपनी मम्मी के सामने गंदी-गंदी बातें करता है.

जलील अंकल बोले- रेखा तेरी गांड इतनी बड़ी है कि इसके सामने मेरा लंड छोटा लगता है … इतनी बड़ी गांड लेकर भी तू डर रही थी.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- इतने बड़े-मोटे लंड से किसे डर नहीं लगेगा लेकिन अगर मुझे पहले पता होता कि गांड मरवाने में इतना मज़ा आएगा तो मैं आपको कभी नहीं रोकती … आपसे गांड मरवाकर मुझे बहुत अच्छा लगा.

जलील अंकल ने कहा- रेखा मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी बड़ी और सुंदर गांड वाली संस्कारी औरत मिलेगी.

कुछ देर बाद जलील अंकल का लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.
इस बार उन्होंने मम्मी को कुतिया स्टाइल में किया, पीछे से अपना मोटा लंड मम्मी की चूत में पेल दिया और वापस धकापेल चुदाई चालू हो गई.

मैं अपनी मम्मी की चुदाई देखता हुआ अपना लंड सहला रहा था.
काफी देर तक की घमासान चुदाई के बाद अंकल मेरी मम्मी की चूत में ज़ोर-ज़ोर से लौड़े को पेलते निकालते हुए झड़ गए.

मैंने जलील अंकल से कहा- अंकल एक बज गया है … आज आप तीन बार मेरी मम्मी को चोद चुके हो. आप थक गए होंगे. अभी दो घंटे बचे हैं, सो लीजिए.

जलील अंकल ने हंसकर कहा- बेटा, तेरी मम्मी को नंगी देखकर मुझे नींद कैसे आ सकती है?
मैंने कहा- अंकल मुझे नींद आ रही है … आप ठीक 3 बजे यहां से चले जाना.
जलील अंकल बोले- ठीक है बेटा … तू सो जा!

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, आप अपने कमरे चली जाइए.
फिर मैं सो गया.

जब मेरी नींद खुली तो सुबह के ठीक 5 बज रहे थे.
मैंने देखा कि जलील अंकल और मम्मी अभी तक बिल्कुल नंगे होकर सो रहे थे

मैंने तुरंत जलील अंकल को जगाया और कहा- अंकल मैंने आपसे कहा था कि 3 बजे यहां से चले जाना … और आप अभी तक सो रहे हैं?

जलील अंकल घबराकर बोले- बेटा … नींद लग गई थी … मुझे समय का पता ही नहीं चला.

वह जल्दी से उठे और कपड़े पहनने लगे.
तभी मम्मी भी जाग गईं.

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी मैंने आपसे कहा था कि 3 बजे पापा के रूम चली जाना … और आप यहीं सो गईं? अगर पापा आपको ढूँढते हुए यहां आ जाते तो क्या होता?

मम्मी शर्माती हुई बोलीं- बेटा … मुझे माफ कर दो … आज रात भर इन्होंने मुझे सोने ही नहीं दिया … पूरी रात मुझे सांड की तरह पेला है … मैं बहुत थक गई थी, इसलिए यहीं सो गई.

मैंने जलील अंकल से कहा- अंकल अब जल्दी यहां से जाइए.
जलील अंकल ने जेब से मोटी नोटों की गड्डी निकाली और मुझे देने लगे.

मैंने मना करते हुए कहा- अंकल, मैं ये सब पैसों के लिए नहीं करता … अपनी मम्मी की खुशी के लिए करता हूँ … मुझे आपसे पैसे नहीं चाहिए … बस मेरी मम्मी को खुश रखिए.

जलील अंकल बोले- बेटा मुझे पता है … लेकिन आज तूने मुझे अपने कमरे में बुलाकर अपने बिस्तर पर अपनी मम्मी की पहाड़ जैसी विशाल गांड दिलाई … इसलिए मैं तुझसे बहुत खुश हूँ, तू अपनी पसंद के कपड़े खरीद लेना.

मैंने मुस्कुराकर पैसे ले लिए और कहा- अंकल अब जल्दी यहां से निकलो.

जलील अंकल ने मम्मी के होंठों पर लंबा किस किया और चले गए.

मैंने मम्मी की ब्रा-पैंटी उठाकर दी और कहा- मम्मी, आप जल्दी कपड़े पहन कर अपने रूम में चली जाइए.

मम्मी कपड़े पहन कर जाने लगीं लेकिन वे ठीक से चल नहीं पा रही थीं, दो कदम चलते ही ज़मीन पर बैठ गईं.

मैंने पूछा- क्या हुआ मम्मी?
मम्मी बोलीं- बेटा … मैं चल नहीं सकती.

मैंने कहा- मम्मी पैर में मोच आ गई क्या?
मम्मी शर्माती हुई बोलीं- नहीं बेटा … पैर बिल्कुल ठीक हैं … दर्द कहीं और हो रहा है.

मैंने पूछा- कहां दर्द हो रहा है मम्मी?
मम्मी लजाती हुई बोलीं- बेटा … तेरे अंकल ने मेरी चूत मार-मारकर सुजा दी है … मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने कहा- मम्मी आप कहो तो मैं आपको गोद में उठाकर आपके कमरे तक छोड़ दूँ?
मम्मी हंसकर बोलीं- तू मुझे उठा लेगा?

मैंने जोश में कहा- मम्मी जलील अंकल आपको गोद में उठाकर चोद सकते हैं, तो क्या मैं आपको उठा भी नहीं पाऊंगा?

फिर मैंने जोश में आकर किसी तरह मम्मी को गोद में उठा लिया.
मम्मी का पूरा वज़न मेरे कंधों पर था … चलते-चलते मेरे पसीने छूट रहे थे

मैंने हांफते हुए कहा- मम्मी, आप इतना वज़न हो कि आपको उठाकर चलने में मेरी हालत खराब हो रही है … फिर जलील अंकल आपको गोद में उठाकर चोद कैसे लेते हैं?
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा … वे एक असली मर्द हैं … उनकी बाज़ुओं में बहुत ताकत है.

मैंने शरारत से कहा- मम्मी जलील अंकल के सिर्फ़ बाज़ुओं में नहीं … लंड में भी बहुत ताकत है … है न!
मम्मी हंसकर बोलीं- बेटा … इसी लिए तो वे मुझे पसंद हैं.

तब तक मैं मम्मी को गोद में लेकर उनके रूम में पहुंच गया.

पापा ने मम्मी को मेरी गोद में देखकर हैरानी से पूछा- क्या हुआ रेखा?

मैंने तुरंत कहा- कुछ नहीं पापा … मम्मी के पैर में मोच आ गई है … आप परेशान मत हो!

फिर मैंने मम्मी को बेड पर लिटाया. पापा ने ड्रॉअर से मूवमेंट क्रीम निकाली और मम्मी के पैरों में मालिश करने लगे.

फिर पापा ने पूछा- रेखा … तुम रात भर कहां थीं?

पापा की बात सुनकर मम्मी थोड़ा घबरा गईं.

मैंने बीच में कहा- पापा, रात में मेरी तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी … इसलिए मैंने मम्मी को अपने रूम में बुला लिया था.

पापा बोले- बेटा … मैं खेत जा रहा हूँ… तुम अपनी मम्मी का ध्यान रखना.
मम्मी ने कहा- आप बिना नाश्ता किए खेत जा रहे हो?
पापा बोले- रेखा … तुम परेशान मत हो … मैं एक घंटे में वापस आ जाऊंगा.

फिर पापा खेत चले गए.

मैंने मम्मी से मज़ाक में कहा- मम्मी पापा को लगता है कि सच में आपके पैर में दर्द है … उन्हें पता नहीं कि उनकी बीवी रात भर किसी और से चुद चुकी है.

मम्मी शर्म के मारे कुछ नहीं बोलीं.
मैं मम्मी को देखकर हंसने लगा.

मम्मी गुस्से से बोलीं- एक विधर्मी गैर मर्द तेरी मम्मी की गांड मारकर चला गया और तू हंस रहा है?

मैंने हंसकर कहा- मम्मी जलील अंकल का काला-मोटा लंड आपकी गोरी-मोटी गांड में घुसा देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- बेटा … उस भैंसे ने मेरी गांड मार-मारकर लाल कर दी है.

मैंने कहा- मम्मी आपको चोट कहां लगी है और मालिश कहां हो रही थी?
मम्मी बोलीं- बेटा … बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने शरारत से कहा- मम्मी अगर आप कहो तो मैं आपकी चूत की मालिश कर दूँ?
मम्मी बोलीं- हां बेटा … कर दो… अब तुझसे क्या शर्माना!

मैंने कहा- तो फिर जल्दी से कपड़े उतार दीजिए.

मम्मी ने साड़ी-पेटीकोट उतार दिया और लेट गईं.

मैंने कहा- मम्मी पैंटी भी उतार दीजिए.
मम्मी हंस कर बोलीं- उसे तू खुद उतार दे.

फिर मम्मी ने गांड ऊपर उठाई और मैंने उनकी पैंटी उतार दी.

जैसे ही मैंने मम्मी की चूत देखी, दंग रह गया … पूरी सूजी हुई थी कचौड़ी जैसी लाल हुई पड़ी थी.

मैंने कहा- मम्मी सच में यार, उस भैंसे अंकल ने आपकी चूत की क्या हालत कर दी है!
मम्मी गुस्से से बोलीं- सुनील तमीज़ से बात कर!

मैंने मासूमियत से कहा- सॉरी मम्मी … आपकी चूत की हालत देखकर मुझे गुस्सा आ गया.

मम्मी मुस्कुराकर बोलीं- तुम परेशान मत हो बेटा … एक-दो दिन में ये बिल्कुल ठीक हो जाएगी.
मैंने कहा- मम्मी आपको बहुत दर्द हो रहा होगा ना?

मम्मी बोलीं- बेटा … थोड़ा-बहुत दर्द तो है … लेकिन रात भर जो मज़ा आया, उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं है.

मैंने उत्सुकता से पूछा- मम्मी अंकल ने कितनी बार किया था?
मम्मी शर्माते हुए मुस्कुराईं- बेटा … उस भैंसे ने एक रात में मुझे छह बार चोदा… चार बार आगे और दो बार पीछे से पेला.

मैंने हैरानी से कहा- मम्मी, जलील अंकल इंसान हैं या जानवर?
मम्मी हंसकर बोलीं- बेटा … वह सिर्फ़ भैंसे जैसे मोटे-काले नहीं … उनके अन्दर ताकत भी भैंसे जितनी है.

मैंने कहा- मम्मी, जलील अंकल कितने ताकतवर हैं, ये मैं देख चुका हूँ… आपकी बड़ी-लंबी चूत मारने के लिए तो जलील अंकल का भैंसे जैसा लंड ही चाहिए.

मम्मी शरारत से बोलीं- बेटा … सिर्फ़ मेरी चूत मारने के लिए नहीं … मेरी गांड मारने के लिए भी उसी भैंसे का काला-मोटा लंड चाहिए.
मैंने मज़ाक में कहा- मम्मी, आपका सब कुछ इतना बड़ा-बड़ा है … इसलिए ऊपर वाले ने आपके लिए लंड भी बड़ा भेज दिया.

मम्मी हंसती हुई बोलीं- तू मालिश भी करेगा या बातें ही करता रहेगा?

मैंने तुरंत मूवमेंट क्रीम मम्मी की चूत पर लगाई और हल्के हाथों से मालिश शुरू कर दी.
उनकी गुलाबी-सूजी हुई चूत देखकर मुझसे रहा नहीं गया … मालिश करते-करते मैंने उंगली उनकी चूत में घुसेड़ दी

मम्मी एकदम उछल पड़ीं- अहहह … आउच … ये क्या कर रहे हो बेटा … आउच … अहहह … उफ्फ़ … मत करो… अहहह … उह … अहह!

मैंने पूछा- मॅाम पुसी फिंगर में आपको मज़ा नहीं आया?
मम्मी सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अहह … उह … बेटा मज़ा तो आ रहा है … लेकिन रात भर चुदाई हुई है … इसलिए मेरी चूत में जलन हो रही है … अहह … उह!

मैंने तुरंत उंगली बाहर निकाल ली और फिर धीरे-धीरे सिर्फ़ मालिश करने लगा.

बीस मिनट बाद मम्मी बोलीं- बेटा, तुम इतनी देर से मालिश कर रहे हो … थक गए होगे … अब रहने दो. मुझे भी अब दर्द नहीं हो रहा है … मैं बिल्कुल ठीक हूँ.
मैंने कहा- मम्मी आप जाकर नहा कर फ्रेश हो जाइए.

मम्मी नहाने चली गईं.
मैं किचन में गया और नाश्ता बनाकर मम्मी के रूम में ले आया.

मम्मी पैंटी पहन चुकी थीं और ब्रा का हुक बंद करने की कोशिश कर रही थीं.
उनकी मॉडर्न, बहुत टाइट ब्रा हुक बंद नहीं हो रहा था.

मम्मी ने शीशे में मुझे देखा और बोलीं- बेटा जरा मेरी ब्रा का हुक बंद कर दे.
मैंने पीछे से जाकर हुक बंद कर दिया.

फिर मम्मी ब्लाउज़ उठाने के लिए नीचे झुकीं … तो उनकी तरबूज जैसी गोल-मटोल चूचियां आधी से अधिक बाहर झांक रही थीं.
ये देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया.

मम्मी ने ब्लाउज़-पेटीकोट पहना और साड़ी बांधने लगीं.

मैंने कहा- मम्मी मैंने आपके लिए नाश्ता बनाया है … आप नाश्ता कर लीजिए.

मम्मी मेरी बात सुनकर प्यार से मुस्कुराईं और बोलीं- बेटा आज तुमने नाश्ता बनाया है?

मैंने कहा- मम्मी आप रोज़ हमारे लिए नाश्ता बनाती हो … लेकिन आज आपकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैंने आपके लिए नाश्ता बना दिया.
मम्मी मुझे ज़ोर से गले लगा लिया और बोलीं- बेटा तुम बहुत अच्छे हो.

फिर हम दोनों ने साथ बैठकर नाश्ता किया.

नाश्ते के बाद मैंने कहा- मम्मी, मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने जा रहा हूँ.
मम्मी मुस्कुरा कर बोलीं- ठीक है बेटा … तुम जाओ, क्रिकेट खेलो … तब तक मैं खाना बना लूँगी.

फिर मैं क्रिकेट खेलने चला गया.

दोस्तो, अभी मैं इस सेक्स कहानी को याहीं रोक रहा हूँ … आप अपने कमेंट्स व ईमेल मुझे जरूर भेजें.
यदि आप सबकी चाह रही तो मैं अपनी मम्मी की चुदाई वाली इस मॅाम पुसी फिंगर स्टोरी को आगे लिखूँगा.
आपका सुनील सिंह
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