वाइफ एंड कॉल गर्ल सेक्स कहानी में मैं पत्नी के साथ बनारस घूमने गया तो पत्नी थक गयी. उसे होटल छोड़ मैं अकेले घूमने निकला. मुझे कॉलेज में पढ़ने वाली एक कालगर्ल मिल गयी.
दोस्तो, मेरी शादी को सात साल हो चुके थे और मैं बाप नहीं बन पा रहा था।
मैं अपनी पत्नी के साथ 2018 में बनारस घूमने गया था और मैंने इस बनारस यात्रा में खूब मजे लिए।
यह वाइफ एंड कॉल गर्ल सेक्स कहानी तभी की है.
बनारस में एक रात जब मैं और मेरी बीवी काफी थक गए थे, तो मैं पत्नी को होटल पहुँचा कर पैदल ही अकेला घूमने निकल गया।
वहाँ एक जगह पर बहुत सारे लड़के-लड़कियाँ चाय पी रहे थे।
मैंने भी चाय ऑर्डर की और पीने लगा।
कुछ लड़कियाँ छोटे कपड़ों में बहुत सेक्सी लग रही थीं और कुछ लड़के उन्हें घूरे जा रहे थे।
मैंने मजाक में ही एक दुकानदार से पूछ लिया- ये लड़कियाँ सर्विस देती हैं क्या?
दुकानदार ने पहले तो मेरी तरफ घूरकर देखा और फिर कहा- कैसी सर्विस चाहिए?
मैंने उसे बताया कि मुझे ऐसी ही कॉलेज की एक लड़की चाहिए, आज पूरी रात के लिए।
उसने मुझसे 7000 रुपये माँगे और मेरे होटल का पता पूछा।
मैंने उसे बताया कि मैं वहाँ अपनी पत्नी के साथ रुका हुआ हूँ और मैं दूसरे होटल नहीं जा सकता।
इसलिए मुझे उसी होटल में एक दूसरा कमरा लेना पड़ा।
मैंने उस लड़की को दूसरे कमरे में रोका और अपनी बीवी से कुछ देर बातें करके शराब पीने का बहाना बनाकर वापस उसी कमरे में आ गया।
वो कॉलेज की लड़की निकिता बड़े मजे से सिगरेट के कश खींच रही थी।
मैंने उसे पीछे से पकड़ा और उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए उसके छाती के उभार नापने लगा।
उसकी छाती 34 की थी और उसका साँवला रंग मुझे बहुत आकर्षित कर रहा था।
मैंने तुरंत ही उसके टॉप को उसके शरीर से अलग किया और बिना ब्रा खोले ही उसके स्तनों को अपने हाथों में भींचकर मसलने लगा।
कुछ देर ऐसे ही मसलने के बाद मैंने उसके एक स्तन को अपने मुँह में भरकर चूसना शुरू किया।
निकिता मुझे अपनी अजीब नज़रों से देखने लगी।
कुछ पल के लिए तो मैं बिल्कुल शरमा सा गया था, फिर मैंने बिना अतिरिक्त सोचे ही उसके स्तनों को चूसना जारी रखा।
निकिता ने अपना सिगरेट खत्म किया और फिर खुद ही अपनी ब्रा खोलकर टेबल की तरफ फेंक दी।
उसने अपनी जींस की बेल्ट खोली और जींस को उतारकर टेबल की तरफ उछाल दिया।
फिर उसने मुझसे कहा- बीयर मँगाओ!
मैंने अपने कपड़े नहीं खोले थे तो मैंने कॉल किया और सर्विस स्टाफ को बुलाया।
उसे पैसे दिए और बीयर व कंडोम लाने को कहा।
उसने पहले कंडोम लाने से मना किया, लेकिन फिर मैंने 100 रुपये एक्स्ट्रा दिए तो उसने हाँ कर दी।
मैंने तुरंत दरवाजा बंद किया लेकिन भूल गया कि पत्नी उसी फ्लोर पर है और बाहर घूमने भी निकल सकती है।
मैंने अपने कपड़े उतारे और पूरी तरह नंगा होकर निकिता के सामने अपना लंड कर दिया।
निकिता ने उसे हाथ में लेकर हिलाया और जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ, उसने बिना समय गँवाए उसे मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
उसे ऐसा करते देख मुझे लगा कि वह इस काम में एकदम माहिर खिलाड़ी है।
शादीशुदा जिंदगी में बीवी बहुत जिद करने पर कभी-कभी मुँह में ले लेती थी लेकिन निकिता ने जैसी ओरल सर्विस मुझे दी, उसका मुकाबला पत्नी नहीं कर सकती थी।
कुछ देर मुँह में लेकर निकिता वैसे ही मेरे लंड से खेलती रही — कभी जीभ से चाटती, तो कभी हाथ में लेकर हिलाती और अपनी चूत में उंगली डालकर सहलाती।
उसने अब अपनी पैंटी खुद ही उतार दी और एक हाथ से अपने स्तन दबाने लगी।
मैंने अपनी दो उंगलियाँ अपनी थूक से गीली कीं और निकिता की चूत में डालकर हिलाने लगा।
अब उसे भी थोड़ी गर्मी आने लगी और उसके हाव-भाव बदलने लगे।
मैंने उसकी चूत में अपनी उंगलियों से कभी गहराई नापी, तो कभी प्यार से थपथपाया, कभी सहलाकर पुचकारा तो कभी जोर लगाकर थोड़ा मसल दिया।
निकिता अब मेरे लौड़े को मुँह में लेकर बहुत जोर से चूसने लगी और साथ ही मैथुन भी जारी रखा।
कुछ समय बाद मेरे लंड के गरम पानी ने उसके मुँह को भर दिया।
उसने मेरे लौड़े को मुँह में ही दबाए रखा और पानी पीने की कोशिश की लेकिन कुछ पानी वापस मेरे लौड़े पर गिर गया।
उसने दोबारा मेरे लौड़े को मुँह में भरकर साफ किया और तभी कमरे की घंटी बजी।
मैंने तौलिया लपेटा और दरवाजा खोला तो देखा मेरी बीवी दरवाजे पर खड़ी है!
अब मुझ पर मानो बिजली गिर पड़ी थी।
निकिता बेड पर टाँगें फैलाए पड़ी थी क्योंकि मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था।
मेरी पत्नी को देखकर जब उसने चादर ओढ़ी, तब मुझे आहट से थोड़ा होश आया।
मैंने तुरंत बीवी को कमरे में खींचा और दरवाजा बंद कर दिया।
मैंने उसे बाहों में भरा और चूमते हुए कहा- सॉरी!
उसने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई प्रतिक्रिया की।
मैं सोच में पड़ गया कि अब क्या करूँ।
मैंने उसे बताया कि उसकी थकान को देखते हुए मैंने निकिता को बुलाया और वह सिर्फ आज रात के लिए है।
निकिता ने भी स्थिति भाँपते हुए कहा- आप दोनों की शादीशुदा जिंदगी को खराब करने का मेरा कोई इरादा नहीं है, इसलिए मैं जा रही हूँ।
थोड़ी देर तक कमरे में एकदम शांति थी।
फिर अचानक कमरे की घंटी बजी।
मैंने टीशर्ट पहना और दरवाजा खोला तो देखा सर्विस बॉय 8 बीयर और 2 कंडोम का पैकेट थमा कर चला गया।
मेरी बीवी ने मुझे रंगे हाथों पकड़ लिया था, तो कोई बहाना बनाना व्यर्थ था।
मैंने बीयर और कंडोम टेबल पर रखे, फिर एक बीयर उठाकर पीने लगा।
मेरी पत्नी ने भी एक बीयर उठा ली और उसी बिस्तर पर बैठकर पीने लगी।
वो निकिता को घूरती रही।
मैंने अपनी बीवी की आँखों में देखा तो पाया कि वह निकिता के स्तनों और कूल्हों को घूर रही है।
मैंने निकिता की तरफ इशारा किया और मेरी बीवी की चूचियों को दबाने का इशारा किया।
निकिता ने मेरी बीवी के हाथ से बीयर छीनी, दो-चार घूंट लगाए, फिर बीयर मुँह में लेकर ही मेरी बीवी के होंठों को चूमने लगी।
अपने मुँह से बीयर मेरी पत्नी के मुँह में डालने लगी, जिससे बीयर उसके गले से गिरने लगा।
मैंने अपनी बीयर टेबल पर रखी और पीछे खड़े होकर मेरी बीवी के गले को चूमने लगा।
कुछ देर चूमने के बाद मैंने उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया।
निकिता ने उसके स्तनों पर हाथ फेरते हुए ब्लाउज खोल दिया।
मेरी बीवी निकिता से लगभग 4-5 साल बड़ी रही होगी लेकिन उसका यौवन निकिता को काफी पसंद आ रहा था, जिससे मुझे गर्व हो रहा था।
निकिता ने मेरी बीवी की ब्रा खोलकर मेरे गले में डाल दी और उसके एक स्तन को चूसने लगी।
मैंने भी दूसरे स्तन को मुँह में भर लिया और चूसते हुए कमर पर हाथ फेरने लगा।
कुछ ही समय में मेरे हाथों की उंगलियाँ मेरी बीवी की चूत की गहराई में गोते लगा रही थीं।
थोड़ी देर बाद निकिता ने मेरे हाथों को धकेला और मेरी बीवी की चूत पर अपनी जीभ फेरने लगी।
मेरा लौड़ा इतना कड़क हो चुका था कि बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
जब निकिता मेरी बीवी की चूत चूसते समय झुकी तो उसकी गांड ऊपर उठ गई।
मैंने निकिता की चूत में अपना लौड़ा पेल दिया और उसे चोदने लगा।
निकिता मेरी बीवी की चूत चाटने में व्यस्त थी और चुदाई पर ध्यान नहीं दे रही थी।
तो मैंने लौड़ा निकाला और अपनी बीवी के मुँह में डाल दिया।
चूत चटवाने से मेरी बीवी काफी गर्म हो चुकी थी और निकिता के सामने मेरा लौड़ा पकड़कर काफी मजे से चूस रही थी।
कुछ ही समय में मेरे लौड़े ने पानी छोड़ दिया।
फिर मैं अलग हो गया और बीयर पीने लगा।
अब मेरी बीवी ने निकिता को लिटाकर उसकी चूत चाटना शुरू किया।
निकिता बीयर पी रही थी और उसकी सिसकारियाँ मुझे और जोश भर रही थीं।
थोड़ी देर बाद मेरी पत्नी 69 पोजीशन में हो गई।
निकिता ने बीयर नीचे रखी और मेरी सेक्सी बीवी की चूत चाटने का मजा लेने लगी.
मेरी बीवी भी निकिता की चूत चाटना जारी रखा और उंगली डालकर हिलाने लगी।
निकिता की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।
फिर उसका शरीर अकड़ने लगा और एक सफेद लावा मेरी बीवी की उंगलियों से होता हुआ बाहर निकला।
निकिता शांत हो चुकी थी, लेकिन मेरी बीवी अभी और चाहती थी।
निकिता के काँपते शरीर को देख मेरा हथियार फिर खड़ा हो चुका था।
अब मैंने बीयर अपने लंड पर गिराई और उसे अपनी बीवी के मुँह में डाल दिया।
वो बिना कुछ बोले चूसती रही।
फिर मैंने लंड उसके मुँह से निकालकर उसकी चूत में डाल दिया।
निकिता ने सिगरेट सुलगाई और जैसे-जैसे मैं अपनी बीवी को चोदता, वो मेरे लंड और मेरी बीवी की चूत पर जीभ फेरने लगी।
कुछ ही देर में मेरी बीवी ने पानी छोड़ दिया।
हम सब बीयर और सिगरेट पीने लगे।
रात में एक बार फिर मेरी बीवी और निकिता ने एक-दूसरे के साथ यौन क्रिया दोहराई और मेरी बीवी अब काफी खुश दिख रही थी।
मुझे भी उसकी खुशी से बहुत खुशी हुई।
मैंने निकिता को साथ सोने के लिए मना लिया।
पूरी रात हम लोग नंगे एक-दूसरे से चिपककर सोते रहे।
सुबह निकिता को पैसे देकर हम अपने कमरे में वापस चले गए।
उस रात को मेरी पत्नी आज भी काफी मिस करती है।
आप लोगों को मेरी ये वाइफ एंड कॉल गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी?
मुझे जरूर बताएँ।
अपना प्यार मुझे ऐसे ही देते रहें।
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लेखक की पिछली कहानी थी: आठ साल की दोस्ती के बाद भी अधूरा जिस्मानी सम्बन्ध