पोर्न कजिन गैंग बैंग स्टोरी में मेरे मामा की बेटी जवान और सेक्सी माल है कि जी चाहता है बहनचोद बन जाऊं. एक बार मैंने उसके फोन में उसकी न्यूड सेक्स वीडियो बॉयफ्रेंड के साथ देखी.
सभी को प्यार भरा आभार!
मेरा नाम अभिनव बंसल है, उम्र 21 साल.
मैं उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हूँ.
आज मैं अपनी बहन की पोर्न कजिन गैंग बैंग स्टोरी सुना रहा हूँ कि कैसे मैंने अपनी मामा की लड़की, यानि कजिन बहन कोमल की गांड मारी और फिर उसे सैट करके अपने दोस्तों से भी उसे रंडी की तरह चुदवाया. बल्कि यूं कहूँ तो गलत नहीं होगा कि मेरी बहन खुद रंडी बन कर मेरे दोस्तों से चुदी.
मेरे मामा की बेटी का नाम कोमल अग्रवाल है.
वह दिल्ली में रहती है, उसका फिगर 36-30-38 का है और उम्र 20 साल.
वह एकदम गोरी है और अंग्रेजन माल जैसी लौंडिया है.
कोई भी उसकी मटकती गांड देखे तो बस मन करे कि कच्चा ही चबा ले.
कोमल नॉएडा की एक फेमस यूनिवर्सिटी में पढ़ती है और वहां उसका एक बॉयफ्रेंड भी है.
रिश्ते में तो कोमल मेरी बहन लगती है, लेकिन क्या करूँ … वह इतनी रंडी दिखती है कि बस जी चाहता है बहनचोद बन जाऊं.
एक बार मैं कुछ दिनों के लिए मामा के घर गया था.
उनके घर में रात को सोने का इंतजाम ऐसा था कि मामा-मामी एक कमरे में और मैं और कोमल एक ही कमरे में सोने आ गए थे.
मेरे मामा मामी को क्या पता था कि मैं किस फिराक में हूँ.
मामा का बड़ा लड़का पुणे में जॉब करता है इसलिए इधर मामा-मामी के पास बस कोमल ही रहती थी.
वह ठंड का मौसम था.
हम दोनों एक ही कम्बल में सो रहे थे. कोमल शॉर्ट्स पहनकर सोती थी.
उफ्फ्फ … वह शॉर्ट्स में क्या चिकनी माल लग रही थी.
सोते वक्त उसकी भरी हुई गांड बार-बार मेरे लंड से टकरा जा रही थी.
इससे मेरा बेचारा लंड तड़पता रहता.
एक रात हम ऐसे ही सोते रहे थे.
अगली रात में मुझसे रहा नहीं गया.
सोते सोते ही मैंने अपनी कजिन बहन कोमल की गांड पर हाथ रख दिया.
आह … क्या गर्म, मुलायम मखमली गांड थी!
उसे लगा कि शायद नींद में गलती से रख दिया.
फिर मैं पूरी रात ‘गलती से ही.’ अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ता रहा.
अगले दिन कोमल अपने फोन पर कॉलेज के किसी लड़के से फुसफुसाती हुई बात कर रही थी.
मुझे शक हुआ.
वह अक्सर ऐसे ही करती थी.
उस दिन मैंने झपट्टा मारकर उसका फोन छीन लिया.
नाम देखा तो माधव शर्मा लिख कर आ रहा था.
यह उसका बॉयफ्रेंड था.
कोमल ने मुझसे फोन छीनने की बहुत कोशिश की.
लेकिन मैंने नहीं दिया.
फिर उसके मोबाईल की गैलरी खोली तो हैरान रह गया.
उधर कोमल और उसके बॉयफ्रेंड की नंगी-धड़ंगी फोटो और वीडियो थीं.
मैंने एक वीडियो चलाया तो उसमें एकदम साफ दिख रहा था कि मेरी बहन माधव का लंड चूस रही है.
वह सिगरेट पीती हुई लंड चूस रही थी और वह लड़का दारू का पैग लगा रहा था.
मैंने फटाफट से वे सारे वीडियो और पिक्चर्स अपने फोन पर फॉरवर्ड कर लिए.
कोमल डर के मारे काँपने लगी.
वह हाथ जोड़कर बोली- सॉरी भैया … प्लीज पापा को मत बताना … मैं हाथ जोड़ती हूँ!
मैंने पहले तो उसे जोर से डाँटा, फिर बोला- अब जो मैं बोलूँगा, वह करना पड़ेगा. नहीं तो ये सारे वीडियो मामा को फॉरवर्ड कर दूँगा.
वह सहमत हुई बोली- ठीक है भैया … जो आप बोलोगे, मैं सब करूँगी. बस प्लीज किसी को मत दिखाना!
मैंने कहा- ठीक है कोमल … मैंने देखा है कि तू चुदी चुदाई लौंडिया है तो आज तू मेरी रंडी बनेगी!
वह चुप हो गई और उसकी मूक सहमति बनती हुई दिख रही थी कि ये साली खुद मुझसे चुदवाना चाह रही है.
मैंने उसके सामने अपने लौड़े पर हाथ फेरा और कहा- एक बार जरा देख तो ले अपने भाई का सामान … कैसा है?
वह कुछ नहीं बोली.
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लौड़े पर पैंट के ऊपर से ही रख दिया.
उसने पहले तो संकोच से हाथ हटा लिया लेकिन मैंने जब वापस उसका हाथ लौड़े पर रखवाया तो वह लंड मसलने लगी.
उसकी आंखों में वासना दिखाई देने लगी.
मैंने पैंट की चेन खोल दी तो वह मेरे लौड़े को मसलने लगी.
मैंने कहा- चूस न!
वह जीभ से लौड़े के सुपारे को चाटने लगी.
उसी वक्त उसकी मम्मी ने उसे आवाज दी, तो वह कमरे से चली गई.
मैंने सोचा कि वह अभी वापस आ जाएगी तो आज रात में ही इसकी चुत चुदाई का मजा ले लूँगा.
पर पता नहीं क्या हुआ कि वह वापस आई ही नहीं. मैं समझ गया कि वह मुझसे कुछ घबरा गई है इसी लिए शायद कमरे में नहीं आई.
मैं चुपचाप सो गया.
अगली सुबह जानकारी हुई कि उसके मम्मी पापा को यानि मेरे मामा-मामी को किसी शादी में जाने की तैयारी करनी थी तो मामी उससे अपनी अटैची लगवा रहे थीं.
उस शाम को वे दोनों लोग शादी में निकल गए थे.
अब रात में घर पर मैं और कोमल ही अकेले रह गए थे.
मैंने दारू की बोतल और सिगरेट का इंतजाम किया और रात को कमरे में आ गया.
वह सामने बैठी थी.
मैंने शराब के पैग बनाए और एक गिलास उसे दे दिया.
उसने बिना संकोच के पैग ले लिया और हम दोनों चीयर्स बोल कर दारू का मजा लेने लगे.
फिर मैंने सिगरेट सुलगाई तो वह मेरे हाथ से सिगरेट लेकर कश लगाने लगी और मेरे लौड़े को सहलाने लगी.
दो दो पैग लगाने के बाद उसकी आंखों में मस्ती छाने लगी थी और वह मेरे लौड़े को कुछ अलग अंदाज में मसलने लगी थी.
मैंने उसके एक दूध को मसलते हुए कहा- मेरी पैंट उतार रंडी!
उसने भी बिना कुछ बोले मेरी पैंट उतार दी.
फिर मैं बोला- अंडरवियर नीचे कर और मेरा लंड चूस!
वह साली ऐसी रंडी निकली कि एक सेकंड में तैयार हो गई.
एक बार भी नहीं सोचा कि ये भाई है!
वह झट से घुटनों पर बैठी और मेरा लंड मुँह में ले लिया.
दस मिनट तक ऐसे चूसा जैसे कोई प्रोफेशनल रंडी चूसती है.
फिर मैंने उसे खींचकर किस करना शुरू किया.
धीरे-धीरे उसके सारे कपड़े उतार दिए, अपने भी.
अब मैं सिर्फ अंडरवियर में था और वह रेड ब्रा और चॉकलेटी पैंटी में.
मैंने उसकी ब्रा एक झटके में निकाल दी और उसके भारी-भारी बूब्स चूसने लगा.
वह भी मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी.
फिर मैंने उसकी पैंटी नीचे की और लंड उसकी गोरी, मलाई जैसी गांड पर रख दिया.
उसने खुद हाथ से रोका, लंड पर थूक लगाया, अपनी गांड पर मला और बोली- डालो भैया … पीछे से शुरू हो जाओ!
मैंने एक जोरदार धक्का मारा … तो मेरा पूरा लंड उसकी टाइट गांड में बड़े आराम से घुस गया.
मैं समझ गया कि साली पक्की रांड है. पीछे से चुदी है तो आगे तो पक्के में लंड लिया होगा.
वह आह आह करती हुई गांड मरवाने लगी.
मैं दस मिनट तक उसकी गांड मारता रहा और अभी भी मजे ले ही रहा था कि मेरा फोन बजा.
इधर बहन की चुदाई की मेरी इस सेक्स कहानी में एक ट्विस्ट आ गया.
मेरे तीन दोस्त है.
मधुर शर्मा, वैभव दुबे और आदर्श मिश्रा.
वैभव बोला- यार हम दिल्ली में हैं, तू किधर है?
मैंने बताया तो उसने मुझसे मेरे मामा के घर की लोकेशन ली और वह बोला कि हम तीनों तेरे मामा के घर आ रहे हैं, घर के पास ही हैं और बस 5 मिनट में पहुंच जाएंगे!
यह सुनते ही हम दोनों ने फटाफट कपड़े पहने और कमरे से बाहर आ गए.
ठीक 5 मिनट बाद तीनों आ गए.
हम दोनों के मुँह से शराब की महक आ रही थी तो वे सब समझ गए कि मामला गड़बड़ है.
मधुर की कामुक नजर जैसे ही कोमल पर पड़ी, तो उसने ने मेरे कान में फुसफुसाया- भाई … ये तेरी बहन है क्या?
मैंने कहा- हां!
वह बोला- बुरा न मानो तो एक बात बोलूँ … तेरी बहन तो माल है, जुगाड़ हो सकता है क्या?
दोस्ती में मैं कुछ भी कर देता हूँ.
मैंने कोमल को तुरंत पास बुलाया और उससे कहा, तो वह बहन की लौड़ी पहले से राजी थी.
अब हम पांचों कमरे में आ गए. चार हम मर्द और एक कोमल.
मैंने दरवाजा बंद किया और कोमल से बोला- कोमल… आज तुझे चार लंड से चुदना है … राजी है न!
वह पहले तो मना करने लगी.
मैंने हंस कर फोन निकाला और उसे दिखाते हुए बोला- याद है ना?
बस … वह हंस दी और तुरंत तैयार हो गई.
हम चारों ने फटाफट कपड़े उतारे.
सिर्फ अंडरवियर में रह गए.
हम सभी ने कोमल को घेर लिया.
पहले उसे घुटनों पर बिठाया.
चारों ने एक साथ अंडरवियर नीचे किया और चार कड़क लंड उसके मुँह के सामने खोल दिए.
कोमल ने सबके लंड बारी-बारी स्वाद लेकर चूसने शुरू कर दिए.
पहले मधुर ने मुँह में ठूँसा, बाकी के लंड वह हाथ से हिला रही थी.
फिर मेरा … फिर आदर्श का … फिर वैभव का … साली ऐसे चूस रही थी जैसे कोई सस्ती रंडी हो.
फिर हमने उसे आधी नंगी कर दिया.
कोमल खुद मधुर की तरफ देखकर बोली- मधुर भैया … आप सबसे सेक्सी लग रहे हो … पहले आप आ जाओ!
मधुर ने उसकी ब्रा-पैंटी को भी हटा दिया.
फिर खुद ही कोमल ने मधुर का अंडरवियर उतारा और उसके लौड़े की मालिश करना शुरू कर दी.
मधुर ने उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा और लंड उसकी चूत पर रखकर एक ही झटके में पूरा पेल दिया.
कोमल की चीख निकल गई- आआह्ह्ह … भैया मर गई!
मैं समझ गया कि साली न केवल रांड है बल्कि सब लटके झटके भी जानती है कि मर्दों को कैसे रिझाना है.
तभी पीछे से आदर्श ने गांड में लंड टिकाया और धक्का मार दिया.
उसकी कामुक आवाजें निकलना शुरू हो गईं और मेरी बहन कोमल की सैंडविच चुदाई चालू हो गई.
अब कोमल मस्ती से दो-दो लंड से एक साथ चुद रही थी.
मैं अपनी ममेरी बहन की नंगी चुदाई देख कर मजा ले रहा था.
आगे चूत में मधुर लगा था और पीछे गांड में आदर्श लौड़ा पेल रहा था.
कोमल मेरे और वैभव के लंड को दोनों हाथों से हिला रही थी.
कमरे में सिर्फ ‘पच-पच-पच-पच’ की आवाजें गूँज रही थीं.
फिर मधुर कोमल की चूत में ही झड़ दिया.
उसके लंड निकालते ही वैभव ने चूत में लंड घुसेड़ दिया और जोर-जोर से चोदने लगा.
मधुर चुसवाने लगा.
थोड़ी देर बाद वे दोनों हटे और कोमल को कुतिया बनाकर घुटनों के बल खड़ा कर दिया.
अब कोमल को कुतिया बनाकर चारों तरफ से घेर लिया गया.
मधुर ने उसका सिर पकड़ कर अपना लंड पुनः उसके मुँह में ठूँस दिया.
मैंने पीछे से उसकी गोरी गांड पर जोरदार थप्पड़ जड़ते हुए लंड पेल दिया.
मधुर गालों पर तड़तड़ थप्पड़ मार-मारकर चिल्लाया- चूस रंडी … जोर से चूस!
मैं भी गांड पर लाल थप्पड़ों की बौछार करते हुए बोला- ले साली … ले मेरे दोस्तों का लंड … आज तुझे असली रंडी बनाकर छोड़ेंगे!
मधुर पहले उसके मुँह में ही झड़ दिया.
उसके तुरंत बाद मैंने कोमल की गांड में पूरा वीर्य उड़ेल दिया.
फिर वैभव बेड पर लेट गया.
कोमल को उसकी गोद में बिठाया गया.
उसने खुद ही गांड नीचे करके वैभव का लंड अपनी गांड में लिया और लेट गई.
मैं उसके ऊपर उल्टा चढ़ गया और एक झटके में चूत में पूरा लंड पेल दिया.
आदर्श ने उल्टा खड़े होकर उसका मुँह पकड़ा और अपना लंड गले तक घुसेड़ दिया.
मधुर का लंड कोमल दोनों हाथों से हिला रही थी.
अब चारों तरफ से एक साथ हमला शुरू हो गया.
पोर्न कजिन गैंग बैंग के चलते कमरे में सिर्फ ‘पच-पच-पच … आह्ह्ह … स्स्स… चूस्स्स…’ की आवाजें गूँज रही थीं.
मेरी रंडी बहन कोमल फुल मजे में आंखें बंद करके ऐसे चुद रही थी, जैसे कोई सस्ती रांड चुद रही हो.
आखिर में सबने एक साथ लंड निकाला और उसके गोरे-गोरे बदन पर, मुँह पर, बूब्स पर, पेट पर … हर तरफ अपना-अपना गाढ़ा वीर्य उड़ेल दिया.
कोमल ने हांफते हुए सबके लंड चाट-चाटकर एकदम साफ कर दिए.
फिर सब बाथरूम में नहाए, कपड़े पहने. मेरे दोस्तों के जाने के बाद मैंने दरवाजा बंद किया और आखिरी बार अपनी रंडी बहन कोमल को जोरदार चोदकर सो गया.
ये था मेरी सस्ती रंडी कजिन बहन कोमल का पहला गैंगबैंग … और उसके बाद बार बार वह मुझसे चुदवाती रही.
मेरी इस पोर्न कजिन गैंग बैंग स्टोरी पर आपके कमेंट्स आमंत्रित हैं.
[email protected]