मेरी गांड को लौड़े की पड़ गई

माय ऐस्स वांट लंड स्टोरी में मुझे लड़कियों की तरह रहना, सजना, सोचना पसंद है. मैं अपनी गांड में उंगली, खीरा डालकर मजा लेता हूँ. गे पोर्न देख मेरा मन कोई लंड अपनी गांड में लेने का था.

दोस्तो, मैं आप सबका राहुल, आपके लिए मैं अपनी एक सच्ची घटना को माय ऐस्स वांट लंड स्टोरी के रूप में लिख कर पेश कर रहा हूँ.

मुझे लड़कियों की तरह बात करना, उनके जैसे सजना बहुत अच्छा लगता है.

मेरी फिगर की साइज 32-28-34 की है, कोई भी सामान्य लड़का मुझे लड़की की ड्रेस में देखकर एकदम से गर्मा जाएगा और उसका खड़ा हो जाए.

यदि कोई गे सेक्स पसंद करने वाला टॉप हुआ तो वह तो मुझे लड़के की ड्रेस में भी देख कर एकदम से मेरे ऊपर चढ़ने को बेचैन हो जाएगा.

मुझे लड़कियों में कोई इंटरेस्ट नहीं था.
ब.चपन से ही मुझे मुठ मारना, अपनी गांड में फिंगर करना … या खीरा, मूली, बैगन कुछ भी डालकर मस्ती करना अच्छा लगता था. चुपके से किसी का लंड देखकर उसे पकड़ कर चूस लेना … ये सब मुझे बहुत पसंद था.

मैंने पहली बार सेक्स का मजा तब लिया, जब मैं जवान हुआ ही था.
उस दिन मैं घर पर अकेला था, तो नेट पर ब्लू फिल्म देख रहा था.

अचानक से एक गे सेक्स वीडियो चलने लगा.
उसे देखकर मैं पानी-पानी हो गया.

फिर मेरा दिमाग भी सेक्स के लिए पागल होने लगा.
पूरे दिन मैंने काफी बार मुठ मारी, गांड में खीरे से खुद को खुश करने की कोशिश की … लेकिन मैं सेक्स के बिना पागल हो रहा था

फिर मैंने साइट पर किसी लड़के को खोजने की सोची और लग गया चैटिंग में.
काफी सारे लड़के मिले, लेकिन कोई काफी दूर का था, तो कोई सिर्फ चैट करना चाहता था.
कोई सिर्फ पिक मांगता, तो कोई कॉल करके पानी गिरवा कर छोड़ देता.

फिर इसी तरह की कोशिशों के बाद मुझे मेरा प्यार मिला.
उससे चैट हुई तो उसने पहले मुझसे नग्न होकर मेरा जिस्म देखने की इच्छा जाहिर की.

मैं खुद भी सेक्स का भूखा था, तो नंगा होने के लिए झट से राजी हो गया था.
उसने जैसे जैसे बोला, मैं वैसे वैसे ही करता गया और अपने कपड़े खोलता चला गया.

उसने मेरी नंगी गांड देखी, तो उसका लंड खड़ा हो गया.
वह मेरे सामने पागलों की तरह मुठ मारने लगा.

उसका लंड देखकर मुझे भी लगा कि काश इसका लौड़ा आज ही मेरी गांड को मिल जाए और मैं चूस चूस कर पूरा लवड़ा खा जाऊं … अपनी गांड में लंड डलवा कर चुदाई का खूब मजा लूँ.
मेरी ‘आआह … आआह …’ की आवाज निकल रही थी.

फिर मुझसे नहीं रहा गया … तो मैंने उससे मिलने को बोला.
वह भी झट से मान गया.

अब मैं आपको अपने आशिक के बारे में बता देता हूँ.
उसका नाम आफताब था.

वह देखने में एकदम मस्त, चिकना गबरू जवान मर्द था और उसने हल्की सी दाढ़ी रखी हुई थी.
उसकी हाइट 5 फुट 7 इंच की रही होगी और एकदम सुडौल शरीर था.
उसके सीने पर एक भी बाल नहीं था.

उसकी जिम बॉडी देखकर मेरी तो हालत ही खराब हो गई थी.

बस लग रहा था कि कैसे मैं इससे जल्दी से मिलूँ और ये मुझे खूब प्यार करे. मेरी गांड फाड़कर भोसड़ा बना दे.
मैं अलग-अलग तरह के सेक्सी सपने देखने लगा, बार बार उसका लंड देखने लगा.
उसका लंड लगभग 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था.

जैसा मैं चाह रहा था, वैसा ही लंड मुझे मेरे जानू आफताब के लंड के रूप में देखने को मिला.

उसने मुझसे अपने रूम पर आने को बोला तो मैं तैयार हो गया क्योंकि माय ऐस्स वांट लंड.
उसने मुझे ब्रा-पैंटी पहन कर आने को बोला लेकिन मेरे पास ब्रा पैंटी का सैट नहीं था.

मैंने कहा- तुम ले आना … मैं आती हूँ और उधर तुम जैसा बोलोगे, वैसे मैं तैयार हो जाऊंगी.
वह मेरी जनानी भाषा को सुनकर मस्त हो गया.

मेरी ब्रा पैंटी लाने की बात को भी वह मान गया.
अब हम दोनों मिलने के लिए तैयार हो गए.

उसने मुझे रात को रुकने के लिए बोला, तो मैंने भी हां कर दी.
मेरे घर पर कोई नहीं था तो मुझे उसके साथ पूरी रात रुकने में कोई दिक्कत नहीं थी.

मैं सारी रात आराम से मस्ती कर सकता था.

अब मुझे अपने आशिक के लिए तैयार होना था, मैं अपने पूरे शरीर को वैक्स करने लगा.

पूरे शरीर के बाल वीट क्रीम से हटाकर एकदम चिकनी लौंडिया सी रेडी हो गई और रात में अपने जानू से गांड मरवाने के लिए तैयार होने लगी.

आफताब के लंड को याद करके मैं अपनी गांड में फिंगर करने लगी ताकि मेरी जानू का लंड आराम से गांड में चला जाए.
जिस वक्त मैं मुठ मार रहा था, तब मैं लौड़े को हिलाते हुए आफताब आफताब कहते हुए आहें ले रहा था.

मेरे मुँह से सिर्फ आआह … आआह … आआह … निकल रही थी.
ऐसा लग रहा था कि आज मैं अलग ही दुनिया में जाने के सपने देख रहा हूँ.

जहां आज मेरी पहली सुहागरात होने वाली थी.
आज मुझे पहली बार किसी मर्द के नीचे सोना था, कुतिया की तरह चुदवाना था.

आज मेरा आशिक आफताब मुझे जन्नत की सैर करवाने वाला था.
ये सोचकर मैंने दो-तीन मुठ मारकर खुद को संतुष्ट करने की कोशिश की.

ऐसा करते-करते शाम के चार बज गए.
शाम को 5 बजे मुझे आफताब के रूम पर जाना था, तो मैं तैयार होने लगा.

घर से निकलकर मैंने ऑटो लिया और रेलवे स्टेशन की तरफ जाने लगा.
रास्ते में ऑटो वाला, जो एक अधेड़ उम्र का था, बार-बार मुझे अपने मिरर में देख रहा था.

मैं भी किसी लड़की से कम नहीं लग रहा था.

मैं भी जानबूझ कर उसके मजे लेने लगा.
वह मुझे बात करने की कोशिश कर रहा था लेकिन मैं सिर्फ स्माइल करके उसके मजे ले रहा था.

अचानक उसने मुझे बोल दिया- आप बहुत अच्छी लग रही हो.
मैं चौंक गया कि इसे मैं लड़की लग रहा हूँ, तभी तो यह ऐसा बोल रहा है.

मैंने भी उसे बोला- मैं लड़की नहीं हूँ.
तब उसने बोला- आप लड़की होती, तो आज मैं आपका काम उठा देता और अपने साथ ले जाकर चला जाता.

मैं डर गया लेकिन अन्दर से ऐसा सुनकर खुशी भी हो रही थी.
मैं आज इतनी अच्छी दिख रहा हूँ

मैंने भी आगे बढ़कर ऑटो वाले से पूछ लिया- आपको कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? आपकी शादी नहीं हुई है? जो आप ऐसा बोल रहे हो?

तब उसने बताया कि उसकी वाइफ 2 साल पहले गुजर गई थी.
मुझे सुनकर बुरा लगा.

तो मेरे मुँह से निकल गया- कोई बात नहीं, आप मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बना लो.

मेरे ऐसा बोलते ही उसने तुरंत ब्रेक लगा दिया और पीछे आकर मुझे गले लगा लिया.

यह सब इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ समझ नहीं आया, मैंने भी उसे कसके पकड़ लिया.

वह मुझे किस करने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगा.

सड़क किनारे वह मुझे अपनी बांहों में पकड़ कर किस किए जा रहा था और मैं भी उसका साथ दिए जा रहा था.

मैं तो सुबह से ही काफी गर्म था, तो मैं भी उसका साथ देने लगा.
उसके मुँह से दारू की स्मेल आ रही थी, शायद उसने कुछ टाइम पहले ही पी रखी थी.

अचानक से उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया.
मेरे मुँह से आआह … आआह … निकल गई, लेकिन मुझे डर भी लग रहा था कि इस तरह से खुली सड़क पर हमें कोई देख ले … तो बड़ी गड़बड़ हो सकती है.

ऐसे भी मैं आज तो आफताब के ख्यालों में पागल था.

मैंने उसे रोका और बोला- अभी नहीं अभी मुझे जाना है.
वह उदास हो गया.
मेरे गले लगकर रोने जैसा करने लगा, तो मुझे तरस आ गया.

मैं उसे लिप किस करते हुए उसके लंड को उसके पेट के ऊपर से पकड़ कर मसलने लगा.
वह भी मुझे कस-कसके किस करने लगा.

मैंने बोला- मुझे तुम्हारा लंड देखना है.
यह सुनकर उसने तुरंत अपने पैंट की जिप खोल दी और अपना लंड मेरे मुँह के पास रख दिया.

मुझे बहुत अजीब-सी स्मेल आ रही थी.
मैंने उसके कपड़े से उसे साफ करना चाहा, तो उसने मना किया और बोला- ऐसे ही मुँह में ले.

मैंने मना किया तो उसने मेरे मुँह पर एक चपत मार दी.
मैं सहम गया.

वह मुझे गालियां देने लगा- रंडी कुतिया साली … ले मुँह में … बहन की लवड़ी नहीं तो गांड फाड़ दूंगा!

मैं तुरंत उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.
वह आआह … आआह … आआह … करता रहा.

मेरे मुँह से फॉक-फॉक की आवाज निकलने लगी.

कुछ मिनट ऐसे ही करने के बाद उसने मुझे पैंट खोलने को बोला.
मैंने कहा- नहीं, अभी मुझे देर हो रही है … प्लीज मुझे जाने दो … मैं बाद में आ जाऊंगा.

वह नहीं माना.
मैंने रोती-सी सूरत बनाकर बोला- अभी मुँह में निकाल लो न!

उसने तुरंत लंड मेरे मुँह में पेला और फिर से मेरे मुँह को चोदने लगा.
मैं आहें भरकर उसके लौड़े को कस कर पकड़े रहा.

दस मिनट बाद उसका वीर्यपात होने को था तो वह मेरे बाल पकड़ कर कस कसके झटके मारने लगा.
दो मिनट बाद उसने अपना गर्म पानी मेरे मुँह में ही डाल दिया और हूँ हूँ करते हुए झटके मारने लगा.

उसके मुँह से गालियां भी निकल रही थीं- आह चूस साली कुतिया रंडी … चूस भर-भरके चूस बहन की लवड़ी आह … आज पहली बार तेरी जैसी गांडू मिली है. मैं तुझे अपनी बीवी बना कर रखूँगा … चल तू मेरे साथ!
मैं भी उससे बोला- आह मैं तेरी बीवी ही तो हूँ … तेरे साथ रहूँगा … ले चल मुझे!

यह सब कहते बोलते उसका पूरा पानी निकल गया.
मैंने उसका पूरा लंड चाटकर साफ कर दिया.

उसके बाद उसने एक लंबी लिप किस की.
अब उसने ऑटो स्टार्ट करके मुझे मेरे आशिक आफताब के घर के एड्रेस पर पहुंचा दिया.

जाते-जाते उसने मेरा नंबर लिया और बोला- जल्दी मिलना!
मैंने भी उसे मिलने का वादा किया.
जाते हुए उसने फिर से मुझे किस किया और चला गया.

अब मैंने आफताब के घर पर पहुंच कर उसको कॉल किया.
उसने मुझे दरवाजे पर ही रुकने को बोला.
मैं उसका इंतजार करने लगा.

वह कुछ देर बाद मेरे पास आया और बोला- यार सॉरी … आज मैं तुम्हें मजा नहीं दे पाऊंगा … आज मेरे अब्बा घर पर आए हुए हैं. इसलिए प्लीज आज नहीं.
तभी उसके अब्बा भी दरवाजे के पास आ गए और मुझे कामुक नजरों से देखते हुए बोले- अरे बेटा आफताब … ये लड़का क्या तुम्हारा दोस्त है … इसे अन्दर बुलाओ न … क्या इधर खड़े ही रहोगे?

मैंने उनकी आंखों में झांका तो मुझे एक मस्त मर्द दिखाई दिया, जो मेरी कमनीय काया को वासना भरी नजरों से देख रहा था.
मैंने भी मुस्कुरा कर कह दिया- चाचा, बाद में आता हूँ, अभी मुझे जल्दी है.

यह कह कर मैं वापस आने लगा और उसी ऑटो वाले को फोन लगाने की सोचने लगा कि आज उसी के लौड़े से गांड की ओवर हालिंग करवाई जाए.

दोस्तो, मैंने कैसे अपने इन सभी आशिकों के साथ गांड चुदाई की मस्ती की, वह सब आपको जल्दी ही बताऊंगा.
मेरी माय ऐस्स वांट लंड स्टोरी आपको कैसी लगी … जरूर बताएं.
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