यंग गर्ल वेट पुसी स्टोरी में मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई. हम दोनों सेक्स करना चाहते थे पर मौक़ा नहीं मिल रहा था. मैं उसे अपनी मौसी के घर ले गया.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम शिवराज है और मैं विदिशा, एमपी का रहने वाला हूँ.
मैं मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ.
मैंने बी.एस.सी. कंप्यूटर से ग्रेजुएशन किया हुआ है और कॉम्पिटिशन एग्ज़ाम की तैयारी कर रहा हूँ.
पढ़ाई के साथ ही बाइक के शोरूम पर कंप्यूटर ऑपरेटर की जॉब भी कर रहा हूँ.
मैं साढ़े पांच फीट का हट्टा-कट्टा नौजवान हूँ.
मेरा औज़ार 5 इंच का है तथा ये 2.5 इंच मोटा है.
यह यंग गर्ल वेट पुसी स्टोरी मेरी गर्लफ्रेंड भारती की है.
भारती से मेरी फ्रेंडशिप 4 साल पहले फेसबुक पर हुई थी.
जब भी वह अपनी फोटो अपलोड करती, तो मैं उसकी बहुत तारीफ़ करता और उसकी फोटो पर अच्छे-अच्छे कमेंट करता.
इस तरह वह मुझसे प्रभावित होने लगी.
भारती का रंग गेहुंआ जरूर है लेकिन फेस कट बहुत खूबसूरत है.
उसके घर में उसके मां-पापा, भाई-भाभी और उनकी एक लड़की थी जो कि अभी एक साल की थी.
कुछ ही समय में हमारी फ्रेंडशिप प्यार में बदल गई और हम व्हाट्सएप पर भी बात करने लगे.
फिर धीरे-धीरे कॉल पर प्यार भरी बातें करने लगे.
भारती का फिगर 30-28-32 का है.
उसके चूचे ज्यादा बड़े नहीं, पर एकदम मस्त और सख्त हैं.
उसके दोनों चूतड़ एकदम गोल, पावभाजी वाले बन-रोटी की तरह हैं.
उसकी गांड मसलने में खूब मजा आता है.
भारती बी.टेक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है और रेंट पर भोपाल शहर में रहकर पढ़ाई कर रही थी.
जल्द ही हमने मिलने का प्लान बनाया और मैं उससे मिलने भोपाल पहुंच गया.
भोपाल में हम घूमे-फिरे, बहुत मौज-मस्ती की.
दोपहर को मैंने उसे अपनी मौसी के रूम पर चलने को कहा जो कि भोपाल में ही अपने पति के साथ किराए के रूम पर रह रही थीं.
मेरी मौसी से सैटिंग है, वह एक अलग सेक्स कहानी में लिख कर बताऊंगा कि मौसी मेरे साथ कैसे खुली थीं.
भारती मान गई और मेरे साथ मौसी के रूम पर चली आई.
मौसी ने हमारे लिए चाय बनाई और थोड़ी देर बाद मौसी कुछ सामान लाने का बोलकर बाज़ार चली गईं.
यह मैंने मौसी को पहले ही बता दिया था कि मैं उसे लेकर जब आऊं, तब आप एक-दो घंटे के लिए कहीं चली जाना और उन्होंने ठीक वैसा ही किया.
मौसा जी तो शाम से पहले अपने काम से लौटने वाले नहीं थे तो मैं बेफिक्र था.
मौसी के जाते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और धीरे-धीरे मेरा एक हाथ उसके स्तनों पर आ गया.
मैं एक हाथ से उसकी चूचियों को व दूसरे हाथ से उसकी पीठ को सहलाने लगा.
उसने सफेद कलर का टॉप पहन रखा था.
मैंने धीरे-धीरे करके अपना हाथ टॉप के नीचे से अन्दर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से उसके एक स्तन को सहलाने लगा.
वह मस्त होने लगी, तो मैंने धीरे से उसका टॉप निकाल दिया.
उसने अपने हाथों को ऊपर करके टॉप निकालने में मेरी मदद की.
वह खुद चुदने के मूड में आ गई थी तो मैं उसे मौसी के बेड पर ले गया.
उधर मैंने फिर से उसके साथ चूमाचाटी शुरू कर दी और अपने दोनों हाथों से उसके चूचों को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा.
उसने सफेद कलर की ब्रा पहन रखी थी.
फिर उसे किस करते हुए ही मैं एक हाथ नीचे ले गया और उसकी सफेद लैगिंग्स के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा.
उसने अपनी टांगें फैला दीं और चुत की रगड़ाई का मजा लेने लगी.
यह देख कर मैंने उसकी लैगिंग्स को धीरे से नीचे को सरकाते हुए टांगों से बाहर निकाल दिया.
उसने अपनी गांड उठाकर लैगिंग्स को निकालने में मेरी मदद की.
लैगिंग्स के नीचे उसने अन्दर ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी जो हल्की सी भीग गई थी.
मैं पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा.
इस सब में वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और बहुत गर्म हो गई थी.
फिर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से अलग किया और उसकी ब्रा को ऊपर करके उसके एक चूचे को मुँह में भर लिया और दूसरे दूध को मसलने लगा.
वह आह आह करने लगी और जल्दी ही उसने खुद ही अपनी ब्रा निकाल दी.
जब वह अपनी ब्रा निकाल रही थी, उसी वक्त मैंने उसकी पैंटी निकाल दी.
उसकी चूत पर घुंघराले काले बाल थे जो कि ज्यादा बड़े नहीं थे, शायद उसने दो हफ्ते पहले ही साफ किए थे.
फिर उसने मेरे कान में कहा- पहले बताया होता कि यह करने वाले हो तो मैं मैदान साफ करके आती!
मैंने हंस कर कहा- कोई बात नहीं जान, आज तेरी घुंघराली झाड़ियों में लंड घुसेड़ कर मजा ले लूँगा, तुम अगली बार मैदान चमका कर आ जाना!
यह सुनकर वह धीरे से हंस दी.
अब मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और उसकी टांगों के बीच में आ गया.
अपने लंड को मैं उसकी चूत पर रगड़ते हुए किस करने लगा.
मैं अपने दोनों हाथों से उसके मम्मों को जोर-जोर से मसलने लगा.
वह बहुत गर्म हो गई थी और मेरे कूल्हों पर हाथ रखकर अपनी चूत पर लंड को दबाने लगी थी.
मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर लंड को उसकी चूत पर रखा और जोर का धक्का लगाया.
चूत बहुत गीली होने के कारण लंड का टोपा अन्दर चला गया.
उसके होंठ मेरे होंठों में दबे होने के कारण उसकी चीख दब कर रह गई, वरना वह बहुत जोर से चिल्ला देती.
लौड़े की नोक चुत में घुसने से वह बहुत मचलने लगी और मुझे अपने हाथों से धकेलने की कोशिश करने लगी.
पर मैंने उसे जकड़ रखा था.
उसकी आंखों से आंसू बह निकले.
मैं थोड़ी देर ऐसे ही रुका रहा.
फिर एक और जोर के धक्के के साथ पूरा लंड मैंने उसकी चूत में पेल दिया.
उसकी चूत फट चुकी थी और उससे खून आने लगा था जो कि मुझे मेरे लंड पर गर्म महसूस हुआ.
वह लगभग बेहोश हो चुकी थी.
मैं ऐसे ही रुक गया और उसे किस करने लगा.
धीरे-धीरे उसे होश आने लगा और अब वह थोड़ा शांत हो गई थी.
मैं धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करने लगा.
वह अपने मुँह से कामुक आवाज़ निकालने लगी थी.
उसका मीठा दर्द अब मादक सिसकारियों में बदल चुका था और शायद उसे भी अब मज़ा आने लगा था.
वह धीरे-धीरे ‘अह … उह …’ की आवाज़ें निकालने लगी.
करीब आधे घंटे तक मस्त चुदाई चली.
इस बीच में वह दो बार झड़ चुकी थी और अब मैं भी झड़ने वाला था.
लंड का पानी चुत के अन्दर ना निकले इसलिए मैंने तुरंत अपने लंड को झटके से बाहर निकाल लिया.
मैं आपको बताना भूल गया कि मेरे लंड का टोपा थोड़ा बड़ा है इसलिए जैसे ही लंड बाहर निकाला, एक पक्क की आवाज़ हुई और उसकी चीख निकल गई!
वह बोली- अह … शिबु मर गई … ऐसे कोई निकालता है क्या!
उसे थोड़ा दर्द होने लगा.
अब तक करीब डेढ़ घंटा बीत गया था तो हम दोनों ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े उठाए और वह कपड़े लेकर अपनी चूत को साफ करने के लिए बाथरूम में चली गई.
वह कुछ पल बाद बाहर आ गई.
अब तक मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए थे.
थोड़ी देर में मौसी आ गईं और हम लोग नाश्ता करके निकल गए.
रास्ते में उसने मुझसे कहा- मुझे चूत में बहुत जलन हो रही है और शायद खून भी आ रहा है.
मैंने मेडिकल शॉप से पेन किलर खरीद कर उसे दे दिया.
फिर उसके रूम के पास आकर मैं उसे सड़क पर विदा करके अपने घर को निकल गया.
उसके बाद तो हम रोज़ रात को सेक्स चैट करने लगे और व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर एक-दूसरे को अपने-अपने अंगों का प्रदर्शन करने लगे.
वह अलग-अलग रंग व डिज़ाइन की ब्रा पहन कर मुझे फोटो भेजा करती थी और मैं उन फोटोज़ को अपने पास मेमोरी बना कर रख लेता था.
वह साड़ी वगैरह पहन कर भी अपनी फोटो भेजा करती थी.
मैं उसे अपनी चूत और गांड में उंगली करने को कहता तो वह मेरी खुशी के लिए दर्द होते हुए भी करती थी.
उसकी गांड एकदम कुंवारी थी और उसका छेद बहुत छोटा था इसलिए उसे बहुत दर्द होता था.
फिर भी वह मेरी खुशी के लिए यह सब करती थी.
एक बार जब मैं उससे नाराज़ हो गया तो उसने मुझे एक वीडियो बनाकर भेजी जिसमें वह टूथब्रश को अपनी गांड में डालकर अन्दर-बाहर कर रही थी.
गांड में टूथब्रश करने के साथ ही वह बोली- यह सब मैं आपकी खुशी के लिए कर रही हूँ, अब अगर आप हंसे नहीं तो मैं अपनी जान दे दूँगी!
मैंने उसे माफ़ कर दिया और हम फिर से बात करने लगे.
फिर कुछ दिनों बाद उसके भाई की बेटी यानि उसकी भतीजी का बर्थडे था.
तो उसने मुझे अपने घर पर इनवाइट किया.
उसने मुझे अपने परिवार से कॉलेज फ्रेंड कहकर मिलवाया और फिर मेरे साथ ही वह मार्केट जाकर केक वगैरह और सजावट का सामान लेकर आई.
मैंने उसकी भतीजी के लिए साइकिल खरीदी गिफ्ट करने के लिए.
वह फुसफुसाती हुई बोली- वाह फूफा जी! अपनी भतीजी के लिए गिफ्ट खरीद रहे हो!
मैं भी हंस दिया.
हम लोग खरीदी करके वापस उसके गांव वाले घर पहुंच गए.
वहां बहुत से मेहमान आए हुए थे, जिनमें उसके कजिन्स भी थे.
सबने मेरी खूब खातिरदारी की और मैंने भी साज-सज्जा में भारती की मदद की.
फिर वह तैयार होने के लिए चली गई और लगभग एक घंटे बाद वह तैयार होकर आई तो मैं उसे देखता ही रह गया.
उसने गांव के हिसाब से चूड़ीदार कुर्ता और लैगिंग्स पहन रखा था जो कि प्याजी कलर का था और सफेद लैगिंग्स थी.
मैंने उसे लोगों से नज़रें चुराकर एक फ्लाइंग किस दी.
उसने भी लोगों से नज़रें चुराते हुए मेरे किस का जवाब दिया.
अपने होठों को चुम्मा बनाकर मुझे इशारा किया.
फिर केक कटिंग हुई और मैंने भतीजी को साइकिल दी.
भारती और मैंने भतीजी के साथ फोटो खिंचाया.
वह मेरे एकदम पास खड़ी थी तो मैंने मौका देखकर उससे पूछा कि किस रंग की ब्रा-पैंटी पहनी तो उसने धीरे से फुसफुसाते हुए कहा- रेड कलर का सैट!
मेरा मन हुआ कि अभी उसके कपड़े उतरवा कर उसे रेड कलर के 2 पीस में देखूँ, पर वहां बहुत मेहमान थे तो यह संभव नहीं था.
हम लोगों ने साथ में खाना खाया और डीजे पर बहुत डांस किया.
फिर मैं थक कर साइड में खड़ा हो गया.
तब देखा कि वह एक लड़के के साथ नाच रही थी तो मैंने उसे घूर कर देखा, जिससे वह डर गई और धीरे से एक कान पकड़कर माफी मांगने लगी और मेरे पास आकर खड़ी हो गई.
मैंने स्माइल की और उसकी मम्मी का डांस देखने लगा.
उसकी मम्मी की गांड भी बहुत बड़ी थी जो कि वह मटका-मटका कर नाच रही थी.
तकरीबन रात के 11:00 बजे मैंने उसके पापा से घर जाने की आज्ञा ली तो उन्होंने मुझे जाने से इनकार कर दिया और कहा- बेटा, रात ज्यादा हो गई है, आज रात यहीं रुक जाओ, हमें भी अच्छा लगेगा.
फिर भारती और भारती के मम्मी-पापा के कहने पर मैं वहीं रुक गया और अपने घर पर कह दिया कि मैं कल सुबह आऊंगा, लेट हो जाने के कारण मैं आज अपने दोस्त के घर रुक गया हूँ.
मेहमान ज्यादा होने के कारण हम लोग हॉल में सोए.
मेरे साइड में उसका भाई सोया हुआ था और लेफ्ट साइड में भारती थोड़ी दूरी पर अपना बिस्तर बिछाकर सोई हुई थी.
उसके साथ उसकी बुआ की लड़की भी सोई हुई थी.
रात को करीबन 3:00 बजे मेरी नींद खुली, तो मैंने देखा सभी लोग गहरी नींद में सोए हुए थे.
मैंने धीरे से अपना हाथ भारती की ओर बढ़ाया और उसके कुर्ते को ऊपर उठाते हुए उसकी लैगिंग्स और पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया और उसकी चूत पर चलाने लगा.
शायद वह जाग गई थी पर कोई रिएक्शन नहीं दे रही थी और मज़ा ले रही थी.
फिर धीरे-धीरे मैंने एक उंगली उसकी चूत के अन्दर डालकर अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
यह सब मैं उसके भाई पर ध्यान रखते हुए कर रहा था.
बुआ की लड़की की वजह से ज्यादा रिस्क नहीं कर रही थी, बस मेरे हाथ पर अपना हाथ रखे हुई थी.
फिर धीरे-धीरे मैंने दूसरी उंगली भी उसकी चूत में डाल दी और यंग गर्ल वेट पुसी के अन्दर-बाहर करने लगा.
उसने अपनी टांगें थोड़ी फैला ली थी. अब उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी और पानी छोड़ने लगी.
फिर मैं उसकी पैंटी से अपना हाथ निकाल लिया और हाथ को ऊपर ले जाकर उसके कुर्ते के गले से अन्दर डालने लगा और उसके दूध सहलाने लगा.
थोड़ी देर बाद मुझे नींद आने लगी तो मैं अपने हाथ उसके स्तन से हटाकर सो गया.
सुबह जब मैं उठा तो 8:00 बज चुके थे और सभी लोग उठ चुके थे.
भारती भी उठ चुकी थी और मेरे लिए चाय लेकर आई थी.
उसी ने मुझे उठाया और मेरे होंठों पर इधर-उधर देखकर किस कर दी और ‘गुड मॉर्निंग!’ कहा.
फिर मैं 9:00 बजे उसके घर से निकल गया.
तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली सेक्स स्टोरी.
आप लोगों को यंग गर्ल वेट पुसी स्टोरी पसंद आई होगी.
मुझे मेल करें.
मेरा मेल आईडी है
[email protected]