Xxx वर्जिन चुत की कहानी में मेरी भतीजी श्रेया ने मुझे अपनी सहेली से मिलवाया, उसके सामने चुदी. सहेली ने हमारी चुदाई देखी तो वह भी गर्म हो गयी. मैं उसे भी चोदना चाहता था.
मेरी पिछली कहानी
जवान भतीजी ने सहेली के सामने चूत मरवाई
में आपने पढ़ा कि मेरी भतीजी श्रेया ने मुझे अपने घर बुलाया, अपनी सहेली से मिलवाया, उसके सामने मेरा लंड अपनी चूत में घुसवा कर मजा लिया. उसकी सहेली अवनी ने हमारी चुदाई की वीडियो बनाई.
अब आगे Xxx वर्जिन चुत की कहानी:
श्रेया के जाने के बाद मैं और अवनी बैठकर टेलीविजन पर इंग्लिश मूवी देखने लगे।
अवनी मुझसे थोड़ा हटकर बैठी थी।
थोड़ी देर बाद मैंने कहा, “अरे यार अवनी, तुम तो अनजान लोगों की तरह इतनी दूर बैठी हो!”
अवनी सरकते हुए मेरे पास आकर बैठी और बोली, “नहीं जीजू, ऐसी बात नहीं है, बस अपना थोड़ा-सा ध्यान तो रखना पड़ता है ना!
मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा, “अवनी, मैं जबरदस्ती तो तुम्हारी डिब्बी में अपना डंडा घुसेड़ने से रहा!”
अवनी हंसते हुए बोली, “आजकल कुछ पता नहीं चलता, कब क्या हो जाए!”
मैंने कहा, “होने को क्या होगा? जो भी होता है, अच्छा ही होता है!”
फिर मैंने उसका हाथ अपने होंठों से लगाकर उस पर जीभ फेरते हुए कहा, “और तुम ये मत भूलो कि थोड़ी देर पहले तुम अपनी डिब्बी मेरे इन होंठों पर रगड़ चुकी हो!”
अवनी इठलाते हुए बोली, “जीजू, सब टाइम-टाइम की बात होती है। आप लोगों को देखकर मुझे भी गर्मी चढ़ गई थी। अब आप भी ठंडे हो चुके हो और मैं भी ठंडी हो चुकी हूँ।”
मैंने शॉर्ट्स के ऊपर से लण्ड हिलाते हुए कहा, “आ जा, अभी गर्म कर देता हूँ!”
अवनी अंगुली हिलाकर बोली, “नहीं जीजू, मुझे बार-बार गर्म होने की कोई जरूरत नहीं। आपकी श्रेया आ जाएगी, आप उसको गर्म करके उसकी ही सवारी करना!”
मैंने कहा, “उसकी सवारी तो चलती ही रहेगी। चल, आ जा, तुझे भी जन्नत की सैर करवा दूँ!”
अवनी ने मेरी बात काटते हुए पूछा, “जीजू, एक बात बताओ?”
मैंने कहा, “हाँ, पूछो!”
अवनी बोली, “श्रेया आपकी रियल भतीजी है या रिश्ते में?”
मैंने टीवी बंद करते हुए कहा, “वो मेरी रियल भतीजी है।”
अवनी बोली, “जीजू, आप उससे दुगनी से ज्यादा उम्र के हो और वो आपकी भतीजी भी लगती है। क्या ऐसे ये सब करना ठीक है?”
मैंने कहा, “अवनी, देखो, रिश्तों से क्या फर्क पड़ता है? उसकी चूत को बड़े लण्ड की जरूरत थी और मेरे लण्ड को छोटी चूत की। दोनों मिले और प्यार हो गया, तो इसमें गलत क्या है?”
अवनी लंबी सांस लेकर बोली, “हाँ, ये भी सही है!”
फिर वो हंसते हुए बोली, “बाकी जीजू, मैंने तो सुना है कि घोड़ा और मर्द की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है, वो उतना ही ज्यादा मजा देते हैं!”
मैंने कहा, “बिल्कुल सही सुना है तुमने!”
फिर मैंने उसकी तारीफ करते हुए कहा, “अवनी, तुम तो काफी समझदार हो। तुम्हें कुछ समझाने की भी जरूरत नहीं पड़ती।”
मेरी बात सुनकर अवनी खिसककर मेरे और पास आ गई और मेरी जांघ पर हाथ रखकर बोली, “जीजू, आपने आज तक कितनी लड़कियों को जन्नत की सैर करवाई है?”
मैंने उसका हाथ पकड़कर लण्ड पर रखना चाहा पर वो हाथ कोमल अंगुलियाँ लण्ड से छूने लगीं।
मैंने उसकी छुअन का मजा लेते हुए कहा, “अवनी, अनगिनत! मेरा ये नाग अनगिनत लड़कियों की गुफा भेद चुका है।”
अवनी ने शरारत से लण्ड को पकड़कर जोर से दबाया और हंसते हुए बोली, “इसीलिए तो ये इतना मजबूत है!”
मैंने भी हंसते हुए कहा, “चल, तेरी कोमल गुफा को भी इसकी मजबूती का मजा दे दूँ!”
अवनी बोली, “जीजू, मैं तो अपना सब-कुछ उसको दूंगी जो मुझे प्यार करेगा।”
मैंने कहा, “प्यार के चक्कर में चुदाई का असली मजा जिंदगी भर नहीं ले पाओगी।”
अवनी बोली, “जीजू, मजा तो वो भी देगा ही ना!”
मैंने कहा, “क्या गारंटी है? वो लण्ड भी तेरी चूत में न डाल पाए!”
अवनी बोली, “क्या मतलब आपका?”
मैंने कहा, “सोच, अगर उसका लण्ड बहुत पतला और छोटा हुआ तो? वो तेरी चूत में खुजली भी नहीं कर पाएगा। और ऐसा भी हो सकता है कि वो तेरे ऊपर चढ़कर दो सेकंड में पानी छोड़ दे। तब तू क्या करेगी?”
अवनी हंसते हुए बोली, “जीजू, फिर मैं आपके पास आ जाऊंगी!”
मैंने उसके कंधे पर हाथ रखकर अंगुलियों से चूची सहलाते हुए कहा, “मेरे पास क्या करने आएगी?”
अवनी बोली, “वही सब जो आप श्रेया के साथ करते हो!”
मैंने कहा, “साफ-साफ बोल ना—चुदवाने आएगी!”
अवनी बोली, “बड़े गंदे हो आप! मुझे भी गंदी बनाना चाह रहे हो!”
मैंने कहा, “अवनी, गंदा बोलकर तो देख, बहुत मजा आएगा!”
अवनी मेरी आँखों में देखकर बोली, “ठीक है जीजू, अगर मेरा बॉयफ्रेंड मेरी चूत ठंडी नहीं कर पाया, तो मैं खुद आकर आपके लण्ड को अपनी चूत में ले लूंगी!”
उसकी बात से मेरा लण्ड फिर से तन गया।
अवनी बोली, “छोड़ो ना जीजू इन सब बातों को, कोई और बात सुनाओ!”
मैंने कहा, “जब दुनिया की सबसे हसीन लड़की सामने हो तो कोई दूसरी बात कैसे कर सकता है?”
अवनी बोली, “जीजू, ज्यादा होशियार मत बनिए! मैं सब समझती हूँ। आप मक्खन लगा रहे हो और मौका मिलते ही मेरी मक्खन की टिकिया में अपना खंजर उतार दोगे!”
मैं उसकी बात पर हंसते हुए चुप हो गया।
मुझे बहुत तेज पेशाब आ रहा था।
मैंने कहा, “यार, तुम बैठो, मैं मूतकर आता हूँ!”
अवनी मेरी बात सुनकर झटके से उठी और मेरा हाथ पकड़कर खींचते हुए बोली, “चलो जीजू! मैं भी देखूंगी कि आदमी की लुल्ली से मूत कैसे निकलता है!”
मैंने उसे हल्का खींचा तो वो झूलते हुए मेरी बाहों में आ गई।
मैंने कहा, “क्यों, कभी किसी को मूतते हुए नहीं देखा क्या?”
अवनी बोली, “जीजू, मेरा बहुत दिल था कि देखूँ! प्लीज दिखा दो ना!”
मैंने कहा, “ठीक है, पर मेरी एक शर्त है … जब तक श्रेया नहीं आती, तुम घर में नंगी रहोगी!”
अवनी बोली, “ठीक है जीजू, पर आप कुछ करोगे तो नहीं ना?”
मैंने कहा, “जब तक तुम नहीं चाहोगी तब तक नहीं करूँगा।”
अवनी बोली, “फिर ठीक है। मैं आपके लिए नंगी हो जाऊंगी। हाँ, आपका दिल करे तो ऊपर से कुछ भी कर सकते हो!”
मैंने अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दी।
शॉर्ट्स उतारते ही मेरा आधा हार्ड लण्ड हवा में झूलने लगा।
मैंने अवनी की तरफ देखा तो उसकी आँखों में वासना की चमक साफ नजर आई।
मैंने उसकी कमर में हाथ डालकर खींचा।
मेरा लण्ड उसकी जींस पर रगड़ता हुआ उसकी चूत के ऊपर से होता हुआ पीछे चूतड़ों के बीच से निकल गया।
अवनी ने एक हाथ पीछे ले जाकर टोपा पकड़ लिया और बोली, “आह जीजू! ये तो मेरे पीछे से भी कितना निकल गया!”
मैंने उसके होंठों पर चुम्बन करते हुए कहा, “साली, एक बार अपनी चूत में डलवाकर देख! तेरी पसलियों तक आ जाएगा!”
अवनी मेरी छाती पर हाथ फेरते हुए बोली, “जीजू, सच में आपका बहुत बड़ा है। श्रेया सच बोलती थी कि आप बहुत मजबूत हो!”
फिर वो मेरी बांह के मसल पर नाखून गड़ाते हुए बोली, “आप तो किसी को मसल कर रख दो!”
मैंने उसके चूतड़ों की गोलाइयों को मुठ्ठियों में कसते हुए कहा, “अवनी, तुम्हारे जैसी हुस्न परियों को मसला नहीं जाता, प्यार किया जाता है!”
अवनी बोली, “चलो ना जीजू, मुझे सूसू करके दिखाओ!”
मैंने उसका टॉप उतारते हुए कहा, “चल, पहले तू भी तो नंगी हो जा!”
अवनी मेरे से दूर होते हुए बोली, “आप मेहनत करने को रहने दीजिए, मैं खुद कपड़े उतार दूंगी!”
अवनी ने बड़ी अदा से घूमकर टॉप और ब्रा उतार दी।
उसकी चिकनी गोरी पीठ मेरे सामने थी।
मैंने आगे बढ़कर उसकी पीठ पर हाथ रख दिया।
अवनी सिर पीछे घुमाकर मुस्कुराई और जींस खोलकर नीचे खिसकाने लगी।
पर उसकी टाइट जींस बड़े चूतड़ों पर अटक गई।
मैंने लण्ड सहलाते हुए कहा, “पता नहीं हसीन लड़कियाँ गांड में ऐसा क्या डलवाती हैं कि उनकी गांड इतनी बड़ी हो जाती है!”
अवनी हंसते हुए बोली, “जीजू, मेरी तो अभी बिल्कुल कुंवारी है! आज तक किसी की अंगुली भी नहीं गई!”
अवनी जैसे ही जींस उतारने को झुकी, उसके गद्देदार चूतड़ थोड़े खुल गए।
चूतड़ों के बीच से उसकी गुलाबी गांड का छेद और चूत की झलक मिली।
मैंने कहा, “अच्छा ही है, अब तक कुंवारी है। शायद इसको भी मेरे डंडे का इंतजार था!”
अवनी बिना कुछ बोले घूमकर मुस्कुराई और बोली, “लो जीजू, मैंने आपकी विश पूरी कर दी!”
अवनी को नंगी देखकर मेरे मुंह से “उफ्फ्” निकल गया।
वो हंसते हुए हाथ से इशारा करके बोली, “क्या हुआ जीजू? कभी नंगी लड़की नहीं देखी क्या?”
मैंने लण्ड सहलाते हुए कहा, “नंगी लड़कियाँ बहुत देखी हैं और बहुतों को नंगी भी किया है, पर स्वर्ग से आई अप्सरा को पहली बार नंगी देख रहा हूँ!”
अवनी नीचे वाले होंठ को दांतों से काटकर शरमा गई।
वो दोनों हाथ कमर पर रखकर, छाती उभारकर, टांगे थोड़ी फैलाकर मेरी आँखों में देखकर बोली, “जीजू, एयरपोर्ट पर तो मेरी बड़ी तारीफ कर रहे थे, अब नंगी खड़ी हूँ तो मुंह से कुछ निकल नहीं रहा?”
मैं मन ही मन हँसा … साली तारीफ सुनना चाहती है, मतलब आसानी से लण्ड के नीचे आ जाएगी।
मैंने लण्ड पकड़कर उसकी आँखों में देखकर कहा, “मासूम सा प्यारा चेहरा, शरारती आँखें, गुलाब की कली जैसे गुलाबी नरम होंठ…”
अवनी दांत से होंठ काटकर मुस्कुरा रही थी।
फिर मैंने उसकी चूचियों की तरफ देखकर कहा, “वाह! क्या मस्त चूचियाँ हैं, एकदम गोल और उन पर गुलाबी निप्पल! दिल करता है इन्हें चूस लूँ। एकदम पतला सपाट पेट, पतली कमर, मांसल जांघों के बीच छुपा स्वर्ग का दरवाजा… काश ये हुस्न परी एक बार इस दरवाजे में जाने की इजाजत दे दे!”
अवनी एक झटके से घूम गई और गांड थिरकाते हुए बोली, “जीजू, आप बहुत बदमाश हो!”
मैंने कहा, “वाह! छब्बीस इंच कमर के नीचे छत्तीस इंच की थिरकती गांड का तो कहना ही क्या!”
अवनी जोर से हंसते हुए मेरे पास आई, लण्ड को एक हाथ से जकड़कर बोली, “चलो ना जीजू, मुझे सूसू करके दिखाओ!”
अवनी ने मेरा लण्ड किसी मजबूत पोल की तरह पकड़ लिया और मुझे खींचकर बाथरूम ले गई।
वो आगे-आगे चल रही थी, उसके ऊपर-नीचे होते चूतड़ मेरे सामने थे।
मैं एक चूतड़ पकड़कर मसलने लगा।
अवनी मुस्कुराई।
बाथरूम पहुँचते ही वो कमोड पर बैठ गई और बोली, “जीजू, मेरे सामने सूसू करो!”
मैं उसके सामने खड़ा हुआ, पर लण्ड हार्ड होने से मूत नहीं निकल रहा था।
अवनी बोली, “करो ना जीजू!”
मैंने कहा, “थोड़ी देर चुप रहो।”
फिर आँखें बंद करके बॉल्स सहलाए तो लण्ड से मूत की तेज धार निकली।
धार निकलते ही अवनी खुशी से चिल्लाई, “वाउ जीजू! आप मूतते रहो, बहुत मजा आ रहा है!”
मूत खत्म होने पर अवनी बोली, “आह जीजू, काश आप मूतते ही रहते!”
मैंने कहा, “यार, जितना आएगा उतना ही निकलेगा!”
अवनी लण्ड के छेद पर अंगुली फिराते हुए बोली, “इस क्यूट से छेद से धार निकलते हुए कितना सुंदर लग रहा था!”
मैंने बिना बोले लण्ड उसके गुलाबी होंठों की तरफ बढ़ाया।
उसने मुंह खोलकर पूरा लण्ड मुंह में भर लिया और चूसने लगी।
वो मस्ती से चूस रही थी, मैं उसके बूब्स मसल रहा था।
थोड़ी देर बाद उसका मुंह थक गया।
अवनी खड़ी होकर लिपटते हुए बोली, “जीजू, आपका पानी कब निकलेगा? मेरा मुंह थक गया!”
मैंने कहा, “इसे जब तक अपनी चूत में नहीं लोगी, तब तक पानी निकलना मुश्किल है।”
अवनी तुनककर बाहर निकल गई और किचन में चली गई।
मैं सोफे पर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद वो पानी का ग्लास लेकर आई और बोली, “लो जीजू, ठंडा पानी पी लो। और अपने इंजन को भी ठंडा रखो, जब तक श्रेया नहीं आती, वेट करने को बोलो!”
फिर वो भारी गांड मटकाते हुए कमरे में गई और बोली, “आओ जीजू, अंदर लेट जाओ!”
मेरा लण्ड बुरा हाल था।
मैंने उसे पास बुलाया, जैसे ही वो आई, मैंने हाथ खींचा।
वो सीधी मेरी गोद में लण्ड के ऊपर गिरी।
लण्ड उसके चूतड़ों के बीच से चूत के होंठ रगड़ता हुआ आगे निकल गया।
अवनी सिसकारी।
मैंने एक हाथ कमर में डाला, दूसरा चूचियों पर … गर्दन चूमते हुए कहा, “अवनी, क्यों खुद तड़प रही है और मुझे भी तड़पा रही है? चल, चूत और लण्ड का मेल करवाकर एक हो जाएं!”
अवनी लण्ड सहलाते हुए बोली, “जीजू, दिल तो बहुत करता है, पर आपका इतना बड़ा लण्ड लेने के बाद मैं किसी और के काम की नहीं रहूंगी। मुझे नहीं मालूम, मेरी सील भी नहीं टूटी अभी!”
फिर बोली, “एक काम करते हैं, आप बेडरूम में चलो, मैं तैयारी करके आती हूँ!”
मैंने उसे गोद में उठा लिया और होंठ चूसने लगा।
वो भी साथ दे रही थी।
मैं उसे बेडरूम में ले गया और बेड पर बिठा दिया।
वो मेरा हाथ पकड़कर मुझे खींचते हुए बोली, “जीजू, लण्ड बिना अंदर लिए क्या मैं आपको प्यार नहीं कर सकती?”
मैंने कहा, “ऐसे पानी नहीं निकलेगा।”
अवनी बोली, “प्लीज ट्राई करते हैं! मुझे मसाज करनी आती है, अपने बदन से कर दूंगी। उल्टा लेट जाओ।”
उसने तौलिया बिछा रखा था।
वो तेल लेकर आई, मेरी पीठ पर उड़ेला और मालिश शुरू कर दी।
फिर वो मेरे चूतड़ों पर चूत रखकर बैठ गई और कंधों की मालिश करने लगी।
अवनी बोली, “जीजू, आपका हर अंग बहुत मजबूत है। पता नहीं कुंवारी लड़की आपको कैसे बर्दाश्त करती होगी!”
मैंने हंसकर कहा, “श्रेया भी तो कुंवारी जैसी ही थी, वो भी झेल गई।”
अवनी मेरी पीठ पर अपनी गांड रगड़ते हुए बोली, “जीजू, श्रेया कुंवारी नहीं है। वो एक नंबर की रण्डी है। उसने अपने बॉस को भी फँसा रखा है, ऑफिस में चूचियाँ चुसवाती ज्यादा है!”
मैंने कहा, “श्रेया होशियार है, अपनी जवानी के मजे ले रही है।”
अवनी मेरी गांड के छेद पर अंगुली घुमाने लगी, फिर एक अंगुली अंदर कर दी।
मैंने कमर हिलाई तो वो बोली, “क्यों जीजू, मैंने तो पतली अंगुली डाली है। सोचो जब आप अपना बंबू गांड में डालते हो तो लड़की को कैसा लगता होगा!”
फिर उसने बूब्स से मसाज शुरू कर दी।
उसकी चूत मेरे चूतड़ों पर रगड़ रही थी।
अवनी आहें भरते हुए बोली, “आह जीजू… ऐसा लग रहा है मेरी कोमल चूत किसी पत्थर पर रगड़ रही है!”
मैंने कहा, “अवनी, मेरा लण्ड दर्द कर रहा है, मुझे सीधा होने दे!”
अवनी जोर-जोर से रगड़ते हुए बोली, “बस थोड़ी देर…”
फिर उसकी चूत ने मेरे चूतड़ों पर पानी छोड़ दिया।
वो मेरे ऊपर लेटकर हांफने लगी।
मैंने कहा, “तुम्हारा हो गया, मेरा अभी बाकी है!”
अवनी मुझे सीधा करके मेरे मुंह पर चूत रखकर बैठ गई और बोली, “सॉरी जीजू, मैं तो आपका इंजन ठंडा करना चाहती थी, पर आपके बदन की मजबूती देखकर रह न सकी!”
मैंने उसे उठाकर अपनी छाती पर बिठाया।
वो बोली, “शायद आप मेरी कच्ची चूत का पानी नहीं पीना चाहते।”
मैंने उसे धक्का देकर पटक दिया और टांगे फैलाकर चूत चाटने लगा।
अवनी बाल खींचकर बोली, “उफ्फ जीजू बस! आह… आपने तो मेरा बर्तन साफ कर दिया! आह … मैं झड़ जाऊंगी!”
पर मैं तेजी से चाटता रहा।
थोड़ी देर में वो फिर झड़ गई।
अवनी हांफते हुए बोली, “आह जीजू, दो बार पानी निकाल दिया!”
मैं उसके पैर चूम रहा था, लण्ड उसके चूतड़ों में फंसा हुआ था।
अवनी बोली, “बस करो जीजू, अब मुझे आपके लण्ड को ठंडा करना है!”
फिर उसने आगे की मालिश शुरू की।
गांड मेरे मुंह पर रखकर लण्ड पर तेल डालकर मालिश करने लगी।
फिर बूब्स से, फिर Xxx वर्जिन चुत से!
अवनी आहें भरते हुए बोली, “आह जीजू… मेरी फूल जैसी चूत आपके पत्थर से रगड़ रही है… उफ्फ मैं फिर झड़ जाऊंगी!”
तभी उसका फोन बजा।
उसने फोन उठाने को हाथ बढ़ाया तो उसकी चूचियाँ मेरे मुंह के पास लटक गई।
मैंने एक चूची दांतों से दबा ली और कमर में हाथ डालकर जकड़ लिया।
जैसे ही उसने “हैलो” कहा, मैंने जोरदार धक्का मारा।
लण्ड तीन इंच Xxx वर्जिन चुत के अंदर चला गया।
अवनी चीखी, “हाए मम्मी! मर गई!”
उसने मुझे धक्का देने की कोशिश की पर मैंने और जोर से पेला।
जब वो नहीं मानी तो मैंने उसके मुंह पर थप्पड़ मारा और बोला, “चुप साली रण्डी! कब से नंगी घूमकर गांड मटका रही थी, अब नखरे?”
अवनी डरकर रोने लगी।
मैंने चूची काटी, फिर थप्पड़ मारा और बोला, “हरामजादी, चुपचाप चुदवाएगी तो मजा दूंगा, वरना चूत-गांड दोनों फाड़ दूंगा!”
अवनी रोते हुए बोली, “ठीक है… आप जो करना है कर लो… मैं कुछ नहीं बोलूंगी!”
मैंने तकिया उसकी गांड के नीचे रखा, होंठ चूसते हुए धीरे-धीरे अंदर किया।
अवनी ने कमर हिलाई तो मैंने पूरा जोरदार झटका मारा; लण्ड जड़ तक चला गया।
अवनी चीखी, “आईईईई… हाए मम्मी… मर गई… कोई बचाओ!”
मैंने धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई।
थोड़ी देर बाद अवनी भी साथ देने लगी।
अवनी बोली, “येस जीजू… फक माय पुसी… आह मैं झड़ने वाली हूँ!”
मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और दोनों एक साथ झड़े।
मैं उस पर ढेर हो गया।
थोड़ी देर बाद अवनी ने कहा, “जानू उठो ना!”
मैंने उसका चेहरा हाथों में लेकर पूछा, “पहली चुदाई कैसी लगी?”
अवनी शरमाते हुए बोली, “जीजू, आप पूरे जानवर निकले। मजा बहुत आया, पर जिससे सील टूटवायी उस पर हक नहीं।”
मैंने कहा, “तुम्हारा मुझ पर पूरा हक है। जब चाहोगी मैं तुम्हारे पास आऊंगा।”
अवनी खुश होकर लिपट गई और कान में बोली, “जानू, अब बाहर निकाल लो, दुख रही है!”
लण्ड बाहर निकला तो “फच” की आवाज हुई।
अवनी बोली, “उफ्फ जानू, देखो सब हो गया फिर भी फच-फच कर रही है!”
उसकी चूत खून और वीर्य से भरी थी।
मैंने फोटो लीं, लण्ड धोया, उसकी चूत साफ की और पास लेट गया।
अवनी बोली, “जानू, आप बहुत केयरिंग हो।”
मैंने कहा, “दिल किसी काम नहीं, मुझे तुम्हारी चूत और गांड चाहिए। जवानी लुटाओगी तभी निखरेगी।”
अवनी बोली, “ठीक है, मेरा सब आपका है, जितना लूटना है लूट लो!”
फिर हम दोनों सो गए।
यह Xxx वर्जिन चुत की कहानी आपको कैसी लगी?
आप कमेंट्स और मेल में लिखें.
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