देसी लव Xxx स्टोरी में मेरी दोस्ती कॉलेज में एक लड़की से हुई. हम दोनों में सेक्स की भावना थी, हम चूमा चाटी करने लगे थे. लेकिन एक बार मौक़ा होते हुए भी उसने चूत चोदने नहीं दी.
मेरा नाम अजय है.
मेरा कद 5 फुट 6 इंच है और उम्र 23 साल है.
मैं जयपुर के एक कॉलेज का छात्र हूँ और हॉस्टल में रहता हूँ.
यह देसी लव Xxx स्टोरी तब बनी जब उस कॉलेज में मेरी दोस्ती कोमल नाम की एक लड़की से हुई.
वह चुरू से आई थी.
वह एकदम दूध जैसी गोरी, क्या ही कमाल की लड़की थी … उसका 32-28-34 का फिगर बड़ा ही मारू था.
जब हम दोनों में दोस्ती हो गई तो हम लोग कॉलेज के अलावा बाहर भी घूमने जाने लगे थे.
हम दोनों जहां भी जाते, साथ में जाते.
कभी कॉलेज से बंक मारकर फिल्म देखने चले जाते, कभी कैफे में घंटों बैठे रहते.
ऐसे करते-करते एक साल निकल गया.
फिर हम दोनों में एक दूसरे के जिस्म को लेकर आकर्षण बढ़ने लगा था.
वह मेरे साथ फिल्म देखने जाती तो हम दोनों एक दूसरे को चूमते सहलाते.
वह मेरे लौड़े के साथ अठखेलियां करती तो मैं उसके मम्मों के साथ खेलता रहता.
हम लोग अब सेक्स की आग में जलने लगे थे और सेक्स के लिए हमें रूम की जरूरत थी.
वह होटल जाने से डर रही थी.
मेरे एक दोस्त का फ्लैट था.
वहीं पर हम दोनों ने जाने का तय कर लिया.
जिस दिन हमें उस फ्लैट में जाना था, उस दिन मेरे दोस्तों ने मिलकर फ्लैट को सजाया और मैं कोमल को लेकर उधर आ गया.
मैंने उसे प्रपोज़ कर दिया.
वह मेरे साथ लिपट गई और हम दोनों वासना की आग में बहकने लगे.
मैंने उससे सेक्स के लिए कहा तो वह कुछ हिचकने लगी थी.
मैंने तुरंत उसे सेक्स के लिए मना कर दिया- मैं तो बस तुमसे पूछ रहा था, जब तुम्हारा मन हो तभी हम लोग आगे बढ़ेंगे … अन्यथा नहीं.
वह मेरे इस जबाव से बेहद खुश थी.
उसके मन में से जो कुछ भी गलतफहमी बाकी थी कि लड़कों को तो बस लड़की के साथ सेक्स करने की चुल्ल रहती है और सेक्स के बाद लड़का लड़की से दूर हो जाता है.
उस दिन हम दोनों ने काफी देर तक टाइम स्पेन्ड किया और एक दूसरे के साथ ऊपर ऊपर से काफी देर तक किस वगैरह का मजा लिया.
उसने मेरे लौड़े को सहलाया और मैंने उसकी चूचियों व चुत को रगड़ा.
उसके बाद से हम दोनों का उस फ्लैट में आना-जाना होने लगा था.
मैंने सोचा कि क्यों न कोमल को इतना गर्म कर दूं कि वह खुद ब खुद मेरे लौड़े के नीचे आने को राजी हो जाए.
एक दिन मैंने कोमल से कहा- आज दोस्त के फ्लैट पर चलोगी क्या?
वह हां बोली तो मैं उसे उधर ले गया.
वहां जाकर हम दोनों ने हग किया और चूमने लगे.
वह भी मेरा साथ देने लगी.
मैंने धीरे से उसके सूट में हाथ डाला और उसके चूचों को दबाने लगा.
उस दिन वह कुछ ज्यादा ही गर्म सिसकारियां लेने लगी.
मेरा लंड फटने को हो रहा था.
मैंने कोमल का कुर्ता उतार कर बेड पर लिटा दिया और उसके गोल-गोल चूचों को सहलाने लगा और चूचुकों को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा.
हरे रंग की ब्रा में उसके दोनों गोरे रसभरे क्या ही मस्त लग रहे थे.
वह मुझे वासना से देखने लगी तो मैं उसके मम्मों पर टूट पड़ा.
वह आह आह करने लगी और मैं बारी-बारी उसके दोनों चूचों को चूसने लगा.
मैंने कुछ ही देर में उसके दोनों दूध चूस-चूसकर लाल कर दिए.
फिर जैसे ही मैं उसकी चुत में हाथ लगाया तो वह तड़फ उठी.
मैं मूड में आ गया तो उसकी सलवार का नाड़ा ढीला करने लगा.
उसने मना कर दिया- नहीं, प्लीज अभी नहीं!
मेरे लाख मनाने पर भी वह नहीं मानी.
उस दिन मेरा दिमाग खराब हो गया कि साली खड़े लंड पर धोखा दे रही है.
मैं मन मसोस कर रह गया कि अब क्या कर सकते हैं … जबरदस्ती चुदाई करने में मजा नहीं आता.
कुछ देर तक मैं यूं ही उसके साथ बात करता रहा, फिर मैंने उठ कर अपने कपड़े सही किये तो वह भी उठ गई और उसने भी अपने कपड़े सही कर लिए.
अब हम दोनों वहां से वापस चल दिए.
मेरे उस दोस्त राहुल को मालूम था कि मैं लगातार कोमल को चोदने की कोशिश कर रहा हूँ.
उसे लगा कि काम फतेह हो गया तो उसने पूछा- भाई, क्या हुआ? काम बना या नहीं?
मैंने कुछ नहीं कहा, वह समझ गया कि मेरे लौड़े की कसरत नहीं हो पाई.
तभी राहुल की गर्लफ्रेंड सेजल आई.
वह तो क्या ही माल थी.
मेरे दोस्त ने मुझे उसके बारे में सब बता रखा था.
राहुल ने सही मायने में तो सेजल के चक्कर में ही यह वाला फ्लैट लिया था.
वह सेजल को वहां ले जाकर चोदता था. सेजल उसे हिक्की देती थी, राहुल सेजल को हफ्ते में 2-3 बार फ्लैट में ले जाकर चोदता था.
जबकि मैं कोमल की चुदाई नहीं कर पा रहा था.
अब सेजल को देख कर मेरी झांटें सुलग रही थीं और मैं मन मसोस कर रह जाता था.
फिर मेरी भी सुन ली भगवान ने … कॉलेज की छुट्टी चल रही थी.
मैं जयपुर से घर चला गया था.
कोमल भी चुरू चली गई थी.
कोमल के घर वाले शादी में जा रहे थे, यह उसने मुझे बताया था.
फिर उसने पूछा- मेरे घर आओगे? घर वाले एक हफ्ते के लिए जा रहे हैं .. साथ में प्रोजेक्ट का काम भी कर लेंगे!
मैंने कहा- ठीक है!
मैंने ट्रेन की टिकट करवा ली.
मैंने सोचा था कि रात में कोमल के घर चला जाऊंगा … किसी को पता नहीं चलेगा.
मैंने चुदाई की चाहत में फटाफट लौड़े पर उगी झाँटों के बाल काट कर साफ किये और लंड की मालिश करने लगा.
मेरा लंड सामान्य ही है छह इंच का.
मैंने कोमल के घर जाने की प्लानिंग कर ली थी और उसके घर जाने से पहले ही अलग-अलग फ्लेवर के कंडोम खरीद लिए थे.
मैं लैपटॉप लेकर रात को एक बजे उसके घर में आ गया.
उसने मुझे देख कर स्माइल पास की तो मैंने आगे बढ़ कर उसे गले से लगाया और चूमने लगा.
वह मेरे साथ किस में साथ देने लगी और अपने दूध मेरे सीने से रगड़ने लगी.
मुझे मन ही मन सुकून सा मिला कि आज लौंडिया गर्मी दिखा रही है तो चुत का छेदन समारोह हो सकता है.
कुछ देर बाद वह मुझसे अलग हुई और बोली- बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ खाना लेकर आती हूँ.
मैंने ओके कह दिया. वह किचन से खाना लेकर आ गई.
हम दोनों ने साथ में खाया और साथ में ही बिस्तर में आ गए.
कुछ देर उसके साथ लिपटा लिपटी हुई, मैंने सोचा कि ये खुद ही चुदने के लिए कुछ कहेगी तो ही इसकी सलवार उतारूंगा, नहीं तो कुछ नहीं करूंगा.
साली ने एक बार फिर से केएलपीडी कर दी.
बहन की लवड़ी ने चुत पर हाथ ही नहीं लगाने दिया और सो गई.
मैं भी लंड पकड़ कर सो गया.
सुबह कोमल जल्दी उठ गई और मेरे लिए कॉफ़ी लेकर आई.
उसने मुझे चुंबन देते हुए जगाया और मुझे कॉफ़ी दी.
सुबह सुबह से मेरा लंड खड़ा था.
वह मेरे लौड़े के उभार को देखती हुई बोली- चलो, प्रोजेक्ट करते हैं!
मैंने कहा- ठीक है.
जैसे ही वह लैपटॉप निकालने मेरे बैग की तरफ बढ़ी, मैंने उसे रोक लिया.
साली कहीं बैग में रखा कंडोम देख लेती तो चूत मिलना तो छोड़ो, देखने को भी नहीं मिलती.
कुछ देर बाद हम दोनों ने काम शुरू कर दिया. दो घंटे काम करने के बाद हम दोनों ने लाइट बंद कर दी और एक वेब-सीरीज़ देखने लगे.
कोमल मेरी गोद में बैठ गई और देखने लगी, मैंने भी देखने लगा.
उसमें सेक्स सीन देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और उसकी गांड में घुसने लगा.
वह बोली- यह क्या चुभ रहा है?
मैंने ध्यान नहीं दिया.
उसने हाथ लगाकर देखा तो समझ गई कि लंड है.
मेरा लंड खड़ा हो गया था और लोअर फाड़ने को हो रहा था.
कोमल बोली- अरे, यह क्या हो रहा है!
मैंने कहा- देख लो, तुम ही शांत कर सकती हो इसे!
वह मना करने लगी.
मैंने उसे अपने पास खींचा और चूमने लगा.
वह दूर भागने लगी लेकिन मैंने चूमना नहीं छोड़ा.
चूमते-चूमते मैंने उसका टॉप उतार दिया.
वह मेरे सामने ब्लैक ब्रा में थी … वह मादक भाव से देखने लगी तो मैंने उसकी स्कर्ट भी उठा दी.
नीचे ब्लैक पैंटी में थी.
उसे इस तरह से देख कर मैंने भी कपड़े खोल दिए और लंड बाहर निकाल लिया.
मेरा लंड लहराता हुआ फनफना उठा था, तो उसे देखकर कोमल की आंखें फटी की फटी रह गईं.
उसने पहली बार लंड देखा था.
मैंने कोमल को पूरी तरह नंगी करके अपनी गोद में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया.
वह अपने चूचे छुपा रही थी. मैं उस पर टूट पड़ा और उसके दोनों चूचे बारी बारी से चूसने लगा, चूत चाटने लगा.
उसकी चूत में एक भी बाल नहीं था.
मेरे पूछने पर बोली- मैं साफ रखती हूँ!
मैंने 20 मिनट तक चूत चाटी और वह झड़ गई.
फिर मैंने अपना बैग उठाया और सारे कंडोम बेड पर पटक दिए.
वह बोली- साले, यहां चुदाई करने आया था और पूरी तैयारी से आया था?
मैं हंसने लगा और बोला- कौन-सा लेगी?
उसने ड्यूरेक्स का बबलगम फ्लेवर उठाया.
मैं बहुत सारे कंडोम लेकर गया था तो कोई न कोई तो पसंद आ ही जाना था.
मैंने उसे इशारा किया कि लंड पहना दे अपने लौड़े को!
उसने मुझे कंडोम पहना दिया.
मैंने उससे लंड चूसने को भी कहा था लेकिन उसने मना कर दिया था.
मेरे काफी मनाने पर भी नहीं मानी इसलिए मैं शांत हो गया कि साली को चोदने को मिल रहा है … यही बहुत है.
मैंने पोज सैट किया और उसकी चूत पर लंड रख कर धक्का मारने लगा.
तीन बार कोशिश की, पर हर बार लंड बार बार फिसल जा रहा था.
अगली बार लंड को घुसाने की कोशिश करते-करते थोड़ा सा लंड चुत में घुस गया.
वह रोने लगी और मुझे धक्का देने लगी, आंसू बहाने लगी.
मैंने उसकी एक न सुनी.
मैं कोमल के ऊपर लेटा रहा और धीरे-धीरे चुदाई का कार्यक्रम शुरू किया.
अब लंड पूरा कोमल की चूत में समा गया था और मदभरी सिसकारियों से कमरा भर चुका था.
कोमल आवाज़ निकालने लगी- आई … मर गई … आराम से … दर्द हो रहा है बेबी अह … आअह्ह … मर गई.
मैंने मन में सोचा कि साली औरत लंड से मरने लगती तो ऊपर वाले ने लंड और चुत का सिस्टम बनाया ही न होता.
आंख बंद करके धक्के देता हुआ मैं उसे चोदने लगा था और कुछ ही देर बाद मैंने चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी.
कोई 20 मिनट बाद मैं झड़ गया और उस पर लेटा रहा.
जब वह उठी तो चादर पर खू.न देखकर रोने लगी.
मैंने उसे समझाया, वह समझ गई.
कुछ देर बाद मेरा फिर लंड खड़ा हो गया और मैं पुनः उसे चोदने लगा.
इस बार उसने मना नहीं किया और कुछ देर के दर्द के बाद खुल कर चुत चुदवाई.
उस दिन मैंने कोमल को पूरे दिन में 4 बार चोदा.
उसके घर वाले अभी एक हफ्ते तक आने वाले नहीं थे.
रात को एक बार चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए.
अगले दिन दोनों ने मिलकर चादर धोई और साथ में नहाए.
कोमल के घर पर उसकी गांड भी मेरी हो गई.
मैंने हफ्ते भर रोज़ चोदा था.
कोमल टांगें फैलाकर चलने लगी थी.
उसकी चूत सूजकर कचौड़ी बन गई थी.
पूरे कमरे में इस्तेमाल किए कंडोम पड़े हुए थे.
मैंने सारे कंडोम ब्लैक पॉलीथिन में रखे और रास्ते में फेंकता हुआ घर वापस आ गया.
बाद में जयपुर जाकर मैंने कोमल और मेरी चुदाई के 10-12 वीडियो और दोनों की नंगी तस्वीरें ड्राइव पर अपलोड कर दीं.
अब कोमल और मैं कभी कॉलेज के रूम में रात में चुदाई करते क्योंकि गार्ड कभी अन्दर नहीं आते थे.
एक बार इस्तेमाल किया कंडोम हम कॉलेज में ही भूल आए थे.
फिर कॉलेज वाले स्ट्रिक्ट हो गए और कॉलेज लॉक करने लगे.
पर हमें क्या … हमारे पास तो दोस्त का फ्लैट था.
कोमल और मैंने खूब चुदाई की.
एक बार तो वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी तो पिल्स देनी पड़ी थीं.
अब कोमल की शादी हो गई और वह दो बच्चों की माँ है.
उन दोनों बच्चों में से एक बच्चा हम दोनों के प्यार की निशानी है.
उसके पापा अगर शादी के लिए मान जाते तो दोनों बच्चे मेरे होते और मैं उन्हें बहुत प्यार करता.
अब कोमल मुझसे कम मिलती है, पर मेरे बर्थडे पर ज़रूर मिलती है और हम जमकर चुदाई करते हैं.
कोमल के चक्कर में मैंने अब तक शादी नहीं की.
आपको मेरी देसी लव Xxx स्टोरी कैसी लगी, प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं.
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