चुदी चुदाई गर्लफ्रेंड की चुत चुदाई

देसी गर्लफ्रेंड फक स्टोरी में मेरी एक ऑनलाइन दोस्त बनी मुंबई की. जब मैं मुंबई गया तो उससे मिला. पहले ही दिन हमें होटल ने जाकर सेक्स किया.

हाय, मेरा नाम रोहित है. मैं एक गांव का लड़का हूँ.
मैं सरकारी जॉब करता हूँ.

मेरी गर्लफ्रेंड सिमरन मुंबई की थी.
सिमरन का फीगर तब 28-30-28 था.

ये देसी गर्लफ्रेंड फक स्टोरी 3 साल पहले की है जब मैंने पहली बार सिमरन की चूत चुदाई की थी.

मैं जॉब के लिए मुंबई जा रहा था.

जाने से एक दिन पहले रात को मैंने सिमरन से बात की और वह मुझे अपने साथ घुमाने के लिए मान गई.
वह उधर जॉब करती है और मेरे साथ उसका लव ऑनलाइन हुआ था.

उससे फोन पर बात हुई तो उसने मुझे एक जगह का पता दे दिया कि मैं उस जगह पर मिल जाऊंगी.
साथ ही उसने अपनी लोकेशन भी मुझे भेज दी.

अगले दिन मैं बताई हुई जगह पर टाइम से पहुँच गया.
वहां वह मेरा इंतज़ार कर रही थी.

उसे देखते ही मन में चुदाई की भावना जोर से जाग उठी.
मैंने उसे ज़ोर से गले लगाया और होंठों पर किस कर दी.

मैं- हाय डार्लिंग!
सिमरन- हाय मेरा बाबू!

मेरे पास एक बड़ा बैग था, उसे लेकर घूमना मुश्किल था.
मैंने उसे एक दुकान में रख दिया और सिमरन को लेकर कॉफ़ी शॉप में आ गया.

कॉफ़ी पीते हुए मैंने पूछा- अब क्या करेंगे?
वह इठला कर बोली- मुझे क्या पता?

फिर मैं उसे ट्रेन स्टेशन ले गया.
वहां भी कोई प्राइवेट जगह नहीं मिली.

आख़िर में स्टेशन के लास्ट कोने में जाकर मैंने उसके साथ यूं ही इधर उधर की बातें कीं और आस पास के माहौल का जायजा लिया.

मौका देख कर मैंने उसे एक बार ज़ोर से किस किया.
यह किस बस एक मिनट की थी, लेकिन तभी कोई ट्रेन आने वाली थी तो मैंने कहा- इधर मजा नहीं आ रहा है, किसी लॉज में चलें?

अब तक वह गर्म हो गई थी तो तुरंत मान गई.

हम दोनों एक होटल में आ गए.
वहां जाकर मैंने 2 घंटे के लिए एक रूम ले लिया.

वह रूम नंबर 312 था, जो बाद में हमारा सीक्रेट पासवर्ड भी बन गया.
अब हम दोनों जब भी सेक्स के लिए बात करते थे तो 312 करने की बात कहने लगते थे.

इससे हम दोनों समझ जाते थे और आस पास कोई सुन भी ले तो उसके समझ में कुछ नहीं आता था कि ये लोग कौन से 312 करने की बात कर रहे हैं.

तो हम दोनों उस होटल के कमरे में आ गए, यह रूम एसी वाला था.

जाते ही मैंने दरवाज़ा लॉक किया, सिमरन को कसके पकड़ा और पागलों की तरह किस करने लगा.

वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया.
उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी.

मैंने उसके बूब्स पहली बार देखे थे.
मैं झट से उसके दूध दबाने लगा.

क्या फिगर था यार वाह … नाइस वन.
मैंने झट से उसकी ब्रा को ऊपर कर दिया और उसके एक दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा, दूसरे को मसलने लगा.

वह भी चुदासी हो गई थी तो मेरे लंड को पकड़ कर सहला रही थी और मेरा साथ दे रही थी.

मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया.
उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी, शायद उसने आज ही काट कर बाल हटाए थे.
मैंने उसे बेड पर चित लिटाया और सीधा चूत पर टूट पड़ा.

अगले 10 मिनट तक मैं उसकी चूत चाटता रहा.

फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया.
अरे वाह … वह तो लॉलीपॉप की तरह लौड़े को चूस रही थी, मज़ा ही आ गया.

फिर मैंने उसे 69 की पोज़ीशन में लिटाया और एक साथ लंड चुत की चुसाई का मजा लेने लगे.

अब वह चुदने के लिए कहने लगी थी तो मैंने उसे चुदाई की पोजीशन में चित लिटाया और उसकी चुत पर अपना 7 इंच का मोटा लंड रख दिया.

वह लौड़े की गर्माहट से अपनी गांड उठाने लगी और चुत में लंड लेने के लिए कोशिश करने लगी.

मैंने भी पेलने की कोशिश की, पर उसकी चूत बहुत टाइट थी, मेरा लंड अन्दर जा ही नहीं रहा था.

मैंने फिर से चूत चाटी और लंड को थोड़ा-थोड़ा अन्दर ठूँसने लगा.

जैसे ही थोड़ा सा लंड अन्दर गया, वह चिल्लाने लगी- आह नहीं बाबू … नहीं बाबू … प्लीज मत पेलो … आह निकाल दो आआह… ओह नो बाबू!

वह ऐसे चिल्ला रही थी जैसे उसकी चुत में लंड की जगह मैंने मूसल ठोक दिया हो.
जबकि अभी मेरा आधा लंड भी अन्दर नहीं गया था.
मैं लगा रहा और वह दर्द सहती रही.

कुछ पल बाद उसे भी मज़ा आने लगा.
अब वह मस्ती भरी बातें करने लगी और ज़ोर-ज़ोर से बोलने लगी- ज़ोर से बाबू बाबू!

मैंने दबाकर पेलना शुरू कर दिया.
दस मिनट बाद वह झड़ गई.

मेरा भी होने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी चूत के अन्दर ही छोड़ दिया.

मैंने उसे फिर से किस किया और पूछा- फर्स्ट टाइम चुदाई में ब्लड आता है ना? तेरे में क्यों नहीं आया?
वह चुप हो गई!

मैं तुरंत समझ गया कि इसकी सील मैंने नहीं, किसी और ने पहले ही तोड़ दी थी.
साली लौड़ा लेते समय ड्रामा कर रही थी.

जब मैंने ज़ोर डाला तो भी वह बताने को तैयार नहीं थी.
वह बस यही बोली कि ये मेरा फर्स्ट टाइम है … फर्स्ट टाइम आपके साथ ही किया है.

मैंने उसका हाथ अपने सिर पर रखा तो वह चुप हो गई.
मैंने उसे प्रॉमिस किया- तू मेरी है, आज के बाद तू सिर्फ़ मेरे साथ ही करना.

वह मेरे सीने से लग कर रोने लगी.
मैंने फिर से पूछा- कौन है वह?

बहुत देर फोर्स करने पर आख़िरकार उसने बता ही दिया कि उसका दूर का मौसेरा भाई था, जिसने उसे 3 बार चोदा था.

मैंने पूछा- क्या तू मेरे साथ अपनी लव एंड सेक्स स्टोरी मेरे साथ शेयर कर सकती है?

वह बोली- लव तो सिर्फ़ तुम्हारे साथ हुआ है … बाकी सिर्फ़ सेक्स स्टोरी है.

उसने अपने भाई का नाम बताया.
वह उसका दूर का भाई था.

पिछले साल गर्मी की छुट्टियों में वह मामा के गांव गई थी.
वहां एक फंक्शन के लिए अपने चचेरे भाई के गांव भी गई.

फंक्शन खत्म होने के बाद उन्होंने बहुत ज़िद की कि रुक जाओ, तो वह रुक गई.

अब आगे की सेक्स कहानी मेरी गर्लफ्रेंड सिमरन की ज़ुबानी सुनिए.

‘फंक्शन खत्म करके मैं अपनी दीदी रूपा (उसकी बहन का नाम रूपा है) के साथ बात कर रही थी कि आज रात कहां सोएगी.
वह बोली- मेरे कमरे में सो जाना!

उसके कमरे में वह और उसका भाई सोते थे.
उस घर में कुल दो बेडरूम और एक हॉल था. एक बेडरूम में उसके मम्मी-पापा, हॉल में मेहमान, नानी, दादा-दादी सोने वाले थे.

बातें करते-करते खाना खाया, टाइम का पता ही नहीं चला.

रात के 12 बज गए.
गांव में 12 बजे लाइट चली जाती थी, सुबह तक लोडशेडिंग रहती थी.

मैं और रूपा बेड पर लेट गए.
बातें करते-करते कब नींद लगी, पता ही नहीं चला.

मैं नींद में थी कि कोई मेरे पेट पर हाथ फेर रहा था.
मुझे लगा रूपा होगी.

फिर वह हाथ मेरे बूब्स पर आ गया.
वह हाथ रूपा के भाई का था.

मैंने उसे धक्का दिया और करवट बदल कर सो गई.
मुझे नींद भी नहीं आ रही थी.

फिर उसने हाथ मेरी पीठ पर रखा.
अब मुझे भी अच्छा लगने लगा.
मैंने कुछ नहीं बोला.

उसने मुझे अपनी तरफ़ खींचा और किस करने लगा.
मैंने भी उसकी किस का रिस्पॉन्स दिया.

मुझे भी मज़ा आ रहा था क्योंकि यह मेरा फर्स्ट किस था!

फिर उसने मुझे बेड के नीचे खींच लिया, मेरे बूब्स चूसने लगा.
मैं भी अब मज़े ले रही थी.

मैंने नाइट सूट पहना था. उसने नाइट पैंट के साथ-साथ मेरी पैंटी भी उतार दी और अपना लंड मेरी चूत पर रखकर मुझे चोदने की कोशिश कर लगा.

मेरा फर्स्ट टाइम था, तो उसका लंड मेरी चुत के अन्दर जा ही नहीं रहा था.
उधर रूपा भी सो रही थी, तो मुझे उसका भी डर था.

फिर उसने थोड़ा थूक लगाया और ज़ोर से मेरी चूत में पेल दिया.
थोड़ा सा अन्दर जाते ही बहुत तेज़ दर्द हुआ.
मैंने रुकने को बोला, पर वह नहीं रुका.

वह मुझे भी धक्के मार रहा था.
अब मुझे भी मज़ा आने लगा था.

मेरी चूत से भी पानी और आंखों से भी आंसू निकल रहे थे.

कुछ 5 मिनट बाद उसका हो गया.
उसने सारा माल मेरे ऊपर ही छोड़ दिया और अपने बेड पर चला गया.

मैं उठ भी नहीं पा रही थी.
किसी तरह बाथरूम गई, चूत साफ की और वापस आकर ब्लड स्पॉट साफ करके सो गई.

तब तक घड़ी में एक बज चुका था.

फिर सुबह 4 बजे वह फिर मेरे पास आया.
मैंने बहुत मना किया क्योंकि मेरी चूत में बहुत दर्द था.

सुबह उठकर नहा-धोकर जब उसे देखा तो बहुत शर्म आ रही थी.
उसने मुझे देखकर स्माइल दी.

रूम में हम दोनों ही थे तो किस किया और मैं 10 बजे रूपा के साथ मामा के गांव चली गई.

रूपा ने मुझसे रात के बारे में पूछा तो मैं चुप हो गई.

उसने खुद बताया- तेरी वजह से मैं कल आराम से सो पाई, वरना मेरा भाई मुझे सोने नहीं देता. वह रोज 2-3 बार तो मेरे साथ सेक्स करता ही है!

मैं हँस पड़ी और हम दोनों अगले दिन मामा के गांव चले गए.

सिमरन की ये सेक्स स्टोरी सुनकर मेरा तो मूड बन गया.
मैंने उसे तुरंत उसे एक बार फिर से चित लिटाया और उसकी चुत की जोरदार पेलाई करना शुरू कर दी.

इस बार वह खुल कर चुदवा रही थी तो देसी गर्लफ्रेंड फक का मज़ा आ गया.

मैंने उसे चोदते हुए ही पूछा- किसका लंड बड़ा है?
वह बोली- तुम्हारा बड़ा है और तुम देर तक भी करते हो. वह तो साला पांच मिनट में ही टपक जाता था.

मैंने पूछा तो लंड लेते समय दर्द होने का नाटक की क्यों कर रही थी?
वह बोली- दर्द हो रहा था न … सच में यार, तुम्हारा उससे दो इंच बड़ा है और लंड मोटा भी बहुत ज्यादा है!
मैं खुश हो गया.

मैं मुंबई दो दिन रुका और मैंने उसए दो दिन में छह बार चोदा.

फिर जब मुंबई से मैं वापस आने लगा तो उधर से सीधे दिल्ली चला गया.

अगली बार मैं मेरी और सिमरन की दूसरी और तीसरी चुदाई और 6 बार वाली चुदाई शेयर करूँगा, जो मेरे अलावा अलग लग लंड से चुदने की सेक्स कहानी है.
आपको यह देसी गर्लफ्रेंड फक स्टोरी कैसी लगी, प्लीज मुझे जरूर बताएं.
[email protected]