चुदक्कड़ बुआ की चुदाई की कहानी

X फॅमिली हॉट कहानी में मेरी दूर के रिश्ते में बुआ हमारे घर रहती थी. एक रात सोते हुए उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया. मैंने मौक़ा पाकर उसे चोद दिया. उसके बाद …

दोस्तो, मेरा नाम ऋषभ है. मैं 22 साल का हूँ और मेरा कद 6 फुट से कुछ ज्यादा है.
मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ.

यह X फॅमिली हॉट कहानी मेरी और मेरी दूर के रिश्ते में बुआ लगने वाली लड़की के बीच हुई सेक्स की है.
वह हमारे घर में ही रहती थी. उसके मम्मी पापा गांव में रहते थे और वह इधर रह कर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी.

मेरी इस बुआ का नाम कोमल है और वह एक 20 साल की चुड़क्कड़ लड़की है.
घर में भी उसका मेरे से चिपक कर रहना मुझे बड़ा अजीब लगता था.

एक रात को मैं छत पर सोया हुआ था और वह भी छत पर सोई थी.

आधी रात में मुझे कुछ महसूस हुआ … जैसे कोई मेरा लंड छू रहा है.
मैंने आंखें खोलीं तो कोमल बुआ मेरे लंड से खेल रही थी. मैं चुपचाप लेटा रहा.

कुछ देर बाद उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

फिर उसने अपनी कुर्ती उतार दी और लेट गई.
उसने मेरा हाथ उठाकर अपने बूब्स पर रख दिया और दबाने लगी.

मैं भी गर्मा गया और उसके दूध दबाने लगा.
वह तो गर्म थी ही तो मादक आवाज लेती हुई सिसियाने लगी.

मैंने उसके एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
वह मेरे सर पर हाथ रख कर मुझसे मस्ती से दूध चुसवाने और रगड़वाने लगी.

कुछ देर बाद मैंने कोमल बुआ की सलवार का नाड़ा खोल दिया और नीचे करने लगा.

वह खुद भी अपनी टांगों को चलाती हुई सलवार को अपनी टांगों से हटाने लगी.
मैंने हाथ से उसकी सलवार पैरों से अलग कर बाहर निकाल दी.

अब मैंने अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा.
वह कसके मुझसे चिपक गई.

अब मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और उसके ऊपर चढ़ गया.
मैंने अपने लंड को बुआ की चूत पर सैट किया और धीरे से अन्दर करने लगा.
वह ‘इश हश ह्ह्ह आह्ह.’ करने लगी.

जब आधा लंड अन्दर घुस गया तो वह दर्द से कराहती हुई बोली- आह बस करो … बहुत मोटा है … मुझे दर्द हो रहा है!
लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी.

मैंने उसके होंठों से अपने होंठ लगा दिए, दोनों हाथ पकड़ लिए और कसके झटका देते हुए पूरा लंड उसकी चुत के अन्दर पेल दिया.

वह दर्द से चिल्ला उठी- आआहह प्लीज़ मुझे छोड़ दो … तुमको मेरी कसम है … मैं मर जाऊंगी!

लेकिन मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और लंड उनकी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा.
वह कुछ ही देर में सुर बदल कर आवाज निकालने लगी.
अब वह ‘आह आह उफ़ येस फक मी’ करने लगी.

मैं उसको चोदता रहा.

फिर 15 मिनट के बाद मेरा निकल गया.
मैंने अपना सारा माल बुआ की चूत में ही निकाल दिया.

उसके बाद हम दोनों अलग अलग होकर लेट गए और सो गए.

फिर अगले कुछ दिनों तक सब कुछ नॉर्मल रहा.
मैं उस दौरान उसको चोदता रहा.

कुछ दिन बाद पापा ने घर में एक हिस्सा और बनवाने का काम शुरू कर दिया था तो मिस्त्री काम करने आने लगे.
उस समय घर का सारा सामान इधर-उधर पड़ा रहता था.

एक रात को मैंने बुआ को खाने से पहले इशारा किया कि आज मिलना है.
उसने इधर उधर देखते हुए कहा- हां देखती हूँ!

फिर रात को सब लेट गए और वह 2 बजे रात को उठकर मेरे पास आ गई.
मैंने उसके आते ही उठ कर पूरा घर देखा तो सब सोए हुए थे.

मैं और बुआ एक सामान से भरे कमरे में घुस गए.
वहां घर का बहुत सारा सामान पड़ा हुआ था, उसके पीछे थोड़ी सी जगह थी.

मैंने उसको नीचे लेटा दिया और उसकी लेगिंग उतार दी, कुर्ती को ऊपर कर दिया और उसके बूब्स चूसने लगा.
एक हाथ से मैं दूध दबाने भी लगा.

कुछ देर बाद मैंने बुआ की चूत में उंगली डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा.

वह गर्म होने लगी.
उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और बोली- प्लीज़ डाल दो अब!

मैंने उसके दोनों पैरों को ऊपर उठाकर हाथों से पकड़ा और अपना लंड चूत के ऊपर सैट कर दिया.
मैंने बुआ के मुँह को हाथ से दबा लिया और लंड को एक ही झटके में पूरा अन्दर डाल दिया.

वह छटपटाने लगी.
उसकी आंखों से आंसू आने लगे और हाथ-पैर चलने लगे.
मैंने उसको अपने नीचे सही से दबा लिया.

कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद वह नॉर्मल हुईं तो मैंने फिर से अन्दर-बाहर करना शुरू किया.
अब वह ‘आह आह आह उफ़ ऊंह’ करने लगी.

उसकी आवाज सुन कर मैं उसको कसके चोदने लगा और वह ‘आह आह चोदो मुझे पेल दो पूरा येस … और ज़ोर से चोदो मुझे मेरी चूत फाड़ दो … आह आह आह’ करने लगी.

जब वह झड़ने के करीब आई तो कसके मुझे चिपक गई और चिल्लाने लगी- आह उह आह अह आह … और ज़ोर से!
यही सब आवाज करती हुई वह झड़ गई.

अब मैंने अपना लंड उसकी बुर से निकाला और उसी के मुँह पर रखकर झड़ने लगा.
मैंने सारा माल उसके मुँह पर निकाल दिया.
वह उंगली से उठा उठा कर रस चाटने लगी.

उसके बाद हम दोनों अपने अपने बिस्तर में आकर सो गए.
ऐसे ही हर 2 या 3 दिनों में हम दोनों चुदाई कर लेते थे.

कुछ दिन के बाद बुआ की बहन को भी मैंने चोदा था … वह भी एक नंबर की रंडी है.

एक बार मेरी कोमल बुआ किसी शादी में गई थी, वहां भी उसको बहुत चोदा गया था.
उस समय उसको चोदने में तीन लोग शामिल थे.

हुआ यूं था कि कुछ दिन बाद हमारी एक रिश्तेदार की शादी का फंक्शन था, जिसमें पूरे घर को जाना था.

सभी लोग वहां चले गए.
बुआ भी गई थी.

मैंने अपनी नज़र बुआ के ऊपर ही रखी हुई थी.
मैं उसे चोदने के चक्कर में था.

कोमल शादी में लाल लहंगा पहनकर गई थी, जिसमें वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी.
रात की लाइट की रोशनी में हर कोई उसको ही देख रहा था.

वह शादी में सभी लड़कियों के साथ बैठी बातें कर रही थी.

फिर वह वॉशरूम जाने के लिए वहां से उठी.
तभी मैंने देखा कि तीन लड़के उसको देखकर इशारे कर रहे थे.

मैंने देखा, वह भी इशारे से कुछ बोल रही थीं उनको.

थोड़ी देर बाद वह वहां से वॉशरूम की तरफ जाने लगी … तो वे तीनों लड़के भी उनके पीछे जाने लगे.

वॉशरूम घर के पीछे की तरफ था और वहां पेड़ भी लगे हुए थे. रात हो गई थी तो अंधेरा भी था.

मैं भी चुपके से उन सबके पीछे पीछे जाने लगा.
फिर मैं एक पेड़ के पीछे छुप गया और वे सारे लड़के भी वहीं पर थे.

एक बोल रहा था कि साली, क्या माल है … आज इसकी चुत गांड को चोदकर फाड़ देते हैं … साली की आज पटक पटक लेंगे!

इतनी देर में कोमल बुआ भी वॉशरूम से बाहर आ गई.
वे लोग बुआ के आगे आ गए.

बुआ बोली- तुम लोग मुझे घूर क्यों रहे हो?
एक लड़का बोला- तुम बहुत अच्छी लग रही हो, हमारी फ्रेंड बन जाओ और एक किस दे दो!

बुआ बोली- तुम्हारा दिमाग़ खराब है क्या? हटो यहां से … मुझे जाने दो, वरना अच्छा नहीं होगा. मैं चिल्ला कर सबको बुला लूँगी, फिर देखना क्या होता है तुम्हारा!

अंधेरा हो जाने की वजह से वहां ठीक से कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था.

फिर उनमें से एक लड़के ने पीछे से कोमल को पकड़ लिया और उसके बूब्स दबा दिए.
वह ‘आह उफ़्फ़’ करने लगी.

फिर आगे वाला लड़का कोमल के होंठों पर किस करने लगा और लहंगे के ऊपर से उसकी चूत को मसलने लगा.
वह बेचैन होने लगी.

मैं कुछ करने में डर रहा था कि कहीं इन लोगों के पास कोई हथियार आदि न हो.
मेरे दिमाग में यह भी आया कि किसी को बुला लेता हूँ.

मगर मुझे खुद कोमल के साथ होने वाले सेक्स को देखने की चुल्ल थी तो मैंने आवाज भी नहीं की.

कुछ पल बाद आगे वाले लड़के ने कोमल का लहंगा उठाकर उसकी पैंटी को खींच कर घुटने तक ला दिया और चूत को मुँह से चूसने लगा.
अब कोमल भी गर्म होने लगी.

फिर उन लड़कों ने अपनी पैंट खोल दी और हवा में लहराने लगे.
मैंने देखा कि उन सभी के लंड 7-8 इंच के थे.
उनके बड़े बड़े लौड़े देखकर बुआ थोड़ी डर गई.

फिर वह नीचे बैठकर उनके लंड को हाथों में पकड़ कर हिलाने लगी.
जिस तरह से वह हरकत कर रही थी, उससे साफ समझ आ रहा था कि कोमल एक बड़ी रांड हो गई है.

उसने एक-एक करके सभी के लंड मुँह में लेना शुरू कर दिए और मस्ती से लंड चूसने लगी.

आगे वाले लड़के ने कुछ देर लंड चुसवाने के बाद कोमल को घोड़ी बनाते हुए झुका दिया और पीछे से लंड उसकी चूत में डाल दिया.
वह ‘आह उह हम्म्म’ करके लंड अन्दर ले गई.

अब पीछे से वह लड़का बुआ को चोद रहा था और आगे वाले लड़के का लंड कोमल के मुँह में था.

कुछ देर बाद आगे वाले लड़के ने अपना लंड मुँह से निकाल कर बुआ को सीधा खड़ा किया और आगे से चूत में डालने लगा.
पीछे वाला बुआ की गांड में डाले हुए बुआ के दूध मसलने लगा.

आगे लंड घुसते ही बुआ की चीख निकल गई- उई आह मर गई मम्मी … आह उफ़्फ़ प्लीज़ निकाल दो … मैं मर जाऊंगी छोड़ दो मुझे प्लीज़!

मगर वे सब लड़के कोमल को चोदने में लगे रहे.
उन सभी कोमल को अपनी गोद में उठा उठा कर खूब चोदा.

थोड़ी देर बाद कोमल भी मज़े लेकर चुदने लगी.
‘आह आह उफ़्फ़ चोदो मुझे!’ वह कामुक स्वर में बोलने लगी.

कुछ देर बाद एक लड़का कोमल के पीछे से उसकी चूत चोद रहा था और दूसरा लड़का उसके मुँह पर अपना लंड हिलाकर मुठ मार रहा था.
फिर उस लड़के ने कोमल के मुँह पर अपना माल झाड़ दिया और अलग हो गया.

अब पीछे वाले लड़के ने चुत में से लंड निकाला और कोमल की गांड के ऊपर झाड़ दिया.

इस तरह से वे तीनों लड़के कोमल को चोद कर वहां से चले गए और वह अपने आप को सही करने लगी.

फिर मैं वहां से निकल कर उसके सामने आ गया.

मैंने पूछा- क्या बात है तुम तो तीन तीन लौंडों से मस्ती से चुदवा रही थी. अब मेरा माल भी निकाल दो!
वह बोली- साले मैं देख रही थी कि तू मुझे चुदती हुई देख रहा है लेकिन तब भी तू मुझे बचाने नहीं आया!

मैंने हंस कर कहा- बचाने आता तो तेरा मजा खराब न हो जाता!
वह हंस दी और बोली- सालों ने बहुत बड़े बड़े लौड़ों से चोदा … मेरी चूत गांड में बहुत दर्द हो रहा है. चल तू भी आ जा, मैं तेरा मुँह में लेकर वीर्य निकाल देती हूँ!

फिर कोमल ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मस्ती से चूसने लगी.
मैंने कोमल बुआ का मुँह पकड़ा और उसका मुँह कस कसके चोदने लगा.

मैं बहुत उत्तेजित हो गया था तो जल्दी ही मैंने कोमल के मुँह में ही वीर्य को झाड़ दिया और वह सारा माल पी गई.

फिर उसने अपने आप को ठीक किया और वापस औरतों के पास आकर बैठ गई.

वे महिलाएं उससे पूछने लगीं- बहुत देर लग गई.
वह बोली- हां बाहर घूम रही थी.
कुछ देर बाद वे महिलाएं उधर से चली गईं.

फिर वहां मेरे चाचा उनके पास आए और उन्होंने कोमल को कमर से पकड़ कर गोदी में उठा लिया.
वे मस्ती करने लगे.

मैं वहीं पर था, मैंने उस बात को ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.

फिर वे दोनों लोग बैठकर बातें करने लगे और मैं दूसरे लड़कों के साथ बात करने निकल गया.
रात में सबका खाना साथ में हुआ. फिर लेटने की बारी आई.

सबके बिस्तर ज़मीन पर लगे हुए थे.
मैं चाचा के साथ में लेटा था और मेरे पास में बुआ और उसके बाद बाक़ी सब लेटे हुए थे.

मैं दिन का थका हुआ भी था तो मुझे नींद आने लगी और मैं सो गया.

रात को करीब 1:50 बजे मुझे कुछ आवाज़ लगी.
मैंने आंख खोलकर देखा तो चाचा बुआ से चिपके हुए थे और किस कर रहे थे.

मैं चुपचाप बिना हिले ऐसे ही लेटे देखता रहा.

फिर उन्होंने बुआ की नाइटी को खोलना शुरू किया और पूरी खोल दी.
वे ब्रा के ऊपर से ही कोमल बुआ के दूध दबाने लगे.

बुआ धीरे से बोली- आह धीरे करो, दर्द हो रहा है!

चाचा ने बुआ की नाइटी पूरी तरह से हटा दी और उसकी गोरी टांगों पर किस करने लगे.

बुआ अब गर्म होने लगी थी क्योंकि मैं समझ गया था कि इसके अन्दर बहुत आग है … साली तीन तीन लौंडों से चुदवाने के बाद भी चाचा से चुदने को रेडी हो गई है इसका मतलब यही है कि ये बहुत ही बड़ी चुदक्कड़ रांड है!

फिर चाचा ने बुआ की पैंटी निकाल दी और चूत में उंगली करने लगे.

बुआ ने दोनों टांगें फैला दीं तो चाचा ने अपना मुँह बुआ की चूत में लगा दिया और चूसने लगे.
अब बुआ अपने मुँह पर हाथ रखे हुए ‘आह आह ओह उफ़्फ़ इश्श्श्ह’ करने लगी.

चाचा ने बुआ को कुछ इशारा किया और वे चित लेट गए.

फिर बुआ उठी और उसने चाचा की पैंट खोल दी.
वह चाचा का लंड निकाल कर हिलाने लगी.

उसने चाचा के लंड को अपने मुँह में ले लिया और तेज़-तेज़ अन्दर-बाहर करने लगी.
थोड़ी देर तक वह लंड चूसती रही, फिर मुँह से लौड़ा निकाल कर चित लेट गई.

अब चाचा उठे और बुआ की दोनों टांगें फैला कर अपना लंड बुआ की चूत पर सैट कर दिया.
उन्होंने बुआ के मुँह पर हाथ रखकर एक झटका मारा और आधा लंड बुआ की चूत के अन्दर चला गया.

वह बस ‘आह आह’ करके पैर पटकने का ड्रामा करने लगी.
ड्रामा इसलिए … क्योंकि जिस छिनाल को आठ आठ इंच के लौड़ों से चुदने में कुछ नहीं हुआ तो वह अकेले चाचा के लंड से क्या तड़फती … पक्का नाटक कर रही थी साली.

फिर चाचा ने एक जोर का झटका मारा तो उनका पूरा लंड बुआ की चूत के अन्दर घुसता चला गया.
बुआ ड्रामा करती हुई आह आह कर रही थी और चाचा अपने लंड को घपाघप अन्दर-बाहर करने में लगे थे.

कुछ देर बाद बुआ भी ‘आह आह उफ़्फ़ और जोर से चोदो … कसके पेलो ओह मेरे राजा चोदो मुझे … फक मी येस चोदो कसके!’ बोलने लगी.
वह खुद भी अपनी गांड उठाती हुई चुदवाने में लगी थी.

चाचा अपनी बहन को कस कसके शॉट मारते हुए चोद रहे थे.
मैं चुपचाप लेटकर उनको चुदते हुए देख रहा था.

फिर चाचा ने बुआ की चूत में ही अपना लंड का माल झाड़ दिया और उसी के ऊपर गिर पड़े.
वे दोनों अलग होकर सो गए लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.

अब मैं धीरे से उठकर बुआ के पैरों के पास गया और चूत पर हाथ रखा तो उसमें से चाचा का माल निकल रहा था.
मैंने अपना लंड हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया और खड़ा किया.

फिर बुआ की पैंटी से उसकी चूत को साफ़ किया और नाइटी को ऊपर उठाकर उनके पैरों को फैला दिया.
मैंने अपने लंड को बुआ की चूत पर सैट किया और अन्दर पेल दिया.

इस अचानक हमले से बुआ अनजान थी. पूरा लंड अन्दर जाते ही बुआ कराहने लगी.

मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा और उसको किस करने लगा.
मैं कस-कसके चोदने लगा.

थोड़ी देर बाद वह नॉर्मल हुई तो मस्ती से ‘आह आह’ करके चुदने लगी.

मैं उसको चोदता गया.
वह लेटी हुई चुदवाती रही.

लगभग 20 मिनट उसको चोदने के बाद मैं झड़ने लगा तो मैं अपना लंड निकाल कर हाथ से हिलाने लगा और सारा माल बुआ के चेहरे के ऊपर डाल दिया.

फिर बुआ का मुँह खोल कर उससे लंड चुसवाने लगा.

अब मैं झड़ कर शांत हो गया था तो अपनी जगह आकर सो गया.

सुबह उठा तो सब लोग उठ चुके थे और सब नॉर्मल ही लग रहे थे, जैसे रात को कुछ हुआ ही न हो.

फिर मैंने बुआ को गुड मॉर्निंग विश किया और फ्रेश होने चला गया.

उसके बाद कोमल की शादी हो गई. अब जब भी वह आती है, तब मैं उसको कसके चोद लेता हूँ.

उसकी शादी होने बाद क्या क्या हुआ, वह सेक्स कहानी अभी बाकी है.

X फॅमिली हॉट कहानी पर आपके कमेंट्स आने के बाद मैं तय करूंगा कि आपको कितनी पसंद आई.
उसी के बाद सेक्स कहानी को आगे लिखूँगा.
धन्यवाद.
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