सेक्सी सिस्टर फक स्टोरी में मैं मेरी छोटी बहन से खुला हुआ हूँ. हम हर तरह की बात कर लेते हैं. उसे चोदने के लिए गर्म करने के लिए मैंने ब्लू फिल्म मोबाइल में चलाकर छोड़ दी.
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है. मैं यूपी का रहने वाला हूँ.
मेरा परिवार छोटा सा ही है.
मैं, मेरी बहन, मां और पापा ही हम चार लोग हैं.
पापा एक छोटी सी जॉब करते हैं, मां हाउसवाइफ हैं.
यह एक सत्य घटना पर आधारित सेक्सी सिस्टर फक स्टोरी है.
इसमें मैंने पात्रों के नाम बदल दिए हैं.
मुझसे घर में कोई भी बात छुपती नहीं है लेकिन जब तक मैं खुद किसी को न बताऊं, तब तक मैं अपने दोस्तों को भी नहीं बता सकता.
क्योंकि उनको बताने का अर्थ है कि खबर को फैला देना.
करीब दो साल से मैं सेक्स कहानी के इस पटल से जुड़ा हुआ हूँ और मैं बिना नागा किये इस पर प्रकाशित हर सेक्स कहानी को पढ़ता हूँ.
इसलिए मैंने सोचा कि मैं जिस बात को किसी से फेस टू फेस नहीं बता सकता उसे आप लोगों से शेयर करके बता दूँ.
ये बात अभी 2 महीने पुरानी है.
उस दिन मैं कैसे बहनचोद बन गया था.
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपनी बहन के बारे में बताता हूँ.
उसका नाम सारिका है. जैसा कि मैंने ऊपर लिखा है कि सभी के नाम बदले हुए हैं.
सारिका के बारे में बताऊं तो उसका फिगर कमाल का है.
एकदम गोरे गाल, रसभरे होंठ बहुत ही जबरदस्त हैं.
उसके बूब्स 34 इंच के हैं और गांड 36 की है.
मेरे और उसके बीच बस दो साल का फासला है. वह 19 की है, मैं 21 का. वह अभी 12वीं में पढ़ रही है और मैं बी.ए. में हूँ.
हम दोनों घर में बहुत घुल-मिल कर ऐसे रहते हैं, मानो बेस्ट फ्रेंड हों.
हम एक-दूसरे से कोई भी बात नहीं छुपाते … चाहे वह कितनी भी पर्सनल या भद्दी ही क्यों न हो.
पहले मेरे अन्दर उसके लिए ऐसा कुछ भी नहीं था.
हम दोनों खूब मस्ती करते थे, कभी-कभी मैं उसके बूब्स भी दबा देता था और वह बुरा भी नहीं मानती थी.
फिर एक दिन ऐसा हुआ … उसके कॉलेज में छुट्टी थी, मेरा कॉलेज था.
मैं लंच करके निकल गया.
आपको पता ही होगा कि ग्रेजुएशन में क्लास खत्म होते ही सब घर भागते हैं. मेरी क्लास खत्म हुई और मैं घर आ गया.
उसे पता नहीं था कि मैं रोज़ इसी टाइम घर पहुंच जाता हूँ.
जैसे ही मैं घर के अन्दर घुसा, बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आई.
मुझे भी हाथ-मुँह धोना था.
वह बिंदास नहा रही थी और दरवाज़ा हल्का-सा खुला हुआ था.
मैं अन्दर घुस गया … और देखा तो वह सिर्फ पैंटी में थी.
उसे देख कर मेरे होश उड़ गए.
इतने मस्त रसभरे बूब्स और उसके मम्मों पर पानी की बूँदें मानो मोती चमक रहे हों.
मैंने अपनी आंखें बंद करने की बहुत कोशिश की, लेकिन कर ही नहीं पाया.
उसने मुझे देख लिया और चिल्लाई- यहां क्या कर रहे हो भाई? इतनी जल्दी कैसे आ गए?
मैंने कहा- अरे मैं तो रोज़ इसी टाइम आता हूँ!
उसने तुरंत कहा- जल्दी बाहर निकलो और दरवाज़ा बंद करो.
मैं वहां से बाहर निकल आया.
बाद में जब वह नहाकर निकली तो मैंने उससे पूछा- मां कहां गईं?
उसने बताया- वे पास वाली आंटी के घर गई हैं.
फिर मैंने हाथ-मुँह धोया, खाना खाया और घूमने निकल गया.
उस दिन वह मेरी पहली ऐसी रात थी, जिस दिन मैंने अपनी बहन सारिका के नाम की मुट्ठी मारी थी.
बस, उसके बाद से मैं रोज़ यही सोचने लगा था कि वह दिन कब आएगा, जब मेरी बहन मेरे लौड़े के नीचे होगी!
इसी सबके बीच एक दिन मेरी किस्मत ऐसे चमकी मानो कोई चमत्कार हो गया हो.
उस दिन मैं कॉलेज गया, दोस्तों से बातें हो रही थीं.
बातों-ही-बातों में मेरे एक दोस्त के मुँह से निकल गया- यार कल एक लड़की देखी, बहुत हॉट थी मन कर रहा था कि उसे फंसा कर पटक कर चोद दूँ … पर यार वह निकल गई!
दूसरे दिन मैं अपनी बहन के साथ बाइक पर ऐसे ही कहीं जा रहा था.
तभी उसी दोस्त ने मुझे देख लिया.
उसने रोका, तो मैं रुक गया.
उसे पता नहीं था कि वह मेरी बहन है.
वह सारिका को देखते हुए तुरंत बोल उठा- साले तूने इसे कब पटाया? ये तो वही है जिसके बारे में मैंने बताया था!
मैं गुस्से में उससे चिल्ला पड़ा- अबे साले मेरी बहन है, दोबारा ऐसा मत बोल देना!
उसने फौरन माफी मांगी- सॉरी यार, पता नहीं था.
उसके बोलने पर मेरे अन्दर और ज्यादा लस्ट जाग गया.
अब जब भी वह नहाने जाती, मैं चुपके से देख लेता, कभी-कभी उसकी गांड को छू भी लेता.
रोज़ ऐसे ही दिन बीतते गए.
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था.
एक दिन मैंने उसी दोस्त से कहा- चल यार, आज 500 रुपये का जुगाड़ कर, किसी रंडी की लेने चलते हैं.
उसने मुस्कुराते हुए कहा- मैं कुछ कहूँगा तो बुरा लगेगा!
मैंने कहा- बोल ना यार तू तो मेरा बेस्ट फ्रेंड है.
वह बोला- साले इतना अच्छा माल तेरे घर पर है और तू कहीं और जा रहा है?
इस बार मैं गुस्सा नहीं हुआ.
मैंने कहा- यार वह मेरी बहन है … उसके साथ ये सब नहीं कर सकता.
उसने समझाते हुए कहा- साले, तू लड़का है और वह लड़की है. उसका भी तो मन करता होगा. बस वह कहने से डरती होगी. देख, मुझे ही देख ले … मैं भी तो अपनी बहन के साथ सेक्स करता हूँ. पहले वह भी बस साथ देती थी, लेकिन अब तो पूरा खुल कर साथ देती है मेरा!
मैं हैरान होकर बोला- साले तूने पहले कभी नहीं बताया?
वह हंसते हुए बोला- यार डर लगता था कि सिर्फ मैं ही हूँ एक जो अपनी बहन को चोदता हूँ. अब पता चला कि यहां सब प्यासे हैं इसलिए कभी नहीं बताया. पहली बार तुझसे बता रहा हूँ. सोचा तेरी मदद कर दूँ.
उसके बाद हम दोनों रंडीखाने गए, एक बढ़िया सी जवान रंडी की चुदाई की और घर वापस आ गए.
फिर मैंने सोचा कि शायद मेरा दोस्त सही कह रहा था.
सारिका भी अब बड़ी हो गई है.
जैसे मेरा मन करता है, उसका भी मन करता होगा.
मैंने मन ही मन तय कर लिया कि अब कुछ भी करके इसको चोदूँगा.
मैंने अपने फ्रेंड से पूछा तो उसने बताया- रात को मोबाइल में ब्लू फिल्म चला कर सो जा और स्क्रीन को अनलॉक करके रख देना.
मेरे पास तो वह हमेशा से सोती आई है, तो मैंने मौके का फायदा उठाने का प्लान बना लिया.
मैंने वैसा ही किया.
रात को वह बाथरूम यूज करने के लिए उठी. जब वापस आई तो देखा मेरा फोन ऑन था.
स्क्रीन पर ब्लू फिल्म चल रही थी.
ईयरफोन मेरे कान में थे तो आवाज़ बाहर नहीं आ रही थी.
वह मस्ती से देखने लगी और मुझे चेक कर रही थी कि मैं जाग तो नहीं रहा.
फिर उसने चुदाई की फिल्म को देखते हुए अपने बूब्स मसलने शुरू कर दिए, चूत में उंगली करने लगी.
उसी वक्त मैंने जानबूझ कर करवट ली.
वह घबरा गई कि मैं जाग गया हूँ, तो वह फौरन फोन रख कर सोने का ड्रामा करने लगी.
मैं भी चुपचाप सो गया.
सुबह वह बोली- भाई, तू रात को ब्लू फिल्म देख रहा था?
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- नहीं तो यार …
उसने हंसते हुए बोला- मैंने देखा था तेरा फोन!
मैंने बस मुस्कान दे दी.
जैसा कि हम दोनों एक-दूसरे की सारी बातें जानते हैं तो मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा.
आखिर वह दिन आ ही गया, जिस दिन मेरी किस्मत में बहार सी आ गई.
मां-पापा को शादी में जाना था.
नवंबर माह की 21 और 25 तारीख को मुंबई में मामा की लड़की की शादी थी.
हम दोनों नहीं जा पाए क्योंकि मेरे एग्ज़ाम चल रहे थे और सारिका के बोर्ड एग्ज़ाम थे.
ठंड का मौसम था, तो मज़ा तो आता ही है मां-पापा निकल गए.
सारिका आलू के परांठे बना रही थी.
मैं मार्केट दही लाने के लिए चला गया.
हम दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया, फिर रूम में चले गए और पढ़ाई करने लगे.
रात के 12 बज रहे थे.
मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मैंने मूवी चला दी और देखने लगा.
मूवी की आवाज़ सुनकर सारिका भी देखने लगी.
मैंने पूछा- पढ़ाई हो गई?
उसने कहा- हां यार, हो गई. अब थोड़ी देर मूवी देखते हैं!
मूवी में कुछ हॉट सीन आए, तो हम दोनों ध्यान से देखने लगे.
एक सीन देखकर उसने कहा- यार, वह वाली मूवी देखते हैं ना!
मैंने पूछा- वह वाली … मतलब?
उसने शर्माते हुए कहा- वही … जो उस दिन तू देखते-देखते सो गया था!
मैंने हैरानी से कहा- क्या सच में? वही देखना चाहती है तू?
उसने हां में सिर हिलाया- हां यार!
मैंने पूछा- कैसी लगी थी वह मूवी?
उसने मुस्कुराकर कहा- मस्त थी यार!
तो मैंने उसके कहने पर वही ब्लू फिल्म लगा दी.
हम दोनों देखने लगे.
चुदाई देखते ही मेरा लंड उफान मारने लगा, वह भी कंट्रोल नहीं कर पा रही थी.
वह अपने बूब्स मसलने लगी.
मैंने उसे कहा- चल, दोनों साथ में करते हैं!
उसने झटके से कहा- पागल है क्या यार? हम दोनों भाई-बहन हैं … ये गलत है. मूवी एंजॉय कर बस!
पर मेरे से कंट्रोल नहीं हो रहा था.
मैंने दोबारा से बहुत मनाया.
वह बहुत मना करती रही पर आखिरकार एक बार मान गई.
उसने कहा- सिर्फ एक बार बस … ठीक है?
मैंने कहा- ठीक है!
मैंने धीरे-धीरे उसके होंठ अपने होंठों से टच किए.
फिर जैसे ही मैंने उसे चूमा, वह सिहर गई.
हमारा चूमना बढ़ता गया.
धीरे-धीरे मैं उसके बूब्स पर हाथ ले गया और हल्के हाथों से दबाने लगा.
उसे मज़ा आने लगा.
फिर मैंने उसकी चूत में उंगली डाली और थोड़ा आगे-पीछे करने लगा.
वह मज़े लेने लगी.
उसके मुँह से ‘सी … सी … सी …’ की आवाज़ आने लगी और उसका पानी निकलने लगा.
वह थरथराती हुई सिसकारियां भरने लगी- यार और तेज़ कर आह्ह … ऊऊ … ऊऊ!
उसकी चुत से पानी बाहर आ गया. मैंने सारा पानी पी लिया.
फिर मैंने उससे कहा- अब तेरी बारी!
वह मना करने लगी, पर फिर मान गई.
मैंने अपना 7 इंच का लंड दिखाया.
वह हैरान हो गई.
फिर बोली- इतना बड़ा है तेरा? मुझे पता ही नहीं था!
वह मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
वह ऐसे चूस रही थी जैसे मानो उसने लंड चुसाई में पीएचडी कर रखी हो.
मैंने पूछा तो उसने बताया- मैं रोज़ मां के फोन में देखती थी. उस दिन तेरे फोन में देखा था!
मेरा पानी निकलने लगा, तो उसने सारा पानी पी लिया.
मैंने कहा- मज़ा आया?
उसने मुस्कुराकर कहा- बहुत!
हम दोनों अब थोड़ी देर रुके.
फिर कुछ देर बाद ही हम दोनों का मूड वापस से बन गया.
मैंने कहा- आज पूरा मज़ा दूँगा, जैसा इसमें देख रही है न … वैसे चोद दूंगा.
उसने बेसब्री से कहा- अब देर मत कर यार … मुझसे रहा नहीं जाता जल्दी से पेल दे अपना पूरा लंड.
मैंने उसे लिटा दिया और उससे कहा- थोड़ा दर्द होगा, सह लेना!
उसने कहा- हां ठीक है.
मैंने धीरे-धीरे अन्दर डालना शुरू किया. वह रोने लगी.
बहन की चुत सील पैक थी.
मैं थोड़ा रुका तो उसे आराम मिला.
फिर मैंने एक झटका दिया तो थोड़ा लंड घुस गया.
वह चीख पड़ी- आह्ह मर गई … निकाल साले … मारेगा क्या अपनी बहन को?
मैंने उसे इग्नोर किया पर थोड़ा रुक गया.
कुछ पल बाद उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने फिर से एक और झटका दे दिया.
इस बार मेरा पूरा लवड़ा चुत की सील फाड़ता हुआ अन्दर तक चला गया.
वह तड़प गई और जोर-जोर से रोने लगी … गालियां देने लगी- ऊंह्ह मार दिया … ऊं मादरचोद बहनचोद मार दिया!
उसकी चूत से खू.न निकलने लगा.
वह डर गई.
मैंने उसे समझाया कि सील टूटी है इसलिए खू.न निकल रहा है.
वह मान गई.
मैं रुक गया.
फिर मैंने कहा- मैंने कहा था ना, थोड़ा दर्द होगा!
उसने गुस्से में चिल्लाते हुए कहा- बहनचोद मार दिया और बोल रहा है थोड़ा दर्द?
मैं कुछ नहीं बोला और उसके एक दूध को चूसने लगा.
उसका दर्द कुछ कम हो गया.
मैंने धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू किया.
अब उसे मज़ा आने लगा.
वह कहने लगी- आह अब और तेज़ तेज़ कर ना … फाड़ दे अपनी बहन की चूत और बना ले अपनी रंडी आह आज के बाद रोज़ चुदूँगी तेरे लंड से … और किसी के नहीं!
मैं मंद मंद मुस्कुरा रहा था.
वह मज़े ले रही थी- आह्ह … ऊंह्ह … आह्ह … और तेज़ ऐसे ही.
मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने उसे सारा पिला दिया.
वह सारा पानी पी गई.
मैंने पूछा- कैसा लगा मेरी जान?
उसने मुस्कुरा कर कहा- बहुत मज़ा आया चुदाई में!
सेक्सी सिस्टर फक के 15 मिनट बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मैंने कहा- बाबू, तैयार हो जा. तेरे भाई का लंड फिर से तैयार है!
उस रात हमने 4 बार चुदाई की.
अब हम रोज़ चुदाई करने लगे थे — सुबह, शाम, रात … जब तक मां-पापा नहीं आए.
दो दिन बाद मां-पापा आने वाले थे.
उन दो दिनों में हमने खूब चुदाई की.
फिर दो दिन बाद मां-पापा आ गए.
अब हम दोनों एक ही रूम में सोते हैं, लेकिन आवाज़ आने के डर से सावधान रहते हैं.
सारिका भी अब ज़्यादा चिल्लाती नहीं है. हम दोनों सेक्स के रोजाना मज़े लेते हैं और अभी भी ले रहे हैं.
आप लोग भी अपनी बहन की चुदाई की कहानी बेहिचक लिख भेजिए क्योंकि इधर किसी को कुछ नहीं मालूम पड़ने वाला कि किसने अपनी बहन की चुत चोदी है.
अपने घर की चुत चोदने में सच में बहुत मज़ा आता है. घर के माल का भी चुदने का मन होता है, लेकिन वे आपसे कह नहीं पाती हैं.
एक न एक दिन तो उनको किसी न किसी के लौड़े से चुदवाना ही है. जब घर का लंड चोदने नहीं मिलेगा तब वे बाहर जाकर अपने बीएफ के साथ सेक्स करवाती हैं.
उन सब में खतरा भी रहता है, वीडियो भी बना कर वायरल कर देते हैं … जिससे बदनामी होती है.
दूसरी तरफ आप अपने घर में सेक्स करते हैं … तो कोई बदनामी नहीं, बिल्कुल सेफ रहते हो.
जो उसे चाहिए वह मिल जाता है और जो आपको चाहिए वह आपको.
और क्या चाहिए?
हैपी लाइफ जियो … आप खुश, बहन भी खुश.
बड़े-बड़े घरों में यही सब होता है, इसलिए वे सब सेफ हैं.
आप लोगों को ये रीयल सेक्सी सिस्टर फक स्टोरी कैसी लगी?
कमेंट में ज़रूर बताएं.