सगी मौसी को बड़ा लंड दिखा कर चोदा

सेक्सी मोसी फक स्टोरी में मैं मोसी के साथ नानी के घर गया. वहां केवल नानी रहती हैं. रात को मैं और मोसी एक बेड पर सोये. बीच रात में मेरी नींद खुली तो मोसी के कपड़े अस्त व्यस्त थे.

मेरा नाम गौरव है, मैं 19 साल का हूँ.
मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है.

मैं पिछले एक साल से अंतर्वासना पर फैमिली चुदाई की कहानियां पढ़ रहा हूँ.

यह सेक्स कहानी अभी एक महीने पुरानी ही है.
यह सेक्सी मोसी फक स्टोरी उन दिनों की है जब मैं मोसी को लेकर नाना के घर गया था.

उनके घर में चार कमरे हैं.
दो बाहर की तरफ और दो अन्दर की तरफ.

उस घर में सिर्फ नानी रहती हैं, नाना की मृत्यु हो चुकी है और मामा-मामी नहीं हैं.

मैं और मोसी सुबह 9 बजे घर पहुंचे.

इधर मैं आपको अपनी मोसी के बारे में बता दूँ. वे ज्यादा सुंदर तो नहीं हैं, लेकिन उनकी गांड काफी बड़ी है; शायद 38 इंच की होगी और थोड़ा पेट ज्यादा फूला हुआ है.
जबकि उनके बूब्स 30 इंच के ही हैं बस!

मोसी का नाम सुशीला है

नानी के घर में पीछे वाले कमरे में एसी है और एक बेड है.
नानी एसी में नहीं सोती हैं, वे बाहर वाले कमरे में सोती हैं.

रात को दस बजे मैं और मोसी बेड पर सो गए.

मोसी कंबल लेकर सोई थीं और मैं ऐसे ही.

उस समय मोसी ने लाल रंग का सलवार सूट पहना हुआ था और अन्दर सिर्फ पैंटी पहनी थी.
उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी, यह मुझे साफ समझ आ रहा था.

रात को जब मैं बाथरूम करने के लिए उठा, तब कमरे में रोशनी आ रही थी.
मैंने देखा कि मोसी ने कंबल फेंक दिया था और उनका कुर्ता उनके पेट से ऊपर था, जिससे उनकी गहरी नाभि दिख रही थी.

उनका चिकना मोटा पेट देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.
मेरा मन ललचाने लगा.

मैं उनके पास गया और उनके कंबल को ओढ़कर उनसे चिपक कर लेट गया.
उन्हें लगा कि मैं नींद में ठंड से चिपक गया हूँ.

उन्होंने मेरा सिर अपने आर्म्स पर रखकर मुझे अपने पास कर लिया.
उनकी आर्मपिट की स्मेल मुझे बहुत उत्तेजित कर रही थी.

मैंने धीरे से हाथ से उनका पेट सहलाया, तो उन्होंने कुछ नहीं कहा.

उस समय घड़ी में मैंने देखा तो पाया कि रात के एक बजने का समय हो गया था.
मैंने हाथ से उनके बूब्स दबाए, तब भी उन्होंने कुछ नहीं किया.

वे और सीधी लेट गईं.
मैंने एक पैर उनके ऊपर रखा और अपना मुँह उनकी आर्मपिट में डालकर दाहिने हाथ से उनके बूब्स दबाने लगा.

धीरे-धीरे उन्हें समझ आया.
वे उठीं और मुझे डांटते हुए बोलीं- तू क्या कर रहा है!

मैं डर गया.

फिर उन्होंने मेरा लंड देखा, जो पूरा खड़ा था.
उनकी नीयत डगमगा गई क्योंकि उन्होंने चार साल से सेक्स नहीं किया था.

वे पांच मिनट तक मेरे लंड को देखती रहीं और चुप हो गईं.
मैंने अपना लंड एडजस्ट किया, तभी मेरे लंड को देखकर उनकी ‘आह!’ निकल गई.

मुझे समझ आ गया कि बहन की लौड़ी लंड लेने के लिए तैयार है.

मैंने धीरे से हाथ उनकी कमर में डाला और दूसरे हाथ से उनका हाथ पकड़ कर उन्हें अपने ऊपर कर लिया.
वे चुपचाप मेरे ऊपर आ गईं.

ऊपर आते ही मैंने उनके बाल पकड़ कर उन्हें किस करना शुरू कर दिया.
मैंने कमरे के पर्दे पहले ही लगा दिए थे तो किसी के देखने का कोई खतरा नहीं था.
अब मैंने मोसी को किस करना शुरू कर दिया.

मोसी ने पहली बार लाइफ में इस तरह से किस किया था तो उन्हें बहुत अच्छा लगा.

कुछ मिनट की किस के बाद मैंने उन्हें अपने ऊपर से हटाया और दो मिनट में नंगा हो गया.

मेरा लंड तनकर खड़ा था.

मैं नंगा मोसी के पास गया, उनका कुर्ता निकालने लगा तो उन्होंने खुद अपने हाथ ऊपर करके मुझे सहयोग किया.

फिर मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खींचा तो उन्होंने खुद ही अपनी सलवार निकाल दी.

अब मैंने उन्हें चित लिटा दिया और उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत को सूंघा.
वे अपनी गांड उठाती हुई मुझे चूत सुँघाने लगीं.

फिर मैंने उनकी चड्डी उतारी और चूत को चाटने लगा.
मोसी आह आह करने लगीं.

उनकी चूत में काफी झांटें थीं जो मुझे मेरे मुँह में चुभ रही थीं.
मुझे झांटों के कारण उनकी चूत चाटने में समस्या आ रही थी.
लेकिन तब भी मैंने उनकी चूत को अपनी जीभ से चाट कर उन्हें मस्त कर दिया था.

अब मैं उनके ऊपर चढ़ गया.

मेरे मुँह में चारों तरफ उनकी चूत का रस व उसकी महक लगी हुई थी.
मैंने सोचा कि मुँह कैसे साफ करूं, तो मुझे उनकी आर्मपिट सही जगह दिखाई दी.

मैंने अपना मुँह उनकी काँख में डाला और मुँह रगड़ते हुए बगलों की झांटों को खूब चूसा.
उधर का भी बहुत अच्छा टेस्ट था.

अब मैंने उन्हें 69 में लिया, उनके मुँह में लंड दिया और उनकी चूत को चाटने लगा.

मोसी ‘उन्न आह … मेरे छुटकू आह … चाटो … आह साले मस्त चाट रहा है तू आह बड़ा मज़ा आ रहा है … उन्न आह!’ करती हुई और गांड उठाती हुई मेरे मुँह में चूत को घुसेड़ रही थीं.

उन्होंने भी मेरे लौड़े को मस्त चूसा और उसे लिसलिसा करके हाथ से मुठियाते हुए कहा- बड़ा सख्त लंड है छुटकू तेरा … आज तो तू मेरी फाड़ ही देगा!

मैंने हंस कर कहा- आज तो सच में मुझे आपकी लेने में बहुत मजा आने वाला है.
वे भी हंस रही थीं.

मैंने उन्हें अपने नीचे लिटाया और कहा- डार्लिंग, तैयार हो?
मोसी बोलीं- हां मेरी जान, मैं तो एकदम से तैयार हूँ … आज तुम मेरे पति हो, जो मर्जी करो, मैं सब सहूँगी!

मैंने कहा- ओके बेबी, आज आपको जन्नत दिखाता हूँ!
मैंने अपना लंड मोसी की चूत में एक झटके डाल दिया.

मोसी को अंदेशा ही नहीं था कि मैं एक झटके में लौड़े को अन्दर पेल दूंगा.

वे दर्द से चीख पड़ीं, उनकी आंखों से आंसू आ गए.
मैंने जल्दी से लिप लॉक करके उनकी आवाज़ दबा दी.

मोसी तड़प उठीं, पर मैंने उन्हें नहीं छोड़ा.
फिर मैं जोर-जोर से धक्के मारता गया.

कुछ ही देर में मोसी को मजा आने लगा.
अब मोसी मस्त चिल्ला रही थीं- आह मेरी जान मजा आ गया … आह और तेज़ चोदो … और तेज़ धक्के मारो … मार डालो आज मुझे … आह इस्स … मर गई माँ! छोड़ दो प्लीज़ मुझे!
इतना कहकर वे बहुत तेज रोने लगीं.

कुछ पल बाद ही वे एकदम से काँपने लगीं और अकड़ कर झड़ गईं.
झड़ने के बाद वे मेरे पास ऐसे लेट गईं जैसे बेहोश हो गई हों.

उसके बाद मैं उन्हें पानी के छींटे मार कर होश में लाया और अगले 30 मिनट तक उन्हें रेलगाड़ी बना कर चोदा.
सेक्सी मोसी फक करके जब मैं भी झड़ गया तो मैं उनके ऊपर ही लेट गया.

कुछ मिनट बाद मैं उन्हें किस करके उनके ऊपर से हटा और साइड में लेट गया.
फिर हम दोनों सुकून की नींद में सो गए.

सुबह मोसी ने मुझे अपने पति की तरह उठाया.

अगले दिन जब दोपहर में नानी काम से बाहर चली गईं, तब मेरा मूड फिर से चुदाई का बन गया.
मैंने मोसी को किचन में सेड्यूस करना शुरू कर दिया.

मोसी बोल रही थीं- अभी रुक जाइए पतिदेव, बाद में कर लेना!
मेरा मन मोसी की गांड मारने का करने लगा.

मैंने मोसी को पकड़ा, गैस बंद की और कमरे में जाकर एसी चालू करके कमरा बंद कर दिया.
मैंने मोसी को किस करना शुरू कर दिया.

कुछ मिनट तक किस करते-करते हमारा सलाइवा आपस में मिल गया. मैंने मोसी की गर्दन, नाक, गाल, कान के पीछे हर जगह किस किया.
मोसी बहुत कामुक हो गईं.

फिर मैंने मोसी को लिटाया, उनकी सलवार निकाली.
आज उन्होंने पैंटी भी नहीं पहनी थी.
मोसी की चूत की झांटें भी एकदम साफ थीं.

मैंने मोसी की चूत को चाटना शुरू कर दिया.

मोसी बस ‘आह आह उफ्फ जानू … आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी! मैं आपकी रंडी हूँ आज से! जैसे चाहो, वैसे चोद लेना मुझे!’
वे यही सब कह रही थीं.

मैं चूत चूसता चला गया.
उनकी चूत में अन्दर तक जीभ को पेल पेल कर मैं चूत की मांसल पुत्तियों को अपने होंठों में दबा दबा कर चूस रहा था.
उनके दाने को होंठों से पकड़ कर खींचते हुए चूस रहा था, तो वे एकदम मस्त हो गई थीं.

उन्होंने मौसा जी के साथ ऐसा सेक्स कभी किया ही नहीं था.
कुछ देर बाद जब उनसे सहन न हुआ तो वे एकदम चिल्लाईं और मेरे मुँह पर झड़ गईं.

वे आह आह करती हुई लंबी लंबी सांसें ले रही थीं और मुझे प्यार से देख रही थीं.
मैं उनके सामने उनके पालतू कुत्ते की तरह खड़ा था और अपने लौड़े को बाहर निकाल कर सहला रहा था.

कुछ ही देर बाद उन्होंने मुझे लिटाया, पूरा नंगा किया, खुद का कुर्ता उतारा और मुझे किस करना शुरू कर दिया.

मेरे सीने पर होंठों पर गर्दन पर खूब चूमा.
फिर वे मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं, मेरे अंडे चाटने लगीं.

बीस मिनट में मैं भी झड़ गया.
फिर हम दोनों लेट गए और बातें करने लगे.

फिर वे खुद ही औंधी होकर लेट गईं.

मेरा मन उनकी गांड मारने का करने लगा.

मैं पीछे से उनके ऊपर आया और उनकी कमर चाटने लगा.
वे गर्म हो गईं.

मैंने उनकी गांड को चाटना शुरू कर दिया.
उन्हें पता था कि मैं उनकी गांड मारूँगा, तो उन्होंने मना नहीं किया.

मैंने थूक से उनकी गांड को भिगोया और 69 में आ गए.
मैं उनकी गांड चूसने लगा, वे मेरा लंड.

कुछ देर बाद मैंने मोसी से कहा- चलो घोड़ी बन जाओ, अब गांड मारूँगा.

वे सहर्ष राजी हो गईं.
मैंने उन्हें बेड के सहारे झुकाया और उनकी गांड के छेद पर लंड रख दिया.

लंड को गांड के छेद की गर्मी पसंद आ गई थी.

मैंने लंड से गांड के छेद पर दबाव डाला.
लंड अंदर घुसा तो उनकी आंखें बाहर आ गईं.

वे रोने लगीं और बोलने लगीं- आह मैं मर गई … जल्दी बाहर निकाल मादरचोद … आज तो मैं मर ही जाऊंगी आह …

यही सब कहती हुई वे एकदम से बेहोश हो गईं.
मुझे भी समझ में आ गया था कि मोसी की गांड कुंवारी है.
यह किसी सेक्स मूवी में गांड चुदाई देख कर अपनी गांड मरवाने के लिए राजी हो गईं.

फिर मैंने सोचा कि अब जो होगा, सो देखा जाएगा.
बस मैंने एक और तेज झटका दे मारा.

वे मेरे इस झटके से एकदम से बेहोश हो गईं.
मैं उन्हें लस्त होता देख कर भी नहीं रुका, बस उनकी गांड मारता चला गया.

थोड़ी देर में देखा कि मोसी चेतन हो गई थीं और वे ‘आह आह जानू … मुझे अच्छा लग रहा है आह मज़ा आ रहा है!’ कर रही थीं.

अब मैंने आधा घंटा तक उनकी गांड मारी और झड़ कर उनके ऊपर ही लेट गया.
हम दोनों की स्थिति कुछ ऐसी हुई पड़ी थी कि वे कुतिया बनी बिस्तर पर पड़ी थीं और उनकी टांगें जमीन पर थीं.
मैं उनके ऊपर चढ़ा हुआ ही सो गया था.

हम दोनों दोपहर 2 बजे उठे.
उन्होंने मेरे नीचे से निकल कर मुझे एक लंबा चुंबन देकर उठाया.

मैंने भी उन्हें अपने ऊपर खींच कर लिटाया और ‘आई लव यू’ बोला.
मैंने उनके बड़े बड़े बूब्स को मसलते हुए एक करने का प्रयास किया और दोनों मम्मों के बीच में किस किया.

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और बाहर आ गए.

दोस्तो, यह मेरी एकदम सच्ची सेक्स कहानी है.
प्लीज कमेंट करके ज़रूर बताएं कि आपको मेरी सेक्सी मोसी फक स्टोरी कैसी लगी.
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