दामाद के लंड से चुदी प्यासी सास

सास सेक्स कहानी में मैं लड़की देखने गया तो मुझे लड़की की मम्मी ज्यादा सेक्सी लगी. शादी के बाद वही मम्मी अपनी बेटी और दामाद की चुदाई देख दामाद से चुद गयी.

दोस्तो! मेरा नाम राज है।

ये चुदाई की कहानी मेरे और मेरी सास के बीच हुई है।
कहानी थोड़ी लंबी हो सकती है लेकिन मैं यकीन से कह सकता हूं कि आपको पढ़कर बहुत मजा आएगा।

लड़के तो पढ़ते-पढ़ते अपने आप लंड हिलाने लगेंगे, और लड़कियां अपने भोसड़े में उंगली डालने लगेंगी!

अब सास सेक्स कहानी पर आते हैं।
शुरू से बताता हूं।

जब मैं पहली बार लड़की देखने अपने ससुराल गया, तब पहली बार सास को देखा।
वो मुझे उनकी बेटी (मेरी बीवी) से भी ज्यादा पसंद आ गई।

उस दिन सास ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी।
लाल ब्लाउज में उनके सेक्सी बूब्स कमाल के लग रहे थे।
मन तो किया कि इसी से शादी करके चोदूं!

फिर मेरी शादी उनकी जवान बेटी से हो गई।

शादी के बाद पहली बार बीवी के साथ ससुराल गया।

वहां मेरी सास ने बहुत अच्छा स्वागत किया।

दोपहर को जब सब बाहर चले गए और सिर्फ मैं और मेरी बीवी घर पर थे तो मैं बीवी के पास गया।

मैंने पीछे से ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स मसलने शुरू कर दिए और उसे किस करना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे मैंने उसकी साड़ी खोली, फिर ब्लाउज और पेटीकोट खोलकर उसे पूरी तरह नंगी कर दिया।

मैं किस करता जा रहा था।
एक हाथ से बूब्स मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

फिर मैंने उसे नीचे बैठाया और अपना लंड उसके मुंह में दे दिया।
बीवी ने लपककर लंड चूसना शुरू कर दिया।

फिर मैंने बीवी को सीधी लेटाकर उसकी चूत चाटनी शुरू की।
बीवी इतनी गर्म हो गई कि बोली- बेबी, अब चोद डालो! अब रहा नहीं जा रहा!

मैंने भी देर नहीं की।
बीवी की चूत में लंड डालकर उसे जोर-जोर से घपाघप चोदने लगा।

तभी अचानक मेरी नजर रूम के दरवाजे पर गई।
मैंने देखा कि मेरी सेक्सी सास चुपके से हमारी चुदाई देख रही थी!

मैं घबरा गया, लेकिन फिर सोचा— जो होगा, देखा जाएगा।
और मैं मेरी सास की बेटी की चूत को चोदता रहा।

करीब 10 मिनट बाद मैंने अपने लंड का पानी बीवी की चूत में भर दिया।
फिर देखा तो सास वहां नहीं थी।

तब बीवी बोली- जल्दी करो, कपड़े पहनो! सब आते होंगे!

हम दोनों ने जल्दी-जल्दी कपड़े पहन लिए।

थोड़ी देर बाद सब आ गए।

उस दिन से सास के सामने जाने में मुझे थोड़ा डर लगने लगा था।

फिर शाम को सब पड़ोस की शादी में चले गए।
बीवी की सहेली की शादी थी, तो उसे भी जाना पड़ा।

मैं कुछ अच्छा फील नहीं कर रहा था इसलिए मैंने जाने से मना कर दिया।

तब सास ने कहा- दामाद जी अकेले हैं, तो उनका ख्याल रखने के लिए मैं भी यहीं रुक जाती हूं।

और इस तरह मैं और मेरी सास दोनों घर पर अकेले रह गए।

तभी सास मेरे रूम में आई और बोली- कल की थकान उतरी या नहीं, दामाद जी?
मैं शरमाते हुए कुछ बोल नहीं पा रहा था।

तो सास बोली- शरमाओ मत दामाद जी! वैसे तो आप बहुत अच्छा खेलते हो। काफी देर तक खेलते हो। मेरी बेटी का तो नसीब अच्छा है!
मैंने कहा- क्या मतलब?
सास बोली- अब आपसे क्या छुपाना? आपके ससुर से तो अब कुछ होता ही नहीं है।

ये बोलकर जैसे ही वो नीचे झुकी, साड़ी ब्लाउज से हट गई और ब्लाउज में भरे हुए बूब्स मेरे सामने आ गए।

फिर सास ने खुद को ठीक किया और बोली- सॉरी! क्या सेवा करूं आपकी?
मैंने कहा- कुछ नहीं, मैं ठीक हूं।

तो सास बोली- तो आप हमारी सेवा कर दीजिए!
मैंने कहा- ठीक है, बोलिए क्या करूं?

सास बोली- मेरा बदन पूरा दर्द कर रहा है। आप मालिश कर दीजिए।

मैंने कहा- ठीक है। आप अपनी साड़ी निकालकर बेड पर लेट जाइए।
सास बोली- आप ही निकाल दीजिए!

ये सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे।
मैंने सोचा कि ये तो खुद चुदने आई है! चलो, आज बेटी के साथ मां को भी चोदते हैं!

मैं अपनी सास की साड़ी निकालने लगा।
जैसे ही उनके करीब गया, उनकी सांसें तेज हो गईं।

मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने सास के होंठ चूसने शुरू कर दिए।
सास भी यही चाहती थी।

वो मेरा साथ देने लगी और बोली- आह्ह्हह … दामाद जी! चोद डालिए मुझे! जब से आपके मोटे लंड से मेरी बेटी को चुदते देखा है, सालों से प्यासी चूत आपका लंड लेने के लिए तड़प रही है! आपका ससुर का तो लंड अब खड़ा ही नहीं होता!
मैंने कहा- कोई बात नहीं! अब से मेरा लंड आपकी चूत की पूरी सेवा करेगा!

ऐसा कहते हुए मैंने सास का ब्लाउज और ब्रा खोलकर उन्हें पूरी तरह ऊपर से नंगी कर दिया, फिर सास के बूब्स चूसने लगा, गर्दन और पेट पर किस करने लगा।

मेरी सास पागल होने लगी और बोली- आह्ह्हह… दामाद जी!

फिर मैंने सास के पेटीकोट का नाड़ा खोला और पेटीकोट निकाल दिया।
मैं उनकी पैंटी के ऊपर से सास की चूत सहलाने लगा।
मेरे सास की चूत पानी छोड़ने लगी थी।

मैंने सास की पैंटी भी निकाल दी।

फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और नंगा हो गया।
तब मैंने अपना लंड सास के मुंह में दे दिया।
सास ने लपककर मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया— जैसे कभी लंड देखा ही न हो!

जब सास मेरा लंड चूस रही थी, तब मेरे मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं।

मैंने हाथ से उसका सर पकड़कर मुंह में और गहरा दबाया।
फिर मैंने सास को नंगी बेड पर लेटाया।

मैं सास की टांगें चौड़ी करके उसकी चूत (जिस पर छोटे-छोटे बाल थे) पर मुंह लगाकर चूसने लगा।

मेरी सास पागल सी हो गई, उनके मुंह से निकल रहा था- आह्ह्हह… आह्ह्ह… दामाद जी! और जोर से! अब रहा नहीं जा रहा! चोद डालिए अपनी सास को! और भोसड़ा बना दीजिए सास की चूत का!

मैंने एक झटके में अपना लंड सास की चूत में डाल दिया।
सास के मुंह से चीख निकल गई।
वो बोली- धीरे! कई सालों से इसमें लंड नहीं गया है!

फिर मैंने सास को चोदना शुरू किया।

चोदते हुए उसके होंठ चूस रहा था और हाथ से बूब्स मसल रहा था।
उस समय मुझे और सास को जो आनंद मिल रहा था, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

करीब 20 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरा वीर्य निकलने को हुआ।
मैंने सास से कहा- कहां निकालूं?
सास बोली- अपने इस अमृत से मेरी सालों से सूखी चूत को भर दीजिए!

मैंने सारा पानी सास की चूत में छोड़ दिया।
पानी इतना निकला कि चूत से बाहर बहने लगा।

फिर सास ने मेरा लंड मुंह में लेकर साफ कर दिया।
हम दोनों काफी देर तक नंगे एक-दूसरे की बाहों में लेटे रहे।

मेरी सास के चेहरे पर आज अलग ही खुशी दिख रही थी।

वे बोली- आज आपने मुझे चोदकर जो सुख दिया है, वो मुझे कभी नहीं मिला। आज से मैं आपकी रंडी हूं। जब चाहे मुझे चोद सकते हो!

इस तरह से मेरी सास ने दामाद से अपनी प्यासी चूत चुदवा ली.

उसके बाद जब भी मौका मिलता, मैं सास को चोदता हूं।
मैंने आज तक सास को इतना चोदा है कि ससुर ने भी उससे इतना नहीं चोदा होगा।
अब तो उसकी चूत भोसड़ा बन गई है!

बाद में मेरी सास ने मुझे मेरी साली और सास की बहन की चूत भी दिलाई है।
उसकी कहानी फिर कभी सुनाऊंगा।

सास सेक्स कहानी पढ़ कर आपको मजा आया होगा.
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