मॅाम सन Xxx कहानी में मेरी सौतेली मॅाम बेहद हॉट हैं. मेरे डैड काम के चक्कर में ज्यादातर घर से बाहर रहते हैं. मैं अपनी स्टेप मॅाम को चोदना चाहता था.
दोस्तो, मेरा नाम मोहन है. मैं फर्स्ट ईयर में पढ़ता हूँ, मेरी उम्र 19 साल है.
मेरे साथ मेरी स्टेप मॉम कविता रहती हैं, उनकी उम्र 37 साल है और वे देखने में बेहद हॉट हैं.
उनके मोटे और रसभरे दूध हैं और भरी हुई गांड है.
मेरे डैड सुरेश काम के चक्कर में ज्यादातर घर से बाहर रहते हैं इसलिए घर पर सिर्फ मैं और मॉम ही रहते हैं.
आज मैं आपको अपनी सच्ची सेक्स कहानी बता रहा हूँ.
ये एक मॅाम सन Xxx कहानी है.
एक दिन मैं कॉलेज नहीं गया था, अपने कमरे में बेड पर लेटकर मोबाइल चला रहा था.
तभी मॉम नहाकर मेरे कमरे में आ गईं.
उन्होंने ऊपर कुछ नहीं पहना था, सिर्फ पेटीकोट बांधा था और उनके भारी-भारी बूब्स एकदम तने हुए थे और उनके चलने के कारण मस्त थिरक रहे थे.
उन्हें अर्धनग्न अवस्था में देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.
कमरे में ही उन्होंने पेटीकोट उठा कर नीचे पैंटी पहनी तो उनकी टांगें मुझे जांघों के ऊपर तक की दिखाई दीं.
उसके बाद मॉम ने बिना ब्रा पहने सफेद रंग कर ब्लाउज पहन लिया.
फिर वे बिना साड़ी पहने घर के कामों में लग गईं.
उस दिन मॉम ब्रा नहीं पहनी थी और सफेद रंग का ब्लाउज भी एकदम झीना था, तो उनके गीले मम्मों के कारण मॉम के दूध के ऊपर कड़क ब्राउन कलर के निप्पल मस्त दिख रहे थे.
मॉम किचन में चली गईं तो मैंने उन्हें याद करके लौड़े को हिला कर गीला कर लिया.
उस दिन से मैं मॉम को चोदने के सपने देखने लगा.
उस वक्त मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी इसलिए मेरा मन एकदम से बेकाबू हो रहा था.
मैं मॉम के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकता था क्योंकि मुझे लगता था कि मॉम मेरी हरकत को डैड को बता सकती थीं.
अब मैंने बहुत सोचा और एक प्लान बनाया ताकि मैं मॉम को आराम से चोद लूँ और उन्हें भी अच्छा लगे.
मैंने ऑनलाइन मदहोश करने वाली व वासना बढ़ा देने वाली गोलियां मंगवा लीं.
ये गोलियां किसी भी लड़की की चुदास को चरम पर पहुंचाने के काम करती थीं. इन दवाओं की एक खासियत थी कि कैसी भी सब्र वाली औरत को यदि खिला दी जाए तो वह नंगी होकर लंड से चुदे बिना नहीं रह पाएगी.
एक रात मैंने मौका देखा और उनके पानी के गिलास में दो गोलियां मिला दीं.
खाना खाने के बाद मॉम ने अपने पानी का पूरा गिलास एक ही बार में पी लिया.
फिर खाना खत्म हुआ तो हम दोनों टीवी देखने लगे.
थोड़ी देर बाद गोली का असर होने लगा. मॉम की आंखों में वासना दिखाई देने लगी.
वे सोफ़े से उठती हुई बोलीं- टीवी बंद करके सो जाना बेटा.
करीब तीस मिनट बाद मैं उनके कमरे में गया, तो वे आंखें बंद करके अपनी चुत में एक मूली डाल कर चुत की खुजली शांत कर रही थीं.
यह देख कर मुझे पक्का यकीन हो गया कि मॉम पूरी तरह से मदहोश हो चुकी हैं और बिना लंड लिए इनकी चुत की खाज मिटने वाली नहीं है.
मैंने कमरे के बाहर रह कर ही इधर उधर देखा और किचन में जाकर एक कांच का गिलास उठा कर छोड़ दिया.
गिलास गिरने की आवाज आई तो वे अपनी चुत में से मूली निकाल कर कपड़े सही करने लगीं.
फिर उन्होंने मुझे आवाज दी- बेटा क्या हुआ?
मैंने कहा- कुछ नहीं मॉम, कांच का गिलास गिर गया है.
यह कहते हुए मैं उनके कमरे के अन्दर आ गया.
उस वक्त मैं सिर्फ एक फ्रेंची चड्डी पहने हुए था और मॉम को मूली करते देख कर एकदम कड़क हो गया था.
मेरी चड्डी में तना हुआ लौड़ा देख कर मॉम की वासना और ज्यादा भड़क गई और उन्होंने मेरे लौड़े को देख कर अपनी जुबान को अपने होंठों पर अश्लीलता से फेरा.
उन्हें ऐसा करते देख कर मैंने भी अपने लंड को चड्डी के ऊपर से ही सहलाया.
मुझे लंड सहलाता देख कर मॉम ने मुझे अपने पास बुलाया और पास में ही लेट जाने का इशारा कर दिया.
मैं उनके बाजू में लेट गया और मैंने प्यार से अपने दोनों हाथों से उन्हें अपनी बांहों में भर लिया.
वे भी मुझसे चिपक गईं.
अब पोजीशन यह थी कि मैं अपने सीने को मॉम के मम्मों से चिपकाए हुए थे.
वे गर्म गर्म सांसें भर रही थीं. उनकी आंखों में वासना के डोरे साफ दिखाई दे रहे थे.
मैंने अचानक से उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूमने लगा.
वे भी वासना की आग में झुलस रही थीं, तो मेरे साथ लिप किस का मजा लेने लगीं.
मैंने जीभ उनके मुँह में ठेल दी तो वे मेरी जुबान को चूसने लगीं.
दो मिनट बाद मैंने अपने एक हाथ से उनके एक दूध को पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया, तो वे एकदम से खुल गईं.
मैं उन्हें चित लिटा कर उनके ऊपर चढ़ गया और उनके साथ चूमा-चाटी करने लगा.
वे एकदम से अपने ब्लाउज को एक तरफ से ऊपर करके मुझे दूध दिखाने लगीं.
तो मैं उनके दूध को चूसने लगा और दूसरे दूध को ब्लाउज के ऊपर से अपनी मुट्ठी में भर कर मसलने लगा.
वे कहने लगीं- बेटा, मैं आग में झुलस रही हूँ, प्लीज मुझे ठंडी कर दो.
मैंने कहा- ओके मॉम मैं दरवाजा बंद कर देता हूँ फिर आपको चोद देता हूँ!
मैं जानबूझ कर ‘चोद देता हूँ.’ जैसे शब्द बोल रहा था ताकि मॉम भी लंड चुत चुदाई जैसे शब्द बोलने लगें.
अब मैंने उठ कर कमरे का दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया और उनके साथ बेड पर लेट गया.
मॉम के साथ चुदाई को याद रखने के लिए मैंने अपने मोबाइल को एक तरफ सैट किया और उसका कैमरा ऑन कर दिया.
अब मैं पूरा नंगा हो गया और उनके पास लेट गया.
पहले मैं उनकी गर्दन के नीचे किस करने लगा, फिर रसीले होंठों को चूसने लगा.
वे मुझे दबाती हुई नीचे को धकेल रही थीं तो मैं समझ गया और नीचे को खिसक कर उनकी गोरी गोरी जांघों की तरफ आ गया.
मैं मॉम की जांघों को चूमता चाटता हुआ ऊपर चुत की तरफ बढ़ता गया.
उन्होंने अपने पेटीकोट का नाड़ा ढीला करके उसे नीचे खिसका दिया.
अब वे नीचे से पैंटी में रह गई थीं.
उन्होंने अपनी चुत पसार दी तो मैं उनकी चुत सूंघने लगा.
मॉम को तो मानो जन्नत का सुख मिलने लगा था.
वे मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगी थीं और ऐसे करने लगीं मानो वे मुझे वापस अपनी चुत के रास्ते अन्दर घुसेड़ लेंगी.
कुछ देर चुत सूंघने के बाद मुझसे अब रहा नहीं गया तो मैंने चुत से मुँह हटाया और ऊपर आकर मॉम के ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए.
मैं उनके मम्मों को किस करने लगा.
इस वक्त मेरी मॉम लगभग नंगी हो गई थीं और मस्त माल लग रही थीं.
मैंने उनकी ब्रा ऊपर सरका दी और उनके मोटे-मोटे बूब्स को चूमने-चूसने लगा.
मैंने उनके दोनों दूध खूब दबाए और चूसे.
मेरी मॉम भी अपने हाथ से अपने चूचे पकड़ पकड़ कर मुझे चुसवा रही थीं.
कुछ देर बाद मैं मॉम के ऊपर से हट कर उनके बाजू में लेट गया.
मॉम समझ गईं कि अब उनकी बारी आ गई है.
वे अपनी ब्रा पैंटी हटा कर मेरे ऊपर 69 में चढ़ गईं.
मॉम की रसभरी चूत मेरे मुँह पर लग गई थी और मेरा लंड उनके मुँह में आ गया था.
वे लौड़े को चूसने लगीं.
मैंने मॉम की काली, जंगली झांटों वाली चूत पर मुँह रख दिया और चाटने लगा.
मॉम अपनी कमर को चलाती हुई मेरे मुँह पर अपनी चुत रगड़ रही थीं.
इससे वे जल्दी ही झड़ गईं और मेरे मुँह में उनकी चुत से रस टपकने लगा.
मैं भी उनकी चुत का पूरा रस पीता चला गया.
मैं मॉम को चोदने के लिए अब एकदम से रेडी था, बस एक ही दिक्कत बार बार जेहन में आ रही थी कि मॉम की चुदाई बिना कंडोम के कैसे करूँ … मेरे पास कॉन्डम नहीं था.
दूसरी तरफ मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था.
फिर मैंने तय कर लिया कि आज मॉम को बिना कंडोम के ही चोद देता हूँ.
बस मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और अपना कड़क लंड उनकी चूत में घुसेड़ने लगा.
मेरा लंड उनकी चुत के अन्दर जा ही नहीं रहा था.
मैंने थूक लगाया, फिर भी नहीं गया.
मॉम की चूत में काफी समय से लंड नहीं गया था.
मैंने सरसों का तेल लगाया और धीरे-धीरे लंड अन्दर ठूँस दिया.
जवान बेटे की मां होने के बावजूद उनकी चूत इतनी टाइट थी कि चुदाई का मजा दोगुना हो गया.
उनकी कसी हुई चुत देख कर साफ लग रहा था कि डैड ने उन्हें कभी ठीक से चोदा ही नहीं होगा!
लंड अन्दर घुसा तो मॉम आह आह करने लगीं.
कुछ देर की ऊउ आह के बाद मॉम मेरे लौड़े से चुत चुदाई का मजा लेने लगीं.
अब चोदते-चोदते मॉम की चूत पूरी गीली हो गई थी.
‘छप-छप… छप-छप…’ की आवाजें आने लगीं.
मैंने लंड निकाल कर वापस से तेल लगाया और उन्हें पलट कर उनकी गांड में घुसेड़ दिया.
मॉम को दर्द हुआ, पर वे शायद गांड मरवाने में पारंगत थीं तो सिर्फ हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं.
थोड़ी देर गांड मारने के बाद मैं फिर चूत में लंड डालकर जोर-जोर से पेलने लगा.
लगभग तीस मिनट से लगातार मैं मॉम को चोद रहा था, तो अब झड़ने वाला था.
पहले तो मैंने सोचा था कि मॉम की चूत में ही झड़ जाऊं, पर मॉम प्रेग्नेंट हो जातीं. इसलिए पूरा माल मैंने उनके मोटे-मोटे बूब्स पर निकाल दिया.
मैंने वीर्य पौंछ कर उन्हें अपने गले से लगाकर खूब प्यार किया, किस किए, बूब्स दबाए.
फिर मैंने अपने हाथों से मॉम को पैंटी, ब्रा और ब्लाउज ठीक से पहना दिया, खुद भी कपड़े पहने और उनके साथ ही सो गया.
सुबह मॉम उठीं तो बहुत खुश थीं.
मॅाम सन Xxx करके भी वे बिल्कुल नॉर्मल होकर घर के काम में लग गई थीं.
शाम हुई तो मैंने मॉम से पूछा- आज ड्रिंक करने का मन कर रहा है, क्या आप ड्रिंक में मेरा साथ देंगी?
वे मुस्कुरा दीं और बोलीं- हां रेड लेबल लाना!
मैं शाम को एक रेड लेबल व्हिस्की की बोतल ले आया.
मॉम आज बेहद खुश थीं और मेरे साथ खुल कर सेक्स करने के लिए रेडी थीं.
मैंने शाम को पैग बनाए और मॉम के साथ चीयर्स करके सिप लेने लगा.
वे मुझसे बोलीं- क्या दिया था तूने कल मुझे?
मैं हंस दिया.
वे बोलीं- आज भी दे न!
मैंने कहा- ओके … अभी देता हूँ.
मैंने एक डोज लाकर उन्हें दिया तो वे बोलीं- पैग के साथ ले लूँ?
मैंने कहा- हां.
वे बोलीं- आधा पैग तू भी लेगा क्या?
मैंने ओके कह दिया.
उस दिन हम दोनों ने तीन तीन पैग लगे और खुल कर सेक्स का मजा लेने लगे.
मॉम ने आप अपनी चुत की सफाई कर ली थी तो मुझे उनकी चुत चाटने में बहुत मजा आया.
फिर दो दिन बाद खबर आई कि शाम को डैड आने वाले हैं.
मैं उन्हें लेने बस अड्डे पर गया.
उन्हें लेकर घर लौटते-लौटते रात हो गई थी.
मॉम डैड को देखकर बहुत खुश हुईं, आखिर कई महीनों बाद आए थे.
हम सबने साथ खाना खाया.
मैं पहले खाकर अपने कमरे में चला गया.
मॉम-डैड अपने कमरे में चले गए.
देर रात अचानक चीखने-चिल्लाने की आवाज आई.
मैं चुपके से उनके कमरे तक गया. दरवाजा हल्का सा खोला तो देखा कि डैड मॉम को जोर-जोर से चोद रहे थे और मॉम चिल्ला रही थीं ‘आह्ह्ह … जोर से… और जोर से…’
मैं वहीं खड़ा होकर मॉम की चुदाई देखता रहा.
डैड ने पूछा- तेरी चूत ढीली कैसे हो गई? मैंने तुझे बहुत कम बार चोदा है!
मॉम बोलीं- पता नहीं … कैसे हो गई!
डैड को क्या पता कि उनकी बीवी, यानि मेरी मॉम की चूत उनके अपने बेटे ने फाड़ दी है.
मैंने चुपके से पूरी चुदाई की वीडियो बना ली और सोने चला गया.
लगभग एक हफ्ते बाद डैड फिर से वापस चले गए.
अब मेरी बारी थी.
मॉम अपने कमरे में बैठी थीं.
मैंने जाकर पहले डैड वाली वीडियो दिखाई.
मॉम चौंकीं- ये तूने कब बनाई?
फिर मैंने अपनी वाली वीडियो चला दी.
मॉम का चेहरा मस्ती से भर गया- वे बोलीं- तूने कब मेरी चूत चुदाई की वीडियो बना ली थी?
मैंने हंसकर कहा- ये सब छोड़ो … मुझे तो आपको चोदना है.
मॉम नखरे करने लगीं- और कितना चोदेगा मादरचोद?
पर मैंने जिद की तो वे मान गईं.
मैंने मॉम की कमर पकड़ी, होंठों पर किस किया, गोद में उठाया और अपने कमरे में ले आया, मॉम को पूरी नंगी कर दिया.
अब मैं उनके साथ रोमांस करने लगा.
मॉम का बदन गर्म होने लगा.
जल्दी ही वे खुद तड़प रही थीं मेरे लंड के लिए.
मैंने मॉम की चुदाई करके उनकी सारी आग बुझा दी.
एक महीने बाद मॉम की माहवारी रुक गई.
वे प्रेग्नेंट हो गई थीं.
मॉम ने कहा- मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हूँ!
मैंने हंसकर बोला- अच्छा है.
मॉम बोलीं- डैड क्या बोलेंगे?
मैंने कहा- बोल देना कि ये हमारा दूसरा बच्चा है.
मॉम बोलीं- जबकि यह तेरी औलाद होगी!
मैंने कहा- क्यों डैड की कैसे नहीं हो सकती … उन्होंने भी तो आपको चोदा था!
मॉम बोलीं- बच्चे के बाप का पता सिर्फ मां को ही होती है कि बीज किसने बोया है!
मैंने कहा- चलो देखते हैं कि होने वाला बेबी किसके जैसा होता है, डैड के जैसा या मेरे जैसा.
मॉम बोलीं- वह कैसी भी औलाद हो, कहलाएगी तो तेरा भाई या बहन ही!
मैं हंस दिया.
इस तरह से मैं अपनी मॉम को चोद कर उनकी प्यास बुझाता रहा.
आपको मेरी मॅाम सन Xxx कहानी कैसी लगी?
प्लीज जरूर बताएं.
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