हॉट मॅाम सन सेक्स कहानी में मेरी मम्मी को पापा संतुष्ट नहीं कर पाते थे. तो मम्मी का रुझान मेरी तरफ हुआ. उन्होंने खुद नंगी होकर मुझे दिखाया और मेरा लंड देखा.
फ्रेंड्स, मेरा नाम नीरज है, मेरी उम्र अभी 21 साल है.
मेरे परिवार में मम्मी, पापा और भैया हैं.
पापा जिम चलाते हैं, जो हमारा खुद का है.
मेरे भैया और पापा आपस में बाप बेटे होने के बावजूद अच्छे दोस्त भी हैं.
भैया मुझसे 2 साल बड़े हैं.
पापा भैया के साथ सोते थे.
मैं मम्मी के साथ सोता था.
लेकिन भैया अब पढ़ाई करने बाहर चले गए हैं, जहां वे अंकल के घर रहने लगे हैं.
मैं आपको जो आज स्टोरी बताने जा रहा हूँ, ये मेरे घर की एकदम सच्ची हॉट मॅाम सन सेक्स कहानी है.
मेरे पापा और मम्मी की शादी कम उम्र में ही हो गई थी. उन दोनों ने लव मैरिज की थी.
अभी पापा की उम्र बस 42 साल है और मम्मी की 38 साल है.
जबकि मैं 21 साल का हूँ और मेरे भैया 22 साल के हो गए हैं.
इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मम्मी जब कम उम्र की कमसिन लड़की रही थीं, तभी उन्होंने मेरे पापा से शादी कर ली थी.
शुरू से ही पापा जिम करने के कारण अभी भी जवान दिखते हैं और मम्मी तो बस 30 साल की युवती लगती हैं.
मैं उस वक्त सेकंड ईयर का स्टूडेंट था और उस समय 18 साल का था.
भैया के जाने के बाद पापा अब हमारे साथ सोने लगे थे.
मम्मी और पापा भैया और मेरे कारण कभी भी फुल मज़े ले ही नहीं पाए थे.
लेकिन अब मेरे सो जाने के बाद पापा मम्मी को चोदने लगे थे ताकि उनकी चुदाई की जानकारी मुझे मालूम न चल सके.
एक दिन मेरी नींद कच्ची थी तो उस वक्त मम्मी के मुँह की आह आह की आवाजें सुनाई दीं तो मैंने जाग कर देखा कि पापा भी मेरे पास नहीं सो रहे हैं.
बस उस दिन मुझे पता चल गया था कि पापा मम्मी को पेलने चले जाते हैं.
मैंने कुछ दिन बाद महसूस किया कि मेरी मम्मी पापा से कुछ नाराज़ रहने लगी थीं क्योंकि वे अच्छी तरह से मज़े नहीं ले पाती थीं.
ऐसा कुछ दिन चलता रहा.
जहां तक मुझे याद है कि एक दिन जब मम्मी ने पापा से अपनी गुस्सा जाहिर की तो उसके अगले दिन पापा ने मुझे अलग सोने को कहा था.
मैं उनकी बात नहीं माना.
उस रात को जब पापा मेरे बाजू से उठ कर मम्मी के पास चले गए और वे मम्मी को धीरे-धीरे पेल रहे थे.
उस दिन मैं चुपके से उन दोनों की चुदाई देखने लगा.
मम्मी धीरे-धीरे चुदने से तड़प उठीं और वे एकदम से उठ कर पापा के ऊपर चढ़ कर लंड की सवारी करने लगीं.
मैं पीछे से देख रहा था तो मम्मी की गोरी पीठ देख कर हिलाने लग गया था.
उस दिन शायद पापा झड़ गए थे तो मम्मी को पापा का लंड ढीला लगने लगा था.
तभी अचानक से मैं झड़ने को हुआ तो मेरी आवाज निकल गई.
मैं भाग कर अपने बिस्तर में आ गया … पर शायद मेरी आहट उन्हें मिल गई थी.
अगले दिन पापा मुझसे आंख मिला नहीं पा रहे थे और मैं भी शर्मा रहा था.
मम्मी-पापा को पता चल गया था कि मुझे उनकी रात की बात पता चल गई थी.
फिर शाम को मम्मी पापा से बात कर रही थीं और मैंने थोड़ा सा सुना था, जो ऐसा था.
मम्मी- बाहर किसी को बोल देगा तो क्या होगा?
पापा- हां, मैं भी यही सोच रहा हूँ यार! यह सब मेरी बीमारी की वजह से ऐसा होने लगा है.
मम्मी ने हंस कर कहा- अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा!
पापा- तुम तो चाहती ही यह हो!
मम्मी कुछ नहीं बोलीं, बस हंस दीं.
मैं समझ गया था कि आज कुछ होने वाला है.
फिर रात को खाना खाकर मैं बेड पर था और पापा शाम को जिम गए थे.
वे अब तक नहीं आए थे.
मम्मी मेरे पास आईं और मुझे कहने लगीं- तूने कल कुछ देखा था क्या?
मैं- क्या?
मम्मी ने कड़क आवाज में पूछा – पापा और मेरे को …
मैं एकदम से डर गया.
तब मम्मी पास आईं और प्यार से बोलीं- बोल बेटा!
मैं उनकी प्यार भरी आवाज सुनकर जरा संयत हुआ और मैंने कहा- हां मम्मी, आप और पापा का मैं रोज़ देखता हूँ!
मम्मी- कोई बात नहीं बेटा, शादी करने के बाद हर कोई ये करता है. पर तू ये सब किसी को मत बताना, ठीक है! तेरे पापा पहले ऐसे नहीं थे, अभी उन्हें सुगर की बीमारी हो गई है न … इसलिए ऐसा होने लगा है!
मैं- ठीक है.
मम्मी खुश थीं क्योंकि अब वे खुल कर सेक्स में कुछ भी कर पाएंगी और उन्हें मुझसे कुछ छुपाना भी नहीं पड़ेगा.
तभी मम्मी ने अपने टॉप को उतारा और उन्हें देखने के लिए बोलने लगीं.
तो मैंने उन्हें देखने की जगह अपनी नजरें झुका लीं.
मम्मी ने कहा- देख न, तेरी सब शर्म को दूर कर दिया मैंने … तू शर्मा मत!
मैंने अपना मुँह ऊपर किया.
पहली बार मैं मम्मी को ऐसे देख रहा था.
मम्मी की चूचियां एकदम टाइट थीं और वे बहुत फिट लग रही थीं.
तभी उन्होंने अपनी पजामी व पैंटी भी हटा दी.
मम्मी की चूत में एक भी बाल नहीं था. मम्मी को नंगी देख कर ही मेरा खड़ा हो गया था.
तब मम्मी ने मुझे कहा- तू भी उतार दे अपने कपड़े … अब मुझसे शर्म कैसी?
मैंने अपना पैंट उतार दिया.
मैंने चड्डी नहीं पहनी थी.
पहले तो मम्मी बोलीं- अरे तू चड्डी नहीं पहनता है क्या?
मैंने कुछ नहीं कहा.
फिर मेरा लंड देखकर मम्मी ने कहा- तेरा तो पापा से भी बड़ा है!
यह कह कर वे हँसने लगीं.
फिर मम्मी अपने कपड़े उठाने के लिए पीछे मुड़ीं.
मुड़ते ही मैंने मम्मी का पिछवाड़ा देखा.
मस्त फूली हुई गांड देख कर मेरी तो हालत खराब हो गई.
मम्मी की गांड बहुत बड़ी थी.
शायद पापा के साथ जिम करते-करते उनकी गांड कुछ ज्यादा बाहर निकल आई थी.
उसके बाद मम्मी ने अपने कपड़े पहन लिए और मैं भी अपनी पैंट पहन कर बाहर चला गया.
शाम को पापा आए, तब मैं बेड पर था.
मम्मी ने पापा को क्या कहा, वह तो मुझे नहीं पता … लेकिन पापा ने आते ही मुझसे पूछा- मम्मी ने तुझसे बात की थी ना?
मैंने कहा- हां!
फिर मम्मी-पापा मेरे वाले बेड पर ही आ गए.
पापा नंगे हो कर चित लेट गए थे और मम्मी ने उनके ऊपर आकर टांगें फैला दीं.
वे दोनों सेक्स करने लगे.
कुछ ही देर में पापा का रस निकल गया था.
मैं उन दोनों की बेशर्मी को देखता ही रह गया.
मम्मी ने फिर पापा से कुछ और देर करने के लिए कहा.
लेकिन पापा पलट कर सो गए.
इससे मम्मी बहुत गुस्सा हो गई थीं.
वे मेरी तरफ देखने लगीं लेकिन मैं अपनी मम्मी की तरफ देख कर कुछ नहीं करने वाला था.
कुछ देर बाद हम दोनों भी सो गए.
अगले दिन सुबह पापा मुझसे नहीं शर्मा रहे थे.
उन्होंने कहा- मैं जिम खोलने जा रहा हूँ, मम्मी को बता देना!
मम्मी उस वक्त नहाने गई थीं.
नहा कर आने के बाद मम्मी रूम में आकर मेरे सामने कपड़े बदलने लगीं.
मम्मी पहले कभी ऐसा नहीं करती थीं.
मैंने मम्मी को पापा की बात बताई तो मम्मी ने कहा- जिम में ही रहने दो पापा को … बाकी तो वे कुछ काम के हैं नहीं!
मम्मी गुस्सा दिख रही थीं. शायद सही से चुदाई न होने के कारण रात की गुस्सा अब उनकी जुबान पर आ गई थी.
मैं उस वक्त भी कुछ नहीं बोला, जबकि मेरे पास अवसर था कि मैं कुछ कहता.
मम्मी ने भी कुछ नहीं कहा और मैं भी आगे नहीं बढ़ा.
फिर सारा दिन ऐसे ही बीत गया.
रात को अब मम्मी नंगी होकर पापा के लंड को दबा रही थीं ताकि वह खड़ा हो जाए और उनकी चुदाई करने लगे.
लेकिन पापा ने उनका हाथ हटाते हुए कहा- कल मुझे सुबह जल्दी जाना है, आज रहने दो.
मम्मी बहुत गुस्सा हुईं क्योंकि मम्मी नंगी थीं और चुदने के पूरे मूड में थीं.
लेकिन पापा पीछे मुड़ गए और सोने लगे.
मम्मी भी गुस्सा होकर अपने कपड़े पहन कर पापा की बाजू में सोने लगीं.
मैं मम्मी के पीछे लेटा हुआ था.
मम्मी की गांड मुझे तड़पा रही थी लेकिन मैं तब भी मम्मी की तरफ नहीं गया, बस अपना लंड हिलाने लगा.
अगले दिन पापा सुबह गए.
उनका जिम करने वाले मेम्बर्स के साथ पिकनिक पर जाने का प्लान था.
उसी वजह से पापा उस रात को घर नहीं आ पाए.
शायद आज मेरी किस्मत में कुछ अलग था.
रात को मम्मी और मैंने खाना खाया और बेड पर आ गए.
मम्मी की नाइटी उनके जिस्म पर सरक कर कुछ ऊपर को हो गई थी.
उसी वजह से उनकी पीछे वाला हिस्सा साफ दिख रहा था.
मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और मैंने मम्मी को पीछे से पकड़ लिया.
मम्मी ने कहा- क्या हुआ?
मैंने कांपते-कांपते कहा- मम्मी, मुझे भी सेक्स करना है!
मम्मी- शादी के बाद करेगा ना तू भी!
मैंने यह सुनकर अनसुना कर दिया और अपना लंड निकाल कर मम्मी के पिछवाड़े में घिसते हुए कहा- मम्मी, आपके साथ!
मम्मी- नहीं, ये गलत है बेटा!
लेकिन मैं अपने आप को रोक नहीं पाया था और मम्मी के पीछे से ही मैंने उनकी नाइटी को ऊपर कर दिया था.
उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी तो उनकी गांड नंगी हो गई.
मैंने मम्मी की टांगों के बीच अपना लंड लगा दिया.
मैंने मम्मी को जकड़ कर रखा था.
मम्मी ने शायद मेरे लंड से चुदने का विचार बना लिया था और उनकी चुदास ने उन्हें अपने बेटे के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर कर दिया था.
इसी लिए उन्होंने अपनी टांगों को खोल दिया और उनकी चूत में मेरा लंड चला गया.
मम्मी ने लंड का अहसास करते ही ‘आह’ की मादक आवाज निकाली!
इधर चुत की रसभरी गर्मी और सेक्स की हवस ने मुझे मां चोदने के लिए विवश सा कर दिया था.
फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा.
कुछ देर में मम्मी अपनी कमर चलाती हुई लंड का मजा लेने लगीं.
यह देख कर मैं मम्मी के ऊपर चढ़ गया था.
मैंने जैसे ही वापस अपना लंड मम्मी की चुत में पेला, वे ‘उफ्फ़ अह्ह … हट जाओ’ कहने लगीं.
लेकिन वे मुझे हटा नहीं रही थीं, बस कह रही थीं.
कुछ देर बाद मेरा रस निकल गया था लेकिन मैं फिर भी उनकी चुत में लंड आगे पीछे करता रहा.
मम्मी की अब आवाज़ बदलने लगी और अब उनकी आवाज ‘अह्ह उम्म्म् उम्म्म् ओह्ह …’ निकलने लगी थी.
उन्होंने मुझे जोर से पकड़ लिया था.
मेरी मम्मी भी सेक्स चाहती थीं.
लेकिन पापा से …
मगर मेरा लंड चूत में जाने के बाद किसी भी चुदासी औरत को क्या फर्क पड़ता है कि किसका लंड चुत की आग बुझा रहा है.
बस मजा आना चाहिए.
कुछ देर चुत रगड़वाने के बाद मम्मी झड़ गईं और मैं भी थक कर उनके ऊपर ढह गया.
अब हम दोनों आजू बाजू लेट कर लिपट कर सो गए थे.
मैं सुबह जल्दी उठ गया था.
मम्मी उस वक्त भी सो रही थीं. उन की नाइटी ऊपर उठ गई थी.
उन्होंने चड्डी तो रात में ही नहीं पहनी हुई थी तो उस वक्त उनकी चुत मस्त फूली हुई कचौड़ी सी दिख रही थी.
मेरा लंड सुबह से एकदम खड़ा था, सभी लौंडों का लंड सुबह सुबह कड़क रहता है शायद.
मम्मी की चूत देख कर मुझे चूत चाटने का मन किया.
मैं आहिस्ता से उनकी टांगों के बीच आया और चुत को चाटने लगा.
चुत पर जीभ का अहसास पाते ही मम्मी जाग उठीं.
उन्होंने कहा- तू पागल हो गया है क्या? हट न!
हालांकि उन्होंने मुझे हटने के लिए कहा जरूर था लेकिन हटाने का प्रयास जरा सा भी नहीं किया था.
मैं मम्मी की चुत चूसता रहा.
जल्द ही मम्मी को मजा आने लगा और अब वे ‘अह्ह उम्म्म् ओह्ह’ करने लगीं.
उन्होंने मुझे इशारा किया तो मैं मम्मी के ऊपर चढ़ गया और उन्हें किस करने लगा.
मम्मी ने कहा- आज पहली बार किसी ने मेरा छेद चाटा है!
वे भी मुझे बेताबी से किस करने लगीं.
मैंने मम्मी की नाइटी को उतार दिया.
मम्मी ने भी मन बना लिया था कि उन्हें मेरे बड़े लौड़े से चुदना है तो उन्होंने खुद मदद की और नाइटी को आराम से उतर जाने दिया.
अब मैं मम्मी के दूध चाटने और चूसने लगा.
वे भी मुझे अपने हाथ से पकड़ कर दूध चुसवाने लगी थीं.
मैं दूध चाटने के बाद पेट पर आया और मम्मी के नंगे जिस्म को चाटते-चाटते उनकी चूत तक आ गया.
मम्मी ‘उफ्फ़ मांआ …’ करने लगीं.
फिर मैंने पोज बनाया और मम्मी की टांगें फैला कर उनकी चूत में लंड पेल दिया.
मम्मी ‘अह्ह.’ किया और चुदाई का मजा लेने लगीं.
हॉट मॅाम सन सेक्स करके थोड़ी देर में मेरा रस निकल गया.
मम्मी का अभी काम अधूरा था तो जैसे ही मैं उनकी चुत से लंड निकाल कर उनके ऊपर से हटा, वे मुझे धक्का देकर लिटाती हुई मेरे ऊपर चढ़ गईं और लंड को पकड़ कर अपनी चूत में डालने लगीं.
मेरा लंड कड़क था तो उनकी चुत में घुसता चला गया.
वे काउगर्ल स्टाइल में सेक्स करने लगीं.
मेरे फुल मज़े थे, मेरे लंड में वापस तनाव आने लगा और मैं उनके दूध चूसते हुए चुदाई में मम्मी का साथ देने लगा.
मेरी मम्मी मस्ती से गांड उछालती हुई ‘आह आह आह’ करती हुई हांफ रही थीं.
कुछ देर बाद उनका रस निकल गया लेकिन मेरे लंड में तनाव अब भी बाकी था.
मम्मी मेरे लौड़े से उतर कर मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगीं और मुँह लगा कर चूसने लगीं.
वे मेरे लौड़े को मुँह में लेकर चूस रही थीं और मेरे टट्टे सहला रही थीं.
इससे मेरा रस जल्दी निकल गया.
मम्मी फिर से गांड औंधी करके सो गईं.
मैं भी कुछ देर बाद उठ कर तैयार हुआ और अपने कॉलेज चला गया.
मम्मी और मेरे बीच ज़्यादा बातचीत नहीं हुई थी, बस चुदाई हुई थी.
जब वे मुझे रोक रही थीं या कुछ कह रही थीं तब मैं उन्हें बस हां, उम्ह मैं ही जवाब दे रहा था.
उस पूरे दिन मैं सारे दोस्तों से अलग होकर मम्मी की चुदाई को लेकर ही सोचता रहा.
बाद में मैं घर आ गया.
शाम को पापा आ गए थे और खाना खाकर हम सब सोने आ गए.
पापा मम्मी को नंगी करके उनके ऊपर चढ़ गए और सेक्स करने लगे.
अब तो सब मेरे सामने ही खुल्लम खुल्ला होने लगा था तो मैं आंखें खोल कर मम्मी पापा की चुदाई देख रहा था.
कुछ देर चुदाई करते-करते पापा का काम हो गया और वे साइड में गांड ऊंची करके सो गए.
मम्मी ने उठ कर अपनी चूत को साफ़ किया और मुस्कुरा कर मुझे देखा.
वे अपनी गांड मेरी तरफ करके सोने आ गईं.
मैं पापा के सामने मां की चुदाई करने से डर रहा था.
लेकिन जब मन नहीं माना तो मैंने मम्मी को पीछे से पकड़ लिया.
फिर पापा को देखते-देखते लंड को मम्मी की गांड में लगाने लगा.
मम्मी ने मेरे लंड को पीछे से पकड़ा और उसका निशाना ठीक करके अपनी चूत में डलवा लिया.
मैंने भी छेद की परवाह किये बिना चुत के अन्दर लंड पेल दिया.
मम्मी ‘अह्ह’ भरी.
मैं मम्मी के पीछे से उनकी चुदाई करने लगा था.
कुछ देर बाद मम्मी ने मुझे अपने ऊपर ले लिया और चुदाई करवाने लगीं.
हम दोनों की चुदाई से बिस्तर हिल रहा था.
उस वजह से पापा जाग गए थे और उन्होंने हम दोनों को सेक्स करते देख लिया.
मम्मी दोनों टांगें फैलाए हुई थीं, मैं मम्मी के ऊपर उन्हें चोद रहा था.
मैंने पापा को देखा तो मम्मी ने मेरा मुँह पकड़ कर अपने होंठों से लगा लिया और हम दोनों जीभ लड़ाते हुए चुदाई का मजा लेने लगे.
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