पुराने यार से चूत चुदवाकर दर्द का इलाज किया

Xxx यार सेक्स कहानी में मैंने अपने यार सर चुदवाकर संतान सुख लिया. मगर मेरी चूत का दर्द ठीक नहीं हो रहा था. मैंने अपने यार को बुलाकर उसके मोटे लंड से चूत की सर्विस करवाई.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, कैसे हो आप सब? उम्मीद है सब ठीक होंगे.

मेरा नाम राज है और आज मैं आपके लिए सायमा की चुदाई की कहानी
माँ बनने के लिए अजनबी से चुदाई- 2
से आगे का एक और पार्ट लेकर आया हूँ. यह आप उसी की जुबानी सुनिए.

हैलो फ्रेंड्स, मैं सायमा आपको अपनी सच्ची सेक्स कहानी का अगला भाग सुना रही हूँ.

सभी पाठिकाओं से विशेष आग्रह है कि वे अपनी टांगें खोल कर तैयार हो जाएं … जल्दी ही उन्हें अपनी चुत में कुछ लेना पड़ेगा.

जिन पाठकों को मेरे बारे में नहीं पता, वे मेरे पुराने पार्ट पढ़ लें ताकि उन्हें मेरी जानकारी भी हो जाए और उन्हें सेक्स कहानी को पढ़ने का पूरा मज़ा भी आए.

मैं इस Xxx यार सेक्स कहानी की नायिका हूँ और सोलापुर में रहती हूँ.
मेरी उम्र 24 साल है और मैं एकदम पटाखा माल हूँ.

मेरी फिगर 34-32-36 की है. मैं दूध सी गोरी हूँ, खूब सेक्सी हूँ और पीछे से मेरी उभरी हुई गांड जो भी देखे, वह बस मुझे चोदने की सोचने लगता है क्योंकि मैं देख लेती हूँ कि उसका लंड फूलने लगता है.

जैसा कि आपने अब तक की सेक्स कहानी में पढ़ा था कि मैंने इकबाल से अपनी चूत चुदवाई थी और उसी चुदाई से मुझे एक प्यारी सी बेटी हुई थी, जो बिल्कुल इकबाल जैसी दिखती है.

डिलीवरी के बाद मैं मायके में थी.

डिलीवरी की वजह से मेरी चूत में बहुत दर्द हुआ था.
उस वक्त तो पेट, कमर, बदन, बूब्स सब दर्द कर रहे थे.
माहवारी जैसा दर्द था जो लड़कियों को होता है.

डॉक्टर ने इलाज बताया कि पति के साथ सेक्स कर लो, सब ठीक हो जाएगा!

बस सेक्स की बात सुनते ही मुझे मेरे पति से पहले इकबाल की याद आई … क्योंकि इकबाल मेरे पति से कहीं ज्यादा देर तक और ज़ोरदार चोदता है.

मैंने घर आकर इकबाल को फोन किया और सारी बात बताई.
मैंने उसे मिलने बुलाया.

ये कहानी डर के साथ हुई चुदाई की है.
मुझे बस एक डर था कि कोई देख न ले … और हमारी चुदाई भी अच्छे से हो जाए.

जब इकबाल आया तो चुदाई भी हुई … और बहुत अच्छे से हुई.
उसी को विस्तार से सुना रही हूँ.

हुआ यूँ कि डिलीवरी के बाद इकबाल मेरे बुलाने पर मायके आया.
मेरे घर वालों ने उसका बहुत अच्छे से स्वागत किया.

मैंने उसकी पसंद का खाना बनाया, खाकर वह बहुत खुश हुआ.
सबके सामने नहीं, पर चुपके से मैंने उसे एक लंबी, गहरी किस भी कर दी.

उन दिनों गर्मी बहुत थी, इसी कारण से घर वाले छत पर सोते थे.
रात को मेरे भाई और अब्बू छत पर चले गए.

मां, इकबाल और मैं नीचे सोने की तैयारी करने लगे.
उन दिनों मैं रात में पैंटी नहीं पहनती थी, चूत में दर्द था ना! बल्कि दर्द तो चूचों में रहता था और बच्ची को बार बार दूध पिलाना पड़ता था इसलिए मैं ब्रा भी नहीं पहनती थी.

मैं अपने कमरे में सोने चली गई, मां और इकबाल हॉल में सोने लगे.

रात करीब 2 बजे का समय रहा होगा.
इकबाल चुपके से मेरे कमरे में आया.

मैं गाउन में लेटी थी.
उसने मेरे बाजू में लेट कर मेरी गांड पर अपना कड़क लंड रखा और गाउन के ऊपर से ही ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा.

बस … मेरी नींद एकदम खुल गई.

उसे देखकर मैंने उसे अपने से दूर को धकेला.
वह फुसफुसाया- अभी तीन घंटे तक कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा!
पर मैं डर गई थी.

मैं उठी और मां को चेक करने चली गई.
उधर देखा तो मां गहरी नींद में थीं.

वापस लौटी तो इकबाल चित लेटा हुआ था.

जैसे ही मैं पास गई, उसने मुझे ज़ोर से खींच लिया.
मैं उसके आगोश में ऐसी गिरी मानो पेड़ की डाल कट कर गिर गई हो!

उसने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए.
तो मैं भी उसके साथ लग गई.

कब हमारे होंठ एक-दूसरे से लड़ने लगे और जुबान आपस में कुश्ती करने लगीं, कुछ पता ही नहीं चला.

मेरी चुत लौड़े की आग में भकभका रही थी.
मेरी हालत वे लड़कियां अच्छे से समझ सकती हैं जो बच्चे को पैदा करने के बाद चुत की चुल्ल से रूबरू हुई होंगी.

इकबाल मुझे चुंबन करते हुए मेरी दर्द कर रही चूत को प्यार से सहला रहा था.

मैं भी उसका कड़क लंड हाथ में लेकर हिला रही थी.
मेरे मन में एक अजीब सा डर था … पर हवस उससे भी ज़्यादा थी.
ऊपर से डॉक्टर ने चुदने की सलाह दे दी थी तो मैं एक अजीब सी स्थिति से गुजर रही थी.

इकबाल ने चुदाई के लिए कहा.
मैंने मना किया- नहीं … कहीं मां जाग गईं तो?

पर वह माना ही नहीं.
उसने सीधे मेरा गाउन पेट तक ऊपर किया और मेरे पैरों के बीच में आ गया.

मैंने पैंटी पहनी नहीं थी तो सीधे चुत उसके सामने आ गई थी.
वह अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा.

मैंने दर्द के कारण उसका साथ नहीं दिया क्योंकि चूत की सूजन अभी कम नहीं हुई थी.
तब भी चुत से रस बह रहा था.

तभी उसने एक झटके में अपना मोटा लंड मेरी गीली चूत में घुसा दिया.
एक मीठा दर्द हुआ लेकिन चुदक्कड़ रही हूँ तो जल्दी ही दर्द भुला बैठी.

बस … दो चार शॉट में ही मेरे दोनों पैर अपने आप हवा में उठ गए.
मेरी चुत को तो मानो जन्नत मिल गई थी.

लड़कों को शायद पता न हो, जब औरत या लड़की सेक्स में दोनों पैर हवा में उठाती है या पार्टनर की कमर पर लपेटती है … तो मतलब साफ होता है कि वह पूरी तरह गर्म हो चुकी है और जड़ तक लंड लेने को मचल रही है.

इकबाल का लंड अन्दर जाते ही मुझे इतना आराम मिला कि मैंने दोनों पैरों से उसकी कमर कसकर जकड़ ली और फुसफुसाई- आह ऐसे ही पेलते रहो … बहुत अच्छा लग रहा है!

वह बोला- मेरी जान … तेरे दर्द को कम करने ही आया हूँ!
मैं उसे पकड़ कर किस करने लगी. वह धीरे-धीरे मेरी चुदाई करने लगा.
मां जाग न जाएं, इस डर के साथ मैं इकबाल से बिना आवाज के चुद रही थी.

उस रात आप यकीन नहीं करेंगे … सिर्फ एक ही राउंड चला लेकिन पूरे एक घंटा तक लौड़े ने चुत को भोसड़ा बनाने में अपनी जद्दोजहद जारी रखी.
इकबाल का लंड सच में लंबा चलता है.

इकबाल आराम-आराम से मेरी चुत से लंड निकालता और झटके से पूरा अन्दर ठूँस देता.
हर झटके से मेरी चूत को मसाज मिल रही थी मानो वह चुदाई नहीं, चुत के दर्द का इलाज कर रहा हो.

काफी देर की चुदाई के बाद हम दोनों साथ-साथ झड़े.
इकबाल ने मेरी चूत में ही पूरा माल उड़ेल दिया.

मैं उस वक्त शायद दुबारा से मां नहीं बन सकती थी इसलिए निश्चिंत थी.
मां के उठने से पहले वह चुपके से वापस अपनी जगह जाकर सो गया.

सुबह मैंने उसके लिए प्यार से अच्छा सा नाश्ता बनाया, खाना बनाया.
दोपहर में जब हमें दो घंटे अकेले मिले … तब मैंने खुद इकबाल का हाथ पकड़ा और उसे बेडरूम में ले गई.

दरवाज़ा बंद करते ही मैं उसके सामने पूरी नंगी हो गई.
उसे बिस्तर पर लिटाया, उसकी पैंट उतारी और उसका कड़क लंड मुँह में लेकर खूब चूसा.

फिर उसका सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया और ज़ोर-ज़ोर से चुत चटवाई.
इस बार मैंने खुलकर Xxx यार सेक्स का मजा लिया.

मैंने मुँह से तरह-तरह की मीठी-मीठी आवाज़ें निकालीं, आहें भरीं- आआह … इकबाल … और ज़ोर से … फाड़ दे मेरी चूत … आआह्ह!

वह मेरी मादक आवाजें सुनकर और जोश में आ गया.
इस बार उसने 45 मिनट तक ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत चोद चोद कर लाल कर दी और मेरे अन्दर ही झड़ गया.

फिर वह खुद मुझे उठा कर बाथरूम ले गया.
वहां प्यार से मुझे नहलाया, मेरी चूत के बाल अच्छे से साफ कर दिए.

उसने हम दोनों की बेबी को भी खूब प्यार किया और कपल की तरह बेबी को गोद में लेकर ढेर सारी फोटो खिंचवाईं.

इस चुदाई में इकबाल ने सचमुच मेरी चूत का इलाज किया था, चुत का दर्द बहुत हद तक कम हो गया.
मैंने पूछा कि उसने मेरे बूब्स को हाथ तक नहीं लगाया, ऐसा क्यों?

वह बोला- वह हमारी बेबी का हक है, मैं नहीं मारूँगा!
ये सुनकर मुझे उससे और भी ज़्यादा प्यार आ गया.
पर मैंने ज़िद की और खुद अपना निप्पल उसके मुँह में ठूँस दिया.

इकबाल ने पहले तो मना किया, पर फिर थोड़ा सा दूध पिया और एक ही घूँट में गटक गया.
फिर भी वह और नहीं पीना चाहता था, पर मैंने उसकी एक न सुनी क्योंकि मुझे दूध ज्यादा आ रहा था और मेरी बच्ची उतना दूध नहीं पी रही थी.

मैंने उससे यह कहा कि दूध निकलता नहीं है, भरा रहता है तो दर्द होता है.
वह समझ गया और अब मैंने बारी-बारी अपने दोनों दूध उसके मुँह में देना शुरू कर दिए.

उसने मेरे दोनों दूध पी-पीकर खाली कर दिए.
मेरा सारा दूध पीकर उसका आधा पेट भर गया और मुझे बहुत हल्कापन महसूस हुआ.

लेकिन दूध पीने से वह फिर से गर्म हो गया और मैं भी चुदासी हो गई.
उसने मेरा गाउन फिर से ऊपर किया, मुझे अपने लंड पर बैठाया और बेड पर पटक दिया.

फिर उसने पूरे एक घंटे तक ज़बरदस्त चुदाई की और चुदाई करते-करते उसने एक बार फिर से मेरे दोनों बूब्स चूसकर खाली कर दिए.

चुदाई के बाद उसने खुद अपने हाथों से मेरे लिए गिफ्ट में लाई हुई नई ब्रा-पैंटी पहनाई.
मैंने मुस्कुराते हुए पहन ली.

फिर हमने कपड़े ठीक किए.
थोड़ी देर बाद दोपहर में घर वाले आ गए.

सब खाना खाने बैठे.

मैंने देखा कि इकबाल ने बहुत कम खाया.
घर वालों ने पूछा तो वह बोला- अभी-अभी सायमा ने मुझे दूध पिला दिया है!
ये सुनकर मैं चौंक गई

वह तिरछी नज़रों से मुझे देखकर मुस्कुराया.
घर वालों को लगा कि मैंने उसे गाय का दूध पिलाया.

उन्हें कौन बताए कि इकबाल ने गाय का नहीं … बल्कि गाय जैसी उनकी सायमा का ताज़ा-ताज़ा दूध पिया है.

शाम को इकबाल वापस चला गया.
अब मैं घर में आराम से चलने-फिरने लगी.

मां ने पूछा तो मैंने कहा- इकबाल ने एक दवा दी थी, यह उसी का असर है.
मैं मां को क्या बताती कि वह दवा नहीं … इकबाल का मोटा लंड था, जिसने मेरी चूत का पूरा इलाज कर दिया.

इकबाल के साथ मैंने कौन-कौन सी पोजीशनों में चुदाई की, उसकी एक मस्त फोटो भी है … आपको चाहिए तो मैं भेज दूँगी. मुझे उम्मीद है कि आपको ज़रूर पसंद आएगी.

तो दोस्तो, ये थी मेरी सेक्स कहानी. अगर लिखने में कुछ कम-ज्यादा हो गया हो तो माफ करना.
उम्मीद करती हूँ आपको सेक्स कहानी बहुत पसंद आई होगी.
Xxx यार सेक्स कहानी आपको कैसी लगी?
अपनी राय ज़रूर देना … आपके हर कमेंट का इंतज़ार रहेगा.
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