पति ने दिलवाया पत्नी को आशिक- 3

मेरी वाइफ की चूत गांड मैंने अपने एक दोस्त से अपने सामने ही मरवा दी. मैं नशे में सोने का ड्रामा कर रहा था और मेरी बीवी मुझे चिढ़ाती हुई मेरे सामने चूत मरवा रही थी.

कहानी के दूसरे भाग
बीवी को दिया दोस्त के आगोश में
में आपने पढ़ा कि अपने पति राज के साथ मिल कर मैं अपने बेडरूम में पति के दोस्त से चुदाने के लिए आ चुकी थी.
परमीत ने मुझे कसकर अपने गले लगाया. वहीं राज आंखें खोलकर हमें देख रहे थे.
मैंने कहा- इतने दिनों से मुझे तुमसे मिलने का इंतजार था.
और मैं राज की ओर देखकर मुस्कुरा दी.

अब आगे मेरी वाइफ की चूत गांड चुदाई:

फिर मैंने परमीत को हल्का अपने से दूर किया और बेड पर जाकर चढ़ गई और घुटने मोड़कर बैठ गई.

चुनरी को मैंने अपने कंधे से हटाकर अपने हाथ में लिया और दोनों हाथों को खोलकर परमीत को अपनी बांहों में आने का आमंत्रण दिया.

परमीत ने भी अपना बनियान उतारा और मेरी ओर आकर बेड पर चढ़ा और सीधा मेरी बांहों में समा गया.

हम दोनों ने उसी अवस्था में एक दूसरे को चुम्बन करना शुरू कर दिया.

परमीत में मेरे पूरे चेहरे पर चुम्बनों की बौछार कर दी जिसमें मैं उसका साथ दे रही थी.
मैं अपने हाथ परमीत की पीठ पर ले जाकर सहलाने लगी और बीच-बीच में उसके बालों को भी सहला रही थी ताकि उसकी उत्तेजना बढ़े.

उसे मैं कह रही थी- परमीत, क्या कर रहे हो? धीरे से!

परमीत मेरे चेहरे से मेरे होंठों पर आ गया और धीरे धीरे स्मूच करने लगा.
मैं भी परमीत का साथ दे रही थी.

स्मूच करते हुए ही परमीत ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गया.
अब परमीत मेरे पूरे शरीर पर छा चुका था.

परमीत मेरे चेहरे को अपने हाथों से पकड़कर स्मूच करने लगा.
हमारे मुंह से पुच पुच की आवाजें निकलने लगी.

कुछ देर बाद परमीत ने मेरे पीछे आ गया और मेरी नंगी पीठ पर किस करने लगा.
मैं एक मछली की तरह तड़प रही थी, मेरी चूत तो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी.

अब परमीत पीछे बैठकर आगे हाथ डालकर मेरे बूब्स को दबाने लगा.
मेरा ब्लाउज टाइट होने के कारण बहुत ही मजा आ रहा था.

मैंने अपने चेहरे को उसकी और घुमाया.
जिसका फायदा उसने उठाया, वह मेरे होंठों पर होंठ रखकर डीप स्मूच करने लगा.
साथ ही वह मेरे बूब्स को भी दबा रहा था बुरी तरह!

मेरी चूत ने तो तभी पानी की धार छोड़ दी थी.

उधर राज यह सब देख रहा था.

कुछ देर बाद मेरे बालों को एक साइड करते हुए परमीत मेरी गर्दन पर किस करने लगा.
मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था और मैं उत्तेजित होकर परमीत का साथ दे रही थी.
मैं परमीत से बोले जा रही थी- अब तक क्यों नहीं मिले तुम!

परमीत मेरे पेट को भी सहला रहा था.

कुछ समय बाद परमीत ने पीछे ने मेरे ब्लाउज के बंद को खोल दिया और साथ ही हुक को भी खोल दिया जिससे मेरे ब्लाउज ढीला पड़ गया.

मैं तो शर्म से पानी पानी हो रही थी और जानती थी कि आगे क्या होने वाला है.
आखिर आज पहली बार मुझे कोई गैर मर्द मेरे शरीर के साथ खेलने वाला था.

मुझे किस करते हुए उसने मेरे ब्लाउज को पूरी तरह धीरे धीरे मेरे शरीर से अलग कर दिया.
मुझे काफी शर्म आ रही थी और मैं मुस्कुरा भी रही थी.

आखिर मैंने अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को ढक लिया.
लेकिन अब काफी देर हो चुकी थी, इस बात का फायदा उठाते हुए परमीत मेरे सामने आ गया और मैं उसकी ओर देखकर मुस्कुरा रही थी.

परमीत और मैं दोनों एक दूसरे की ओर देख रहे थे.
वह बोला- प्रिया, तुम्हें इस रूप में देखने को कब से तरस रहा था.

परमीत पीछे हटकर मेरे लहंगे को ऊपर करते हुए घुटनों तक ले आया और मेरे पैरों पर किस करने लगा.
मुझे एक अजीब सी गुदगुदी होने लगी.
मैं कुछ कर नहीं सकती थी; मैंने अपने दोनों हाथों से बूब्स पर ढक रखा था.

अब आगे बढ़ते हुए वह मेरे लहंगे को ऊपर कर मेरी कमर तक ले आया और मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत के ऊपर हाथ रख कर सहलाने लगा.

मेरी तो मानो जान निकली जा रही थी. मेरी चूत तो पहले ही गीली हो चुकी थी.

मैंने अपने चेहरे को अपने पति राज की तरफ मोड़ दिया.
राज भी अधखुली आंखों से देख रहा था लेकिन कोई रीएक्शन नहीं कर रहा था.

तभी परमीत ने मेरे लहंगे के इजारबंद को एक झटके में खींचा और लहंगा भी ढीला पड़ गया.
उसने मेरे लहंगे को उतारना शुरू किया जिसमें मैंने थोड़ा उठकर परमीत का साथ दिया और अपना लहंगा उतरवा लिया!

उधर परमीत ने भी अपनी कपड़े पूरे उतार दिए.

अब परमीत पैंटी खींचते हुए उसको नीचे करने लगा और कुछ ही पलों में मेरी पैंटी को भी मेरे शरीर से अलग कर दिया.

अब मेरे और परमीत दोनों के शरीर में कोई कपड़े नहीं बचे थे.
मुझे शर्म बहुत आ रही थी क्योंकि मैं किसी पराए मर्द के सामने आज पहली बार बिना कपड़ों के थी.

मैंने एक हाथ नीचे करके अपनी चूत को ढकना चाहा और दूसरे हाथ से अपने बूब्स को ढक रखा था.
लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो रहा था.

अब परमीत ने मुझे लेटा दिया और मुझे मोड़ दिया. अब मेरी पीठ उसके सामने थी, मेरे बाल बिखरे हुए थे और मेरी चिकनी मखमली गांड उसके सामने थी.
परमीत मेरे ऊपर आकर लेट गया और मेरे बालों को साइड करते हुए मेरी गर्दन, पीठ पर और नीचे आते हुए कमर और फिर मेरी गांड और नीचे आते हुए मेरे पैरों पर किस करने लगा.

मैं मदहोशी में बड़बड़ा रही थी- परमीत, तुम तो मुझे पागल ही कर दोगे! ऊई परमीत … छोड़ दो … क्या कर रहे हो!

कुछ समय बाद परमीत मेरे पैरों को मोड़कर मुझे सीधा कर दिया.
अब मैं पीठ के बल आ गई.

परमीत मेरे पैरों को सामने से किस करते हुए फिर जांघ पर से मेरी चूत के पास तक आ गया.
उसने मेरी चूत पर अपना मुंह लगा दिया और चूत को चूसने लगा.

मुझे अजीब सी गुदगुदी हो रही थी पर मैं परमीत को साथ दे रही थी.

कुछ समय बाद मैंने राज की तरफ देखा तो वह खुली आंखों से हमें देख रहा था.
मुझ में अलग ही नशा चढ़ चुका था.

मैं परमीत के सर पर हाथ रखकर नीचे दबा रही थी और परमीत मेरी चूत चाटने में लगा था.

अब वह थोड़ा ऊपर आकर मेरे पेट पर किस करने लगा और फिर मेरे बूब्स पर भी आ गया और उन्हें हल्के हल्के चूसने लगा, फिर वहशी तरीके से चूसने और दबाने लगा.

मैं परमीत के बालों को पकड़कर अपने बूब्स पर दबा रही थी और बोले जा रही थी- वाह मेरे राजा … ऐसे और चूसो परमीत … बहुत मजा आ रहा है!
परमीत मेरे एक एक बूब को पूरा मुंह में लेकर चूसता और फिर काट भी देता और दूसरे बूब को अपने एक हाथ से दबाता जा रहा था.

कुछ देर बाद परमीत मेरे पैरों के बीच आ गया और उसका लन्ड जो पूरा तैयार हो चुका था, उसे मेटर्र चूत पर रगड़ने लगा.

अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.
जोश में मैं अपने होंठों को दबा रही थी, अपनी गांड को उठाते हुए चूत को लन्ड पर रगड़ने में परमीत की मदद कर रही थी.

मेरी चूत में एक अजीब सी गुदगुदी हो रही थी और मैं चाह रही थी कि वह जल्दी अपना लन्ड मेरी चूत में डाल दे.
मैं परमीत की ओर हाथ बढ़ाते हुए उसे इशारा कर रही थी कि वह जल्दी से लंड मेरी चूत में डाल दे!

कुछ देर बाद मैंने अपने दोनों पैर हवा में करते हुए परमीत को इशारा किया कि वह मेरी चुदाई शुरू करे!

परमीत ने अपना लन्ड मेरी चूत पर रखते हुए एक जोरदार शॉट मारा.
उसका लंड पूरा मेरी चूत में घुस गया.
चूत गीली होने के कारण मुझे ज्यादा परेशानी नहीं हुई और मैंने से आसानी से उसके लंड को अपनी योनि में ले लिया.

अब वह मेरी चुदाई में लग गया और मैं अपने दोनों पैरों को हवा में करते हुए उसका लंड अपनी चूत में ले रही थी.

वह मेरे ऊपर लेटे हुए लंड अंदर बाहर कर रहा था और साथ ही मुझे किस, स्मूच भी कर रहा था.

बीच-बीच में वह मेरे बूब्स भी दबा देता अपने हाथों से!
लेकिन चुदाई जारी रखता.

मैं भी पूरे जोश में उसका साथ दे रही थी और परमीत को बोल रही थी- जान और जोर से! सच परमीत … तुम बहुत अच्छे से कर रहे हो!
और फिर मैं राज की तरफ चेहरा कर बोलती- राज कभी भी ऐसे नहीं करता है … परमीत और जोर से!

मैंने अपने पैरों को हवा में कर दिया ताकि उसे मेरी चूत चाटने में आसानी हो!

बीच बीच में परमीत मेरी चूत के दाने को भी हल्का काट देता जिससे मेरी चूत का पानी निकल ही जाता.

अब मेरे चूत के पानी को परमीत ने चाट लिया.

इधर मैं राज को आंखों से चिढ़ा रही थी कि देख लो तुम्हारी प्रिया कैसे अपने आशिक से चुद रही है.

हमारी चुदाई की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी ‘फच फ़च …’
और मैं भी जोश में ‘उफ्फ परमीत … आह आह … उई उई … बस हो गया … अब छोड़ दो … अब नहीं सहा जा रहा!’ यह सब बोलकर मैं परमीत को और जोश में ला रही थी.

करीब 20 मिनट चुदाई के बाद परमीत मुझे जोरदार शॉट मारने लगा.
अब मैं समझ चुकी थी कि परमीत का गिरने वाला है.
तो मैं भी अपने गांड उठा उठा कर उसका लंड अपनी चूत में ले रही थी.

फिर अचानक से परमीत ने अपने दोनों हाथों से मेरे चेहरे को सहलाते हुए और बालों को खींचते हुए अपने अंतिम 10-15 शॉट मारे और अपना वीर्य मेरी चूत में ही डाल कर मेरे ऊपर गिर गया.
वह मेरी गर्दन पर मुंह रखकर बुरी तरह हाम्फ़ रहा था और मैं उसके सर पर हाथ रख उसे सहला रही थी.

और साथ ही एक हाथ राज के हाथों में रखकर दबा रही थी और उसे आँखों से चिढ़ा रही थी- देखो, तुम्हारी प्रिया आज चुद ही गई है तुम्हारे सामने अपने आशिक से!
मैं अपने पति राज को जबान निकलकर चिढ़ा रही थी.

परमीत का लन्ड मेरे पति से छोटा था इसलिए मुझे ज्यादा परेशानी नहीं हुई.
लेकिन मजा तो वाकई आया था.

उसका लन्ड अभी भी मेरी चूत के अंदर ही था.

कुछ देर बाद जब परमीत नॉर्मल हुआ तो खुद ही उसका लंड मेरी चूत से निकल गया छोटा होकर!
और वह मेरे ऊपर से हटते हुए मेरे बगल में लेट गया.

अब मैं परमीत और राज के बीच में लेटी थी और एक हाथ से परमीत को और एक हाथ से राज को सहला रही थी.

कुछ देर बाद राज ने मुझे इशारा किया कि मैं परमीत को और उकसाऊं.
मैं पलट कर आधी उठते हुए परमीत के छाती पर हाथ रखते हुए बोली- मेरा सोना थक गया लगता है. अब इसे फिर से जोश में लाना होगा!
फिर मैं परमीत की छाती पर किस करते हुए नीचे होने लगी और परमीत के लंड को हाथ में लिया जो पूरा मुरझाया हुआ था.

मैं अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी और कहा- देखो, कुछ देर पहले ही इसने मेरी चुदाई की है लेकिन अब कैसे शांत बैठा है!
फिर मैं उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

परमीत फिर से जोश में आने लगा और कुछ ही पलों में उसका लंड पूरी तरह टाइट हो गया.
मैं लॉलीपॉप की तरह उसे चूस रही थी.

परमीत भी अब मेरे सर पर अपने हाथ रखकर दबाव बनाने लगा और बोलने लगा- वाह प्रिया, तुम तो बहुत अच्छे से चूस रही हो! मजा आ रहा है!
वह मेरे सर पर दबाव बना रहा था.
उसका लन्ड मेरे मुंह में अंदर तक जा रहा था.

कुछ देर बाद परमीत ने उठकर मेरे पीछे आ गया और बोला- चल प्रिया अब कुतिया बन जा और देख फिर!

मैं कुतिया बनकर तैयार हो गई ताकि परमीत अपना लन्ड मेरी गांड में डाल सके.

परमीत ने पीछे से मेरी गांड को सहलाने लगा और कुछ देर बाद मेरी गांड पर जोर जोर से थप्पड़ मारे.
लेकिन मुझे उसकी इस हरकत पर भी दर्द नहीं हुआ बल्कि मजा आया.

अब परमीत ने थूक लगाकर मेरी गांड में उंगली डाली.
मुझे बहुत अजीब लगा … लेकिन एक उत्सुकता भी थी.

जब मेरी गांड हल्की गीली हो गई तो परमीत ने अपना लन्ड मेरी गांड पर सेट किया और हल्का सा पुश किया.
उसके लन्ड का टोपा मेरी गांड में जा चुका था.

अब वह धीरे धीरे अपने लंड को मेरी गांड में डालने लगा और कुछ समय बाद जब उसका लंड पूरी तरह मेरी गांड में चला गया.

तब परमीत ने मेरे गांड पर फिर से चांटे मारते हुए कहा- प्रिया, अब तैयार हो जाओ क्योंकि अब तुम्हें दर्द और मजा दोनों ही आने वाले हैं.
मैंने उसकी ओर मुड़कर हंसते हुए इशारा किया और कहा- आज प्रिया पूरी तरह तैयार है!

परमीत मेरी गांड में लंड अंदर बाहर करने लगा.
कुछ ही समय में उसकी स्पीड बढ़ गई.

सारे कमरे में हमारी आवाज़ गूंजने लगी.
मेरे मुंह से भी आवाजें निकल रही थी और मुझे असीम आनंद आ रहा था.
और मैं बार-बार बोल रही थी- परमीत, ऐसे ही करते रहो! और जोर से … और जोर से! हां परमीत, मजा आ रहा है. करो … अपनी पूरी ताकत लगा दो! आह आह … परमीत जोर से करो!

और परमीत वैसे ही कर रहा था.
कुछ समय बाद परमीत के हाथ मेरी गांड से होते हुए मेरी पीठ और कमर को पकड़कर गांड चोदने में लग गया.

अब हम दोनों ही पूरी मस्ती में आ चुके थे.

परमीत ने आगे हाथ करते हुए मेरे बालों को पकड़ कर अपने हाथों में घुमाया और फिर एक घोड़े की तरह चाबुक मारते हुए मेरी गांड पर थप्पड़ लगाकर बालों को खींचते हुए मेरी गांड मार रहा था.

वह मुझे पूरी मस्ती दे रहा था और मैं मदहोशी में जोर-जोर से आवाज निकाल रही थी.

परमीत के बाल खींचने के कारण मेरी गर्दन ऊपर को हो गई तो मुझे दर्द भी हो रहा था.

कुछ देर बाद उसने मेरे को बालों को छोड़ दिए, मेरी पीठ दबाकर मुझे बेड से टिका दिया और खड़ा होकर मेरी गांड में लंड डालकर मुझे पेलने लगा.

मैं तो बस अपने मुंह से आवाजें निकाल रही थी, पूरा कमरा मेरी आवाजों से गूंज रहा था.

मैंने अपना चेहरा राज की तरफ किया.
वह खुली आंखों से अपनी वाइफ की चूत गांड देख रहा था और मैं मुस्कुराती हुई राज को चिढ़ा रही थी.

मेरे पैर परमीत की चुदाई के कारण कांपने लगे थे और मैं तो मानो स्वर्ग की सैर कर रही थी.

परमीत बोल रहा था- प्रिया, तेरी चुदाई में बहुत मजा आ रहा है. मेरी बीवी ऐसे नहीं चुदाती!
और मैं परमीत को बोल रही थी- हां परमीत, मुझे अपनी बीवी समझ लो … किसने मना किया है. तुम हमेशा ऐसे ही मुझसे मिलने आओ और हमेशा ऐसे ही मुझे चोदना. तुम्हारे साथ बहुत अच्छा लग रहा है.

परमीत बोला- हाँ मेरी रानी, अभी तो शुरुआत है!
लेकिन परमीत ने मुझे चोदने की गति कम नहीं की.

फिर परमीत बोला- प्रिया, मेरा निकलने वाला है!
और अपने अंतिम शॉट पूरी जी जान से मारते हुए ना सारा वीर्य मेरी गांड में निकाल दिया.

हम लोग उसी पोजीशन में लुढ़क गए.

मेरी वाइफ की चूत गांड पर आप अपने विचार मुझे भेजते रहिये.
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