पड़ोसन भाभी की वासना और चुदाई

वासना हॉट भाभी कहानी में मैं पड़ोस की भाभी के घर जाया करता था. एक दिन वे मेरे सामने सिर्फ पेटीकोट में आ गयी. मेरा लंड खड़ा हो गया.

दोस्तो, मेरा नाम मयंक है और मैं राजस्थान के जयपुर जिले से हूँ.
मेरा शरीर अच्छा है, मेरी हाइट 6 फुट है. मेरे लंड का साइज 7 इंच है और ये 3 इंच मोटा भी है.

दोस्तो, मुझे मोटे बूब्स वाली भाभियां और आंटी ही पसंद हैं.

यह वासना हॉट भाभी कहानी आज से 4 साल पहले की है. उस वक्त मेरी उम्र 24 साल थी.

मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती हैं.
भाभी का नाम प्रीति है … यह नाम बदला हुआ है.

प्रीति भाभी बहुत मस्त माल जैसी हैं, उनका फिगर 36-32-38 का है.

उनके 2 बच्चे हैं और उनकी उम्र लगभग 32 साल की रही होगी.
भाभी की हाइट 5 फुट 7 इंच की है और वे थोड़ी मोटी हैं.

हुआ यूँ कि जब वे अपने घर के बाहर आकर झाड़ू लगाती थीं, उस वक्त उनके बड़े बड़े दूध ब्लाउज से बाहर निकलने को बेताब दिखाई देते थे.
मैं उन्हें देखता रहता था और मेरी कामुक नजरें उनके हिलते हुए मम्मों पर ही टिकी रहती थीं.

मैं उनके घर अक्सर आया-जाया करता था.
उन्हें कुछ भी काम होता था तो वे मुझे ही बोलती थीं क्योंकि भैया के पास समय ही नहीं रहता था.
भैया का अपना बिजनेस था तो वे उसी में व्यस्त रहते थे.

एक दिन की बात है. मैं उनके घर गया था.
भाभी उस टाइम घर पर अकेली थीं.
भैया अपने काम से गए हुए थे और बच्चे स्कूल गए हुए थे.

भाभी अपने परिवार से अलग रहती थीं, तो बच्चों और पति के चले जाने के बाद भाभी घर में अकेली ही रहती थीं.

जब मैं भाभी के घर गया, तब घर का गेट खुला हुआ था.
मैं बेधड़क अन्दर घुसता चला गया.

भाभी उस समय बाथरूम में थीं और पानी गिरने की आवाज से साफ समझ आ रहा था कि वे अन्दर नहा रही हैं.

मैंने भाभी को आवाज लगाई तो उन्होंने कहा- थोड़ी देर बैठ जाओ, मैं अभी नहाकर आती हूँ!

जब भाभी बाथरूम से बाहर आईं तो वे पेटीकोट पहनी हुई थीं और अपने मम्मों के ऊपर टॉवल डालकर बाहर आई थीं.
वे बाथरूम से निकल कर सीधे अपने कमरे में चली गईं.

जब मैंने उनको इस हालत में देखा तो मेरा लंड पैंट में खड़ा हो गया.

मैं लौड़े को ठीक कर रहा था, तभी भाभी आ गईं और उन्होंने मुझे ऐसा करते देख लिया.

भाभी ने कहा- मयंक, तुम सही समय पर आ गए … मैं तुम्हें ही बुलाने वाली थी.
मैंने मुसकुराते हुए कहा- सही समय तो नहीं था भाभी … आप नहा कर जिस हालत में बाथरूम से बाहर निकली थीं, वह क्या सही था?

वे हंस दीं और बोलीं- हां मुझे मालूम होता कि तुम आने वाले हो तो मैं कपड़े लेकर ही बाथरूम में जाती.

मैं हंस दिया और मैंने कहा दिया- आपको देख कर मुझे अच्छा लगा … आप बहुत सुंदर हैं भाभी जी!
भाभी ने हंस कर कहा- अच्छा … क्या सुंदर लगा तुझे?

मैंने कहा- आप सब समझती हैं भाभी जी कि मुझे क्या सुंदर लगा होगा!
वे हंसने लगीं और बोलीं- अब तेरी मम्मी से बात करनी पड़ेगी कि तुम बड़े हो गए हो … शादी करवा दो तुम्हारी!

मैंने कहा- हां बड़ा तो हो गया हूँ भाभी मगर अभी शादी की उम्र नहीं हुई है.
वे कुछ नहीं बोलीं और मुझे सामान की लिस्ट देती हुई समझाने लगीं कि क्या क्या लाना है.

मैंने भाभी की जरूरत का सामान बाजार से लाकर उन्हें दिया और उनसे फिर से थोड़ी बहुत बात करके अपने घर वापस आ गया.

अब ऐसा अक्सर ही चलने लगा था.
मैं जानबूझ कर भाभी के घर में उसी वक्त जाने लगा था, जब वे नहा रही होती थीं.

वे भी अक्सर सिर्फ पेटीकोट को ही अपने मम्मों पर चढ़ा कर बाथरूम से बाहर आ जाती थीं और अब तो वे एकदम से कमरे में भी नहीं जाती थीं.

कुछ पल मेरे सामने रुक कर मुझे अपने गीले पेटीकोट से भीगे हुए स्तनों और चूचुकों का दीदार करवातीं, फिर कमरे में जातीं.
मेरा लंड खड़ा होकर भाभी को अपना फूला हुआ रूप दिखा देता.

ऐसा कई दिनों तक चलता रहा.

मेरे मन में उनको चोदने का ख्याल आ गया था और मैं रोज रात को उनको याद करके मुठ मारने लगा था.

फिर एक दिन ऐसा हुआ कि भाभी ने तो ये सोचा भी नहीं होगा कि ये क्या हुआ.

दरअसल उस दिन की बात है, भैया के फेसबुक पर उनके स्टेटस में किसी लड़की की फोटो लगी हुई थी.
उसमें उस लड़की के बूब्स दिख रहे थे.

मैंने अपने मोबाइल में भैया का स्टेटस देखा तो मैंने सोचा भैया ने ये क्या लगा रखा है!

मैं भाभी के घर जाने लगा कि भाभी को बताऊंगा.
उस समय भैया घर पर नहीं थे और भाभी भी घर पर अकेली थीं.

मैं उनके घर में अन्दर चला गया.
उस समय भाभी सोफे पर बैठकर टीवी देख रही थीं.

मैं भी उनके पास जाकर बैठ गया.

मैं धीरे धीरे सरकने लगा और भाभी के पास जाने लगा.
वे मेरी तरफ देखने लगीं तो मैं उनको वह भैया वाली मोबाइल की बात बताने लगा.

वे बोलीं- ऐसा नहीं हो सकता!
मैंने उनको वह फोटो दिखाई तो भाभी की आंखें फट कर रह गईं.

उस समय मैंने भाभी से कहा- ये आपकी फोटो तो नहीं है?
भाभी हंस कर बोलीं- मेरे इतने बड़े नहीं हैं, तूने देखे तो हैं!

जब उन्होंने कहा कि मैंने देखे हैं, तो मैंने उनके मम्मों को घूर कर देखा और कहा- फिर भैया ने ये किसकी फोटो लगा रखी है?

तो उन्होंने आंखें मटका कर कहा- मुझे क्या पता!
उनकी इस अदा को देख कर मैं उन्हें सवालिया नजरों से देखने लगा.

भाभी ने कहा- मुझे क्या घूर रहे हो?
मैंने कहा- तो क्या आपके इन गुब्बारों को देखूँ?

वे हंस दीं और उन्होंने अपने दोनों दूध हिला कर एक अश्लील सा इशारा दिया.

उनके इतने साफ इशारे को मैं समझ गया कि भाभी मूड में हैं.
बस मैंने न जाने किस झौंक में कह दिया- भाभी आप अपने बूब्स खोल कर दिखाओ ना … मैं भी तो देखूँ कि आपके कितने बड़े हैं?

भाभी ने यह सुना तो वे बस मुझे एक बार देख कर चुप रह गईं.

उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा.
उनकी मूक सहमति सी जान पड़ रही थी.

तभी मैंने अपने हाथ आगे बढ़ाए और भाभी के बूब्स पर रख दिए.

वे अभी भी कुछ नहीं बोलीं.
तो मैं धीरे-धीरे उनके मम्मों को दबाने लगा.

पहले तो भाभी असहज सी हुईं, मगर वे चुप रहीं.

हालांकि थोड़ी ही देर में भाभी को भी मजा आने लगा तो वे मेरे हाथों को पकड़ कर अपने मम्मों को मसलवाने लगीं.

जब भाभी की तरफ से रिस्पॉन्स मिलने लगा तो मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा.

कुछ 20 मिनट तक मैं उनके साथ ये सब करता रहा.
उनको भी मजा आने लगा.

तभी किसी के आने की आवाज आई और हम दोनों अलग अलग होकर दूर होकर बैठ गए और टीवी देखने लगे.
दरवाजे पर कोई कोरियर वाला आया था तो वह डाक देकर चला गया.

अब मैंने वापस भाभी को देखा तो वे उठ कर चली गईं.
मैंने कहा- क्या हुआ भाभी, आओ न!

वे बस हंस कर अपने कमरे में चली गईं और उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया.
मैं समझ गया कि आज के लिए इतना ही काफी था.

उसके बाद से हमारा ये सब चलता रहा.

फिर एक दिन भाभी ने मुझे फोन करके अपने घर बुलाया.

जब मैं वहां गया तो देखा भाभी घर पर अकेली ही थीं और वे रसोई में कुछ काम कर रही थीं.
मैंने अन्दर जाकर उनको पीछे से पकड़ लिया और उनके बूब्स पकड़ कर दबाने लगा.

उन्होंने हंस कर कहा- अरे, आते ही शुरू हो गए … क्या हो गया तुमको!
मैं कुछ नहीं बोला, बस धीरे-धीरे भाभी के बूब्स दबाने लगा और उनके गले पर किस करने लगा.

तभी मेरा एक हाथ उनकी चूत पर चला गया और मैं साड़ी के ऊपर से उनकी चूत को मसलने लगा.
उनका भी जोश चढ़ने लगा, वे मुझसे चिपक गईं और हम दोनों चूमाचाटी करने लगे.

अब मैं उनको बेडरूम में ले गया और उनकी साड़ी को उतारने लगा.
भाभी भी राजी थीं तो वे भी साड़ी उतरवाने में साथ देने लगीं.
साड़ी के बाद मैंने उनके ब्लाउज को भी उतार दिया.

वे बस मुझे हॉट वासना से देखी जा रही थीं.

धीरे-धीरे करके मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए.
उन्होंने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए.

अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.

जब उन्होंने मेरा लंड देखा तो बोलीं- इतना बड़ा … इतना बड़ा तो आपके भैया का भी नहीं है!
मैंने कुछ नहीं कहा, बस अपनी दो उंगलियां उनकी चूत में डाल दीं और हिलाने लगा.

उनको ज्यादा हॉट वासना, जोश चढ़ने लगा.
उनसे रहा नहीं गया.

वे भी मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगीं और बोलने लगीं- अब डाल दो इसको मेरी चूत में … अब नहीं रहा जाता … चोद दो मुझे बना लो अपनी रांड!

फिर मैंने भाभी को बेड पर लेटा दिया.
वे अपने दोनों पैर फैला कर लेट गईं और चुत सहलाने लगीं.

मैंने उनकी टांगों के बीच में आकर पोज सैट किया और उनकी चूत पर अपनी जीभ रख कर चुत रगड़ दी.

वे एकदम से सिहर गईं और बोलने लगीं- अब डाल भी दो यार अपना लंड चूत में … क्यों तड़पा रहे हो?

फिर जैसे ही मैंने अपना 7 इंच का लंड उनकी चूत पर लगाया तो वे चुत को उठाती हुई लंड को टच करने लगीं.
मैंने चुत की फांकों में लौड़े के सुपारे को सैट किया और एक जोर का झटका दे मारा.

चुत पहले ही पानी पानी थी, तो मेरा आधा लंड उनकी चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया.
भाभी की एक जोरदार ‘आह्ह्ह’ निकल गई.

उन्होंने मुझे पकड़ कर रोका और कहा- धीरे धीरे चोदो न!
अब मैंने धीरे-धीरे झटके मारना चालू कर दिए और वे मस्त होने लगीं.

जब भाभी ने नीचे से अपनी कमर उठाते हुए झटके दिए तो मैं उनको जोर-जोर से चोदने लगा.
अब भाभी मेरा पूरा साथ दे रही थीं और मुझे चूम रही थीं.

मैं भी भाभी की चुत चुदाई के साथ साथ बीच-बीच में उनके दूध दबाते हुए चूसता भी जा रहा था, जिससे हम दोनों को चुदाई का ज्यादा मजा आ रहा था.

चुदाई के बीच में एक बार उन्होंने पानी भी छोड़ दिया था.
पर मैं लगा रहा … मेरा अभी हुआ नहीं था.

भाभी बस ‘आह आह आह’ कर रही थीं.
कुछ देर बाद भाभी वापस गर्मा गईं और मेरे लौड़े को लीलने लगीं.

करीब 25 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए.

मैंने अपना पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया.
चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही ऐसे लेटे रहे.

मैंने भाभी को फिर से किस किया, उन्होंने भी मुझे किस किया.
उसके बाद दोनों कपड़े पहने और मैं अपने घर आ गया.

उसके बाद से भाभी को जब भी मौका मिलता, वे मुझे फोन कर देतीं और मैं उनके घर जाकर उनकी चुदाई कर लेता.

आज भी हमारा ये खेल चल रहा है, किसी को कुछ नहीं पता.

कभी वे मेरे घर आ जाती हैं. तो कभी मैं उनके घर जाकर उनकी चुदाई का मजा ले लेता हूँ.

दोस्तो, मैं आज पहली बार अपनी इस सच्ची सेक्स कहानी को आप लोगों के बीच लेकर आया हूँ.
वासना हॉट भाभी कहानी में अगर कोई गलती हो तो प्लीज मुझे सपोर्ट करें ताकि मैं और भी लिख सकूँ.
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