पति के दोस्त के बड़े लंड से चुदकर रात रंगीन की

देसी सेक्सी Xxx कहानी में एक तो मेरे पति का लंड छोटा, ऊपर से उनके बिज़नस से फुरसत ना मिलने से मेरी चूत की प्यास नहीं बुझती थी. एक दिन उनका एक दोस्त हमारे घर आया.

यह कहानी सुनें.

मेरा नाम आशा है. मैं अपने पति के साथ जयपुर में रहती हूँ.

आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ.

मेरी शादी को एक साल हो गया था.
मैं और मेरे पति राहुल जी गांव से शहर में रहने लगे थे.
हम दोनों अकेले ही रहते थे.

मेरे पति दुकान में काम करते थे और ज्यादातर समय वहीं बिताते थे इसलिए मुझे सेक्स का पूरा मजा नहीं मिल पाता था.

मेरे बूब्स का साइज 34 है. मैं दिखने में बहुत सुंदर और हॉट हूँ.
मेरे पति मेरे साथ सेक्स का बहुत मजा लेते हैं मगर उनका लंड बहुत छोटा है, सिर्फ 4 इंच का!

इस वजह से मुझे अपने पति से चुदने में ज्यादा मजा नहीं आता था लेकिन हम दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे.
ऐसे ही हमारा जीवन चल रहा था.

यह देसी सेक्सी Xxx कहानी तब बनी जब एक दिन मैं और मेरे पति घर पर थे, तभी उनका दोस्त सूर्या हमारे घर आया.

मैं दरवाजा खोलने गई.
जैसे ही मैंने दरवाजा खोला, वह मुझे देखते ही रह गया.
यह मेरी उससे पहली मुलाकात थी.

मैं भी उसे देख रही थी.
वह किसी हीरो से कम नहीं था, उसका शरीर भी बहुत मस्त था.

फिर मेरे पति ने उसे अन्दर आने को कहा तो वह अन्दर आ गया.

मेरे पति उससे बोले- बता भाई … क्या काम है?

वे लोग काम की बात करने लगे.

मैं अपने पति के बगल में बैठी थी.
सूर्या बस मुझे ही देखे जा रहा था.

फिर मेरे पति ने मुझे कहा- बेबी, जा चाय बना.
मैं चाय बनाने चली गई.

मैं चाय बनाकर लाई और सूर्या जी को दी.
उसने चाय पी और बोला- भाभी, चाय तो मस्त है!

मैंने कहा- थैंक्यू सूर्या जी.
फिर वह बोला- भाभी, आप बहुत सुंदर हो!
मैं शर्मा गई.

उसने मेरे पति से कहा- राहुल, तुम बहुत किस्मत वाले हो जो इतनी हॉट बीवी मिली है!
मेरे पति ने हंसकर कहा- हां, हमने लव मैरिज की है.

मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते थे.
वे दोनों दुकान के बारे में बात करने लगे.

सूर्या की नजर मुझसे हट ही नहीं रही थी.
थोड़ी देर बाद बात करने के बाद सूर्या और मेरे पति दुकान के लिए निकल गए.

मैंने उन्हें विदा कहा.

मैं अपने घर के काम में लग गई.
मगर मुझे सूर्या बहुत अच्छा लगा था.

मैं काम कर ही रही थी कि दो घंटे बाद सूर्या फिर से हमारे घर आ गया.

मैंने कहा- क्या हुआ जी? फिर कैसे आए हो?
सूर्या बोला- भाभी जी, मैं अपना रूमाल यहीं भूल गया था!

रूमाल तो बस बहाना था.

मैंने उन्हें बैठने को कहा और चाय-नाश्ते के लिए पूछा.

सूर्या बोला- भाभी, वह सब रहने दो!
मैंने कहा- ठीक है सूर्या जी!
फिर सूर्या बोला- भाभी, मुझे आपका नंबर मिल सकता है?

मन ही मन मैं खुश हो गई!
फिर भी मैंने पूछा- आपको मेरा नंबर क्यों चाहिए?
सूर्या बोला- भाभी … बात करने के लिए और कुछ काम के लिए!

मैंने ‘ठीक है.’ कहकर नंबर दे दिया.
सूर्या बोला- मैं बीच-बीच में कॉल करूँगा भाभी!
मैंने कहा- ठीक है जी!

फिर वह घर से चला गया.

मैं आपको बता दूँ कि जब सूर्या हमारे घर आया था, तब मेरे बड़े-बड़े बूब्स देखकर उसका लंड थोड़ा खड़ा हो गया था!
मैंने उसका लंड पैंट के बाहर से ही देख लिया था.
मुझे उसका लंड बहुत बड़ा दिखा था!

मन ही मन मैंने सोच लिया था कि उनका लंड देखना है, चाहे कुछ भी करना पड़े!

फिर मैं अपने काम में लग गई.
रात को मेरे पति आए और हम दोनों ने खाना खाया.
उसके बाद मेरे पति सेक्स करने के मूड में थे.

उन्होंने मुझे कहा- बेबी, चल ना … एक बार हो जाए!
मैं भी पूरे जोश में थी!

मैं अपने पति को पकड़ कर किस करने लगी और उनका लंड अपनी चूत में डाल लिया.
वे जोर-जोर से चुदाई करने लगे.

उनका लंड बहुत छोटा था.
मैं सूर्या के लंड के बारे में सोचती रही कि उसका कितना बड़ा होगा!
मेरे दिमाग में बस वही घूम रहा था.

करीब 10 मिनट सेक्स करने के बाद मेरे पति झड़ गए और सो गए.
मगर मेरी चूत की गर्मी बहुत बढ़ गई थी.

मैंने सूर्या को याद किया और अपनी उंगली चूत में डालने लगी.
करीब 5 मिनट करने के बाद मैं झड़ गई और सो गई.

सुबह मैं उठी और अपने काम में लग गई.
मेरे पति नाश्ता करके दुकान के लिए निकल गए.

उनके गए अभी कुछ ही पल हुए थे कि सूर्या का कॉल आ गया!

मैं बहुत खुश हो गई!
मैंने कॉल उठाया.

सूर्या बोला- भाभी, क्या कर रही हो?
मैंने बताया- काम और बस … आप बताओ!

वह ऐसे ही इधर-उधर की बात करने लगा.

हम दोनों घंटों तक बात करने लगे.
रोज हमारी बात होने लगी.
हम दोनों सेक्सी बात भी खुल कर करने लगे थे.

एक दिन बात करते-करते मैंने सूर्या से पूछ लिया- जब आप मेरे घर आए थे, तब आपका लंड खड़ा था ना?

सूर्या बोले- हां भाभी, आपको देखते ही मेरा ये छोटा लंड खड़ा होने लगता है!
जब वह अपने लंड को छोटा बोला, तो मैंने पूछ लिया- आपका कितना बड़ा होगा सूर्या जी? 9 इंच होगा?

सूर्या बोला- नहीं भाभी, 8 इंच का होगा!
मैं हंसते हुए बोली- इतना बड़ा लंड लेकर घूम रहे हो और उसे छोटा बोल रहे हो जी!

सूर्या बोला- भाभी, यह आपके लिए शायद बड़ा नहीं होगा!

मैंने बात करते-करते उससे लंड की फोटो भेजने को कहा.
वह बाथरूम में गया और उसने अपने लंड का एक फोटो भेज दिया.

मैं उसका लंड देख कर पागल हो गई!
एकदम गोरा लंड, जो किसी की भी चूत फाड़ दे, वैसा था उसका औजार!

मैं बोली- मस्त है जी! मेरे पति का तो इसका आधा भी नहीं है!
वह हंसने लगा.

फिर सूर्या ने मेरे बूब्स की फोटो मांगी.
मैं शुरू-शुरू में डर रही थी, मगर फिर भेज दी.

सूर्या मेरे बूब्स देखते ही बोला- भाभी आपके दूध तो बहुत बड़े बड़े हैं! आपके पति को तो इन्हें चूसने में मसलने में बहुत मजा आता होगा!
मैं बोली- हां वे मेरे दोनों बूब्स का पूरा मजा लेते हैं!

उसने फिर चूत दिखाने को कहा.
मैंने मना करते हुए कहा- अभी वहां जंगल है, फिर कभी देख लेना!

वह मान गया.

हम लोग रोज ऐसी ही हॉट बातें करके एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे.

मैं अपने पति से बहुत प्यार करती थी, ये सच है.
मगर मुझे सूर्या के बड़े लंड का मजा लेना था.

सब कहते थे कि बड़े लंड का मजा अलग होता है, इसमें दर्द के साथ बहुत मजा आता है.
बस मैं उसी मजे के लिए ऐसा कर रही थी!

एक दिन सूर्या बोला- भाभी, मुझे आपसे अकेले में मिलना है!
मैंने कहा- कहां मिलेंगे? मुझे कहीं बाहर जाने में दिक्कत होती है जी!

वह बोला- जब भी मौका मिले, बता देना भाभी.
मैंने कहा- ठीक है!

फिर एक दिन गांव से कॉल आया कि हमारे घर में कोई बीमार है.
मेरे पति ने मुझसे कहा- चल, गांव जाकर आते हैं!

मैं ये मौका खोना नहीं चाहती थी.
मैंने उनसे कहा- आप गांव जाओ, मैं यहां सब देख लूँगी. यहां भी किसी का होना जरूरी है!
वे बोले- सच में रह लेगी ना? डर तो नहीं लगेगा बेबी?

मैंने कहा- क्या डर? इतना बड़ा शहर है! बगल में मेरी सहेली का घर है, मैं वहां चली जाऊंगी!
वे मान गए और बोले- ठीक है बेबी, मैं परसों आ जाऊंगा. कुछ भी लगे तो मुझे कॉल कर देना!

मैंने ‘ठीक है जानू!’ कहकर अपने पति को अपनी बांहों में भर लिया और किस करने लगी!

तब मेरे पति ने मुझे वहीं पर घोड़ी बना दिया और मेरे दोनों दूध अपने हाथों में पकड़ कर जोर-जोर से चोदने लगे.

फिर उनका माल झड़ गया.
उन्होंने कपड़े पहने, मुझे किस किया और गांव चले गए.

उनके जाते ही मैंने अपने दीवाने सूर्या को कॉल किया.

मैंने उससे कहा- आज हमारा घर खाली है. मेरे पति आज गांव चले गए हैं. तुम आज आ जाना, हम मजे करेंगे!
इतना सुनते ही वह बहुत खुश हो गया और बोला- ठीक है भाभी!
फिर उसने कॉल काट दी.

मैं अपनी तैयारी में लग गई.
मैंने अपनी चूत के बाल साफ किए और उसे अच्छे से धोया ताकि आज सूर्या को अपनी चूत चटवाने को कहूँ!

मेरे पति ने कभी मेरी चूत नहीं चाटी थी और न ही मैंने कभी उनका लंड चूसा था.

कुछ समय बाद सूर्या आ गया.
मैं दरवाजा खोलने गई.

उसके हाथ में एक गुलाब का फूल भी था.
मैं मस्त हॉट और सेक्सी कपड़ों में थी, जिसमें मेरे बूब्स थोड़े ज्यादा खुले खुले दिख रहे थे.

सूर्या तुरंत मेरे बूब्स दबाने लगा और मुझे किस करने लगा.

मैंने कहा- रुक जाओ सूर्या, पहले अन्दर तो आ जाओ, फिर करते रहना. बाहर कोई देख लेगा तो गड़बड़ हो जाएगी!

वह मान गया और अन्दर आ गया.

मैंने उससे कहा- मैं तुम्हारे पसंद की खीर और पूड़ी बनाकर लाती हूँ, तुम बैठो!

मगर सूर्या नहीं माना.
वह मेरे साथ किचन में आ गया.
वह मुझे पीछे से पकड़ कर मेरे मम्मों से खेल रहा था जबकि मैं खीर बना रही थी!

फिर मैंने उससे कहा- तुम जाओ, मैं आती हूँ!
वह बाहर चला गया.

मैंने मस्त खीर बना ली.

कुछ देर बाद सूर्या फिर से आ गया और बोला- अब तो खीर भी बन गई भाभी! अब आप मुझे खीर खिला दो, वह भी अपने दूध के साथ!

मैं हंसते हुए बोली- अच्छा जी! इतनी भी क्या जल्दी? पूरी रात बाकी है अभी तो!

सूर्या बोला- आज पूरी रात मैं आपकी चूत में डूबा रहूँगा भाभी!
मैंने कहा- ठीक है!

फिर सूर्या मुझे किस करते-करते उठाकर बेडरूम में ले गया और बेड पर पटक दिया!
मैं मीठी आवाज से उसे उत्तेजित करती हुई बोली- आ ऊं आह …

उसने मुझे अपनी गोद में बिठाकर किस करना शुरू किया.
उसका किस इतना जोरदार था कि लगा मानो वह मेरे होंठ खा ही लेगा, कोई भूखा शेर जैसा चूस रहा था वो.

सूर्या एक हाथ से मेरे निप्पल दबा रहा था और दूसरे हाथ से मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी चूत मसल रहा था.

उसका ऐसा करना मुझे बहुत जोश में ले आया.
मैं उसे पागलों की तरह किस करने लगी!

मेरे मुँह से आवाजें निकलने लगीं- ऊ उ ऊ आ आ आ .. सूर्या, प्लीज!
मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी.

फिर सूर्या ने मेरे कपड़े निकाल कर फेंक दिए.
मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.

सूर्या ने भी अपने कपड़े उतार दिए.
वह मेरे बूब्स को ब्रा से बाहर निकाल कर जोर-जोर से चूसने और पीने लगा.

उसका ये सब करना मुझे बहुत मजा दे रहा था!

फिर मैंने सूर्या से कहा- सूर्या ये खीर कब खाओगे?
उसने जोश भरी आवाज में कहा- ऊंऊऊ भाभी, बहुत मजा आ रहा है! आपके ये बड़े-बड़े थन और खीर को मैं अपने होंठों में लगाकर बहुत जोर-जोर से चूस रहा हूँ!

उसने खीर को मेरे बूब्स पर लगाया और मेरे दोनों बूब्स को बहुत मजे से चूसने लगा.

ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरे बूब्स को खा ही जाएगा!
मैं भी पूरे जोश के साथ उसका साथ दे रही थी.

मैं बोल रही थी- सूर्या आह और जोर से चूसो … आ आ आ … बहुत मजा आ रहा है … आज मेरे दोनों बूब्स को खा जाओ सूर्या!
वह बोला- हां भाभी, आज आपके ये दोनों दूध मैं खा ही जाऊंगा … ऐसा मजा मुझे पहली बार मिला है भाभी.

‘हां सूर्या मुझे भी बहुत मजा आ रहा है! ऐसा मजा मेरे पति नहीं देते हैं … आह चूसो और चूसो मेरे राजा!

फिर सूर्या ने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया और बेड पर लिटा लिया.
वह खुद भी पूरी तरह नंगा हो गया.

सूर्या ने मेरी पैंटी खोल कर जैसे ही मेरी चूत देखी, वह पूरी तरह गीली हो चुकी थी.
वह बोला- भाभी, आपकी चूत तो पूरी रसीली हो चुकी है! आप पूरी तरह मूड में हो … ऐसा लग रहा है!

मैंने कहा- हां सूर्या, तुमने मेरा पूरा मूड बना दिया! आज मेरी गर्मी तुम ही शांत कर सकते हो मेरे राजा! अब मुझे और मत तड़पाओ, अपना मोटा लंड मेरी चूत में डालो मेरे हीरो!
सूर्या बोला- भाभी, अभी मुझे रोमांस करने दो! फिर आपको असली मजा दूँगा.

मैंने कहा- ठीक है सूर्या आह!
फिर सूर्या ने मेरी चूत में अपनी उंगली घुसाई.
शुरू में दो उंगलियों से धीरे-धीरे अन्दर-बाहर किया.

मेरे मुँह से आवाजें निकलने लगीं- आह आह.

फिर सूर्या ने चार उंगलियों से जोर-जोर से अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगी- आहह आहह ऊ ऊ ऊ ऊ … प्लीज सूर्या जी, धीरे करो ना … बहुत दर्द हो रहा है!

मैं बहुत हाथ-पैर मारने लगी, फिर भी वह करता रहा.
लगभग पांच मिनट तक वह बिना रुके ऐसा करता रहा.

फिर उसने खीर को मेरी चूत पर लगाया और जोर-जोर से मेरी चूत चाटने लगा.
मैं पूरे जोश में थी.

मैंने उसके बाल पकड़ लिए और खूब चूत चटवाई.
वह मेरे बूब्स दबा रहा था और चूत चाट रहा था.

फिर सूर्या ने खीर को अपने लंड पर लगाया और मेरे मुँह के पास ले आया.

मैंने उसे मना करना शुरू किया क्योंकि मैंने आज से पहले कभी किसी का लंड नहीं चूसा था.
मैंने अपने पति का भी कभी नहीं चूसा था.

फिर भी सूर्या नहीं माना और उसने अपना 8 इंच का लंड मेरे मुँह में डाल दिया!
मैं उसका आधा लंड ही चूस पा रही थी.

सूर्या जोश में बोलने लगा- भाभी, आपका मुँह बहुत गर्म है! भाभी, चूसो मेरी जान, चूसो!
मैं चूस रही थी.

फिर सूर्या ने अपना पूरा लंड मेरे मुँह में डाल दिया.

शुरू में मुझे खाँसी आ रही थी.
फिर मैं भी चूसने का पूरा मजा लेने लगी.

फिर सूर्या ने मुझे लिटा दिया और मेरे पैर फैला दिए.
मैं भी जोश में बोलने लगी- सूर्या, अपना साँप जैसा लंड मेरी चूत में डाल दो! अपनी भाभी जान को खुश कर दो!

मगर मेरे मन में डर भी था क्योंकि इतने बड़े लंड से मैं पहली बार चुदवाने वाली थी.

फिर सूर्या ने अपना लंड मेरी चूत में डाला.
उसका आधा लंड जाते ही मैं दर्द से चिल्ला उठी- आहह आह आह … बहुत दर्द हो रहा है ऊउउउ!

मेरे ऐसे बोलते ही सूर्या ने जोर-जोर से धक्के मारकर अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया.
मैं बहुत जोर से चिल्लाई- सूर्या आह मर गई मैं … आह बाहर निकाल … बहुत दर्द हो रहा है!

उसने मेरी एक न सुनी और जोर-जोर से मुझे चोदने लगा.
मैं ‘आ आह आ आ … माई आ आ … ऊ ऊ!’ कर रही थी.

सूर्या मेरी आवाजों से और जोश में आ रहा था.
वह बोला- भाभी, आपकी चूत मेरे लंड को जकड़ रही है!

वह जोर-जोर से चोदे जा रहा था.
फिर मुझे भी मजा आने लगा.

मैं भी अपनी दोनों टांगें हवा में फैलाती हुई चुत चुदवाने का मजा लेती हुई बोलने लगी- आह चोदो मुझे … जोर-जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत … मेरे पति के साथ इतना मजा नहीं आया … आज पहली बार चुत में किसी मर्द का लंड गया है … आह और चोदो … रुकना मत मेरे राजा … फाड़ दे अपनी भाभी की चूत आज!

सूर्या बोला- हां भाभी, फाड़ दूँगा आपकी चूत … आह मुझे बहुत मजा आ रहा है भाभी! आपकी चूत पूरी टाइट है … ऐसी चूत पहली बार चोदने को मिली है भाभी!

मैं सूर्या से बोली- मेरे बूब्स दबाओ और हचक हचक कर चोदो मुझे!

वह मेरे बूब्स दबा-दबाकर जोर-जोर से चोद रहा था.
मैं उसे जोर-जोर से किस कर रही थी.

फिर सूर्या का झड़ने वाला था.
उसने अपना माल जमीन पर गिराना शुरू किया.

मैंने उससे कहा- सूर्या, अपने पूरे माल से आज मुझे नहला दो!
यह सुनते ही उसने अपना सारा माल मेरे मुँह में डाल दिया!

मैंने उसके वीर्य को खा भी लिया.

फिर वह थककर मेरे ऊपर लेट गया.
मैं उसे सहलाती हुई आज बहुत खुश थी.

कुछ समय बाद मैंने उसे फिर उठाया और बोली- आज मुझे चैन से रहने मत दो सूर्या … फुल ताकत से चोदो आज!

इस बार मैं घोड़ी बन गई.
सूर्या ने मेरे बाल पकड़ कर पीछे से अपने मोटे लंड से जोर-जोर से चोदना शुरू किया.

वह मेरे बाल भी खींच रहा था.
मुझे पहली बार किसी मर्द से देसी सेक्सी Xxx करने में इतना मजा आ रहा था!
मैं बहुत चिल्ला रही थी.
पूरा कमरा मेरी आवाजों से गूँज रहा था.

करीब दस मिनट बाद मैं झड़ने वाली थी.
मैं चिल्लाती रही- रुको मत … और जोर से चोदो!

मुझे बहुत दर्द हो रहा था, पर दर्द में ही असली मजा आ रहा था!
फिर मेरा शरीर पूरा हिलने लगा, मेरे पैर कांप गए.
मैंने सूर्या जी को जोर से पकड़ लिया.

मैं पूरी तरह झड़ गई.
फिर मैं थककर उसके ऊपर लेट गई.
ऐसे ही हमने पूरी रात 6 बार चुदाई की.

उस रात मैं अपने पति को भूल गई थी.
पहली बार मुझे इतना बड़ा लंड से ऐसा मजा मिला था.

मेरी चूत पूरी लाल हो गई थी, फिर भी मैं चुदवाती रही.
मजा बहुत आया था.

फिर सुबह हम दोनों उठे.
मैं ठीक से उठ भी नहीं पा रही थी; चूत में दर्द था.
सूर्या ने मेरी जान निकाल दी थी!

फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम में नहाने गए.
वहां भी हमने सेक्स किया.

मेरे पति के आने का समय हो रहा था. मैंने सूर्या से कहा- जल्दी जाओ, नहीं तो मैं तुमसे और चुदवाने का सुख नहीं ले पाऊंगी.

सूर्या घर चले गया और कुछ देर बाद मेरे पति भी आ गए.
दर्द की वजह से मेरे पैर लड़खड़ा रहे थे.

मेरे पति ने पूछा- क्या हुआ बेबी?
मैंने बहाना बनाया- मैं गिर गई थी!

फिर मेरे पति सेक्स करने के लिए मुझे रोमांटिक करने लगे.

मैंने मना कर दिया- थक गई हूँ जानू! रात में करेंगे!
वे मान गए.

अब जब भी मौका मिलता, मैं सूर्या को बुला लेती या उसके पास चली जाती हूँ.

मैं उसके बड़े लंड का मस्त मजा लेती रहती थी.

प्यारे पाठको, यह देसी सेक्सी Xxx कहानी कैसी लगी आपको?
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