भाभी की फिजियोथैरेपी के बाद चुदाई

भाभी फक X स्टोरी में मैं एक भाभी की फिजियोथैरेपी करने उसके घर गया तो उसका हाथ मेरे लंड को छू गया. उसे अच्छा लगा तो वह दिखने को कहने लगी.

सभी मदमस्त भाभियों, आंटियों, और लड़कियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार.

मेरा नाम मोहित है और मैं हरियाणा के रोहतक जिले के सुनारिया गांव का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 28 साल है. मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है.

मेरा कद 5 फुट 7 इंच है और लंड का साईज भी मस्त है. यह सात इंच लंबा और गोलाई में किसी खीरे के जितना मोटा है. यह किसी भी आंटी या भाभी को चोद कर पूरी तरह से खुश कर सकता है.

मैं आज आपके बीच एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ.
यह घटना मेरे साथ हुई थी और उस दौरान कैसे एक भाभी मेरे लंड की दीवानी हो गई थीं.

मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि आप सभी आंटियां, भाभियां और लड़कियां मेरी सेक्स कहानी को पढ़ कर अपनी चूत में उंगली किए बिना नहीं रह पाएंगी, आप सब मेरे लंड की दीवानी हो जाएंगी.

यह भाभी फक X स्टोरी तब की है, जब मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करके फिजियो सेंटर खोला था.
यह सेंटर रोहतक शहर में था.

वहां पर मेरे पास बहुत से मरीज आने लगे थे.

एक बार मेरे पास एक 35 साल की एक भाभी आई. उसका नाम सीमा (बदला हुआ नाम) था.

उसका कद 5 फुट 5 इंच का था.
वह एकदम मस्त माल थी.

उसका भरा हुआ जिस्म और रसभरी चूचियां उसके सूट से बाहर निकलने को बहुत ही बेताब दिख रही थीं. उसे देख कर मैं भी काफी उतेजित हो गया था.

सीमा भाभी के पैर में मोच आ गई थी तो वह अपनी एक पड़ोसन के साथ मेरे पास आई थी.
मैंने उसको कुछ दवाई दी, उसके पैर की मालिश भी की और बाम आदि देकर अपना फोन नम्बर वाला कार्ड दे दिया.

मैंने उससे कहा- जब भी परेशानी हो, आप मुझे फोन कर देना. मैं फिजियो की होम सर्विस भी देता हूँ.
वह चली गई और मैं अपने काम में लग गया.

दो दिन बाद मेरे फोन पर एक कॉल आया.
दूसरी तरफ से आवाज आयी- क्या आप फिजियो वाले डॉक्टर साहब बोल रहे हैं.
मैंने कहा- जी हां, बोलिए!

वह बोली- आपने मुझे पहचाना, मैं सीमा बोल रही हूँ … जो आपके पास फिजियो के लिए आयी थी!
मैंने कहा- हां मैं पहचान गया. बताइए क्या सेवा कर सकता हूँ?

वह बोली- क्या आप फिजियो करने मेरे घर आ सकते हैं?
मैंने कहा- हां जी मैं शाम को 5 बजे आपको कॉल करके आ जाऊंगा.
वह बोली- ठीक है.

मैं शाम को फोन करके उसके घर आ गया.
मैंने घर की घंटी बजाई.
उसने बाहर आकर मुझे देखा और अन्दर बुलाया.

बैठने की कह कर उसने मुझे पानी पिलाया और उसके बाद मेरे सामने बैठ गई.

उसने नाईट सूट पहना हुआ था जिसमें से उसके चूचे तने हुए और गांड मस्त उभरी हुई दिख रही थी.

वह ऐसे चल रही थी मानो मुझे अपना सामान दिखा रही हो.

मेरा लंड खड़ा होने लगा था और ऐसा मन कर रहा था कि इसे पीछे से पकड़ कर इसकी मस्त चुदाई कर दूँ.

वह बोली- आप क्या क्या करते हैं?
मैंने कहा- सब कुछ, फुल बॉडी मसाज भी कर देता हूँ!

यह सुनकर वह बोली- मेरी गर्दन में दर्द है, क्या आप ठीक कर दोगे?
मैंने बोला- जी हां.

तो वह बोली- ठीक है, करो!
मैंने कहा- आप कुर्सी पर सीधी बैठ जाएं.

वह बैठ गई और मैं उसके पीछे चला गया.

जैसे ही मैंने अपना हाथ उसकी गर्दन पर लगाया तो ऊपर से उसकी दूध घाटी दिखने लगी थी.
मैंने देखा कि उसने अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी.

मेरा लंड यह देखकर और टाईट हो गया और पैंट के ऊपर से ही बिल्कुल ऐसा दिखने लगा था मानो कोई मोटा डंडा छिपाया हुआ हो.
मैंने हाथ में बाम लगाई और उसकी गर्दन की मालिश करने लगा.

मैंने उससे पूछा- अब कैसा लग रहा है?
वह बोली- हां, बहुत आराम लग रहा है.

अब हम दोनों आमने सामने बैठ गए और बातें करने लगे.
वह बोली- आप कल दिन में आ सकते हैं?

मैंने कहा- हां ठीक है.
उसने मुझे अगले दिन एक बजे आने को बोला.
मैंने हां बोल दिया और चला गया.

अगले दिन में गया तो वह दरवाजे पर खड़ी मेरा इंतजार कर रही थी.
उसने मुझे देखा और मुस्कुरा दी.

हम दोनों अन्दर आ गए.
आज वह मुझे अपने बेडरूम में ले गयी और बोली- मेरी कमर में दर्द है.
मैंने कहा- ठीक है, आप लेट जाओ.

वह लेट गई.
उसने हॉफ टी-शर्ट पहनी थी और नीचे कसी हुई लैगी पहनी थी.

वह चित लेट गई.
मैंने उसे औंधी लेटने का कहा. वह औंधी हो गई.

मैंने उससे बिना पूछे उसकी टी-शर्ट ऊपर की और मालिश करने लगा.

पजामी में उसकी गांड की दरार साफ दिख रही थी.
उसकी गांड एकदम मस्त और फूली हुई थी.

मैं उसकी कमर से उसके कूल्हों की दरार तक हाथ ले जाने लगा और दरार में अपनी उंगलियां घुसाने लगा.
इससे उसके पैर फैल गए और मेरे हाथ को उसकी टांगों के जोड़ तक आने जाने में सुविधा हो गई.

अब मैं उसके सिर की तरफ से खड़ा होकर हाथ घुमाने लगा.
जब मैं ऐसा कर रहा था तो मेरा लंड उसके सिर को छू रहा था.
शायद उसे भी मजा आ रहा था.

फिर उसका हाथ मेरे लंड पर लगा, तो वह बोली- ये क्या है?
मैं घबरा गया और मैंने कहा- कुछ नहीं.

वह बोली- नहीं, क्या है … मुझे दिखाओ.
मैंने कहा- कुछ नहीं है.

वह बोली- दिखाओ न … मैं भी तो देखूँ कि इतनी देर से मेरे सिर पर क्या टच कर रहा है!
मैंने कहा- नहीं मैडम नहीं, रहने दीजिए न!

वह जिद करती हुई बोली- दिखाओ ना प्लीज … क्या है … क्या आप दिखा नहीं सकते?
मैंने कहा- अच्छा आप पहले अपनी आंखें बंद करो. जब मैं बोलूँ, तब खोलना.

उसने जैसे ही आंखें बन्द की, मैंने फट से पैंट खोली और लंड को बाहर निकाल लिया.
अब मैंने उसको आंखें खोलने को बोला.

जैसे ही उसने आंखें खोलीं, वह एकदम से डर गई और बोली- ओह मॉय गॉड … ये क्या है इतना लंबा और मोटा … मेरे पति का तो इससे आधा भी नहीं है!

मैंने कहा- कैसा लगा आपको, जरा पकड़ो इसको!
अब मेरे अन्दर कोई डर नहीं था. मुझे पूरा यकीन हो गया था कि आज तो मैं इसको चोदने ही वाला हूँ.

उसने डरते डरते मेरे लंड को पकड़ा और मेरे लंड की टोपी को पीछे करने लगी.
लंड का सुपाड़ा एकदम लाल था और लिसलिसे पानी के कारण चमक रहा था.

वह मेरी आंखों से वासना से देखने लगी.
मैं उसकी चुदास को समझ गया और मैंने उसको हाथ पकड़ कर खड़ा कर दिया.

अगले ही पल हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.
वह मेरे लंड को जोर जोर से हिलाने और सहलाने लगी थी.

दोस्तो, सच कह रहा हूँ कि मेरा लंड उसकी मुट्ठी में पूरा नहीं आ रहा था.
मैंने उससे लंड चूसने के लिए कहा तो वह बैठ कर मेरे लंड को मुँह में लेने लगी.

जैसे ही उसकी जीभ ने लंड को टच किया तो एकदम से मेरे अन्दर कंरट दौड़ने लगा.
यह सब मेरा पहली बार था जब किसी भाभी ने मेरे लंड मुँह में लिया था.

वह लंड को मुँह में लेकर आगे पीछे करने लगी.
उसके थूक से लंड चिकना हो गया था.

फिर मैंने उसको सोफे पर गिरा दिया और उसकी टी-शर्ट व लैगी उतार दी.
वह अन्दर से बिल्कुल नंगी थी.

क्या मस्त चूत थी उसकी … बिल्कुल सफाचट चूत थी. उसकी चूत पाव जैसे फूली हुई थी.

मैंने किस किया और उसकी चूत के पास मुँह रख दिया.
अपनी जीभ चूत के अन्दर की, तो वह सिहर उठी.
भाभी आहह आह करने लगी.

फिर मैंने अपनी एक उगंली उसकी चूत में डाली और चाटने लगा.
वह गर्म सिसकारियां लेने लगी और जोर जोर से मेरे सिर को अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैं पहली बार किसी औरत की चूत चाट रहा था.
मैंने पॉर्न मूवी में देखा था, इसलिए मुझे सब पता था क्या करना है.

कुछ देर के बाद वह मुझसे बोली- मोहित जी!
मैं- हां सीमा, बोलो!

सीमा- आपका लंड बहुत बड़ा और मोटा है. मैंने आज तक ऐसा लंड नहीं देखा है.
मैं- देख लो मैडम, आपने ही बोला था कि दिखाओ, तो दिखा दिया. अब आप बताओ क्या करना है?

वह बोली- चुदाई करवाना है, पर आराम से करना!
मैं- ओके जब आप बोलोगी, तब मैं रूक जाऊगा!

सीमा- हां, जब मैं बोलूँ तो रूक जाना … यह वादा करो.
मैं- हां वादा है.

फिर मैंने उसको ऐसे ही सोफे पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगों को उठा कर अपने दोनों कंधों पर रख लीं.
इसके बाद मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और थोड़ा थूक उसकी चूत पर भी लगाया.

अपने लंड का सुपारा मैंने सीमा की चूत पर सैट किया और हल्का सा धक्का लगा दिया.
मेरा लंड फच्च ही आवाज के साथ फिसल गया और सीमा के मुँह से आहहह की तेज आवाज निकल गई.

वह बोली- आह आराम से … दर्द हो रहा है. मुझे चुदे हुए बहुत समय हो गया है. मेरे पति मेरी चूत नहीं मारते हैं. वह बहुत बिजी रहते हैं.
मैंने कहा- ओके … मैं आराम से ही करूंगा.

अब इधर साला किसी भाभी को चोदने का यह मेरा पहला मौका था, तो मैं जल्दी में बिल्कुल नहीं था.
मैंने फिर से लंड को चूत पर सैट किया और आराम आराम से लंड पेलने की कोशिश करने लगा.

मैंने पहले चूत की दरार में सुपारे को घिसना शुरू किया.
इससे भाभी को मस्ती चढ़ने लगी और उसने अपनी चूत को बेखौफ खोल दिया.
चूत ने भी रस छोड़ दिया था जिससे काफी चिकनाहट हो गई थी.

उसी वक्त मैंने हल्का सा जर्क लगाया तो लंड का सुपारा चूत में फच्च की आवाज के साथ घुस गया.
वह अपने हाथों की मुट्ठियां भींच कर ‘आहह …’ करने लगी.

मेरे लंड का सुपाड़ा चूत की फांक में पूरी तरह से फंस गया था.

मैं थोड़ा रूक गया और सीमा को किस करने लगा.
जब मुझे लगा कि अब वह ठीक है तो मैंने फिर से एक जोर का धक्का लगा दिया.

मेरा लंड चूत को चीरता हुआ और उसकी तेज आवाज के साथ आधा अन्दर चला गया.
सीमा जोर से चिल्लाई- उई मम्मी रे मर गई … आहहह फट गई मेरी छोड़ो मुझे … आह साले जानवर … हट मादरचोद.
वह गाली देती हुई धक्का देने लगी.

साथ ही वह कहे जा रही थी- आह मुझे नहीं करवानी थैरेपी … हट जा कमीने.

उसके माथे पर दर्द से पसीना आ गया और आंखों में पानी आया हुआ था.

न जाने क्यों मुझे उसकी इस तरह की गालियों को सुनकर काफी अच्छा लग रहा था.
मैंने उसकी एक ना सुनी.
आज सही मौका था.

मैंने होंठों से होंठ लगाकर एक जोरदार धक्का और लगा दिया.

अबकी बार मैंने उसकी चूत में अपना पूरा लंड ठांस दिया.
मेरा सात इच का लंड अब सीमा की चूत के अन्दर था और उसकी पूरी चूत खुल कर भोसड़ा बन चुकी थी.

ऐसा लग रहा था कि किसी घोड़े का लंड बकरी की चूत में फंसा हो.
मैंने धक्का लगाना शुरू किया.

चुदाई की मधुर आवाजों के साथ लंड उसकी चूत में आने जाने लगा था.
उसका चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था.

उसने मेरी बांहों पर अपने नाखून गाड़ दिए थे.
पर मैंने इसकी परवाह नहीं की और दे दनादन उसकी चूत में लंड डालने लगा.

कुछ देर के बाद मेरा लंड उसकी चूत में अच्छे से सैट हो गया.
अब उसकी चूत भी पानी छोड़ चुकी थी तो लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगा था.

मेरा लंड जोर जोर से आगे पीछे जा रहा था और सीमा ‘आहह ओह हम्म …’ की आवाज कर रही थी.

मैंने कहा- कैसा लग रहा है?
वह शर्माने लगी और थोड़ी मुस्कुराती हुई बोली- बहुत मजा आ रहा है.

उसकी चूत के अन्दर पूरा लंड जा रहा था और अब वह भी हर धक्के के साथ आहह आह कर रही थी.

मेरे लंड के गोले उसकी गांड के छेद को स्पर्श कर रहे थे और लंड मस्त चुदाई कर रहा था.

अब मैंने उसे खड़ा कर दिया और दीवार से लगा दिया, पीछे से उसकी चूत में लंड सैट किया और पेल दिया.
मेरा लंड सट्ट की आवाज के साथ पूरा अन्दर चला गया और सीमा की मीठी कराह निकल गई.

वह ‘ओहहहह आहह …’ करने लगी.

कुछ देर बाद मैंने उसको बेड से टिका कर कुतिया बनने के लिए कहा.
वह झट से कुतिया बन गई.

मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और पूरा लंड एक झटके में चूत के अन्दर घुसा दिया.
मैं जोर जोर से झटके मारने लगा. उसकी चूत से पानी गिर कर मेरे लंड को और बिस्तर की चादर पर लग रहा था.

चुदाई की फच फ़चा फच की आवाजें आ रही थीं.
पूरा कमरा चुदाई की आवाजों से गूंज रहा था.

वह अब मेरा पूरा लंड बड़े मजे से ले रही थी.

कुछ देर बाद वह बोली- अब मुझे ऊपर आना है.
मैंने कहा- हां आ जाओ.

अब वह मेरे लौड़े के ऊपर आ गई और दूध पिलाती हुई चुदने लगी.
काफी देर तक ऐसे ही चुदाई का खेल चलता रहा.
उसका पानी तीसरी बार भी गिरने वाला हो गया था.

वह थकान भरे स्वर में बोली- अब मैं झड़ने वाली हूँ.
बस यह कह कर तुरंत ‘आहह ओह मर गई … आ ओह तुम भी जल्दी से गिरा दो मेरे राजा … ओहह.’ कहने लगी.

अगले ही पल वह झड़ गई, पर मेरा लंड तो अभी झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था.

कुछ देर तक मैंने उसे अपने नीचे दबा कर चोदा.
पर जब मैं नहीं झड़ा तो वह वापस मेरे ऊपर आ गई और लंड पर बैठकर उठक बैठक लगाने लगी.

कुछ देर बाद मैंने कहा- बस मेरा गिरने वाला है.
वह लपक कर चूत हटा कर उठी और बोली- अपना रस मेरे मुँह में गिराना.

मैंने उठते हुए लंड को सहलाया और कहा- ठीक है, आ जाओ.
मैंने लंड को हिलाना शुरू किया और जब लगा कि बस निकलने वाला है, तो उसको पकड़ कर अपने सामने बिठा लिया.

तभी मेरे लंड से वीर्य की धार निकलकर सीधे उसके मुँह में गई और मेरा पूरा सफेद माल उसके मुँह और होंठों पर लग गया.
कुछ वीर्य उसकी चूचियों पर भी गिरा.

वह सारा माल पी गई और लंड को चूसने लगी.
उस दिन मैंने उसको दो बार और चोदा.

उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा.
उसे भी मेरे लंड की आदत लग गई थी.
वह मुझे हफ्ते में चार बार X फक के लिए बुला ही लेती है.

आजकल वह बाहर गई है अपने पति के साथ, पर बातें होती रहती हैं.
आगे फिर कोई चूत मिलेगी तो आप सभी पाठको के साथ सेक्स कहानी को साझा करूँगा.

तब तक के लिए विदा मांगता हूँ.
कमेंट में जरूर बताएं कि भाभी फक X स्टोरी कैसी लगी ताकि अगली सेक्स कहानी में सुधार भी कर सकूँ.
धन्यवाद.