प्रेगनेंट सेक्स कहानी में मेरे एक ख़ास दोस्त ने मेरी मौसी को सेट करके उन्हें चोद कर संतान का सुख दिया. मौसी को बच्चा चाहिए था तो वे भी आराम से उससे चुद गयी.
हिन्दी सेक्स स्टोरी के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.
मेरा नाम अमित है. मैं मेरठ का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 24 साल है और मैं परास्नातक के अंतिम वर्ष का छात्र हूँ.
मेरी फैमिली में 4 लोग हैं. मैं मेरा भाई और मम्मी पापा.
मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूँ.
इस प्रेगनेंट सेक्स कहानी के 3 मुख्य किरदार हैं; मैं, मेरा दोस्त और मेरी शादीशुदा मौसी.
मैंने अपना तो आपको बता ही दिया है, बाकी के दो किरदारों से भी आपका परिचय करा देता हूँ.
मेरी मौसी का नाम कविता है. उनकी उम्र 35 साल है. रंग एकदम दूध सा गोरा है, लंबाई 5 फुट 6 इंच है.
उनके स्तन बड़े और एकदम गोल हैं. लंबे घने काले बाल हैं, जो उनकी गांड तक लहराते हैं.
मौसी इतनी हॉट हैं कि उन्हें देख कर 50-55 साल के आदमी का मन भी काम वासना से भर जाता है.
तीसरा किरदार मेरा दोस्त विशाल है, जो मेरे साथ ही पढ़ता है.
विशाल काफी हैंडसम और स्मार्ट है.
उसकी हाइट 5 फुट 8 इंच है. उसका रंग भी एकदम गोरा है.
मुझे मालूम है कि उसके लंड का साइज़ 7 इंच है.
उसके साथ एक बार किसी लड़की के साथ सेक्स के दौरान मैंने उसके लंड को और उसकी चुदाई की क्षमता को देखा था.
विशाल जिम भी जाता है और उसके अन्दर किसी को भी सैट कर लेने की कला बहुत ज्यादा है.
वह पहले भी कुछ लड़कियों के साथ सेक्स कर चुका है.
लेकिन उसे शादीशुदा औरतों (MILF) को चोदने में ज्यादा मजा आता है.
यह बात साल 2016 की है, जब मैं और मेरे दोस्त ने कॉलेज में दाखिला लिया था.
मैंने और विशाल ने कॉलेज जाना आरम्भ कर दिया.
उसके कुछ दिन बाद मौसी हमारे घर रहने आई थीं.
मेरी मौसी की शादी को दस साल हो चुके थे लेकिन उनका कोई बच्चा नहीं हुआ था इसलिए उनके ससुराल वाले उनको ताने मारते थे.
वे जब मेरे घर आईं तो काफी दुखी थीं.
उनके दुख का कारण सिर्फ उनका नि:संतान होना ही था.
मेरी मम्मी मौसी को डॉक्टर के पास ले गईं.
मैं उन दोनों को डॉक्टर के पास ले गया था तो मुझे उनकी बातें जाने का अवसर मिल गया था.
डॉक्टर ने मौसी को दवाई दे दी और उनसे एक महीने तक दवाई खाने को कहा.
इस पर मौसी ने डॉक्टर से सेक्स के लिए पूछा कि क्या पति के साथ सेक्स करने में भी कुछ ख्याल रखना है?
डॉक्टर ने कहा- पहले दवा चलेगी. उसके बाद कुछ करना.
इस तरह से डॉक्टर ने मेरी मौसी जी को एक महीने के बाद सेक्स करने के लिए कहा था.
यह बात मौसी ने घर आकर फोन पर अपने हज़्बेंड को बताई.
उन्होंने भी डॉक्टर के अनुसार सब करने के लिए कहा.
उन दोनों ने वैसा किया भी होगा लेकिन नतीजा कुछ नहीं हुआ.
मौसी बहुत दुखी थीं.
उनके हज़्बेंड उनको संतुष्ट नहीं कर पा रहे थे क्योंकि वे शूगर के मरीज थे जिसकी वजह से उनका लिंग ज़्यादा देर तक ख़ड़ा नहीं हो पाता था.
कुछ दिन बाद की बात है.
उस दिन मेरा दोस्त विशाल मेरे घर आया था.
मैं और मेरा दोस्त मेरे कमरे में थे.
शाम का समय था.
उसी समय मौसी हम दोनों के लिए चाय लेकर कमरे में आईं.
वे हमारे साथ बैठ कर बातें करने लगीं.
उन्होंने बहुत ही टाइट ब्लाउज पहना था जिससे उनके मम्मों की गोलाई साफ दिख रही थी.
विशाल बहुत मादरचोद किस्म का लड़का था.
उसने साले ने यह भी ख्याल नहीं किया कि यह मेरी मौसी हैं.
वह तो अपनी वासना में सिर्फ़ मौसी के मम्मों को ही देख रहा था.
अचानक से मौसी मुझसे बोलीं- मुझको कुछ सामान खरीदने मार्केट जाना है, तो क्या तू मेरे साथ चलेगा?
मैंने मौसी से कहा- विशाल के पास बाइक है. वह आपको मार्केट तक ले जाएगा और वापस भी ले आएगा.
वे खुश होकर बोलीं- ठीक है.
विशाल और मौसी ने आपस में बात की और मौसी ने कहा- बस मैं अभी तैयार होकर आती हूँ.
कुछ देर बाद मौसी और विशाल दोनों मार्केट चले गए.
वापस आते आते दोनों काफ़ी घुल-मिल गए थे.
उस दिन के बाद से विशाल मेरे घर पर रोज आने लगा था.
धीरे धीरे वे दोनों व्हाट्सैप पर भी बात करने लगे.
दोनों में अच्छी फ्रेंडशिप हो गयी.
विशाल ने मौसी को चोदने का मन बना लिया था.
यह उसने मुझसे बता दिया था ताकि मुझे कोई आपत्ति हो तो मैं उससे कह सकूँ.
मेरे दिमाग में यह चल रहा था कि विशाल मेरा खास दोस्त है और यदि यह मौसी को संतुष्ट करके उन्हें एक बच्चा दे देता है तो यह बात मौसी के लिए एक अच्छी बात होगी.
विशाल ने मुझे भी ऑफर किया अगर कि अगर मैं विशाल को मौसी के साथ सेक्स करने में मदद करूँगा, तो वह मुझे उसकी चचेरी बहन से दोस्ती करवाने में मदद करेगा.
जब भी मुझे उसकी बहन के साथ सेक्स करना होगा तो वह मेरी मदद करेगा.
मैं इस बात पर झट से मान गया.
एक दिन घर पर सिर्फ़ हम 3 लोग थे.
हम दोनों ने प्लान बनाया और मैंने अपने फोन को रिकॉर्डिंग मोड में लगाकर कमरे में सैट कर दिया.
कुछ देर बाद मौसी आईं और हम तीनों बैठ कर बात करने लगे.
कुछ देर बाद विशाल ने इशारा किया तो मैंने मौसी से बोला- मुझे कुछ काम से मार्केट जाना है. मुझे आने में एक घंटा लग जाएगा. आप दोनों घर पर ही रहना.
यह कह कर मैं कमरे से बाहर आ गया.
अब घर पर मेरे आने तक कोई नहीं आने वाला था.
मैं कमरे के पास वाली खिड़की के पास आ गया और अन्दर का सब नजारा देखने लगा.
वे दोनों बात कर रहे थे.
विशाल- मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ.
मौसी- हां बोलो क्या बात है?
विशाल- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं. यदि आप शादीशुदा नहीं होतीं तो मैं आपको प्रपोज़ कर देता.
मौसी शर्माने लगीं.
विशाल- आप बुरा ना माने तो एक बात पूछ सकता हूँ?
मौसी- मैं बुरा नहीं मानूँगी, क्या पूछना है … पूछो!
विशाल- आपकी शादी को इतने साल हो गए, लेकिन आपके एक भी बच्चे नहीं हैं … ऐसा क्यों?
मौसी कुछ देर शांत रहीं, फिर बोलीं- तुम नहीं समझ पाओगे.
वे यह बताती हुई कुछ मायूस हो गई थीं.
विशाल- मैं 22 साल का हूँ, सब समझ सकता हूँ.
मौसी ने उसकी आंखों में देखा तो विशाल ने उन्हें अपनी आंखों से सैट करते हुए कहा- आप बिंदास बताओ … मेरे पास आपकी परेशानी का हल है.
यह सुनते ही शायद मौसी को समझ आ गया कि विशाल ही उनकी समस्या को खत्म कर सकता है.
उन्होंने कहा- विशाल, मेरे पति में कमी है. वे मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते हैं. लेकिन लोग मुझे ताने मारते हैं कि मेरे अन्दर कमी है.
विशाल ने कहा- अगर आप चाहें तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ.
मौसी शांत बैठी थीं.
विशाल मौसी के पास को सरक कर बैठ गया और उसने अपना एक हाथ उनके कंधे पर रख कर कहा कि सब ठीक हो जाएगा.
मौसी की आंखों से रुलाई फूटने लगी थी.
यह देख कर विशाल ने मौसी को अपने आगोश में ले लिया और उनकी पीठ सहलाते हुए उन्हें दिलासा देने लगा.
उस वक्त वे दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे और मैं देख रहा था कि विशाल का चौड़ा सीना मेरी मौसी के मम्मों से रगड़ खा रहा था.
कुछ देर बाद विशाल मौसी के कंधे को चूमने लगा.
मौसी धीरे से बोलीं- मैं शादीशुदा हूँ विशाल … कोई कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी.
विशाल ने कुछ नहीं कहा; वह उठा और उसने कमरा अन्दर से लॉक कर दिया.
वह वापस मेरी मौसी के पास आया और उनको अपनी बांहों में लेकर चूमने लगा और उन्हें गर्म करने लगा.
मौसी तो खुद ही चाहती थीं कि कोई दूसरा मर्द उन्हें रगड़ दे ताकि उनको संतान हो जाए.
फिर शायद विशाल जैसे मर्द पर उनका दिल भी आ गया था.
वे मेरे दोस्त विशाल के साथ चूमाचाटी में उसका साथ देने लगीं.
विशाल मेरी मौसी के होंठों पर किस करने लगा और वह धीरे धीरे उनके बूब्स को भी दबाने लगा.
कुछ ही देर में मौसी गर्म हो गईं और उन्होंने अपना ब्लाउज खोल दिया.
विशाल ने उनकी ब्रा को भी उतार दिया.
मौसी के दूध देख कर मेरी नीयत भी खराब होने लगी.
विशाल ने मेरी मौसी के एक दूध के निप्पल को अपनी दो उंगलियों में पकड़ कर मरोड़ा तो मौसी ने मीठी आह भरी और उसकी तरफ प्यार से देखने लगीं.
विशाल ने कहा- इसको क्या करना है?
मौसी ने हंस कर कहा- मेरा बच्चा बन कर चूसना है.
विशाल ने कहा- मुझे बच्चा बना लो ना!
मौसी ने विशाल को अपनी गोद में सर रख कर लिटा लिया और वह मौसी के दोनों दूध दबा दबा कर पीने लगा.
मौसी भी उसके होंठों में अपने निप्पल देने लगीं और वह खींच खींच कर मेरे मौसी के मम्मों का रस पीने लगा.
कुछ देर तक यह सब चलता रहा.
फिर विशाल ने उठ कर मेरी मौसी को पूरी नंगी कर दिया और उनके साथ सेक्स का खेल खेलने लगा.
वह मेरी मौसी के दूध चूसता हुआ अपनी एक उंगली को उनकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.
मौसी जोर जोर से कामुक आवाजें निकालने लगीं.
विशाल ने कहा- कैसा लग रहा है?
मौसी बोलीं- आह ह हह … बहुत अच्छा लग रहा है … ऐसे ही करते रहो विशाल!
कुछ देर बाद मौसी की चूत पानी से एकदम चिकनी हो गई.
विशाल ने अब अपनी चड्डी उतार दी और अपना 7 इंच लंबा मोटा लंड मौसी के सामने लहरा दिया.
उसके मोटे लंड को देख कर मौसी घबरा गईं.
विशाल ने मौसी को अपने एक बाजू लिटाया और अपने लंड पर तेल लगा लिया.
वह मौसी के पीछे लेट गया और अपना लंड मौसी की चूत पर सैट कर दिया.
मौसी ने भी अपनी टांगों को कुछ इस तरह से फैला लिया था कि उनकी चूत में लंड आसानी से घुस जाए.
विशाल ने धीरे धीरे धक्का मारना शुरू कर दिया.
मौसी की चूत का छेद तंग था इसलिए विशाल जोर जोर से झटके देने लगा.
मौसी चिल्लाने लगीं.
विशाल ने तीन बार झटके मारे और अपना पूरा लंड अन्दर घुसेड़ दिया.
कुछ देर बाद मौसी को भी मज़ा आने लगा.
कुछ मिनट तक उन दोनों की धकापेल चुदाई होने लगी और बाद में विशाल उनके ऊपर चढ़ कर उन्हें चोदने लगा.
चुदाई अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई और विशाल ने अपने लंड का पूरा माल मौसी की चूत में ही गिरा दिया.
पहले राउंड में ही मौसी संतुष्ट हो गई थीं.
कुछ देर बाद विशाल फिर से तैयार हो गया और वह दुबारा से मौसी को चोदने लगा.
इस बार वह जोर जोर से झटके देकर मौसी को चोदने लगा.
लगभग 20 मिनट बाद उसने अपना पूरा माल फिर से मौसी की चूत में गिरा दिया.
फिर तीसरा राउंड भी चला. दोनों काफी थक गए थे.
मौसी बोलीं- विशाल तुमने मुझे आज पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है. मैं बहुत खुश हूँ.
उन दोनों ने कपड़े पहने और कमरे का दरवाजा खोल दिया.
सब सामान्य सा हो गया.
कुछ देर के बाद मैं कमरे के अन्दर आ गया और फोन की रिकॉर्डिंग में जो सेव किया था, वह पूरा वीडियो देखा.
मुझे बहुत मज़ा आया.
इसके बाद भी विशाल ने और मौसी ने कई बार सेक्स किया.
कुछ दिन बाद मौसी की तरफ से गुड न्यूज़ मिली कि वे अब प्रेग्नेंट हैं.
इससे सबको लग रहा था कि डॉक्टर की दवाई का असर हो गया है.
लेकिन सच तो हम तीन लोग ही जानते हैं कि बच्चा तो विशाल के साथ किये प्रेगनेंट सेक्स से हुआ है.
कुछ महीने बाद मौसी को लड़का हुआ.
उनकी ससुराल में सब खुश थे.
तो दोस्तो, यह मेरी सच्ची प्रेगनेंट सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, ज़रूर बताएं.
अगली बार मैं विशाल की बहन के साथ अपने रिश्ते की बात को लिखूँगा.
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