गर्लफ्रेंड की अम्मी की चूत का नशा

हॉट हॉट Xxx कहानी में मैं मेरी गर्लफ्रेंड की खूब चुदाई करता था। एक बार उसने मुझे उसकी मम्मी की चुदाई का वीडियो दिखाया। मेरा लंड अब गर्लफ्रेंड की मम्मी की चूत मांगने लगा। मेरी यह इच्छा कैसे पूरी हुई, मेरी स्टोरी में पढ़कर जानें।

नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तो!
कैसे हो आप सभी?
आशा करता हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे और खूब चूत चोद रहे होंगे।

सबसे पहले आप सभी को मैं अपने बारे में बता देता हूँ।

मेरा नाम राज है, मैं पटना का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 21 वर्ष है।
मेरा रंग गोरा है और हाइट 6 फुट 2 इंच है।
मेरे लंड का साइज 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है जैसा कि एक आम भारतीय का होता है।

दोस्तो, मैं बाकी लोगों की तरह अपने लंड को 8 या 9 इंच लम्बा नहीं बताऊंगा।
वह सब बस कहने भर की बातें होती हैं, असलियत में ऐसा कुछ नहीं होता।

चलिये अब समय न बर्बाद करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ।

मेरी यह कहानी गर्लफ्रेंड की मम्मी की चूत चुदाई की कहानी है जो आज से 2 साल पहले की है।
उस वक़्त मैंने 12वीं की परीक्षा पास की थी।

मैं शुरू से ही पढ़ने में अच्छा था इसलिए लड़कियां मुझसे काफी बातें किया करती थीं।
स्कूल के वक़्त से ही मेरी एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम फरहाना था।

फरहाना और मैं काफी चुदाई करते रहते थे।
फरहाना भी बहुत बड़ी चुदक्कड़ लड़कियों में से थी।

आज भी हमारे बीच बहुत सेक्स होता है और मौका मिलते ही वो मेरे लौड़े पर टूट पड़ती है।
उसके मोटे-मोटे चूचे हैं जिन्हें दबाने में काफी आनंद आता है।

खैर, फरहाना की चुदाई की कहानी मैं कभी और लिखूंगा।
आज की यह कहानी फरहाना की अम्मी रूबी खातून की चुदाई की है।

रूबी आंटी की उम्र 38 साल है लेकिन उन्होंने खुद को बड़ा मेन्टेन करके रखा है।
38 की उम्र में भी वह केवल 28 साल की लगती हैं।

आंटी का रंग सावला है और वे देखने में भी औसत ही हैं।
लेकिन उनका फिगर उन्हें कातिल बना देता है।
उनके चूचे 38 इंच के, कमर 30 की और उनकी गांड 40 इंच की है।

उनका 38-30-40 का फिगर उन्हें काम की देवी बना देता है।
उनकी मोटी सी गद्देदार गांड का दीवाना पूरा मोहल्ला है।
उनकी मटकती गांड को देख कर बूढ़ों का लण्ड भी खड़ा हो जाए।

पहले मैंने कभी भी उनके बारे में गलत नहीं सोचा था लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड फरहाना ने मुझे एक किस्सा सुनाया।
उसके बाद से मैं भी उनकी चूत मारने की फिराक में रहने लगा।

हुआ यूँ कि मैं और मेरी जान फरहाना एक दूसरे से बातें कर रहे थे।
तभी उसने कहा कि कल रात उसने एक सीन देखा जिसे देख कर उसकी चूत गीली हो गयी थी।

मैं- ऐसा क्या देख लिया तूने?
फरहाना- रात के 2 बजे मुझे बड़ी प्यास लगी थी, तो मैं पानी पीने किचन में गयी। पानी पीकर लौटते वक़्त मुझे कुछ आवाज़ें आयीं जैसे कि कोई कराह रहा है।
मैं- फिर?

फरहाना- जब मैंने ध्यान लगा कर सुना तो ये आवाज़ मेरी अम्मी की थीं जो कि उनके बेडरूम से आ रही थीं।
उत्सुकता के कारण मैंने अंदर देखना चाहा लेकिन दरवाज़ा बंद था।
तभी मेरी नज़र ऊपर बनी एक छोटी सी खिड़की पर गयी।

फरहाना- मैं तुरंत स्टूल लगा कर ऊपर चढ़ गई और सामने मैंने जो नजारा देखा उससे मेरी चूत पूरी गीली हो गयी।
मैं- ऐसा क्या देख लिया तूने जो तेरी चूत गीली हो गयी?

फरहाना- मेरी अम्मी बेड पर बिलकुल नंगी पड़ी थी और अब्बू उनकी चूत में धक्के लगा रहे थे। लेकिन तभी शायद अब्बू का माल निकल गया और वे साइड में लेट गए। यह देख कर अम्मी उदास हो गयी, फिर उन्होंने अपनी चूत में उंगली करना शुरू कर दिया। यह देख कर मैंने तुरंत अपना फ़ोन उठाया और उनकी वीडियो बनाने लगी। चूत में उंगली करते-करते अम्मी का पानी निकल गया और वे चादर ओढ़ कर लेट गयीं।

मैं- क्या? तूने अपनी मम्मी की चूत में उंगली करते हुए वीडियो बनाई है?
फरहाना- हाँ।
मैं- दिखा मुझे।

तब फरहाना ने मुझे अपनी मम्मी की XXX वीडियो भेज दी।
दोस्तो, उस विडियो को देख कर तो मैं जैसे पागल ही हो गया।

रूबी आंटी की मोटी-मोटी चूचियां, बड़ी सी गांड, झांटों से भरी हुई चूत।
उफ़्फ़ … मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता उस नज़ारे को।

वीडियो देख कर मैं इतना उत्तेजित हो गया था कि मैंने 3 बार मुट्ठ मार ली।
लेकिन फिर भी मुझे चैन नहीं मिला।
रात भर मैं उनके ख्यालों में खोया रहा और सो न सका।

अब मुझे वह एक कैंट माल लगने लगी थी।

वक़्त बीतता गया और उनके लिए मेरी हवस और ज्यादा बढ़ती गई।
एक बार तो मैंने अपनी गर्लफ्रेंड फरहाना से कह भी दिया कि मैं तेरी मम्मी को चोदना चाहता हूँ।

इस बात पर वो गुस्सा हो गयी और हम दोनों में झगड़ा हो गया।
लेकिन फिर भी मेरी हवस कम नहीं हुई।
बहुत मिन्नतें करके मैंने फरहाना को मना ही लिया उसकी अम्मी की चुदाई के लिए।

मैंने उससे बोलकर उसकी मम्मी की ब्रा-पैंटी मंगवा ली।
अब मैं फरहाना की मम्मी की पैंटी और ब्रा में मुट्ठ मारने लगा।
उनकी पैंटी से मैं उनकी चूत और गांड की महक लेने लगा।

आंटी की चूत की खुशबू ने मुझे पागल ही बना डाला था।
रूबी आंटी के नाम की मुठ मारना मेरा रोज़ का काम हो गया था।
फरहाना मुझे उनकी पैंटी और ब्रा रोज़ लाकर देती थी।

फरहाना को चोदते वक़्त भी मैं उसे रूबी आंटी समझ कर इतनी तेज़ तेज़ पेलता था कि वो रोने लगती थी।
मैं भगवान से यही प्रार्थना करने लगा कि कैसे भी करके मुझे रूबी आंटी की चूत मारने को मिल जाए।

भगवान ने जल्द ही मेरी इस ख्वाहिश को भी पूरा कर दिया।

हुआ यूँ कि एक रात मैं और फरहाना सेक्स चैट कर रहे थे।
मैंने उसे अपने खड़े लौड़े की फोटो भेजी थी, जिसे वो डिलीट करना भूल गयी।
सेक्स चैट करने के बाद वो झड़ गयी और अपना फ़ोन बंद किये बिना ही सो गई।

तभी किसी कारण से उसकी मम्मी उसके रूम में आ गयी और उन्होंने फरहाना के फ़ोन में हमारी पूरी चैट पढ़ ली।
उसकी अम्मी ने मेरे लौड़े की फोटो भी देख ली।

मेरे मोटे लौड़े को देख कर उनके मुंह और चूत दोनों से पानी बहने लगा था जो कि उन्होंने मुझे चुदते वक़्त बताया था।
उन्होंने मेरा नंबर चुपचाप फरहाना के फ़ोन से निकाल लिया और अपने रूम में वापस चली गयी।

अगले दिन उन्होंने फरहाना को उसके मामा के घर भेज दिया और अपने पति के ऑफिस जाने का इंतज़ार करने लगी।

उनके पति के ऑफिस जाने के बाद उन्होंने मेरे नम्बर पर कॉल मिलाया।

मैं- हैल्लो।
रूबी आंटी- हैल्लो, क्या राज से बात हो सकती है?
मैं- जी, मैं राज ही बोल रहा हूँ, आप कौन?
रूबी आंटी- मैं फरहाना की अम्मी हूँ।

मैं मन ही मन खुश हो गया और बोला- जी आंटी, बोलिए।
तभी वे मुझ पर चिल्लाने लगी और बोली- तुम्हें शर्म नहीं आती? तुम फरहाना के साथ कैसी-कैसी बातें करते हो? कैसी-कैसी तस्वीरें भेजते हो? मैं ये चैट और तस्वीरें तुम्हारे पापा को दिखाऊंगी।

यह सुन कर मेरी गांड फट गई और सारी हवस बाहर निकल गयी।
मैं फ़ोन पर गिड़गिड़ाने लगा और उनसे माफ़ी मांगने लगा।

रूबी- अगर बचना चाहते हो तो इसी वक़्त मेरे घर आओ और ख्याल रखना कोई तुम्हें यहाँ आते हुए देखे न।

यह सुनते ही मैं मेरी फ़टी हुई गांड लेकर बाइक पर निकल पड़ा।
मेरी सारी हवस गायब हो चुकी थी।

उनके घर पहुँच कर बेल बजाते ही उन्होंने दरवाज़ा खोला और मुझे अंदर खींच लिया।
मैं डर से कांपने लगा।

मेरी ऐसी हालत देख कर वो हँसने लगीं और मुझे अपने बेडरूम में ले गयीं और बैठा दिया।
मैं अब भी डर के कारण कांप रहा था।

तभी उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहा- अगर तुम मेरा एक काम कर दोगे तो मैं वो तस्वीरें किसी को नहीं दिखाऊंगी।

यह सुनते ही मैं उनके पैरों में गिर पड़ा और कहा- आप जो कहोगे मैं करने को तैयार हूँ।
रूबी- सोच लो, बाद में मना नहीं करोगे न?
मैं- बिल्कुल भी नहीं!

रूबी- तुम्हें मुझे खुश करना होगा, मैं कई सालों से प्यासी हूँ। अगर तुम मुझे पेल कर संतुष्ट कर देते हो तो मैं किसी को कुछ नहीं कहूंगी।

दोस्तो, यह सुन कर तो मुझे पहले अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ।
यहाँ तो कुआं खुद चलकर प्यासे के पास आ गया था।

फिर भी, अपनी खुशी को छुपाते हुए मैंने कहा- मैं यह सब नहीं कर सकता आंटी। यह गलत है।

रूबी- कुछ गलत नहीं है, अगर तुम मुझे खुश करने में कामयाब रहे तो मैं फरहाना की शादी भी तुमसे करवाने को तैयार हूँ।
यह सुन कर मैंने उनकी तरफ देख कर हल्की सी मुस्कान दी और अपनी सहमति जताई।

जैसे ही उन्होंने मुझे मुस्कराता देखा, वे समझ गयी कि बंदा तैयार है।

उन्होंने तुरंत मुझे कॉलर से पकड़ कर उठाया और मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया।

मैं उनकी इस अदा से मदहोश हो गया और उन्हें तेज़ी से चूमने लगा।

उनके होंठों को चूसते हुए मैंने उनके मम्मों को सहलाना शुरू कर दिया।
रूबी आंटी ने मुझे कस कर पकड़ लिया और अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसा दी।
मैं उनकी रसभरी जीभ को चूसने लगा।

आंटी को किस करते हुए मैं इतना उत्तेजित हो गया कि मैंने उनके होंठों और जीभ को बुरी तरह काटना शुरू कर दिया।
इससे उन्हें दर्द होने लगा और वे मुझे धकेलने लगीं, लेकिन मैं लगा रहा।

उनकी आँखों से आंसू बहने लगे थे।
करीब 15 मिनट किस करने के बाद मैंने उनके होंठों को छोड़ दिया।
उनके होंठ और जीभ बुरी तरह से कट गए थे जिनमें से खून आ रहा था।

उन्हें इस हालत में रोता हुआ देख कर मुझे उन पर दया आ गयी और मैंने उन्हें गले से लगा लिया और पुचकारने लगा।

कुछ मिनटों बाद हमारी हवस दोबारा जाग गयी।
मैंने उन्हें बिस्तर पर पटक दिया और उनकी कुर्ती उतार दी।

अंदर आंटी ने सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी थी जिससे उनके मम्में बाहर आने को बेताब थे।

मैंने ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध दबाना शुरू कर दिए जिससे उनकी मादक सिसकारियां निकलनी शुरू हो गयीं।
उनकी वो सिसकारियां मेरे कानों को बड़ा सुकून दे रही थीं।

तभी मैंने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और अंडरवियर में आ गया जिसमें मेरा लंड तंबू बनाकर खड़ा था।
मेरे लंड को देख कर आंटी की आँखों में चमक आ गयी।

मैंने उनकी ब्रा खींचकर फाड़ कर अलग कर दी जिससे उनके बड़े-बड़े रसीले मम्में बाहर निकल आये।
मैंने बूब्स को दबाना और काटना शुरू कर दिया जिससे वे पागल होने लगीं।

रूबी- हाँ, चूस लो इन्हें, उफ़्फ़ आह … ओह्ह … सारा दूध पी जाओ इनका।
आज मेरी चूत का भरता बना दो … उफ्फ।

मैं आधे घण्टे तक उनके मम्मों से खेलता रहा और मसल-मसल कर उन्हें लाल कर डाला।
फिर मैंने उनके हाथों को ऊपर करके उनकी काँख को देखा।

उनकी काँख में घने बाल थे और पसीने की बदबू आ रही थी।

पता नहीं मुझे क्या सूझा … मैंने उनकी गन्दी काँखों को चाटना शुरू कर दिया।
उनके पसीने की बदबू मुझे अच्छी लगने लगी थी।

काँखों को चाटने से उन्हें गुदगुदी होने लगी और वे तेज़-तेज़ हिलने लगी।
फिर मैं उठा और एक झटके में उनकी सलवार को निकाल दिया।
अंदर उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी।

सलवार उतारते ही उनकी झांटों से भरी हुई भूरे रंग की चूत बाहर आ गयी।
उनकी चूत को देखकर मैं पागल हो गया और पास जाकर उनकी चूत को सूंघने लगा।

उनकी चूत से पेशाब की गंध आ रही थी जो मेरी कामुकता को और ज्यादा बढ़ा रही थी।

मैंने उनकी झांटों वाली चूत में अपना मुंह लगा दिया और चाटने चूसने लगा।
रूबी- आह राज, यह क्या कर रहे हो बेटा उफ़्फ़ … उस गन्दी जगह को मत चाटो।

लेकिन मैं चाटता रहा और कुछ वक़्त बाद उन्होंने मेरे सिर को अपनी चूत में दबाना शुरू कर दिया।
उनके मुख से मादक कराहें निकलने लगीं।

मैं उनकी झांटों को खींचने लगा और चूत के होंठों को काटने लगा जिससे उनकी मादक आवाज़ें दर्द भरी आवाज़ों में बदल गयीं।

उसी वक़्त वो झड़ गयी और उनकी चूत का खट्टा पानी मैंने पी लिया।

फिर मैंने अपना लण्ड निकाल कर उनकी गन्दी चूत के मुँह पर रख दिया और घिसने लगा।

रूबी आंटी- आह भोसड़ी के … और कितना तड़पायेगा? जल्दी अपना केला डाल न मादरचोद!
उनकी गाली सुनकर मुझे भी जोश आ गया और मैंने एक जोरदार झटका मारा जिससे मेरा पूरा लौड़ा उनकी चूत के गड्ढे में समा गया।

उस रांड ने पूरा लण्ड एक बार में खा लिया, यह देखकर मैं समझ गया कि यह साली बहुत बड़ी चुदक्कड़ है।
खैर, मैंने उनकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और उनके दूध पकड़ कर तेज़ी से शॉट मारने लगा।

पूरा कमरा चुदक्कड़ आंटी की मादक आहों से गूंज रहा था। कुछ समय बाद मैंने उनको घोड़ी बनाया और पीछे से उन्हें पेलने लगा।

मेरा सपना आज पूरा हो गया था दोस्तो।
उनकी गुद्देदार गांड पर थप्पड़ मार मारकर मैंने उन्हें लाल कर दिया।

फिर कुछ मिनट बाद वो तेज़-तेज़ चीखने लगी- आह मेरे राजा … चोदो मुझे … फाड़ दो आज मेरी यह फुद्दी। फरहाना के अब्बू के लण्ड में अब दम नहीं। चोदो मेरे भोसड़े को … आह … आह … ऊंह्ह ओह।

तभी मैंने अपनी एक उंगली उनकी गांड में डाल दी जिससे वे चिहुँक उठी।
फिर मैं तेज़ी से शॉट मारने लगा।
रूबी- आह मेरे राजा … ऐसे ही करते रहिये … ऊंह्ह … आह्ह … मैं आने वाली हूं।

तभी वो झड़ गयीं और मुझे मेरे लंड पर गर्म-गर्म सा गहरा अहसास हुआ।
उनके पानी की गर्मी को मेरा लंड झेल न सका और मैं भी झटके देता हुआ उनकी चूत में खाली हो गया।

माल गिरने के बाद मैं उठ गया और उनकी चूत से बहते हुए मेरे माल और उनके रज को साफ़ कर दिया।

तभी वो कहने लगीं- आज तक मेरी ऐसी चुदाई नहीं हुई जिसमें मैं 3 बार झड़ गयी। तुमने मुझे जन्नत की सैर करा दी आज!

ऐसी ही गर्म बातें करते-करते मेरा लंड दूसरे राउंड के लिए रेडी हो गया।
इस बार मेरा निशाना उनकी गांड थी।

मैंने आंटी को कुतिया बनाया और उनकी गांड के छेद में ढेर सारा थूक डाल दिया और अपने लंड को उनके मुंह में देकर गीला करवा लिया।
फिर मैंने लंड सेट करके जैसे ही धक्का मारा, मेरा पूरा लण्ड एक ही बार में उनकी गांड में चला गया।

मैं समझ गया कि इस रांड ने अपनी गांड का भी कुआँ बनवा रखा है।
खैर, 15 मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी और चूत में उंगली की।
फिर मैं उनकी गांड में झड़ गया।

इस तरह अब हमारी चुदाई का खेल शुरू हो गया।

अब मैं फरहाना और उसकी अम्मी को एकसाथ चोदने लगा।
रूबी आंटी मेरा लंड पकड़ कर खुद अपनी बेटी की चूत में डालती थीं।

फरहाना भी माँ के सामने खुल कर चुदती थी।

कुछ दिनों बाद फरहाना के बाप की एक बिमारी की वजह से मौत हो गयी।
अब तो हमें और छूट मिल गयी थी।

फिर मैंने फरहाना और उसकी अम्मी से शादी कर ली, अब हम तीनों ख़ुशी ख़ुशी साथ रहते हैं।

फरहाना इस वक़्त 4 माह की गर्भवती है इसलिए मैं रूबी आंटी की खूब चुदाई करता हूँ।

दोस्तो, गर्लफ्रेंड की अम्मी की चूत में अलग ही नशा है।
यह नशा मुझे रोज ही चाहिए है।
मुझे उसकी अम्मी की चूत मारने में अलग ही मजा आता है।

तो फ्रेंड्स यह मेरी पहली और सच्ची कहानी थी।
आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे कमेंट्स में जरूर बताएं।
अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ करें।
आप सभी मुझे मेल जरूर करें।
मेरी ईमेल आईडी है- [email protected]