न्यूड मसाज़ स्टोरी में मेरी नई जॉब लगी और बॉस को मेरा काम पसंद आया. उन्होंने मुझे अपने साथ ही रख लिया. एक बार वे मुझे अपनी बीवी के साथ शिमला टूर पर ले गए.
दोस्तो, मेरा नाम रवि है. मैं एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ.
अपने शहर में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद मैं दिल्ली में शिफ्ट हो गया था.
दिल्ली में एक दो जरूरी कोर्स करने के बाद मेरी जॉब एक शानदार आईटी कंपनी में लग गयी.
यही से इस न्यूड मसाज़ स्टोरी का आरम्भ हुआ.
कुछ महीनों में ही मेरे बॉस ने कंपनी के मालिक यानि बड़े बॉस से मेरी जान-पहचान करवाई और मेरी ईमानदारी और काम के बारे में भी बताया.
बड़े बॉस काफी खुश हुए और उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया.
मेरे बड़े बॉस का नाम विजय था.
साल भर में विजय सर मेरे काफी करीब आ गए थे.
उन्होंने अपने कई काम मुझे कहने शुरू कर दिए थे.
उन्होंने मेरी सैलरी भी बढ़ा दी थी.
धीरे धीरे हम दोनों आपस में काफी नजदीक आ गए थे और उनके रसूख से मुझे कंपनी में काफी इज्जत मिलने लगी थी.
वे एक बहुत बड़े आदमी थे, तो मैं भी ईमानदारी से अपनी नौकरी कर रहा था.
दोस्तो, मैं डील-डौल से काफी मजबूत और खूबसूरत हूँ.
लड़कियां मुझ पर जल्दी ही फिदा हो जाती हैं लेकिन मैं लड़कियों से जल्दी घुलता मिलता नहीं हूँ, उनसे दूरी बना कर रखता हूँ.
इसी तरह से समय बीतता गया और धीरे धीरे मुझे लगने लगा कि मेरे बॉस थोड़े परेशान से रहते हैं.
एक दो बार मैंने पूछने की भी कोशिश की.
लेकिन मेरे बॉस ने बात टाल दी.
एक बार दीपावली पर बॉस ने मुझे अपना इंटरनेट सही करने के लिए घर पर भेजा.
उनका घर एक बेहद पॉश कॉलोनी में एक हवेलीनुमा बना हुआ था.
मैं घर पर गया तो वहां गार्ड्स भी थे.
उन्होंने मुझे अन्दर जाने दिया.
अन्दर बॉस की वाइफ थीं.
नेहा मैडम एक बेहद खूबसूरत, जवान और किसी परी जैसी थीं.
उन्होंने मेरे साथ बड़े ही प्यार से बात करते हुए मुझे राउटर और इंटरनेट की प्रॉब्लम बताई.
मैं उसे ठीक करने के बाद लौट आया.
उनके घर जाकर मुझे पता चला कि विजय सर के कोई औलाद नहीं थी.
वे शायद इसी लिए वह थोड़े परेशान से रहते थे.
समय बीतता गया, करीब एक साल और बीत गया.
इस दरमियान मैं कई बार बॉस के घर आता जाता रहा.
नेहा मैडम भी अब मुझे जानने लगीं थीं लेकिन वे एक सहज और सीरियस किस्म की अच्छी लेडी थीं.
इतनी बड़ी हस्ती होने के कारण मुझे मैडम से हमेशा बड़ा डर लगता था.
मैं उनसे बहुत अदब से पेश आता था.
अब यह भी होने लगा था कि कभी कभी बॉस मुझे अपने साथ पार्टी में भी ले जाने लगे थे.
एक दिन पार्टी से आते वक्त मैंने हिम्मत करके पूछ लिया कि बॉस, क्या अभी आपने फैमिली प्लानिंग नहीं की?
उन्होंने उस दिन काफी शराब पी रखी थी इसलिए वे भी बताने लगे.
उनके बताए अनुसार उनमें कोई प्रॉब्लम थी, उन्होंने कई बार डॉक्टर से चैक भी करवाया था लेकिन वे सफल नहीं हुए.
अब मैं समझ गया कि बॉस बच्चा पैदा करने में अक्षम हैं.
यूं ही दिन निकलते गए.
अब सर्दियों का मौसम आ गया था.
फिर दीपावली के पास बॉस ने मुझसे कहा कि अपना सामान पैक कर लेना, अगले वीक शिमला में एक मीटिंग है. हमको दो तीन दिन की शिमला ट्रिप पर चलना है. उसके लगभग एक महीने बाद हम लोग बैंगलोर शिफ्ट हो जाएंगे.
उन्होंने उस बारे में मुझे काफी कुछ बताया.
उसके अनुसार बैंगलोर में हमारी कंपनी की एक नई ब्रांच खुली थी.
उसी सिलसिले में यह सब चल रहा था.
फ्राइडे मॉर्निंग में मैं बॉस के घर पहुंच गया.
देखा कि बॉस अपनी कार में जाने वाले थे और नेहा मैडम भी साथ में जाने वाली थीं.
हम लोग 12 बजे के आस-पास शिमला पहुंच गए.
वहां बॉस ने ऑलरेडी एक फाइव स्टार होटल में एक बड़ा रूम और मेरे लिए एक सिंगल रूम बुक करवा रखा था.
होटल में पहुंचे तो बॉस की गर्दन में काफी दर्द हो रहा था.
मैंने थोड़ी बहुत मसाज की ट्रेनिंग ली हुई है इसलिए मैंने बॉस की गर्दन पर थोड़ी देर मसाज की.
बॉस एकदम सही हो गए और बोले- वाह रवि, तुम्हारे हाथों में तो जादू है.
फिर मैडम को ड्रॉप करने के बाद बॉस मुझे अपने साथ ले गए.
मार्केट में पहुंच कर बॉस ने मुझसे अचानक पूछ लिया- तुम्हें मसाज करनी आती है क्या? आज तुमने मेरा दिन बना दिया, वर्ना मेरी गर्दन काफी अकड़ गयी थी.
तो मैंने भी अपनी झौंक में कह दिया- हां सर मैंने ट्रेनिंग ली हुई है.
उस दिन बॉस एक मीटिंग में चले गए और मैं मॉल रोड पर घूमने लगा.
करीब एक घंटे बाद बॉस का कॉल आया तो मैं उनके पास आ गया.
उन्होंने बोला कि शाम को उनकी एक और मीटिंग है, इन्वेस्टर्स के साथ.
मैं चुपचाप बॉस को सुनता रहा.
वे मुझे अपना क्रेडिट कार्ड थमाते हुए बोले- तुम इस कार्ड का यूज करके बाजार से मसाज का सामान लेकर होटल चले जाओ और मैडम को मसाज दे देना. यदि तुम चाहो कि कुछ और जरूरी सामान भी लेना है तो खरीद लेना.
मैं हैरान सा रह गया.
वे बोले- रवि, हम लोग अगले महीने बैंगलोर शिफ्ट होने वाले हैं, इसलिए मैं चाहता हूँ कि तुम मेरी मदद करो.
मैंने पूछा- हां सर बताओ कि मैं क्या मदद कर सकता हूँ?
बॉस ने कहा- यह सुनने में बड़ा अजीब लगेगा, लेकिन अगले तीन दिन तुम हमारे सुईट में ही रुक जाओ और प्रेग्नेंसी में नेहा की मदद करो.
यह सुनकर मैं भौचक्का रह गया.
बॉस एक तरह से यह कह रहे थे कि मैं नेहा मैडम को चोद कर गर्भवती कर दूं.
वह बोले- मैंने नेहा को तुम्हारे बारे में हल्का-फुल्का बताया है … और वैसे भी तुम इतने साल से विश्वसनीय और अच्छे इंसान हो. नेहा भी तुम पर भरोसा करती है.
मैं उनकी बात सुन कर दंग रह गया था.
फिर वे सिगरेट पीते हुए मुझसे थोड़ा मजाक करते हुए पूछने लगे- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
मैंने ना में गर्दन हिला दी और कहा- सर मुझे आपकी बात …
उन्होंने मुझे बीच में ही रोकते हुए कहा- वह सब छोड़ो और यह सब सामान ले जाओ … मुझे लेट हो रहा है. तुम मेरे छोटे भाई जैसे हो तो जो मैंने कहा है, प्लीज उसे मेरे लिए करो.
इतना कह कर बॉस चले गए.
मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह सब क्या हुआ है.
खैर … मैं डरते डरते मार्केट चला गया.
वहां से कुछ एसेंशियल ऑयल और बॉडी ऑयल, कुछ गुलाब और चमेली के फूल, एक छोटा एक बड़ा चीनी मिट्टी का बर्तन और कुछ सफेद टॉवल ले लिए.
उसके बाद मैं सकुचाते हुए मन में एक अज्ञात डर लिए हुए होटल की ओर बढ़ने लगा.
होटल पहुंच कर मैंने बॉस के सुईट के बाहर जाकर बेल बजाई.
मैडम ने मुझे दरवाजे में बनी स्पाइ आई से देखा और दरवाजा खोल दिया.
मैडम ने पूछा- विजय नहीं आए?
मैंने बोला- बॉस की एक मीटिंग है, अभी शाम को … इसलिए वे देरी से आएंगे.
फिर मैं डरते डरते बोला- मैडम, बॉस ने मसाज के लिए …
आधी बात कह कर मैं उन्हें वह सारा सामान देने लगा.
मैडम ने सामान पकड़ते हुए कहा- क्या मसाज?
उनके यह पूछते ही मेरी तो जान ही निकल गयी. मैं चुप था … अब क्या बोलता?
फिर जैसे तैसे हिम्मत करके मैंने कहा- बॉस ने बोला था कि मैडम को मसाज दे देना!
तभी मैडम बोलीं- अच्छा.
मैं तो डर ही गया था.
फिर मैडम बोलीं- तुमको मसाज करनी आती है क्या?
मैंने नजरें झुकाए झुकाए बोला- जी मैडम … मैंने पहले एक छोटी ट्रेनिंग ली थी.
मैडम ने कहा- अच्छा चलो, देखेंगे तुम्हारी ट्रेनिंग भी.
मैंने मैडम को सामान पकड़ाते हुए कहा- मैडम मैं अपने कमरे से चेंज करके आता हूँ.
मैडम ने अपने रूम का कार्ड देते हुए कहा- ओके … तुम अपने कमरे में जाकर चेंज कर आओ … फिर कार्ड से खुद ही मेरे रूम को अनलॉक करके अन्दर आ जाना.
मैं अपने रूम में गया, उधर एक बड़ी सी सांस ली.
उस वक्त मुझे खुशी से ज्यादा डर लग रहा था कि आज क्या होगा?
मैंने बाथरूम में जाकर लंड को झांटों से जुदा किया और उसे एकदम चिकना बना कर लोअर और टी-शर्ट पहनी.
फिर खुद को शीशे में कई कई बार निहार कर मैडम के रूम में जाने लगा.
मेरे मन में ख्याल आया कि हो सकता है आज कुछ ऐसा-वैसा हो जाए, तो मुझे तैयारी से जाना चाहिए.
इसलिए मैं वापस कमरे मे आया. अपना अंडरवियर उतार कर खाली लोअर पहन लिया.
वापस हिम्मत करके मैडम के रूम पर पहुंचा.
रूम अनलॉक करके अन्दर गया.
पता चला रूम में कोई नहीं है.
वाशरूम से कुछ आवाजें आईं, लगा कि मैडम शायद वाशरूम में हैं.
बॉस का बहुत ही महंगा सुईट बुक करवाया हुआ था, उसमें सब सामान मौजूद थे.
वहीं मसाज टेबल के ऊपर ही मसाज का सामान रखा हुआ था.
मैंने खुद को बिज़ी करने के लिए चीनी मिट्टी के बड़े वाले बर्तन में गर्म पानी लिया, उसमें छोटे वाले बर्तन को रखा. उसमें बॉडी ऑयल, थोड़े-थोड़े एसेंशियल ऑयल और कुछ फूल-पत्ती डालकर एक ओर रख दिए.
टॉवल वगैरह बाकी का सामान निकाल कर चैक करने लगा.
तभी मैडम वाशरूम से बाहर आईं.
मैंने मैडम को देखा तो देखता ही रह गया. वे एक बड़े से फूल वाले टॉवल में थीं.
मैडम किसी उर्वशी मेनका जैसी अप्सरा सी लग रही थीं.
उनको देखते ही मुझमें एक करंट सा दौड़ गया.
वे अपने बालों को इकट्ठा करके पीछे बांधती हुई मसाज टेबल पर आकर उल्टी लेट गयीं.
मेरी अभी भी हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए मैं वहीं इधर उधर की फालतू सैटिंग में लगने का दिखावा कर रहा था.
थोड़ी देर में मैडम बोलीं- आज ही तैयारी हो जाएगी या कल तक का टाइम लगेगा?
मैंने बोला- नहीं मैडम, बस रेडी है सब!
उस वक्त तक ऑयल भी थोड़ा गर्म हो गया था.
मैंने मैडम के पंजों से मसाज आरम्भ कर दी.
पहले मैडम के पैर, पिंडलियां, फिर धीरे धीरे पैरों पर घुटने तक मसाज करना शुरू कर दिया.
मैडम के पैर ऑयल से ज्यादा चिकने थे, मेरा लंड खड़ा होने लगा.
बिना अंडरवियर का लंड लोअर में तंबू बनाता नजर आ रहा था.
मैंने टॉवल को थोड़ा ऊपर किया, ऊपर तक पैरों की मसाज करने लगा.
मैडम की मोटी, टाइट और चिकनी जांघें मेरा हाल खराब कर रही थीं.
फिर मैं मैडम की हथेलियों से होते हुए हाथों की मसाज करने लगा.
उनकी पीठ से टॉवल को रोल करके नीचे तक ले आया.
उनकी उभरी हुई गांड पर लाकर सैट कर दिया.
मेरे लंड में एक झटका सा लगा.
मैंने देखा कि मैडम ने ब्रा नहीं पहन रखी थी. यह देख कर मेरा थोड़ा हौसला बढ़ गया कि मैडम खुद देने के मूड में हैं.
मैं धीरे धीरे उनकी पीठ की मसाज कर रहा था.
तभी मैडम ने बताया कि उनके कंधों और गर्दन में दर्द रहता है.
मैंने उनके गर्दन और कंधों पर मसाज करनी चाही लेकिन साइड में खड़े होकर अच्छे से हो नहीं पा रही थी.
तो मैंने मैडम से कहा- मैडम, मैं ऊपर आकर मसाज कर देता हूँ … साइड से अच्छे से हो नहीं पाएगी.
इस पर मैडम कुछ नहीं बोलीं.
मैं पीछे से मैडम के पैरों के ऊपर बढ़ने की कोशिश कर रहा था तो लोअर के कारण बैठा नहीं जा रहा था क्योंकि मेरा लंड पूरा खड़ा हुआ था.
शायद मैडम को मेरे लौड़े के खड़े होने का अहसास हो गया था.
तो मैडम बोलीं- लोअर हटा कर टॉवल पहन लो, वर्ना तुम्हारे कपड़े खराब हो जाएंगे!
ये सुनकर मेरा हौसला और बढ़ गया.
मैंने उनके पीछे खड़े होकर ही बिना चड्डी वाला लोअर उतारा, तो लंड फनफना कर बाहर आ गया.
पर मैं मैडम के बैक साइड था तो उन्हें मेरा लंड नहीं दिखा.
मैंने जल्दी से एक टॉवल लपेटा और मैडम के ऊपर आकर पैरों पर बैठ गया.
मैं आगे को झुक कर मैडम की पीठ और कंधों की मसाज करने लगा.
मैडम को दर्द से आराम भी मिल रहा था और लंड उनकी गांड में लग जाने से उनकी कभी-कभी मदभरी सिसकारी सी भी निकल जा रही थी.
यह देख कर मैं और ज्यादा झुकने की कोशिश करने लगा और उनकी गांड में लंड की रगड़ देने लगा.
कुछ देर इसी तरह से मसाज करने के बाद मैं मैडम के पैरों और जांघों पर फिर से मसाज करने लगा.
धीरे धीरे मसाज करते करते मैंने मैडम की टॉवल को थोड़ा ऊपर कर दिया और उसे उनकी मोटी गांड तक खिसका दिया.
मैं अब टॉवल के अन्दर तक हाथ ले जाकर तेल लगाने लगा.
कुछ ही देर में मैडम की जांघें और कूल्हे तेल से एकदम चिकने कर दिए थे.
वे भी अपनी टांगें फैला कर मेरे हाथ को अन्दर जाने की जगह दे रही थीं.
टांगें फैल जाने से मैडम की मोटी गांड थोड़ी थोड़ी नजर आने लगी थी.
उनके पिछवाड़े का शेप देखकर मैं पागल हो रहा था.
मैं फिर से ऊपर आकर उनके पैरों पर बैठ गया.
इस बार मैं अपनी टॉवल को आगे से दोनों साइड में करके बैठा.
मैंने फिर से मैडम की कमर की मसाज शुरू कर दी.
मेरा लंड करीब सात इंच लंबा और बहुत ज्यादा मोटा था.
जैसे ही अपने हाथ मैडम के कंधों और गर्दन तक ले जाता, मेरा लौड़ा मैडम के चूतड़ों से टकरा जाता.
मैडम अब भी कुछ नहीं बोलीं, तो मेरा हौसला और बढ़ गया.
अब मैं जानबूझ कर आगे झुक झुक कर मैडम की गर्दन और कंधों की मसाज कर रहा था.
मेरा लौड़ा बार बार फिसल फिसल कर मैडम के चूतड़ों में अटक जा रहा था.
उन्हें भी मेरे लौड़े का अहसास हो रहा था तो वे अपनी गांड को बार बार जुंबिश देने की कोशिश कर रही थीं मानो लंड को अन्दर लेने की कोशिश कर रही हों.
पूरा रूम ऑयल और फूलों की खुशबू से मादक हो चुका था.
करीब बीस मिनट तक अच्छे से कमर और पिछवाड़े की मसाज करके, मैंने मैडम से गुहार लगाई.
‘मैडम, सीधी लेट जाइए … अब आगे से मसाज कर देता हूँ.’
मैडम ने कमर पर टॉवल लपेटा हुआ था, पर ऊपर का हिस्सा नंगा था.
वे हिचकिचा रही थीं क्योंकि उनके दूध नग्न थे.
इसलिए मैंने एक छोटा टॉवल उन्हें बूब्स कवर करने के लिए दे दिया.
अब मैडम अपने बूब्स कवर करती हुई जैसे ही सीधी लेटीं, उनकी नजर मुझ पर पड़ी.
मैं एसी रूम में भी पसीने से भर रखा था.
मेरा टॉवल वाला तंबू देखते ही मैडम के मुँह से निकल गया ‘ओह गॉड …’
तभी मैंने जल्दी से मैडम को आइज़ कवर करने वाली ब्लैक पट्टी दे दी.
मैडम ने झट से अपनी आंखों पर पट्टी पहन ली.
मैंने कहा- मैडम, आप बहुत ही ज्यादा खूबसूरत हो, तो मेरी हालत खराब हो गई है.
पहली बार मैडम थोड़ी सी मुस्कुराईं और बोलीं- अच्छा ये बात है क्या?
फिर मैंने थोड़ी देर मैडम के पैरों की और जांघों के अंदरूनी भाग की अच्छे से मसाज की.
मैं धीरे-धीरे अपना हाथ उनकी चूत तक ले जाता.
न्यूड मसाज़ करते हुए मैडम की सब जगहों पर मैं खूब ज्यादा तेल लगाता गया.
मैडम की गोरी, मोटी और टाइट गदरायी हुई जांघें, सपाट पेट और खूबसूरत ऑयल से चिकनी नाभि कयामत ढा रही थी.
उनके सामने सारी हीरोइन फेल समझ आ रही थीं.
टॉवल के ऊपर से मैडम के बड़े-बड़े बूब्स मुझे ललचा रहे थे.
फिर मैंने धीरे धीरे पेट के ऊपर से टॉवल के अन्दर तक हाथ ले जाने शुरू कर दिए.
एक दो बार तो उन्होंने थोड़ा बहुत हाथों से रोकने की कोशिश की, लेकिन फिर वे भी मस्त हो गयीं.
धीरे धीरे मेरे हाथ मैडम के बूब्स पर जम गए थे.
वाओ … मैडम के क्या बूब्स थे … एकदम परफेक्ट साइज के थे.
उनकी चूचियों पर मीडियम साइज के अंगूरों के जैसे निप्पल्स एकदम टाइट हो चुके थे.
मैंने अपने दोनों हाथों से मैडम के मम्मों की मसाज की तो मैडम को मजा आ गया.
वे मस्त होकर बोलीं- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड वगैरह है क्या?
मैंने उनके दोनों निप्पल मींजते हुए बताया- नहीं मैडम!
उन्होंने फिर से पूछा- कॉलेज में तो होगी ही!
मैंने बताया- नहीं मैडम, हमारा छोटा सा शहर है … तो कोई लड़की मेरी दोस्त बन ही नहीं पाई!
उन्होंने थोड़ा चौंकते हुए पूछा- इसका मतलब तुम अभी वर्जिन हो?
मैंने कहा- जी मैडम!
मैडम ने कहा- तभी …
उसी वक्त मैडम के होंठों पर पता नहीं क्यों, एक अजीब सी मुस्कान फैल गयी.
उन्होंने तभी शब्द शायद अपने पति की पसंद के लिए कहा था.
मैडम को कोरे लंड से चुदने की कल्पना ने खुश कर दिया था.
दोस्तो, न्यूड मसाज़ स्टोरी के अगले भाग में मैं आपको मैडम की चुदाई की दास्तान लिखूँगा और बॉस ने मुझसे क्या कहा, वह भी लिखूँगा.
आपके कमेंट्स मेरा प्रोत्साहन करेंगे.
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