ससुराल में बीवी की चूत की ठुकाई

हॉट वाइफ फकिंग कहानी में मेरी बीवी अपने मायके गयी हुई थी पर हम दोनों चुदाई के लिए तड़प रहे थे. उसने मुझे बहाने से वहां बुलाया. हम दोनों की चुदास कैसे मिटी?

दोस्तो, मैं प्रेम एक बार फिर से हाज़िर हूँ अपनी बीवी की चुदाई स्टोरी लेकर.

आपने मेरी बीवी पूजा की पिछली चुदाई स्टोरी
बीवी की चूत में आशिक जीजू का लंड
पढ़ी थी, जिसमें उसके जीजा ने अपने मोटे लंड से उसकी जबरदस्त चुदाई की थी और उसकी यह चुदाई क्रिया को मैंने चुपके से देख लिया था.

आज की हॉट वाइफ फकिंग कहानी मेरी बीवी और मेरी चुदाई की है.

वैसे तो मैंने कई बार पूजा की चुदाई की है लेकिन यह स्टोरी उनसे अलग क्यों है, वह आपको पढ़ने पर पता चल जाएगा.

जिन पाठकों को मेरी बीवी पूजा के फिगर के बारे में नहीं पता है, उनको बता देता हूँ.

पूजा गोरी-चिट्टी, साढ़े पांच फिट हाइट की है.
उसका फिगर 32-26-34 का है. लंबे बाल उसके चूतड़ों को ड्रम के जैसे बजाते रहते हैं.
उसके रसीले से पतले पतले होंठ है.

कुल मिलाकर वह पहली बार में ही किसी का भी लंड खड़ा करने एकदम परफेक्ट माल है.

हुआ यूं कि कुछ दिनों पहले पूजा अपने पीहर गई थी.
वहां वह बीमार हो गई थी तो काफी दिन तक उसे वहीं रुकना पड़ा.

फिर मेरी सास को अपने भतीजे की शादी में पीहर जाना था तो पूजा को और ज्यादा समय तक रुकना पड़ा.
इसलिए काफी दिनों से हम दोनों चुदाई के लिए तड़प रहे थे.

शादी में सास-ससुर दोनों जा रहे थे.
मेरा साला अपनी बीवी के साथ सीधा ही शादी में शामिल होने वाला था.

पूजा मेरी सास के आने के बाद भी कुछ दिन रुकने वाली थी तो चुदास का ज्वर काफी बढ़ गया था.
उसको अपनी चुदाई करवाने का एक उपाय सूझा.

पूजा ने मुझसे फोन पर कहा- आप आ यहीं जाओ, मैं अकेली हूँ.
फोन स्पीकर पर था तो उसने यह भी कह दिया- मम्मी भी यही कह रही हैं लीजिए उनसे भी बात कर लीजिए.

चूंकि पूजा को मालूम था कि मैं भी भकभका रहा हूँ, तो कुछ भी सेक्सी सा बोल सकता हूँ इसलिए उसने जल्दी से यह कह दिया था कि फोन स्पीकर पर है.
सच में मैं उसे गाली देकर कुछ अश्लील सा बोलना चाह रहा था कि तभी मेरी सास की आवाज आई- हां आप आ जाओ!

अब मैं भी एकदम तैयार हो गया था, पूजा को चोदे हुए काफी दिन हो गए थे.

सुबह सास-ससुर निकल गए.

शाम तक मैं भी पूजा के पास पहुंच गया.

मुझे देखते ही पूजा मुझसे लिपट गई और हम दोनों पागलों की तरह एक-दूसरे को चूमने लगे.
पूजा मुझे चूम रही थी और मैं उसकी गांड दबा रहा था.

हम दोनों का अभी जबरदस्त चुदाई का मन था लेकिन अभी दिन का समय था, तो कोई भी आ सकता था.
इसलिए हम दोनों ने कंट्रोल किया.

पूजा आंख मारती हुई बोली- रात को मेरे कुएँ से अपने पंप से पानी निकालना मेरे राजा!
मैंने कहा- हां आज तो पंप डालना ही पड़ेगा रानी … खेत बहुत सूख गया है!

इसी तरह की रसीली बातें करते हुए हम दोनों वापस से चिपट गए और एक बार फिर से होंठों को चूसने के बाद हम दोनों अलग हो गए.

पूजा मुझे चाय देकर रात के खाने में लग गई.
उसे बिस्तर पर जाने की बहुत जल्दी थी.
उसकी यह तड़प देखकर मुझे भी बेताबी हो रही थी.

हम दोनों ने 8 बजे तक खाना खा लिया.
रसोई समेट कर पूजा 8:30 तक बेडरूम में आ गई.

मैं भी पूरी तैयारी से आया था.
जिस तरह से पूजा को उसके जीजा ने वियाग्रा टैबलेट लेकर खूब देर तक चोदा था, उसे याद करते हुए मैंने भी टैबलेट ले ली.

मुझे ऐसा लग रहा था कि हम पहली बार चुदाई कर रहे हैं.
उसी तरह का रोमांच था दोनों में.

पूजा गेट बंद करते ही मुझ पर टूट पड़ी.
वह कपड़े चेंज कर आई थी.
बेडरूम में वह लोअर-टी-शर्ट में थी.

लाइट चालू ही रखी हमने क्योंकि हमारे अलावा कोई नहीं था.

वह मेरे ऊपर चढ़ गई और चूमने लगी. होंठ, गाल, सर, गर्दन, छाती सब जगह उसके होंठ चल रहे थे.

अपने पजामे के ऊपर से वह अपनी चूत को मेरे लंड से रगड़ रही थी.

मैं बोला- बहन की लौड़ी … ऐसे थोड़ी ही चुदेगी चूत!
उसको बेड पर पटक कर मैंने उसके लोअर को चड्डी सहित उतार दिया.

वह कुछ समझ पाती कि मैंने उसके दोनों पैर खोलकर चूत में जीभ घुसा दी और जीभ से पूरी चूत में हलचल मचा दी.
वह आह वाह करती हुई गांड उठाने लगी और चादर को अपनी मुट्ठियों में भींचती हुई आह आह करने लगी.

मैं अपनी पूरी जीभ को चूत में गहराई तक डाल-डाल कर चाटने लगा.
पूजा ने मेरे बाल पकड़ लिए और वह अतिउत्तेजना में सिसयाती हुई मेरे सर को अपनी चुत पर रगड़वाने लगी थी.

अति कामुक भाव से पूजा बोल रही थी- आह हां मेरी जान … ऐसे ही करो … आह कब से तरस रही थी मेरी चुत … आह आज चूत की प्यास बुझा दो मेरी जान!

‘ऊंह आह …’
‘हां जान … ऐसे ही करो … हाय री मेरी चूत!’

मैं हाथ से चूत के दाने को रगड़ते हुए जीभ तेज़ी से चूत में अन्दर-बाहर करने लगा, जिससे पूजा की सांसें तेज़ हो गईं और ‘ऊं आह उफ़ मर गई …’ करती हुई

मेरे बालों में हाथ घुमाने लगी.
कुछ देर में ही वह झड़ गई.
मैंने चुत रस को चाट लिया.

मैं चुत को चाट कर चमकाने के बाद हंस कर बोला- बड़ी जल्दी झड़ गई रानी … बस इतनी ही चुल्ल थी क्या!
वह हारी हुई रांड की तरह बोली- बहुत कोशिश की मेरे सरताज … पर रुका ही न गया!

मैं बोला- कोई बात नहीं जान! अबकी बार देखते हैं कौन जीतता है!
वह मुस्कुराई और बोली- आप ही जीत जाना … बस मुझे रौंद डालो!

मुझे भी जोश चढ़ गया.
लंड तो दवा के असर से एकदम कड़क अजगर सा फनफना रहा था.

मैंने अपने कपड़ों के साथ उसकी टी-शर्ट और ब्रा आदि सब कुछ उतार दिया.

वह नंगी हुई तो मैं उसके भरे हुए मम्मों को मसलने लगा.

वह भी मेरे साथ मचलने लगी और किस करने लगी.
उसने एक हाथ से मेरा लौड़ा पकड़ लिया और जोर-जोर से हिलाने लगी.

पुराने साथियों को मालूम है कि मेरे लंड की लम्बाई 9 इंच है और यह ढाई इंच गोलाई वाला मस्त लंड है.

मैं उसके दोनों बूब्स के निप्पलों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूस रहा था, जिससे पूजा फिर से गर्म हो गई.

वह इस बार गाली देती हुई बोली- अपना लौड़ा डाल दे मादरचोद!

मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और लंड के सुपारे को चूत की पुत्तियों के बीच में रगड़ने लगा.
वह चुत फैलाने लगी तो मैं धीरे-धीरे चूत के दाने को रगड़ कर लंड अन्दर डालने लगा.

जल्दी ही मैंने अपने लंड का टोपा चूत में ठांस दिया, जिससे पूजा रोमांचित होकर मेरी आंखों में देखने लगी.
मैंने भी उसकी आंखों में देखते हुए धक्के लगाने शुरू कर दिए.

इधर हम दोनों एक-दूसरे की आंखों में प्यार से देख रहे थे.

उधर धीरे-धीरे करके मैंने पूरा लौड़ा चूत में पेल दिया.
पूजा आह उफ़ आह की कामुक सिसकारियां भरने लगी.

काम वासना सर चढ़ चुकी थी तो हम दोनों के होंठ कब आपस में जुड़ गए, कुछ पता ही नहीं चला.
पूजा ने पैर फैला दिए ताकि लंड को चूत चोदने में कोई दिक्कत नहीं हो.

मैं लगातार लंड को चूत में पेल रहा था.
पूजा बड़े प्यार से मुझे सहला रही थी.
वह ‘ऊंह आह उफ़ आह आह ओह’ करती हुई मुझे किस कर रही थी.

कुछ देर बाद पूजा ने कहा- मैं ऊपर आऊंगी!

मैं लेट गया.
वह चूत में लंड डाल उछलने लगी.
मैं उसके उछलते बूब्स को मसलने लगा.

कभी वह उछल उछल कर लंड लेती, तो कभी गांड गोल घुमा कर लंड लेने लगती थी.
कुछ देर बाद वह थक कर मेरे सीने से चिपक गई.

मैं दोनों हाथों से उसकी गांड पकड़ कर लंड को तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा, जिससे पूजा रोमांचित हो उठी.
वह मुझे चूमती हुई बोली- हां राजा … चोदो मुझे … मेरी जान पूरा अन्दर तक रगड़ दो आह!

मैं भी हुमक हुमक कर उसे रगड़ रहा था.

‘साली बहुत दिनों से लंड के लिए तड़प रही थी मेरी चूत!’
मैं बोला- तो ले ले न फिर … आह और ले मेरी रंडो … आह.

मैं झटके देते हुए पूरा लंड अन्दर तक घुसाने लगा.

वह मेरे ये कड़क झटके सहन नहीं कर पाई और एक बार फिर से झड़ गई.

मैंने उसे लंड पकड़ा दिया और हम दोनों 69 की पोज़ीशन में आ गए.

वह लंड को हिला रही थी. साली कभी मुँह में नहीं लेती हैं.
मैं उसकी चूत को जीभ से चाट रहा था और बीच बीच में उंगली भी कर रहा था.

अचानक उसे पता नहीं क्या हुआ, वह मेरे लंड को मुँह में लेकर ऐसे चूसने लगी, जैसे आइसक्रीम को चूसते हैं.

मैंने कहा- आज ये चमत्कार कैसे हुआ!
वह बोली- आप बहुत अच्छे से चोद रहे हो … मुझे बहुत मज़ा आ रहा है इसलिए मैं आपको भी मज़ा दे रही हूँ!

उसने मज़े से लंड चूसा.
मैंने भी उसकी गांड और चूत में जीभ और उंगली की.

कुछ देर यही सिलसिला चला.

मैंने पूजा को उठाया.

कमरे के दूसरे कोने में मेज पड़ी थी.
पूजा की कमर से ऊपर का भाग उस पर टिका दिया.
उसके पैर फर्श पर थे … यानि वह आधी खड़ी और आधी लेटी हुई थी.

मैंने एक पैर मेज पर रख लंड को चूत पर सैट कर झटके से घुसा दिया.
पूजा हड़बड़ाई … फिर शांत हो गई.

अब मैं पूरी ताकत से चूत को ठोक रहा था, जिससे मेज हिलने की आवाज़ के साथ हम दोनों की सांसें व चुदाई की आवाज़ें पूरे घर में गूंज रही थीं.

हम दोनों खुल के मज़े ले रहे थे क्योंकि घर के सारे गेट बंद थे.
हमारी आवाज़ें बाहर नहीं जा रही थीं. कुछ देर ऐसे ही धमाकेदार ठुकाई हुई चूत की.

पूजा अब अंट-शंट बकने लगी.
मैं समझ गया कि अब वह किसी भी समय ढेर हो सकती है, तो मैं आगे झुककर तेज़ी से लंड को अन्दर-बाहर करने लगा.

हॉट वाइफ फकिंग ससे पूजा पागल हो गई.
वह पागलों की भाषा में बोली- आह हां चोदो मुझे … मेरी चूत को फाड़ दे बहन के लौड़े!

मैं उसके एक दूध को मसलता हुआ लंड अन्दर बाहर अन्दर बाहर करता जा रहा था.
‘शाबास मेरे लंड … अपनी चूत का कचूमर बना दे मादरचोद … आह जोर से चोद भोसड़ी वाले!’

ऐसे बोलती हुई वह जोर से चिल्लाई और अगले ही पल उसका शरीर अकड़ कर ढीला पड़ गया.

उसके पैर कांपने लगे. उससे स्थिर नहीं रहा जा रहा था.

वह मेज से गिरने लगी, तो मैंने उसे जोर से मेज पर दबा दिया और लंड के जबरदस्त झटके लगाए.
दो-चार झटकों में मैं भी झड़ गया.

मैंने लंड की पिचकारी चूत में मार दी और पूजा पर ही गिर गया.

पूजा कोमा के मरीज की तरह पड़ी थी. उसकी आंखें खुली थीं. बाकी शरीर में हलचल नहीं थी.
उसमें बिल्कुल भी ताकत नहीं बची थी.

मैंने उसे मरीज की तरह उठाया और बेड पर सहारे से बैठा दिया. फिर पानी की बोतल पकड़ाई.
उसने पानी पिया.

उसकी सांसें बहुत तेज़ चल रही थीं.
उसमें कपड़े पहनने जितनी ताकत भी नहीं बची थी.
मैंने भी नहीं पहने.

फिर लाइट बंद की और नंगे ही लिपट कर सो गए.
ऐसी गहरी नींद आई थी हम दोनों को कि सुबह ही आंख खुली.

मेरी हॉट वाइफ फकिंग कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
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